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महाकालेश्वर मंदिर जाने को लेकर हुई ट्रोलिंग पर सारा बोलीं

मेरी पर्सनल च्वॉइस है, आपको नहीं अच्छा लगता तो न सही……………

एक्ट्रेस सारा अली खान बीते दिनों उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। दर्शन के बाद एक्ट्रेस ने वहां की कई तस्वीरें शेयर कीं, इन तस्वीरों को लेकर सारा को काफी ट्रोल किया जा रहा था। हालांकि, अब इस मामले पर सारा का रिएक्शन सामने आया है। एक्ट्रेस ने जवाब देते हुए कहा कि यह उनकी पर्सनल च्वॉइस है कि वो कहां जाना चाहती हैं, साथ ही वो इस तरह की बातों पर अपना ध्यान नहीं देती हैं। दरअसल, सारा की मां अमृता सिंह हिंदू हैं, जबकि उनके पिता सैफ अली खान मुस्लिम हैं।
कोई ट्रोल करता है तो
मुझे फर्क नहीं पड़ता
एक अखबार को दिए इंटरव्यू में सारा ने कहा- लोगों की आदत होती है कि जो भी चीज उन्हें एंटरटेन करती है, वो उसके बारे में बात करते हैं। मुझे कोई आपत्ति नहीं है, जरूरी यह है मेरा काम बोलाना चाहिए। जरा हटके जरा बचके की सक्सेस बाद मैंने खुद के बारे में चीजें पढ़ीं, जिनमें मेरे गाने, विक्की के साथ केमिस्ट्री, बॉक्स आॅफिस नंबरों के बारे में बात की गई थी। लोग मेरी फिल्म की सराहना कर रहे हैं, इसलिए अगर हर तीसरा व्यक्ति मुझे ट्रोल कर रहा है तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है। मैं दर्शकों के लिए जो काम करती हूं, वो उन्हें पसंद आना चाहिए… मेरा मकसद यही है। सारा ने आगे कहा- आपको अच्छा लगता है तो ठीक है, लेकिन अगर नहीं लगता तो ऐसा नहीं है कि मैं नहीं जाऊंगी। यह मेरी पर्सनल च्वॉइस है। बता दें कि यह पहली बार नहीं है… जब सारा दर्शन करने के लिए मंदिर पहुंची हों और इस बात पर विवाद हुआ है। इससे पहले भी सारा कई बार दर्शन के लिए मंदिर जाती रही हैं, जिस कारण उन्हें ट्रोल किया गया है। मैं आगे भी जाती रहूंगी, मेरी पर्सनल च्वॉइस है। सारा जरा हटके जरा बचके के प्रमोशन के दौरान सारा से ट्रोलर्स को लेकर सवाल किया गया था, जिस पर एक्ट्रेस ने कहा था- यह मेरी पर्सनल च्वॉइस है कि मैं अजमेर शरीफ जाती हूं या बंगला साहिब या फिर महाकाल… मैं आगे भी जाती रहूंगी। लोगों को जो भी कहना है, वो कहते रहें। लोग अगर मेरे काम पर बात करते हैं तो ठीक है, लेकिन अगर लोग मेरी पर्सनल लाइफ पर बात करते हैं मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है।
24 जून को सारा ने किए थे महाकाल के दर्शन – बीते दिनों सारा अली खान और विक्की कौशल की फिल्म जरा हटके जरा बचके सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसने बॉक्स आॅफिस पर काफी अच्छा कलेक्शन किया था। ऐसे में फिल्म की सक्सेस के बाद सारा अली खान 24 जून उज्जैन पहुंचीं। एक्ट्रेस ने महाकाल मंदिर में बाबा के दर्शन किए और वहां पूजा-अर्चना की। सोशल मीडिया पर सारा के कई वीडियोज सामने आए, जिसमें वो भगवान की भक्ति में लीन नजर आ रही हैं।

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एसआईटी करेगी ‘मेरा घर बिकाऊ है’ मामले की जांच

हिन्दुस्तान मेल, इंदौर
ट्रेजर टाउन (ईडब्ल्यूएस) से पलायन मामले की जांच एसआईटी करेगी। उपायुक्त आदित्य मिश्रा ने टीम गठित की है। राजेंद्र नगर टीआई सतीश पटेल को जांच से दूर रखा है। रहवासियों ने टीआई पर अनदेखी का आरोप लगाया है। उधर, पोस्टर चिपकाने वाले रहवासियों के विरोधी गुट ने भी भ्रामक जानकारी देने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर और डीसीपी से शिकायत की है।
पुलिस आयुक्त मकरंद देउस्कर के अनुसार, रहवासी प्रशांत पांडे, त्रिलोक पटेल सहित 12 लोगों ने ‘मेरा घर बिकाऊ है’ के पर्चे चिपकाए थे। उनका आरोप है कि टाउनशिप में गुंडा तत्व सक्रिय है। 25 परिवार पलायन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संज्ञान लेने पर रहवासियों का एक धड़ा पांडे के खिलाफ खड़ा हो गया है। भारती शिंदे ने टाउनशिप को बदनाम करने की साजिश बताया। दावा किया कि यहां न नशाखोरी होती है न गुंडागर्दी होती है। पूरा मामला चुनाव से जुड़ा हुआ है। भारती शुक्रवार को डीसीपी जोन-1 आदित्य मिश्रा के पास पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज करवाई। डीसीपी ने दोपहर में विशेष जांच दल (एसआईटी) बना दिया। अब एसआईटी मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। इसमें पुलिस की भूमिका है या नहीं, यह भी सामने आ जाएगा।
टाउनशिप की सोसायटी बनाई जाएगी
टीम में जोन-1 के एडिशनल डीसीपी जयवीरसिंह भदौरिया, मल्हारगंज के एसीपी राजीवसिंह भदौरिया और राऊ टीआई नरेंद्र रघुवंशी को रखा है। राजेंद्र नगर टीआई सतीश पटेल को इसमें शामिल नहीं किया गया है। रहवासियों ने राजेंद्रनगर टीआई पर भी अनदेखी का आरोप लगाया था। उधर, शुक्रवार शाम टाउनशिप में शांति समिति की बैठक हुई। पार्षद ओपी आर्य, पूर्व पार्षद निलेश चौधरी सहित पुलिस अधिकारी पहुंचे। बैठक में तय हुआ कि टाउनशिप की सोसायटी का गठन कर पंजीयन करवाया जाएगा। दोनों पक्षों में समन्वय स्थापित करवाने पर जोर दिया।

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चलती स्कूली वैन में लगी आग, चालक ने बच्चों को सुरक्षित निकाला

एरोड्रम थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह चलती स्कूली वैन में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। वैन बच्चों से भरी हुई थी। आग देखते ही चालक ने तत्काल वैन रोककर बच्चों को बाहर निकाला, तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया। मौके पर मौजूद बीएसएफ जवानों और राहगीरों की मदद से आग पर काबू पाया गया।
दरअसल, सुबह करीब 7 बजे बीएसएफ कैंपस के सामने चलती स्कूल वैन में आग लग गई। घटना के वक्त वैन में आधा दर्जन स्कूली बच्चे बैठे थे। वैन के पिछले हिस्से में आग लगने से धुआं भर गया। आग फैलने से पहले ही चालक ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना देख बीएसएफ कर्मचारी मदद के लिए पहुंचे, तब तक वैन का पिछला हिस्सा आग की चपेट में आ गया था। बीएसएफ जवान और वहां से गुजर रहे लोगों ने भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान लोग वैन में लगी गैस टंकी में ब्लास्ट होने के भय से दहशत में नजर आए। खास बात यह है कि जिस स्थान पर घटना हुई, वहां से कुछ ही दूरी पर ही थाना है, लेकिन पुलिस को घटना की भनक तक नहीं लगी। जब फायर ब्रिगेड थाने पहुंची, तब थाना स्टाफ सक्रिय हुआ। तब तक चालक वैन लेकर जा चुका था।

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भूमाफिया इस्लाम पटेल पर दर्ज हैं धोखाधड़ी सहित 7 केस

हिन्दुस्तान मेल, इंदौर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा क्राइम कंट्रÑोल और भूमाफियाओं पर कार्रवाई के मिले निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। पुलिस बदमाशों, नशेड़ियों के साथ ही अब भूमाफियाओं पर कार्रवाई कर रही है। आज सुबह जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और नगर निगम ने संयुक्त कार्रवाई कर खजराना थाना क्षेत्र में भूमाफिया इस्लाम पटेल के करोड़ों रुपए के अवैध आलीशान फार्म हाउस को जमींदोज कर दिया। खजराना थाना प्रभारी दिनेश वर्मा का कहना है, इस्लाम पटेल पर मारपीट सहित जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा करने के मामले में धोखाधड़ी सहित कुल 7 अपराध दर्ज हैं, जिस पर जिलाबदर की कार्रवाई भी की गई थी और इसी के तहत जिला प्रशासन की अनुशंसा पर नगर निगम और पुलिस विभाग ने यहां पर संयुक्त रूप से कार्रवाई कर सीलिंग की जमीन को आजाद कराया है।

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मास्टर प्लान: उठने लगे सवाल… 2000 आपत्ति-सुझाव आए

जो भूमि मौजूदा मास्टर प्लान में कृषि, उसे कैसे किया जा सकता है ग्रीन

मास्टर प्लान एक बार फिर बड़े तालाब के आसपास ग्रीन एरिया और निर्माण की अनुमति को लेकर विवादों में आ गया है। लोगों ने अब ढाई गुना निर्माण की अनुमति मांगी है। अंतिम ड्राफ्ट में ग्रीन एरिया बढ़ाने और एफएआर को घटाकर 0.06 करने का विरोध हो रहा है। टाउन प्लानर्स की संस्था इंस्टीट्यूट आॅफ टाउन प्लानर्स आॅफ इंडिया (आईटीपीआई) के साथ भाजपा और कांग्रेस ने भी इसको लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। 2 जून को मास्टर प्लान के अंतिम ड्राफ्ट पर दावे-आपत्ति और सुझाव की प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी हो गई। शाम तक लगभग 2000 आपत्तियां व सुझाव आए हैं। इनमें बड़े तालाब के कैचमेंट में अधिक निर्माण की अनुमति देने की मांग के साथ नए रेसीडेंशियल एरिया में न्यूनतम एफएआर 1.25 करने जैसे सुझाव आए हैं। कुछ सड़कों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गईं हैं। 2020 में जारी हुए मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में लो डेंसिटी रेसीडेंशियल एरिया में एफएआर 0.10 यानि 10,000 वर्गफीट पर 1000 वर्गफीट निर्माण की अनुमति देने का प्रस्ताव था। इसे घटाकर पहले की तरह 0.06 यानि 10,000 वर्गफीट पर 600 वर्गफीट निर्माण की अनुमति देने का प्रस्ताव किया गया है। इंस्टीट्यूट आॅफ टाउन प्लानर्स आॅफ इंडिया (एमपी चेप्टर) ने आपत्ति में कहा है कि इंदौर में लो डेंसिटी रेसीडेंशियल एरिया में एफएआर 0.15 है, इसे भोपाल में भी लागू किया जाना चाहिए।

मिलेट्री एरिया के बाहर नई सड़क बनाएं
चार्टर्ड इंजीनियर अशोक मनहर ने सुल्तानिया इंफ्रेंटी लाइन्स के मिलिट्री एरिया के बाहर से नई सड़क बनाकर डीआईजी बंगला को लाल घाटी से जोड़ने का सुझाव दिया है। मनहर ने गूगल मैप के आधार पर नई सड़क का ले आउट भी प्रस्तावित किया है। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों को राहत मिलेगी।

मास्टर प्लान को बदल दिया : कांग्रेस
जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश मिश्रा और हुजूर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे नरेश ज्ञानचंदानी ने भी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बने मास्टर प्लान को बदल दिया गया।
अमीरों को ध्यान में रखकर बनाया गया मास्टर प्लान
विधायक रामेश्वर शर्मा ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि मास्टर प्लान गांव, गरीब और किसानों का विरोधी है। इसे अमीरों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो भूमि मौजूदा मास्टर प्लान में कृषि है, उसे ग्रीन कैसे किया जा सकता है? गांव की बढ़ती हुई आबादी के लिए मकान कहां बनेंगे।

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