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इंदौर

दस दिन में इंदौर में दस्तक देगी सर्वे टीमस्वच्छता सर्वेक्षण की घड़ी करीब, नगर निगम में हलचल बढ़ी

स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 की घड़ी पास में आ गई है। अगस्त के पहले पखवाड़े में केन्द्र सरकार द्वारा सर्वे के लिए भेजी जाने वाली टीम इंदौर पहुंच जाएगी। स्वच्छता के मामले में सातवीं बार बाजी मारने के लिए नगर निगम द्वारा व्यापक तैयारी की गई है। निगमायुक्त ने अफसरों की बैठक लेकर स्वच्छता सर्वेक्षण एवं शहर सौन्दर्यीकरण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इंदौर में अगस्त के पहले पखवाड़े में स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होने जा रहा है। सर्वेक्षण को लेकर निगम ने काफी तैयारी कर रखी है। दिल्ली से आने वाली टीम का इंतजार किया जा रहा है। अफसरों को सर्वे के लिए अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। निगमायुक्त हर्षिका सिंह द्वारा गुरुवार को सिटी बस आॅफिस में बड़ी समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में समस्त अपर आयुक्त, विभाग प्रमुख, स्वास्थ्य अधिकारी, झोनल अफसर, सीएसआई, सीटीपीटी सुपरवाइजर, समस्त अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, नगर शिल्पज्ञ, सहायक यंत्री, उपयंत्री व अन्य संबंधित मौजूद रहे। निगमायुक्त सिंह ने आगामी 10 दिन में होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण संबंध में विस्तार से चर्चा करते हुए सर्वेक्षण की गाइड लाइन अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं करने के संबंध में अफसरों की जरूरी निर्देश दिए। इसके साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत वर्तमान में की गई तैयारी के साथ ही संपूर्ण पर्याप्त इंतजाम पूर्ण करने के भी निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सर्वेक्षण की गाइड लाइन अनुसार सिटी प्रोफाइल, सिटीजन फीडबैक, कचरा सेग्रिगेशन, होम कम्पोस्टिंग, डोर टू डोर कचरा संग्रहण, बल्क कचरा कलेक्शन व अन्य विषयों पर वन-टू-वन विस्तार से चर्चा की गई।

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क्राइम ब्रांच के रिटायर एएसआई ने किया सरेंडर

हिन्दुस्तान मेल, इंदौर
दस साल की नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोप में फरार रिटायर्ड एएसआई नाथूराम दुबे ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। नाथूराम के सरेंडर की सूचना मिलते ही विजय नगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक 18 जून को 10 वर्षीय बच्ची दोपहर को पांच वर्षीय बहन के साथ घर पर थी। नाथूराम उसके पास आया और चाय पीने के बहाने बैठ गया। उसने बच्ची के साथ हरकत की और भाग गया। बच्ची देर रात माता-पिता के साथ एसीपी सोनाक्षी सक्सेना के पास पहुंची और घटनाक्रम बताया। विजय नगर पुलिस ने बच्ची के बयान के पर एसआई नाथूराम दुबे पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने दुबे की तलाश में कई जगह छापेमारी की, लेकिन वह फरार हो गया था। नाबालिग बच्ची के बयान के बाद विजय नगर थाना पुलिस ने रिटायर्ड पुलिस अधिकारी के खिलाफ धारा 376 के साथ ही पॉक्सो समेत अन्य धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया था। पुलिस के मुताबिक बच्ची ने आरोपी की हरकत के बारे में सबसे पहले पड़ोसी को बताया था। इसके बाद पड़ोसी ने मां को फोन कर सारी घटना बताई। परिजन घटना की जानकारी के बाद थाने पहुंचे थे। पुलिस ने रात एक बजे दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज कर बच्ची का मेडिकल करवाया। घटना वाली देर रात एसआई सीमा धाकड़ ने आरोपी की तलाश में छापा मारा, लेकिन वह फरार हो गया था।

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केंद्रीय गृहमंत्री शाह के इंदौर प्रवास को लेकर हुई बैठक

इंदौर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 30 जुलाई को होने वाले प्रवास को लेकर जावरा कंपाउंड स्थित भाजपा कार्यालय पर राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में बैठक हुई।
विजयवर्गीय ने बताया कि शाह ने अपने भोपाल प्रवास के दौरान अनौपचारिक बैठक में कहा कि मैं इंदौर किसी सरकारी कार्यक्रम में नहीं आऊंगा, जहां कार्यकर्ताओं का कार्यक्रम होगा वहीं आऊंगा, क्योंकि इंदौर के कार्यकर्ताओं जैसे कार्यकर्ता विरले ही होते हैं। शाह कनकेश्वरी गरबा मैदान में 30 जुलाई को होने वाले संभागीय कार्यकर्ता सम्मेलन मेंं सम्मिलित होंगे। हमें इस कार्यक्रम के लिए 72 घंटे का समय मिला है और इतने समय में सफल कार्यक्रम का आयोजन इंदौर के कार्यकर्ता ही कर सकते हैं। हमें सतत कार्यकर्ताओं से जीवंत संपर्क रखते हुए पोलिंग बूथ के कार्यकर्ता तक पहुंचना होगा। उन्होंने कहा कि अहिल्या माता का नगर इंदौर प्रेरणा का केंद्र है। इस पावन नगरी से विधानसभा चुनाव का श्रीगणेश होगा। बैठक में नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, संभागीय प्रभारी राघवेंद्र गौतम, सह संभागीय प्रभारी तेज बहादुर सिंह चौहान, जीतू जिराती, बाबू सिंह रघुवंशी, मंत्री तुलसी सिलावट, उषा ठाकुर, आईडीए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, आकाश विजयवर्गीय, मालिनी सिंह गौड़, महेंद्र हार्डिया आदि उपस्थित थे। आभार जिला अध्यक्ष राजेश सोनकर ने माना।

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इंदौर में एमआर-10 पर थ्री लेयर फ्लायओवर

एमआर-10 और बायपास के जंक्शन पर बनाए जा रहे थ्री लेयर फ्लायओवर में देश का सबसे बड़ा पियर कैप बनने जा रहा है। इसकी चौड़ाई करीब 27.05 मीटर रहेगी। सीमेंट और कांक्रीट से बनाए जाने वाले इस पियर कैप को कॉन्ट्रैक्टर द्वारा साइट पर ही सामग्री और मशीन लाकर बनाया जाएगा। पियर कैप की लंबाई 4.5 मीटर होगी। डिजाइन फाइनल हो चुकी है और साइट पर काम शुरू कर दिया गया है। पिलर के दोनों तरफ 12.275 मीटर के केंटिलीवर भी बनाए जाएंगे और उसके ऊपर आवागमन के लिए 29.4 मीटर चौड़ाई वाला मुख्य कैरेज-वे रहेगा। बायपास पर हर दिन गुजरने वाले 30 हजार से ज्यादा भारी वाहनों को देखते हुए इस तरह की डिजाइन तैयार की है। इससे शहर को भव्य प्रवेश मार्ग मिलेगा।
दो प्रमुख हाईवे का जंक्शन बनेगा ये चौराहा – एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल ने बताया ये फ्लायओवर आने वाले समय में दो प्रमुख हाईवे आगरा-मुंबई (एनएच-52), अहमदाबाद-नागपुर (एनएच-47) का जंक्शन बनेगा और भविष्य में शहर का प्रमुख एंट्री प्वॉइंट होगा।

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नगर निगम अपना ही विकास समय पर नहीं कर पा रहादिल्ली का नया संसद भवन दो साल में तैयार, निगम परिषद् भवन सात साल में भी नहीं बना

दिल्ली का नया संसद भवन 2 साल में बनकर तैयार हो गया है, लेकिन इंदौर नगर निगम का परिषद् भवन सात साल गुजर जाने के बाद भी नही बन पाया है। स्थिति यह है कि निगम परिषद् सम्मेलन शहर की महंगी होटलों में करना पड़ रहे हैं, जिस पर अभी तक करोड़ों खर्च हो चुके हैं।
नगर निगम द्वारा जनता की सहूलियत के इंदौर में अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन निगम समय पर अपना विकास नहीं कर पा रहा है। इसका जीता जगता उदाहरण है… नगर निगम परिषद का नया भवन। यह भवन सात साल में भी बनकर तैयार नहीं हो पाया है। निगम द्वारा निगम मुख्यालय के परिसर में परिषद् भवन बनाया जा रहा है। इस भवन के निर्माण के लिए 2014 में तत्कालीन महापौर कृष्णमुरारी मोघे के कार्यकाल में आधारशिला रखी गई थी। पांच मंजिला भवन दो साल यानि 2016 तक बनकर तैयार हो जाना चाहिए था, लेकिन हालत यह है कि सात साल बीत जाने के बाद भी काम अधूरे पड़े हैं।

निर्माण एजेंसी की ढिलाई के साथ अफसर भी जिम्मेदार
नोट करने लायक तथ्य यह है कि दिल्ली का नया विशाल संसद भवन 2 साल में बनकर तैयार हो गया है, लेकिन निगम का परिषद् भवन सात साल में भी नहीं बन सका है। दो महापौर कृष्णमुरारी मोघे व मालिनी गौड़ अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हंै। करीब 18 करोड़ की लागत से बन रहे परिषद् भवन का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाने के पीछे निर्माण एजेंसी की ढिलाई तो जिम्मेदार है ही साथ ही अफसर भी कम जिम्मेदार नहीं है। भवन को लेकर विभिन्न खास कारणों से भाजपा शासित परिषद् के पूर्व कर्ताधर्ताओं की आपसी खींचतान भी एक प्रमुख वजह है। निर्माण एजेंसी को समय पर भुगतान नहीं होना भी एक कारण माना जा रहा है। वर्तमान में स्थिति यह है कि पांच मंजिला भवन की एक मंजिला पर विभिन्न कार्यालय संचालित हो रहे हंै।

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