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यूएस में भी पुष्पा-2 का इंतजार, $1 मिलियन की प्री-सेल दर्ज की.

दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की आने वाली फिल्म पुष्पा 2 – द रूल ने प्रीमियर से पहले यूएसए में $1 मिलियन की प्री सेल दर्ज की । पुष्पा 2: द रूल, बहुप्रतीक्षित तेलुगु फिल्म ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है और दुनिया भर के दर्शकों का खूब ध्यान खींचा है। पटना के गांधी स्टेडियम में भारतीय सिनेमा के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा ट्रेलर लॉन्च इवेंट हुआ। अब फिल्म ने अपनी रिलीज से पहले एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, अपने यूएसए प्रीमियर के लिए प्री-सेल में उल्लेखनीय $1 मिलियन को पार कर लिया है। प्री-सेल बुकिंग की खबर इंस्टाग्राम हैंडल पर इस कैप्शन के साथ शेयर की गई, जिसमें लिखा था, ह्लपुष्पा राज का दबदबा बॉक्स आॅफिस को एक नए आयाम के साथ फिर से परिभाषित कर रहा है। एक और दिन, एक और रिकॉर्ड, इतिहास की किताब में दर्ज एक और उपलब्धि। पुष्पा 2: द रूल पुष्पा 2: पुष्पा 2: यूएसए, पुष्पा: द राइज के सीक्वल पुष्पा 2: द रूल में अल्लू अर्जुन पुष्पा राज की भूमिका में और रश्मिका मंदाना श्रीवल्ली की भूमिका में वापस आ रही हैं। इसमें फहाद फासिल भी भंवर सिंह शेखावत की भूमिका में नजर आएंगे, जो पुष्पा के दुश्मन हैं।सुकुमार द्वारा निर्देशित पुष्पा 2: द रूल में अल्लू अर्जुन, मंदाना और फहाद फासिल मुख्य भूमिका में हैं। इस फिल्म का निर्माण माइथ्री मूवी मेकर्स और सुकुमार राइटिंग्स ने किया है और इसका संगीत टी-सीरीज ने दिया है। यह फिल्म 5 दिसंबर 2024 को रिलीज होगी।

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इंदौर के हाल कहीं दिल्ली जैसे न हो जाएं..32 लाख से ज्यादा वाहन रजिटर्ड पीयूसी सेंटर मात्र 53

हिन्दुस्तान मेल, इंदौर
जिस प्रकार से दिल्ली में वायू प्रदूषण का स्तर चरम पर पहुंच गया है और लोगों को जहरीली हवा में सांस लेना मजबूरी बन गया है…ऐसे ही हालात कहीं इंदौर के ना हो जाए। शहर की हवा को सुधारने के लिए दावे तो कई किए जा रहे हैं लेकिन जमीन पर काम नजर नहीं आ रहा। शहर की हवा में बढ़ रहे प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए वाहनों को पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है ताकि वाहनों के धुएं से होने वाले प्रदूषण को रोका जा सके। इंदौर में परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 32 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इन वाहनों के पीयूसी सर्टिफिकेट के लिए शहर में महज 53 सेंटर संचालित हो रहे हैं। एक सेंटर पर 64 हजार वाहनों का दबाव है, लेकिन सेंटरों की संख्या नहीं बढ़ रही है।

यही हाल प्रदेश के अन्य महानगरों के हैं। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जांच इसलिए भी जरूरी है क्योंकि दिल्ली में प्रदूषण के कारण एक्यूआई 450 से पार जा चुका है, कहीं दिल्ली जैसी हालत इंदौर में न हो जाए इसलिए सजगता जरूरी है। स्वच्छ शहर की हवा में लगातार प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। प्रदूषण बढ़ने का सबसे ज्यादा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। इससे फेफड़ों और दिल से संबंधित रोग होते हैं। इसके साथ ही इससे ब्लड प्रेशर भी बढ़ता है। यह हमारे शरीर के लिए बहुत हानिकारक है।
इंदौर में प्रदेश के सर्वाधिक 32 लाख 12 हजार 171 वाहन पंजीकृत हैं, इसके बावजूद वाहनों का प्रदूषण जांचने वाले सेंटरों की संख्या कम है। कुछ माह पहले इंदौर में 110 पीयूसी सेंटर संचालित हो रहे थे, लेकिन परिवहन पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य करने के बाद अब 53 सेंटर ही संचालित हो रहे हैं। आॅनलाइन की अनिवार्यता के कारण कई सेंटर बंद हो गए।

शहर में 200 के करीब पेट्रोल पंप संचालित होते हैं, लेकिन अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पीयूसी सेंटर बंद हो चुके हैं। नियम के अनुसार सभी पंपों पर पीयूसी सेंटर खोलना अनिवार्य है। आमतौर पर पीयूसी कराने में वाहन चालक भी लापरवाही बरत रहे हैं। इसकी बड़ी वजह प्रदेश में वाहनों की जांच में पीयूसी सर्टिफिकेट की जांच नहीं होना प्रमुख है। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस जांच के दौरान अन्य दस्तावेजों की जांच करती है, लेकिन पीयूसी नहीं मांगती।

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2 करोड़ खर्च कर…20 सरकारी स्कूलों के खेल मैदान को संवारेगा नगर निगम

इंदौर। शहर में कई बड़े खेल मैदान अपनी बदहाल हो गए हैं और खिलाड़ी परेशान हो रहे हंै। मैदानों की इस दुर्दशा को देखते हुए अब नगर निगम सरकारी स्कूलों के खेल मैदान को सुधारने की योजना बना रहा है। इस योजना के तहत दो करोड़ रुपए खर्च कर सरकारी स्कूलों के मैदानों को अलग-अलग खेल के हिसाब से तैयार किए जाएंगे। एमआईसी सदस्य नंद किशोर पहाड़िया ने बताया कि शहर में खिलाड़ियों के लिए अच्छे खेल मैदानों की कमी को देखते हुए इस योजना को अमल में लाने की शुरूआत की गई है। इस योजना में सरकारी स्कूलों से बात कर आवेदन मंगाए गए है जहां जरूरत के हिसाब से खेल मैदानों को दुरुस्त किया जाएगा। फिलहाल 20 सरकारी स्कूलों से खेल मैदान को लेकर आवेदन मिले है। वहीं 16 स्कूलों से खेल सामग्री हेतु भी आवेदन प्राप्त हुए है। इन स्कूलों को जरूरत और खिलाड़ियों की संख्या के हिसाब से सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

इन स्कूलों से मिले खेल सामग्री के आवेदन
खेल सामग्री के लिए शास. स्वामी विवेकानंद उमावि, शास. सुभाष उमावि बड़ा गणपति, शास. कन्या विद्यालय संयोगितागंज, शास. बालक विद्यालय संयोगितागंज, नूतन उ.मा. विद्यालय चिमनबाग, अहिल्याआश्रम क्रमांक 2, शास. मालव कन्या उमावि, शा. उमावि अत्रिदेवी, शास. उमावि बजरंग नगर, शास. हाईस्कूल परदेशीपुरा, शास. हाई स्कूल पागनिसपागा, शास. सिंधी उमावि, शास. शारदा कन्या उ.मा वि., शास. हाई स्कूल किला मैदान, शास. बालक उ.मा. वि. बिजलपुर और सास. उमावि खजराना में खेल सामग्री समेत एर बास्केटबॉल कोर्ट बनाने के लिए आवेदन मिले है।

नगर निगम की योजना को लेकर सरकारी स्कूलों ने भी उत्साह दिखाया और 16 स्कूलों ने मैदान सुधारने के आवेदन नगर निगम को सौंपे है। जिस पर जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा। आवेदन करने वाले स्कूलों में नूतन उ.मा. विद्यालय, शास. शारदा कन्या उ.मा वि., शास. बालक उ.मा. वि. बिजलपुर, शास. हाई स्कूल मालवीय नगर, शास. हाई स्कूल संगम नगर, शास. उमावि बाणगंगा, शास. उमावि विजय नगर, शास. मालव कन्या उमावि, शा. उमावि अत्रिदेवी, शास. उमावि राजेंद्र नगर, शास. सिंधी उमावि, शास. रजत जयंती उमावि, शास. बालक उमावि, संयोगितागंज, शास. कस्तूरबा उमावि, शास हाई स्कूल संगम नगर, शास, अहिल्या आश्रम क्रमांक 2, शास. हाईस्कूल विनोबा नगर, शास. हाई स्कूल चितावद, और शास. उमावि सिरपुर शामिल है।

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कावड़िए चिलम और शराब पीकर उत्पात मचाते हैं : शौकत अली

मुरादाबाद, एजेंसी। उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद जिले में एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली का कावड़ यात्रा को लेकर एक विवादित बयान सामने आया है। शौकत अली ने कावड़ यात्रा के दौरान कावड़ियों के व्यवहार को लेकर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कावड़ यात्रा में शामिल लोग चिलम फूंकते हैं, शराब पीते हैं और हुड़दंग मचाते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस उनके सामने सिर झुकाती है। शौकत अली यह बयान कुंदरकी विधानसभा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दे रहे थे। वह इस दौरान एआईएमआईएम के प्रत्याशी हाफिज वारिस के समर्थन में जनसभा कर रहे थे। उनका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अली ने सवाल उठाया कि बीजेपी के खजाने से सड़कें नहीं बनी हैं और यह देश केवल एक समुदाय का नहीं है। उन्होंने हिंदू और मुस्लिम समुदाय के साथ किए जा रहे कथित भेदभाव को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
भाजपा का पलटवार- अली के इस बयान पर बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने शौकत अली पर तीखा हमला बोला। कहा- अकटकट की विचारधारा जहरीली है। अली का बयान हिंदू समाज का अपमान है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। सपा और कांग्रेस शौकत अली के इस बयान पर चुप क्यों हैं? हिंदुओं का अपमान करने पर विपक्ष एकजुट हो जाता है, लेकिन इसका जवाब कोई नहीं देता।

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दया के बदले अफसरो तक पूछती है दलालो की दुआ………..

हिन्दुस्तान मेल, इंदौर
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के बाद टैक्स चोरी पर लगाम कसने के जितने दावे किए जा रहे थे, उन्हें अफसरों की मिलीभगत ने हवा कर दिया। सूत्रों की मानें तो प्रदेश में विभिन्न राज्यों से आ रहे वाहनों को सरकारी नजर से बचाने के लिए सरहद से लेकर चीफ कमिश्नरेट आॅफिस तक दलालों का सिंडिकेट सक्रिय है। ये सिंडिकेट मप्र सीजीएसटी और एसजीएसटी में 500 करोड़ रु. साल से ज्यादा की टैक्स चोरी को अंजाम दे रहा है। ये रकम अफसरों और दलालों के बीच बंट रही है।
सीजीएसटी में दलालों का नेटवर्क तगड़ा है। इतना कि अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में भी उनकी अपनी रुचि रहती है। दलालों का नेटवर्क इंदौर से लेकर सेंधवा तक फैला है। सूत्रों के अनुसार रोजाना कई ट्रक माल की आवाजाही गुजरात और महाराष्ट्र से होती है। दलालों का काम है गाड़ियों को सुरक्षित एक सरहद से दूसरी सरहद तक पहुंचाना। इसमें इंदौर और उज्जैन कमिश्नरेट के साथ ही भोपाल में बैठे अफसरों की दया भी दलालों पर कायम है। दया के बदले अफसरों को दलालों की ‘दुआ’ हर महीने मिल जाती है, वह भी मनमाफिक… जो तय अफसर ही करते हैं। मालवा और निमाड़ के लोहा, जीरा, रेडीमेड के साथ ही गुटखा-तम्बाकू पर ज्यादा मेहरबानी है। बताया जा रहा है कुछ गुटखा ब्रॉण्ड हैं, जिन पर कार्रवाई के लिए भोपाल में बैठे अफसरों ने ही हाथ अड़ा रखा है। जिन्होंने कार्रवाई की, ऐसे अफसरों के ट्रांसफर करके उन्हें लूपलाइन में डाल दिया गया। अब मैदानी अमला टैक्स चोरों से नहीं, अपने अफसरों से डरता है। भोपाल में बैठे प्रदेश के एक बड़े अफसर को हर महीने 10 लाख रुपए का पैकेट हवाला के जरिए दिल्ली से भोपाल पहुंचाया जाता है।

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