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प्रथम वर्ष की परीक्षाएं खत्म नहीं हुर्इं, 18 दिन बाद शुरू होना है नया सत्र

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) के संबद्ध कॉलेजों में सत्र 2022-23 के तहत प्रवेशित छात्रों की अंडर ग्रेजुएशन (यूजी) फर्स्ट ईयर की परीक्षाएं चल रही हैं और सेकंड ईयर की शुरू नहीं हो सकी हैं। इसके परीक्षा फॉर्म ही नहीं भरे जा सके हैं। परीक्षा फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 16 जून है, जबकि 30 जून तक सभी के रिजल्ट आ जाने चाहिए। वहीं नया सत्र 2023-24 शुरू होने में सिर्फ 18 दिन शेष हैं। थर्ड ईयर के रिजल्ट नहीं आ सके हैं। वर्तमान सत्र का असर नए सत्र पर पड़ने वाला है।
विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा विभाग और राजभवन दोनों की ओर से एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार चलने के निर्देश मिल रहे हैं। हालात फिर भी सुधर नहीं रहे हैं। कैलेंडर को कैसे पटरी पर लाया जा सकता है, जिससे छात्रों का एकेडमिक नुकसान हो, इसका कोई उपाय नहीं है। ऐसे में इसका असर डेढ़ लाख से ज्यादा छात्रों पर भी पड़ेगा।
नए सत्र में 1 जुलाई से कक्षाएं शुरू करने का एकेडमिक कैलेंडर उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी किया गया है। ऐसे सवाल यह उठ रहा है कि जब सेकंड ईयर के छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं, उनकी कक्षाएं समय पर कैसे शुरू हो सकेंगी। विवि इनकी परीक्षाएं जून अंतिम सप्ताह से शुरू कराने की तैयारी कर रहा है। इसलिए यह परीक्षाएं पूरे जुलाई तक चलेंगी। संभावना यह भी है कि अगस्त के दूसरे सप्ताह तक भी यह परीक्षाएं होती रहेंगी। इसलिए नए सत्र में थर्ड ईयर की कक्षाएं शुरू नहीं हो सकेंगी। इसमें एक-डेढ़ महीने की देरी हो सकती है। वो भी तब जब स्टूडेंट्स को रिजल्ट का इंतजार किए बिना प्रोविजनल तौर पर प्रमोट किया जाए।

पीजी में एडमिशन में होगी परेशानी
बीयू ने थर्ड ईयर की परीक्षाएं करा ली हैं, लेकिन मूल्यांकन नहीं हुआ, इसलिए रिजल्ट घोषित नहीं हो सके। इन छात्रों को यूजी के बाद पीजी कोर्सेस में एडमिशन लेने में परेशानी होती है। इस कमी को छिपान उच्च शिक्षा विभाग ने यूजी फाइनल ईयर का रिजल्ट आए बिना ही पीजी कोर्सेस, एलएलबी और बीएड में सेकंड ईयर के रिजल्ट के आधार पर एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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हेलमेट व सीट बेल्ट जरूर लगाओ, शिवजी को एक लोटा जल चढ़ाओ : पं. मिश्रा

दोपहिया गाड़ी चलाते समय हेलमेट और कार चलाने के दौरान सीट बेल्ट जरूर लगाएं। पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए ही शमन शुल्क वसूलने की कार्रवाई करती है। आप 50 लाख की गाड़ी का ध्यान रखते हैं। उस पर एक स्क्रैच भी आ जाए तो चिंतित हो जाते हैं। 25 हजार के मोबाइल को कवर डालकर सुरक्षित रखते हो, लेकिन भगवान ने आपको करोड़ों का शरीर दिया है, उसकी परवाह नहीं करते हो। हेलमेट व सीट बेल्ट नहीं लगाते हो। भगवान शिवजी को एक लोटा जल चढ़ाओ। एक लोटा जल चढ़ाने से मेरा कोई लाभ नहीं है। बाबा महाकाल आपके साथ होंगे।
यह प्रवचन करोंद में कैलाश प्रसून सारंग की स्मृति में आयोजित श्री महापुराण की कथा के तीसरे दिन सीहोर कुबेरेश्वर धाम के पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिए। कथा में प्रदीप मिश्रा ने भोपाल के लोगों की प्रशंसा की। कहा कि भोपाली लोगों को गलत बोलते हैं। वे कहते हैं, भोपाली बात-बात में अपशब्द कहते हैं। मुझे यहां तीन दिन हो गए। यहां सब अच्छे से बोल रहे हैं। एक भी ऐसा नहीं मिला, जो गड़बड़ बोला हो। दुनिया के लोग कहते रहेंगे, अपन तो भजन करो। आज कथा का चौथा दिन है।
कथा के तीसरे दिन महाआरती में गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में हर-हर महादेव से बड़ा और कुछ भी नहीं है। कथा सुनने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आने वाले थे, लेकिन व्यस्तता के कारण नहीं आ सके। कथा में श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी थी कि लोगों को कथा स्थल तक पहुंचने और वापस आने में डेढ़ से दो घंटे का समय लगा। श्रद्धालुओं को खिचड़ी की प्रसादी बांटी गई।

प्याली में डूबकर मरने वालों
की बढ़ रही है संख्या
पंड़ित मिश्रा जी ने लोगों को शराब की लत से छुड़ाने की बिल्कुल नए अंदाज में प्रेरणा दी। उन्होंने चिंता जताई कि इस समय देश-दुनिया में कुआं-बावड़ी, नदियों और समुद्र में डूबकर मरने वालों की संख्या कम है प्याली में डूब मरने वालों की ज्यादा है। उन्होंने चिंता जताई कि गटर के पानी से वाहन नहीं चलते, लेकिन लोग हैं कि गटर का पानी गटककर जिंदगी की गाड़ी दौड़ाना चाहते हैं। आखिर कितने चलेंगे।
शिवजी के सिवा कोई साथ नहीं देता
मनुष्य जब कर्ज में डूब जाता है और मर्ज अर्थात बीमारी से जकड़ जाता है, तब कोई संसार का व्यक्ति नाते, रिश्तेदार, संबंधी और मित्र करीब नहीं आता, केवल कैलाशवासी परमात्मा शिव ही हमारी सहायता करते हैं। सब मतलब के यार हमने देख लिए, झूठे नाते, झूठे रिश्ते, झूठा है संसार हमने देख लिया। जिन्हें मुक्ति चाहिए, वह भक्ति के मार्ग पर चलें। भक्ति के पथ पर चलो और मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करो। मुक्ति के मार्ग से ही भवसागर पार कर सकते हो।
सनातन धर्म में जन्म लेना
कोटि-कोटि जन्मों का पुण्य फल
पं. मिश्रा ने सनातन धर्म की उत्कृष्टता को लेकर कहा कि ये संसार का सबसे महान धर्म है, जिसमें जन्म लेना मनुष्य के कोटि-कोटि जन्मों के पुण्य कर्मों का परिणाम है। जीव 84 लाख योनियों में भ्रमण करते हुए जब मनुष्य देह को प्राप्त होता है, तब उसे पुण्यकर्म करने का और शिव पूजन का सौभाग्य प्राप्त होता है। मनुष्य अभी जो सुख और सौभाग्य प्राप्त कर रहा है वो उसके पूर्व जन्म में किए दान पुण्य और सतकर्म का परिणाम है आगे भी इसी तरह सुख प्राप्त करना है तो भजन-पूजन और दान-पुण्य करते रहिए।

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एसजीएसआईटीएस : छेड़छाड़ करने वाले प्रोफेसर की 5 माह में भी जांच अधूरी

श्री गोविन्दराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एसजीएसआईटीएस) के प्रोफेसर पर एक छात्रा ने पिछले दिनों छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने जहां केस दर्ज कर लिया था, वहीं प्रोफेसर के खिलाफ डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी चल रही है। घटना के 5 महीने बाद भी डिपार्टमेंटल जांच ही पूरी नहीं हो सकी है। एसजीएसआईटीएस के निदेशक का कहना है कि जल्द ही चेयरमैन को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। एक्शन लेने का अधिकार उन्हें ही है। तुकोगंज पुलिस को एसजीएसआईटीएस कॉलेज में पढ़ने वाली 24 वर्षीय छात्रा ने जनवरी में शिकायत की थी। पीड़ित छात्रा अपने परिजन के साथ पुलिस थाने पहुंची थी। उसने कॉलेज के प्रोफेसर आरएस गामड़ के खिलाफ अश्लील हरकतें करने और छेड़खानी का मामला दर्ज करवाया था।

छात्रा का हाथ पकड़ा अश्लील हरकत की थी प्रो. गामड़ ने
आरोपी प्रोफेसर गामड़ (एसजीएसआईटीएस) में इलेक्ट्रॉनिक्स कम्युनिकेशन विभाग में पदस्थ हैं। पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया था कि वो क्लास करने कॉलेज गई थी। क्लास खत्म होने के बाद सभी स्टूडेंट्स हॉल से बाहर चले गए, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण वो क्लास से बाहर नहीं जाते हुए थोड़ी देर रूक गई। इसी दौरान आरोपी प्रोफेसर ने हालचाल जानने के बहाने पीड़िता का हाथ पकड़कर उसके साथ अश्लील हरकत की। पीड़ित छात्रा प्रोफेसर की हरकतों से डर गई, जिसके बाद वह किसी तरह भागकर घर पहुंची। छात्रा ने परिजन को आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिजन के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करवाई। पीड़ित छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर आरएस गामड़ पर आईपीसी की धारा 354 के तहत मामला दर्ज किया था। आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार भी कर लिया गया था। कॉलेज में प्रोफेसर गामड़ को अकादमिक कार्य से पूरी तरह से मुक्त कर रखा है। वो कॉलेज तो आते हैं, लेकिन साइन कर वापस चले जाते हैं।

प्रो.आरएस गामड़ को क्लासेस से दूर कर दिया है – डॉ. सक्सेना
एसजीएसआईटीएस के निदेशक डॉ. राकेश सक्सेना का कहना है कि मामले में एफआईआर दर्ज हो गई थी। तब हमारी तरफ से तुरंत पीएस को इन्फॉर्म कर दिया था। प्रो. आरएस गामड़ को क्लासेस से दूर कर दिया है। एआईसीटीई नॉम्स के अनुसार एक कमेटी होती है, वो बैठी थी। उन्होंने अपना निर्णय दे दिया है। वो हमने अपने चेयरमैन को भेज दिया है। एक डिपार्टमेंटल कमेटी होती है, वो इन्क्वॉयरी भी जरूरी होती है। उसकी जांच रिपोर्ट भी चेयरमैन को भेजी जाती है। क्लास वन गजेटेड आॅफिसर होने के कारण इनके ऊपर एक्शन लेने का अधिकार हमारे चेयरमैन को होता है। 15 जून तक प्रो. गामड़ के खिलाफ एक्शन ले लेंगे, ऐसी उम्मीद है।

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गर्मी की मारी बेचारी मछलियां

वॉशिंगटन। अमेरिका के टेक्सास राज्य में लाखों मछलियां समुद्र के किनारे मरी हुई मिली हैं। मामला क्विंटाना बीच का है। अधिकारियों के मुताबिक इन मछलियां की मौत तापमान बढ़ने के चलते पानी में सांस नहीं ले पाने के कारण हुई। मछलियों को सांस लेना मुश्किल होता है और वो मर जाती हैं। ज्यादातर मछलियां मैनहेडन प्रजाति की हैं।

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Biparjoy Cyclone Live: गुजरात से टकराने से पहले ही कमजोर पड़ा बिपरजॉय चक्रवात, मौसम विभाग का अलर्ट जारी

Gujarat Cyclone Update Live: चक्रवाती तूफान बिपरजॉय ने गुजरात के तट से टकराने से पहले ही खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया है। इस चक्रवात की वजह से गुजरात के तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है, जबकि लोगों को इन क्षेत्रों से निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी जारी है। आसपास के इलाकों में भी तेज हवाओं की वजह से पेड़ उखड़ कर गिर गए। दूसरी तरफ समुद्र में नावों को रोकने के लिए कोस्ट गार्ड ने भी गश्ती शुरू कर दी है। एनडीआरएफ की सात टीमों को गुजरात में तैनात किया गया है।

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