Hindustanmailnews

Author name: Hindustanmailnews

माखिजा पिता-पुत्र पर ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया केस

इंदौर के डॉ. रघुवीर सिंह माखीजा एवं उसके पुत्र सतविंदर सिंह माखीजा के विरूद्ध आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू), भोपाल ने गंभीर धाराओं 409 420, 467, 468, 471 एवं 120बी के तहत धोखाधड़ी, न्यासभंग, दस्तावेजों की कूटरचना, जालसाजी एवं आपराधिक साजिश का आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। मामला इंदौर के गुरुद्वारा गुरुतेग बहादुर साहिबजी ट्रस्ट, नंदानगर का है। सूत्रों के मुताबिक, गुरुद्वारा संगत को 1984 के दंगों की मुआवजा राशि लगभग 14.50 लाख रुपए प्राप्त हुई थी, उक्त राशि पर गुरुद्वारा संगत का अधिकार था, क्योंकि 1984 के दंगों में मुख्य रूप से गुरुद्वारा एवं गुरुद्वारे के प्रांगण में संचालित स्कूल एवं हस्पताल को भारी नुकसान हुआ था। उक्त स्कूल, हस्पताल एवं गुरुद्वारा, गुरुतेग बहादुर साहिबजी ट्रस्ट नंदानगर के तहत संचालित है। हस्पताल संचालित करने के लिए मुख्य ट्रस्ट साहिबजी ट्रस्ट के तहत ही एक सहयोगी ट्रस्ट गुरुतेग बहादुर चेरिटेबल हास्पिटल ट्रस्ट बनाया गया। ट्रस्ट में वे ही सब ट्रस्टी थे, जो मुख्य ट्रस्ट में ट्रस्टी थे। चूंकि हस्पताल के सुगम संचालन के लिए डॉक्टर्स की भी जरूरत थी, इसलिए मुख्य ट्रस्टीज द्वारा डॉ. आरएस माखीजा को भी हास्पिटल ट्रस्ट में ट्रस्टी नियुक्त बनाया था। ट्रस्टी बनते ही डॉ. माखीजा ने हॉस्पिटल ट्रस्ट अपना कब्जा करने की नियत से एवं संगत को मिली मुआवजा राशि को हड़पने की नीयत से मूल – ट्रस्ट के न्यासियों को भरोसा दिलाकर विष्णुपुरी क्षेत्र में हस्पताल एवं स्कूल खोलने के लिए जमीन खरीदने के नाम पर मुआवजे के 14.50 लाख पर धोखाधड़ी कर लिया।
इस संबंध में डॉ. माखिजा के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका नंबर आउट आॅफ कवरेज बता रहा था।

कलसी और गांधी की भूमिका
की भी चल रही जांच
उक्त पूरे मामले की शिकायत गुरुद्वारा संगत एवं न्यासीगण द्वारा ईओडब्ल्यूओ इंदौर को की गई थी। जांच में मामला सही पाते ही डॉ. आरएस माखीजा एवं उसके पुत्र सतविंदर सिंह माखीजा पर केस दर्ज किया है। वहीं, मामले रविन्दर कौर कलसी एवं मनजीत सिंह गांधी की भूमिका की जाँच चल रही है।

माखिजा पिता-पुत्र पर ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया केस Read More »

बदलाव: डीएल देने जल्द ही अपडेट किया जाएगा सॉफ्टवेयर

जो उतरेगा शर्तों पर खरा… उसी को दी जाएगी ड्राइविंग की इजाजत……………..

दूसरे राज्य के निवासी किसी व्यक्ति को अब मप्र के किसी भी जिले में परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) देने की शुरुआत जल्द की जाएगी। इसके लिए नेशनल इंफर्मेटिक सेंटर (एनआईसी) के सारथी सॉफ्टवेयर में अपडेशन किया जाएगा, लेकिन इसके लिए प्रक्रिया में बदलाव कुछ इस तरह किया जाएगा कि दूसरे राज्य के निवासी की अन्य प्रदेश में निवास करने की अवधि तय की जाएगी।
यदि संबंधित व्यक्ति ने वह अवधि पूरी नहीं की होगी तो उसको डीएल के लिए आवेदन करने की पात्रता नहीं दी जाएगी। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर एसके झा का कहना है कि गलत या आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्ति का डीएल न बन सके, उसके लिए दूसरे राज्य के निवासी के लिए अन्य प्रदेश में निवास करने की समय सीमा तय की जाएगी। इसके बाद सारथी पर उसका अपडेशन कर प्रक्रिया शुरू करवाएंगे।
वर्तमान में एक जिले में रहने वाले व्यक्ति का दूसरे स्थान पर मौजूद आरटीओ से डीएल बनने में सारथी के अपडेशन के कारण समस्या आ रही थी, जिसे दूर कर लिया गया है, साथ ही दूसरे राज्य के व्यक्ति का भी डीएल अन्य प्रदेश में बनाया जा सके, उसकी प्रक्रिया को भी सारथी सॉफ्टवेयर में अपडेट करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

…इसलिए जरूरी हुआ
’कई प्राइवेट कंपनियों के दफ्तर एक से अधिक राज्यों में हैं। इस वजह से वहां के कर्मचारियों को कई बार वहां जाकर डीएल बनवाना या रिनीवल करवाना पड़ता है।
’ केंद्र सरकार, सेना, मल्टीनेशनल कंपनियों के कर्मचारियों के भी ट्रांसफर एक से दूसरे राज्य में होते रहते हैं। उनके बच्चों व परिजन के डीएल भी नई प्रक्रिया शुरू होने के बाद बनाए जा सकेंगे।
’ दूसरे राज्य के निवासी को किराएदार के रूप में रखने के बाद यदि उसके रहने का समय तय कर दिया जाएगा तो उनका डीएल भी बनाया जा सकेगा।
’ अपने गृह जिले के अलावा अन्य जिलों में रहकर बिजनेस, नौकरी, पढ़ाई या कोचिंग आदि करने वाले लोगों को इस सुविधा का सीधा फायदा मिलने लगेगा।
चार साल पहले शुरू हुई
एक जिले के निवासी को दूसरे जिलों में से किसी में भी डीएल बनवाने के लिए एनीवेयर सर्विसेज की शुरुआत करीब चार साल पहले परिवहन विभाग ने शुरू की थी।

बदलाव: डीएल देने जल्द ही अपडेट किया जाएगा सॉफ्टवेयर Read More »

बड़े तालाब के ऊपर बनेगी 8 लेन सड़क ढंक जाएगा ढाई लाख वर्गमीटर क्षेत्र

मौजूदा वीआईपी रोड के समानांतर बड़े तालाब के ऊपर 8 लेन सड़क बनेगी। राजा भोज की मूर्ति-बुर्ज, स्मारकों को बचाने और सड़क को खानूगांव तक सीधा बनाने के लिए इसे तालाब में 400 मीटर अंदर बनाया जाएगा। इससे लगभग ढाई लाख वर्गमीटर तालाब सड़क के नीचे ढंक जाएगा। इसमें तालाब के कैचमेंट एरिया से पेड़ों की कटाई भी तय है। खास बात यह कि शहरी क्षेत्र में बड़े तालाब के एफटीएल से 50 मीटर तक किसी भी निर्माण की अनुमति नहीं है।
मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने सड़क का ले-आउट फाइनल कर लिया है। इसके अनुसार ये कमला पार्क के पास से शुरू होकर केबल स्टे ब्रिज के पास तक जाएगी। यहां एक रोटरी बनेगी और यहां से मौजूदा वीआईपी रोड के समानांतर सड़क बनेगी। यह खानूगांव तक यानि होटल इंपीरियल से बरे तक जाएगी। इसे वीआईपी रोड के लेवल पर बनाया जाएगा। आगे सड़क दो पार्ट में हो जाएगी। खानूगांव से बैरागढ़ की तरफ हलालपुर के पास तक सिक्स लेन एलिवेटेड रोड बनेगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति भी इसे मंजूरी दे चुकी है। अब यह कैबिनेट में जाएगा। बुधवार को कैबिनेट में भोज वेटलैंड प्रोजेक्ट के तहत पौधरोपण में से नई वीआईपी रोड के ले-आउट मेंं आ रही जमीन को छोड़कर शेष 1000 हेक्टेयर जमीन सामाजिक वानिकी को सौंप दी गई है। यानि खानूगांव वाले इलाके में भोज वेटलैंड प्रोजेक्ट के समय लगाए गए पेड़ों की कटाई तय है।

बेहतर विकल्प देखना चाहिए…
तालाब के ऊपर के बजाय विकल्प देखना चाहिए। बेहतर विकल्प यह है कि एयरपोर्ट को बैरागढ़ और नीलबड़ से जोड़ते हुए रोड बनाई जाए। इसके लिए कोलांस नदी पर एक छोटा-सा ब्रिज बनेगा। कोलांस नदी के आसपास 250 मीटर के बफर के नियम का पालन करते हुए भी यह बन सकता है। इससे वीआईपी ट्रैफिक भी डायवर्ट होगा और आम लोगों को भी फायदा होगा।

  • डॉ. शैलेंद्र बागरे, स्ट्र्क्चर एक्सपर्ट
    तालाब के लिए नुकसानदायक
    तालाब के एफटीएल से 50 मीटर दूरी तक तो निर्माण प्रतिबंधित है। वीआईपी रोड के समय तर्क था कि यह बफर का काम करेगी और तालाब की तरफ हो रहे अतिक्रमण रोके जा सकेंगे। इसके लिए एनवायर्नमेंट इंपेक्ट असेसमेंट होगा। इसमें केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति मुश्किल है। स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी से भी इसकी अनुमति लेना होगी।
  • डॉ. प्रदीप नंदी, एनवायर्नमेंट साइंटिस्ट

बड़े तालाब के ऊपर बनेगी 8 लेन सड़क ढंक जाएगा ढाई लाख वर्गमीटर क्षेत्र Read More »

इंदौर की कानून व्यवस्था परवीसी में मुख्यमंत्री बोले……इतनी सख्ती रखें कि बदमाशों में खौफ हो

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने गुरुवार को इंदौर की कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक में कहा कि अपराधियों में पुलिस का खौफ होना चाहिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंंत्री ने अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के लिए अफसरों से कहा। उन्होंने कहा कि गुंडे-बदमाशों में पुलिस का खौफ होना चाहिए। साथ ही जनता का पुलिस पर विश्वास हो। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और नशा करने जैसी गतिविधियों को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों पर तुरंत कार्रवाई हो। बैठक में इंदौर से संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा, पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर और कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी वर्चुअल जुड़े।

इंदौर की कानून व्यवस्था परवीसी में मुख्यमंत्री बोले……इतनी सख्ती रखें कि बदमाशों में खौफ हो Read More »

अमरनाथ यात्रा कल से, 62 दिन चलेगी, हेलमेट भी साथ ले जाएं

बाबा अमरनाथ यात्रा शनिवार से शुरू हो रही है। पवित्र गुफा की ओर अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था शुक्रवार सुबह जम्मू से रवाना किया गया। तड़के करीब सवा चार बजे पूजा-अर्चना के बाद उप राज्यपाल और अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिह्ना ने पहले जत्थे को रवाना किया।
इस दौरान जम्मू बेस कैंप में पूरा माहौल भोले के रंग में रंग गया। भक्तों ने भोले के जयकारे लगाकर यात्रा की शुरुआत की। इस बार यह यात्रा 62 दिन चलेगी। दरअसल, इस बार सावन दो महीने हैं। पहले दिन कुल 2189 श्रद्धालुओं को बालटाल रूट के लिए टोकन जारी किया गया।
बालटाल वाला छोटा रास्ता इस बार काफी डेवलप हो चुका है। 16 किमी के रूट पर 11 किमी रोड बनने से राह आसान हो चुकी है। हालांकि 5 किमी रास्ता अब भी संकरा है। श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर यह है कि बालटाल में ही 350 से 550 रुपए में एक महीने की वैलिडिटी के साथ सिम खरीद सकते हैं। यह हाथों-हाथ चालू भी हो जाती है। लंगर के आसपास ही गर्म कपड़े और ट्रैकिंग के सामान के साथ रेनकोट, छाता सब उपलब्ध हैं। रुकने के लिए टेंट भी 500 रुपए रोज में मिल सकेगा। यात्रा मार्ग पर लंगर-टेंट का काम 10 जून से शुरू हो चुका था। लंगर वालों ने बताया कि तब 3 मीटर ऊंची बर्फ जमी थी। बर्फ हटाने के बाद ही लंगर लगा पाए।
श्राइन बोर्ड श्रद्धालुओं को मुफ्त हेलमेट देगा
पिछले साल पवित्र‌ गुफा के पास बादल फटने से बाढ़ आ गई थी। इसे देखते हुए इस बार सावधानी बरती जा रही है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ मनदीप कुमार भंडारी के मुताबिक लैंडस्लाइड और पत्थर गिरने की घटनाओं को देखते हुए इस बार हाई रिस्क जोन वाले ढाई किमी के रास्ते में यात्रियों को हेलमेट अनिवार्य किया गया है।
इतना ही नहीं, जो लोग खच्चर से जाएंगे, उनके लिए भी हेलमेट जरूरी होगा। हेलमेट श्राइन बोर्ड की तरफ से मुफ्त मुहैया कराए जाएंगे, साथ ही पहाड़ी इलाकों में 30 से ज्यादा ट्रेंड माउंटेन रेस्क्यू टीमों को तैनात किया है। श्राइन बोर्ड ने 1700 डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की तैनाती की गई है। 4000 सफाई कर्मचारी और यात्रा के दोनों मार्गों पर 5100 टॉयलेट्स बनाए गए हैं। पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रही घुसपैठ की कोशिशों और अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को देखते हुए सांबा में इंटरनेशनल बॉर्डर से एक किमी एरिया में धारा 144 लगाई गई है, यानि पूछताछ के दौरान स्थानीय ग्रामीणों व दूसरे लोगों को आइडेंटिटी बतानी होगी।

अमरनाथ यात्रा कल से, 62 दिन चलेगी, हेलमेट भी साथ ले जाएं Read More »

Scroll to Top
Verified by MonsterInsights