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सूने मकान पर चोरों का धावा…लाखों के आभूषणों पर हाथ साफ..

हिन्दुस्तान मेल, कसरावद….बलकवाड़ा थाना के खलटाका पुलिस चौकी क्षेत्र में फिर एक बार चोरी की घटना हुई है। ग्राम पंचायत मुकंदपुरा के सार्थक नगर में एक सूने मकान में धावा बोलकर लाखों रुपए के सोने के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया, वहीं फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सार्थक नगर में एक किराए के मकान में रह रहे आत्माराम सहिते निवासी ग्राम बज्जटा राजपुर तहसील ठीकरी के रहने वाले हैं, जो की पिछले एक वर्ष से किराए के कमरे में रह रहे हैं, वहीं चोरी की वारदात के समय परिवार घर पर नहीं था। वह अपने गृहग्राम बज्ज्जटा गया हुआ था। घटना की सूचना पड़ोस वालों द्वारा दी गई थी, तभी मौके पर आकर देखा तो घर पर पूरा सामान बिखरा हुआ पड़ा था। घर में से सोने के आभूषण एक जोड़ झुमकी, एक जोड़ टाप्स, एक मंगलसूत्र, दो जोड़ पायजेब सहित लाखों रुपए का सामान ले उड़े। फरियादी द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दी गई, साथ ही सूचना मिलने पर खलटाका पुलिस चौकी प्रभारी राजेंद्र अवास्या में टीम के साथ जाकर मौका मुआयना किया गया, वहीं घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी मनोहरसिंह गवली भी पहुंचे। पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिसमें एक युवक संदिग्ध अवस्था में दिखाई दे रहा है, वहीं पुलिस जांच में जुट गई है। खलटाका पुलिस चौकी प्रभारी का भी मामले को लेकर यही कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिसके आधार पर बदमाशों की तलाश की जा रही है। मामले को जांच में लिया गया है।

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तीन बार के ओलंपिक चैंपियन जान जेलेजनी को नीरज चोपड़ा ने बनाया अपना कोच…

नई दिल्ली, एजेंसी
भारत के स्टार जैवलिन थ्रो एथलीट नीरज चोपड़ा जिन्होंने इसी साल फ्रांस की राजधानी पेरिस में खेले गए ओलंपिक गेम्स में सिल्वर मेडल को अपने नाम किया था अब उन्होंने आगामी नए सीजन के शुरू होने से पहले एक बड़ा फैसला लिया है। नीरज ने अपने नए कोच के तौर पर चेक गणराज्य के जान जेलेजनी को चुना है। इसके अलावा जेलेजनी तीन बार ओलंपिक में मेडल जीतने में भी कामयाब हुए हैं। इसके अलावा जेलेजनी तीन बार वर्ल्ड टाइटल भी जीतने में कामयाब हुए हैं, जिसमें उनके नाम 98.48 मीटर दूर जैवलिन थ्रो करने का विश्व रिकॉर्ड भी दर्ज है।
जेलेजनी को आधुनिक युग का महान जैवलिन एथलीट माना जाता है : नीरज चोपड़ा के लिए इससे पहले जर्मन बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ क्लॉस बार्टोनिट्ज उनके निजी कोच की भूमिका को अदा कर रहे थे। वही जान जेलेजनी को लेकर बात की जाए तो उन्होंने साल 1992, 1996 और 2000 में हुए ओलंपिक गेम्स में पदक जीता है। वहीं साल 1993, 1995 और 2001 में वह विश्व खिताब जीतने में कामयाब हुए हैं। जेलेजनी को आधुनिक युग का महान जैवलिन थ्रो खिलाड़ी के तौर पर पहचाना जाता है। वहीं नीरज चोपड़ा को लेकर बात की जाए तो उन्होंने पेरिस ओलंपिक में जहां सिल्वर मेडल जीता तो वहीं उससे पहले वह टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब हुए थे।

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सहमे-सहमे हैं रहवासी सांप्रदायिक तनाव के 10 दिन बाद भी हालात नहीं हुए सामान्य

छत्रीपुरा में 1 नवंबर की दोपहर दो पक्षों में विवाद और पथराव के 10 दिन बाद भी हालात सामान्य नहीं है। इलाके में पुलिस की आवाजाही अब भी ज्यादा है। लोग घरों में सहमे से हैं। बेहद कम लोग घरों से निकल रहे हैं। मामले में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप भी लग रहा है। इस बीच लोगों का कहना है कि इलाके के लोग तो बरसों से मिलजुलकर रहते आए हैं। संप्रदाय से दूर कईयों के राखी के संबंध हैं। पड़ौसियों की मामूली कहासुनी को बाहरी लोगों, नेताओं और मीडिया ने बड़ा रूप दे दिया।
रहवासियों का कहना है कि 31 अक्टूबर दीपावली की रात थी। करीब 12 बजे पटाखों की वजह से सलमान के घर की तिरपाल में आग लग गई थी। आस पास के लोगों ने तुरंत ही आग बुझा दी। जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ । इसी को लेकर दोनों पक्षों में मामूली कहासुनी हुई, जो रात में ही बातचीत के बाद खत्म भी हो गई।

बाहरी लोगों ने बिगाड़ा माहौल
अगले दिन 1 नवंबर को दोपहर में अचानक दोनों पक्षों में मारपीट और पत्थरबाजी हो गई। लड़ाई कैसे हुई इसको लेकर दोनों पक्षों की अलग-अलग दलील है। इस मामले में अभी तक दो एफआईआर हुई है। पुलिस ने कुछ लोगों की गिरफ्तार भी किया है। सारी गिरफ्तारी एक ही समुदाय के लोगों की हुई है, इसलिए पुलिस पर पक्षपात और राजनितिक दवाब के आरोप भी लग रहे हैं। मुस्लिम पक्ष के लोग इस बात पर एकमत दिखे कि माहौल बाहरी लोगों के हस्तक्षेप की वजह से बिगड़ा। वहीं हिंदू पक्ष के लोग जो दो दिन पहले तक मुस्लिम पक्ष पर गंभीर आरोप लगा रहे थे, वो भी अब बाहरी लोगों को ही विवाद का जिम्मेदार बता रहे हैं।

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प्रदूषण फैला रहे हो… 7.5 लाख रुपए दो, वर्ना जेल में डाल दूंगा…

पुलिस द्वारा आम जनता को डरा-धमकाकर रिश्वत वसूलना तो अब आम बात हो चली है। पुलिस की रिश्वत खोरी से आम जनता के साथ ही उद्योगपति व व्यापारी वर्ग भी काफी परेशान है। पुलिस की अवैध वसूली का ऐसा ही एक मामला सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में सामने आया है। मामले में पुलिसकर्मी ने सांवेर रोड़ औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में पहुंचकर प्रदूषण फैलाने के नाम पर ना सिर्फ फैक्ट्री संचालक को डराया-धमकाया बल्कि 7.5 लाख रुपए की रिश्वत भी मांगी। एक लाख रुपए वसूलने के बाद बाकि पैसों के लिए लगातार धमकिया देता रहा। इस मामले में पड़ित उद्यमी ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। वहीं मामले में बयान के लिए थाने बुलावाने के बाद दो लोगों को पुलिसकर्मी ने मुर्गा भी बना दिया गया। गौरी नगर में रहने वाले फरियादी समशुद्दीन पिता मोहम्मद मिराज ने पुलिस कमिश्नर से की गई शिकायत में कहा है कि उनका सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-सी में बैटरी स्क्रेप को डकिस्ट्रॉय करने का कारखाना है। 25 अक्टूबर को उनकी फैक्ट्री पर बाणगांगा थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक राजकुमार चौबे आए और प्रदूषण फैलाने के नाम पर धमकाने लगे। चौबे ने केस दर्ज कर जेल में डालने की धमकी दी। फरियादी ने बताया कि जब उन्होंने पुलिसकर्मी से कहा कि मेरे द्वारा कोई प्रदूषण नहीं किया जा रहा है इस पर प्रधान आरक्षक ने अनावश्यक दबाव बनाया और धमकी देते हुए मामले को रफा-दफा करने के लिए 7.5 लाख रुपए की मांग की। यह राशि नहीं देने पर प्रकरण बनाकर थाने ले जाने की बात कही। फरियादी ने कहा कि उनके पास पैसे नहीं है तो आरोपी पुलिसकर्मी ने कहा कि जितने हैं उतने दे दो बाकि बाद में दे देना। इस पर फरियादी ने कहा कि 30-40 हजार रुपए ले लें। तो आरोपी ने कहा कि कम से कम एक लाख रुपए देना होंगे वर्ना कार्रवाई कर दूंगा। इससे घबराकर फरियादी ने अपने परिचित सुरेश जायसवाल और मदन दुबे को बुलाकर उनसे आरोपी की बात करवाई और एक लाख रुपए दे दिए। इसके बाद से आरोपी प्रधान आरक्षक बाकी पैसों के लिए लगातार दबाव बनाकर धमकियां दे रहा है।

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ट्रैफिक में नंबर १ बनने का सपना -सपना ही रह जाएगा…निगमकर्मी बोले- नेताओं के दबाव के चलते नहीं कर पाते सख्त कार्रवाई…

हिन्दुस्तान मेल, इंदौर
शहर को ट्रैफिक में नंबर वन बनाने के सपना लगता है कि सपना ही रह जाएगा। एक और जहां चौराहों पर लेफ्ट टर्न की बदतर स्थिति के चलते जाम लगता है वहीं फुटपाथ पर अति क्रमण ने भी ट्रैफिक का दम निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इन सबके बावजूद नगर निगम का रिमूवल अमला हाथ पर हाथ धरे बैठा है। कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमणधारियों के हौंसले बढ़ने लगे है। शहर की मुख्य सड़कों पर दुकानदार सामान रखने लगे है वहीं ठेले गुमटी वालों ने भी अपने-अपने पक्के ठीये बना दिए। इन सबके कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक और जहां जिला प्रशासन भी फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दे चुका है इसके बावजूद भी निगम की टीम कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर रही है। वहीं जहां पहले कभी कार्रवाई कर अति क्रमण को हटाया गया था वहां फिर से अवैध कब्जे शुरू हो गए है। कुछ जगहों पर तो लोगों ने सड़क तक को घेर लिया है। लोहार पट्टी, सपना संगीता क्षेत्र आदि कुछ ऐसे स्थान भी है जहां निगम की टीम द्वारा कार्रवाई तो की गई लेकिन इसे जारी नहीं रखा गया , जिससे अब फिर से यहां वाहन, पेटियां, टंकी और कोठियां सड़कों पर नजर आने लगी है। लेकिन जोनल अधिकारी और रिमूवल अधिकारी कार्रवाई करने से लगातार बच रहे हैं।
निगम सूत्रों का कहना है कि कई स्थानों पर राजनीतिक दबाव के कारण भी अति क्रमण बढ़ रहा है, कई बड़े नेता अपने क्षेत्र में रिमूवल की कार्रवाई करने से अधिकारियों को मना कर देते है। जिस कारण भी अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती। वैसे भी नगर निगम में नेता और अधिकारियों के बीच शीत युद्ध सामान्य है।

दिल्ली में हुए हादसे से सबक लेते हुए नगर निगम ने बेसमेंट का कमर्शियल इस्तेमाल पर सख्ती करते हुए पार्किंग सुनिश्चित करने की मुहिम शुरू की थी। इसके चलते कुछ बेसमेंट को सील किया था और कई बहुमंजिला इमारतों के मालिकों को नोटिस भी जारी किए गए थे। लेकिन कुछ समय बाद ही यह मुहिम भी ठंडी पड़ती दिख रही है। इसके चलते एक बार फिर सड़कों पर वाहन खड़े होने लगे है, जिस कारण रोजना शहर भर में जाम की स्थिति बन रही है। चार पहिया वाहनों के सड़क पर खड़े होने से सबसे ज्यादा स्थित रेसकोर्स रोड की खराब होती है। जहां शाम के समय लंबा जाम लगने लगता है। वहीं मेदांता अस्पताल के सामने भी कुछ ऐसे हालात दिखना आम बात है। विजय नगर क्षेत्र में भी कई बड़े और नामी रेस्टोरेंट फुटपाथ और सर्विस रोड पर कब्जा कर बैठे है। जिस कारण पैदल चलने वालों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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