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27 लाख का लगेगा फटका धोके का मेला

खाटू श्याम मंदिर के नाम पर विजयनगर चौराहे पर चल रहे समर कॉर्निवल मेले में बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर विकास प्राधिकरण ने आयोजकों को 27 लाख से अधिक रुपए जमा करने का नोटिस थमा दिया। प्राधिकरण ने धोखा देकर करीब एक एकड़ जमीन पर मेला लगाने वाले आयोजकों को तीन दिन में जीएसटी सहित बकाया धनराशि जमा करने को कहा है। उल्लेखनीय है कि विजयनगर चौराहे पर मेला आयोजकों ने करीब एक एकड़ जमीन पर कमर्शियल मेला लगा रखा है। आयोजकों ने लूट का नायब तरीका निकाला और मात्र पांच हजार स्क्वेयर फीट जमीन का दो लाख पंद्रह हजार रुपए किराया जमा कर 43 दिनों के लिए अनुमति प्राप्त कर ली। जब इस मामले का पर्दाफाश हुआ तो प्राधिकरण के सीईओ ने टीम भेजकर मेला स्थल की नपती करवाई तो पूरा मामला सामने आया। प्राधिकरण के सम्पदा अधिकारी वर्ग-2 ने आयोजकों को 5 जून को प्रेषित किए पत्र में कहा कि आपके द्वारा 63,602 स्क्वेयर फीट जगह पर मेले का संचालन किया जा रहा है, इसलिए तीन दिन में रुपए 27,34,902/- जीएसटी अतिरिक्त जमा करें, अन्यथा आपके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बेसकीमती है प्राधिकरण की जमीन
विजयनगर चौराहे पर प्राधिकरण की जो जमीन है, उसका क्षेत्रफल लगभग एक लाख वर्गफीट है। जमीन बेशकीमती है। 50 हजार वर्गफीट पर खाटू श्याम का दरबार और मेला लगा हुआ है। मेले में प्रवेश के लिए 30 रुपए की फीस तय है। इसके अलावा झूले का किराया अलग। शाम 4 से रात 11 बजे तक मेला चलता है। इस दौरान 3000 से अधिक लोग मेला देखने आते हैं, जिनके माध्यम से मेला संचालकों को रोजना डेढ़ लाख रुपए की कमाई हो रही है। पार्किंग का शुल्क भी तय है, जो अलग है। दुकानदारों से भी पैसे लिए गए हैं। दूसरी तरफ प्राधिकरण को महीनेभर चलने वाले इस मेले से किराए के तौर पर बमुश्किल एक लाख रुपए मिलना है, बाकी पूरी कमाई आयोजकों की होगी। किराया कम देने के लिए मैदान का कुछ हिस्सा ही किराए पर लिया गया है और उसी की अनुमति ली गई। मेले में बच्चों के लिए आकर्षक झूले, ज्वॉइंट व्हील बड़ा झूला, कोलंबस नाउ, ड्रैगन ट्रेन, टोरा टोरा, ब्रेक डांस मेरी ग्राउंड और बच्चों के आकर्षक झूले, सेल्फी जोन (एफिल टॉवर) व चाट चौपाटी भी है।

मंदिर भी बनाया है
आयोजन समिति का दावा है कि खाटू श्याम का दरबार मेले के रूप में पहली बार सजा है। इस भव्य दरबार में बाबा खाटू श्याम की प्रतिमा, वहां की मिट्टी और ज्योत भी है। भक्तियुक्त माहौल बनाया गया है, ताकि ज्यादा-से-ज्यादा संख्या में लोग मेले में शामिल हो सकें। मेला स्थल पर रोजाना रात 8 बजे आरती होती है, जिसमें सनातन धर्म में आस्था रखने वालों को आमंत्रित किया जाता है।

विधायक मेंदोला नाराज
आयोजक संस्था द्वारा विधानसभा क्षेत्र-2 के विधायक रमेश मैंदोला का फोटो उपयोग किए जाने से विधायक भी नाराज हो गए हैं। उधर, प्राधिकरण के अध्यक्ष जयपालसिंह चावड़ा ने संकेत दिए हैं कि झूठ के इस कारोबार को अधिक दिन नहीं चलने दिया जाएगा। उधर, आयोजको का कहना है कि मेले के पीछे हिन्दू संगठनों का हाथ है, लेकिन हमारे ही लोग हमें बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। आयोजकों ने आरएसएस और विश्व हिन्दू परिषद् के पदाधिकारियों को अपना दर्द बताया है।

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90 किमी से ज्यादा नहीं होगी अभी वंदे भारत की स्पीड

रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (आरकेएमपी) से हजरत निजामुद्दीन के बीच चलाई जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस की स्पीड इस साल के अंत तक नहीं बढ़ पाएगी। इसी वजह से हमारी वंदे भारत देशभर में चलाई जा रही इसी श्रेणी की नई दिल्ली-वाराणसी से पीछे है। इसकी मुख्य वजह ट्रैक की ओवरआॅल स्पीड 160 किमी प्रति घंटे न होना है। यह स्पीड केवल आगरा से दिल्ली के बीच मेनटेन हो पाती है। जबकि इसके पहले के सेक्शनों में ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 130 किमी प्रति घंटे तक रहती है। इस तरह हमारी वंदे भारत एक्सप्रेस औसतन करीब 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। और करीब साढ़े सात घंटे में डेस्टीनेशन तक पहुंच पाती है।
रेल मंडल के प्रवक्ता सूबेदार सिंह का कहना है कि पंक्चुएलिटी के मामले में हमारी वंदे भारत एक्सप्रेस बेहतर स्थिति में है। धौलपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले बीना-ललितपुर सेक्शन की अधिकतम रफ्तार 120 किमी प्रति घंटे है। उसके पीछे वाले और आगे के सेक्शनों में ट्रैक को 130 किमी प्रति घंटे पर फाइनल किया जा चुका है और ट्रेनें भी उनमें अधिकतम उसी स्पीड पर चल भी रही हैं।

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इंदौर में 20 जून के बाद दस्तक देगा मानसून

इंदौर सहित मालवा-निमाड़ में मानसून 17 से 19 जून के बीच पहुंचता है। मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि इस बार मानसून 24-25 जून को इंदौर पहुंचेगा। इधर, लेट मानसून इंदौर के अच्छा माना जाता है, यह आंकड़े कह रहे हैं। जब भी मानसून 20 जून के बाद आया है तो बारिश 40 इंच से ज्यादा ही हुई है। बीते दस सालों में मानसून तीन बार जून के आखिर हफ्ते में पहुंचा है और अब चौथा मौका है। मौसम एक्सपर्ट्स का कहना है कि मानसून में अगर इससे ज्यादा देरी होती है तो इसका असर रबी की फसल के उत्पादन पर पड़ता है। दूसरी ओर किसानों का मानना है कि 25 जून को मानसून का आगमन फसलों के लिए अनुकूल है। दरअसल गुरुवार को मानसून के केरल में पहुंचने के बाद यह कर्नाटक और तमिलनाडु में सक्रिय हो जाएगा। फिर यह दक्षिण से उत्तर भारत की ओर मूव करेगा। मौसम वैज्ञानिक जीडी मिश्रा के मुताबिक केरल में मानसून आने के बाद यह इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में 15 से 18 दिनों में दस्तक दे सकता है। ऐसे में अधिकतम 18 दिन भी काउंट किए जाए तो इंदौर में यह 24-25 जून तक पहुंच जाएगा।

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भगवान ऐसा दर्द किसी को ना दे

हिन्दुस्तान मेल, सीहोर। बोरवेल का डेड होल एक और जिंदगी निगल गया। 52 घंटे की मशक्कत के बाद सीहोर की तीन साल की सृष्टि को बोरवेल से बाहर निकाल तो लिया गया, लेकिन उसके शरीर में प्राण नहीं थे। रेस्क्यू आॅपरेशन के दौरान ही सृष्टि दुनिया को अलविदा कह गई। सिर पीटते उसके पिता राहुल कुशवाह पछता रहे हैं। रोते-रोते बस यही कह रहे हैं कि मेरी मति मारी गई थी। उसी समय रस्सी डालकर सृष्टि को खींच लिया होता तो आज मेरी लाड़ली मेरे पास होती। सृष्टि की मां कहती हैं कि वो तो मेरे सामने खेल रही थी। बोरवेल से निकली रेत के ढेर को देखकर आकर्षित हुई और वहां चली गई। मैं बचाने जाती उससे पहले ही वो बोरवेल में गिर चुकी थी। जो बच्ची बोरवेल में गिरी है, वह नर्मदा प्रसाद के सबसे छोटे बेटे राहुल की पहली संतान थी।

पिता बोले- मति मारी थी, रस्सी डालकर खींच लिया होता
सृष्टि के पिता राहुल कुशवाह बताते हैं- मंगलवार दोपहर को बच्ची के गिरने के शुरुआती डेढ़ घंटे तक बोरवेल से बेटी के रोने की आवाज सुनाई देती रही थी। वे ऊपर से ही उसको आवाज लगाकर दिलासा दे रहे थे। वे बार-बार कह रहे थे कि वे उसे लेने बोरवेल के अंदर आ रहे हैं। वो बार-बार सृष्टि को कह रहे थे कि घबराना मत… सृष्टि भी बोरवले के घुप्प अंधेरे में हां-हूं करके जवाब दे रही थी।

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गंगा जमना स्कूल में मस्जिद जाने का गुप्त रास्ता, लिखी हैं आयतें

दमोह के गंगा जमना स्कूल में हिंदू छात्राओं को हिजाब, नमाज और कुरान पढ़ाने का मामला सामने आने के बाद एक और खुलासा हुआ है। मध्यप्रदेश बाल संरक्षण एवं अधिकार आयोग ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को सौंपी रिपोर्ट में स्कूल के अंदर से मजिस्द जाने का गुप्त रास्ता होने का उल्लेख किया। यह स्कूल प्रबंधन ने मस्जिद जाने के लिए बनवाया है।
यह रास्ता 20 मीटर लंबा है, जो मस्जिद के सामने खुलता है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने दमोह कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए कहा है। आयोग ने स्कूल के लोगो पर भी सवाल खड़ा किया है। इसमें भारत का नक्शा आधा दिखाया है। राज्य बाल संरक्षण एवं अधिकार आयोग के सदस्य ओंकार सिंह के मुताबिक स्कूल के अंदर अनेक खामियां हैं। इनके दस्तावेज हाथ लगे हैं। इनमें हर दस्तावेज महत्वपूर्ण है। कुछ ऐसे इकरारनामा भी हैं, जो जांच का विषय हैं। जो रिपोर्ट राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को भेजी, उसमें बताया गया है कि स्कूल के अंदर बने गुप्त रास्ते के जरिये स्कूल से मजिस्द आना-जाना होता है। स्कूल में कई जगह पर आयतें भी लिखी हैं। मामला सामने आने के बाद इन्हें पेंट करवाकर छिपाने की कोशिश की गई है।
मान्यता मुझे नहीं कमिश्नर को रद्द करना है- कलेक्टर मयंक श्रीवास्तव का कहना है कि जांच समिति ने अपना प्रतिवेदन अभी प्रस्तुत नहीं किया है। स्कूल की मान्यता रद्द करने का अधिकार मेरे पास नहीं, बल्कि स्कूल शिक्षा विभाग के जेडी और कमिश्नर के हाथ है।

एफआईआर के बाद इन लोगों की पड़ताल
पुलिस ने स्कूल के तीन छात्रों के बयानों के आधार पर प्रबंधन समिति के 11 सदस्यों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 295ए, 506 आइपीसी एवं जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
11 सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात कही जा रही है। एसपी राकेश सिंह ने बताया कि कमेटी के सदस्यों में अध्यक्ष मोहम्मद इदरीश, प्राचार्य अफ्सरा शेख, सह प्राचार्य ज्योति बिरमानी, अब्दुल रज्जाक, मोहम्मद रियाज, मुस्ताक भाई, शैलेंद्र जैन, शिवदयाल दुबे, मो. फरीद, मो. इरफान, मो. शाहिद, मो. दानिश शामिल हैं। इनकी जांच होना बाकी है।

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