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कलेक्टर ने की राह आसान… चैन्नई से मंगाया गया वाहन

हमेशा की तरह इस बार की जनसुनवाई भी दिव्यांगजन और जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हुई है। कलेक्टर ने दिव्यांग कोमल के लिए विशेषताओं से युक्त अत्याधुनिक व्हील चेयर कम इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए एक लाख रुपए स्वीकृत किए हैं, वहीं अन्य जरूरतमंदों को भी मदद दी गई है।
कलेक्टोरेट में जनसुनवाई में पहुंची दिव्यांग कोमल व्यास के लिए मंगलवार का दिन यादगार हो गया। कोमल राजवाड़ा क्षेत्र के कुंवर मंडली में रहती हैं, जो बचपन से ही दिव्यांग हैं। चलने-फिरने में असमर्थ हैं। उनके पिताजी की भी मृत्यु हो चुकी है। उनका 13 साल का एक भाई है और माताजी गृहिणी हैं। ये दोनों कोमल पर आश्रित हैं। कोमल ने उच्च शिक्षा प्राप्त की है और एक प्राइवेट कंपनी में वर्क फ्राम होम भी कर रही हैं, पर जून महीने से वर्क फ्रॉम आॅफिस शुरू हो जाएगा। कोमल ने बताया- मेरे पास आॅफिस जाने के लिए कोई साधन नहीं है। मुझे दिक्कतों को सामना करना पड़ेगा। इनकम भी इतनी नहीं है कि मैं वाहन खरीद सकूं।
कोमल व्यास ने कलेक्टर के समक्ष एक विशेष उपकरण के अटेचमेंट वाले इलेक्ट्रिक वाहन की इच्छा जाहिर की। कलेक्टर ने तुरंत ही उक्त वाहन के लिए एक लाख रुपए स्वीकृत किए। यह वाहन चैन्नई से आएगा, जो आर्डर पर मंगाया जाएगा। वाहन के लिए एक लाख रुपए स्वीकृत होने से कोमल बेहद खुश हैं। वे बोलीं- मेरे जीवन की राह अब आसान होगी। कलेक्टर के प्रति उन्होंने आभार भी व्यक्त किया। इसी तरह जनसुनवाई में और भी कई पीड़ित, जरूरतमंद पहुंचे, जिनकी समस्याएं सुन कलेक्टर ने उन्हें भी राहत दी।

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योजना : राज्य सरकार प्रति गाय 71 रुपए हर दिन के हिसाब से देगी अनुदान

अंग्रेजों के समय से संचालित होने वाले गोसदन को प्रदेश सरकार फिर शुरू करने जा रही है। इनका नाम गोवंश वन्य विहार होगा। ऐसे 10 वन्य विहार शुरू किए जाएंगे। यह जंगल से जुड़ी राजस्व भूमि में होंगे, जिससे गोवंशीय पशुओं को चरने के लिए जंगल में छोड़ा जा सके। एक वन्य विहार में पांच हजार से अधिक गोवंशीय पशुओं को रखने की व्यवस्था होगी।
राज्य सरकार यहां पर प्रति गाय 71 रुपये हर दिन के हिसाब से अनुदान देगी। इसमें 50 रुपये वहां काम करने वाले कर्मचारी के लिए होगा। इनका संचालन गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) से कराया जाएगा। प्रदेश की मौजूदा गोशालाओं को प्रति गाय अभी 20 रुपये रोज के मान से अनुदान दिया जा रहा है।
एक सुविधा यह भी रहेगी कि वन्य विहार संचालक कुल गायों में 40 प्रतिशत तक दुधारू गाय भी यहां रख सकेंगे, जिससे अतिरिक्त आय हो सके। वन्य विहार बनाने के लिए पशुपालन विभाग के पास पहले से छह हजार 700 एकड़ जमीन है।
रायसेन और बालाघाट में भी वन्य विहार के लिए 500 एकड़ जमीन इसके लिए अधिग्रहित करने का प्रस्ताव है। जिन जिलों में वन्य विहार बनाए जा रहे हैं, उनमें सीहोर, शिवपुरी, जबलपुर, सागर, टीकमगढ़, पन्ना, खरगोन, मंदसौर, बालाघाट और रायसेन शामिल हैं। इनके अलावा बैतूल, छिंदवाड़ा और सिवनी में भी बनाने का प्रस्ताव है।

कांग्रेस शासनकाल
में किए गए थे बंद
गोपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड की कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष अखिलेश्वरानंद गिरि ने बताया कि अविभाजित मध्यप्रदेश में 10 वन्य विहार थे। इनमें दो छत्तीसगढ़ और आठ मध्यप्रदेश में थे। वर्ष 2000 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इन्हें बंद कर दिया था। हालांकि, इनकी जमीन पशुपालन विभाग के पास ही थी। उन्होंने बताया कि वन्य विहार में गोवंशीय पशु दिन में चरने के लिए संरक्षित क्षेत्र में जाएंगे। रात में उन्हें गोशाला में रखा जाएगा। यहां पर धीरे-धीरे गोवंश को रखने की क्षमता आवश्यकता अनुसार बढ़ाई जा सकेगी

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149 यात्रियों को लेकर पहली बार उड़ी गोवा की सीधी फ्लाइट………

शहर से गोवा के लिए पहली बार मंगलवार को फ्लाइट चली। कुल 149 यात्रियों को लेकर फ्लेन उड़ा। राजा भोज एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने पहली बार शुरू हुई फ्लाइट का स्वागत वाटर कैनन सेल्यूट देकर किया गया। वहीं, केक काटकर एक-दूसरे का मुंह भी मीठा कराया। इंडिगो की यह फ्लाइट 186 सीटर एयरबस के जरिए सप्ताह में तीन दिन संचालित होगी।
एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि फ्लाइट का संचालन नॉर्थ गोवा के मोपा एयरपोर्ट से होगा। पहले दिन यात्रियों में खासा उत्साह देखने को मिला। गोवा की पहली उड़ान में 144 यात्रियों का आगमन व 149 यात्रियों का प्रस्थान हुआ। यह उड़ान (6ए6971-6972) सप्ताह मे तीन दिन मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को प्रचालित होगी। उड़ान का आगमन समय सुबह 11.40 बजे और प्रस्थान दोपहर 12.10 बजे होगा।

दो घंटे में गोवा पहुंच जाएंगे यात्री
इस उड़ान से पहले जहां यात्रियों को भोपाल से गोवा जाने में वाया मुंबई लगभग 8 घंटे का समय लगता था। अब यह उड़ान यात्रियों को 1 घंटे 55 मिनट में सीधे गोवा तक ले जाएगी। राजा भोज एयरपोर्ट से गोवा फ्लाइट के शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। माना जा रहा है कि अगले महीने तक यात्री संख्या करीब सवा लाख तक पहुंच जाएगी। अब फ्लाइट संख्या दोनों ओर की मिलाकर 34 हो जाएगी। हालांकि, शनिवार को 32 फ्लाइट संख्या के साथ यात्री संख्या 4159 रही, जो अब तक का रिकॉर्ड है। गोवा की पहली फ्लाइट को वाटर कैनन से सेल्यूट दिया गया।

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महंगाई रोकने के लिए 10 हजार के नोट छापना चाहते थे….

आरबीआई के पूर्व गर्वनर रघुराज राजन के सुझाव को खारिज कर दिया था तत्कालीन वित्तमंत्री जेटली ने………

रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया ने एक बार फिर से एक नोट को सकुर्लेशन से बाहर करने का फैसला लिया है। 19 मई 2023 को 2000 रुपये के नोट को बंद करने का फैसला लिया गया। आरबीआई के साल 2016 में नोटबंदी के बाद जिस नोट को जारी किया था, उसे करीब 8 सालों में ही वापस ले लिया।
2000 का नोट वापस लेने के फैसले के पीछे आरबीआई बार-बार दलील दे रहा है कि हाई वैल्यू वाले नोटों को बाजार से वापस लिया जा रहा है। केंद्रीय बैंक ने दलील दी कि 2 हजार के बड़े नोट की बाजार में जरूरत नहीं है। 10000 रुपये के नोट छापने की सिफारिश आपको जानकर हैरानी होगी आरबीआई ने जिन 2000 रुपये के नोट को ये कहकर वापस लेने का फैसला लिया कि बड़े नोट की जरूरत नहीं है, कुछ साल पहले उसी आरबीआई ने 5000 रुपये और 10000 रुपये के बड़े नोट को छापने की सिफारिश की थी। अक्टूबर 2014 में फइक के गवर्नर रघुराम राजन ने केंद्र सरकार को 5 हजार और 10 हजार रुपए के नोट जारी करने का सुझाव दिया था। रघुराम राजन ने इसके पीछे दलील दी थी कि देश में बढ़ती महंगाई के चलते 1 हजार रुपए के नोट की कीमत कम हुई है। बेकाबू महंगाई पर काबू पाने के लिए उन्होंने बड़े नोट को छापने की सिफारिश की गई।

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नए संसद भवन के उद्घाटन पर बहिष्कार के बादल…….

नई दिल्ली, एजेंसी
नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति से कराने की मांग को लेकर देश की सियासत गरमाने लगी है। कई विपक्षी दलों ने 28 मई को आयोजित समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इन दलों की मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह संसद के नए भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कराया जाए। कांग्रेस सूत्र ने कहा है कि पार्टी 28 मई को होने वाले नए संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार कर सकती है।

कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने आरोप लगाया कि सरकार ने समारोह से राष्ट्रपति मुर्मू को दूर रखकर उनका और पूरे आदिवासी समाज का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति, जो एक सामान्य पृष्ठभूमि से उठकर यहां तक पहुंची हैं, उनका अपमान क्यों हो रहा है? उन्होंने कहा कार्यक्रम में शामिल होना या नहीं, इसका फैसला उचित समय पर किया जाएगा। राज्यसभा में तृणमूल के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट किया कि संसद सिर्फ नई इमारत नहीं है, यह पुरानी परंपराओं, मूल्यों, मिसालों और नियमों के साथ एक प्रतिष्ठान है, यह भारतीय लोकतंत्र की नींव है। प्रधानमंत्री यह नहीं समझते। उनके लिए नई इमारत का उद्घाटन सिर्फ मैं, खुद के बारे में है। वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करेगी। पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. जॉन ब्रिट्स ने इसकी पुष्टि की है। आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक ट्वीट करते हुए कहा कि संसद भवन के उद्घाटन समारोह में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू को आमंत्रित न करना उनका घोर अपमान है। ये भारत के दलित आदिवासी व वंचित समाज का अपमान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महामहिम राष्ट्रपति को आमंत्रित नही करने के विरोध में आम आदमी पार्टी उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार करेगी।

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