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शॉवर छोड़ बाल्टी से नहाती हैं अनुपमा फेम रूपा गांगुली

अनुपमा शो की स्टार रूपाली गांगुली बेहतरीन एक्ट्रेस ही नहीं, बहुत अच्छी और जागरूक इंसान भी हैं। हाल ही में रूपाली गांगुली ने खुलासा कर बताया कि वे खुद से जितना हो सके नेचुरल सोर्स को बचाने की कोशिश करती हैं। एक्ट्रेस ने रिवील किया कि काफी वक्त पहले ही रूपाली शॉवर बॉथ लेना बंद कर चुकी हैं। रूपाली गांगुली का मानना है कि एक सुधार की शुरुआत खुद से होती है। एक्ट्रेस ने बताया कि वे शॉवर बॉथ लेना पूरी तरह से बंद कर चुकी हैं। ऐसे में वे बाल्टी और जग से नहाना प्रिफर करती हैं। इतना ही नहीं, जब वे किसी 5 स्टार होटल में भी जाती हैं और वहां रुकती हैं तो स्पेशली स्टाफ से फोन कर बाल्टी और जग मंगवाती हैं, ताकि उनकी वजह से पानी ज्यादा वेस्ट न हो। रूपाली गांगुली ने कहा- मैं पुरानी कहावत में विश्वास रखती हूं, हमारे प्लैनेट के पास वो सब है, जिसकी हमें जीने के लिए जरूरत है, पर ये सब कुछ किसी के लालच के लिए काफी नहीं है। हर कोई यहां ग्रीडी है। हमें इस बारे में सोचने की जरूरत है कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए क्या गलत एग्जांपल सेट कर रहे हैं। हमें हमेशा देखते रहना चाहिए कि हम क्या वेस्ट कर रहे हैं।

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जोकोविच 7वीं बार फ्रेंच ओपन के फाइनल में

जिस मैच का सबको बेसब्री से इंतजार था, वो आखिरका खत्म हुआ। वर्ल्ड नंबर 1 कार्लोस अल्कारेज को 22 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता के हाथों हार झेलनी पड़ी है। इसके साथ ही, जोकोविच ने पिछले साल मैड्रिड ओपन में मिली हार का बदला भी ले लिया है। वे 7वीं बार फाइनल में पहुंचे हैं। इसके साथ ही वह वर्ल्ड रैंकिंग नंबर-3 से वर्ल्ड नंबर-वन पर भी पहुंच गए हैं।
जोकोविच ने सेमीफाइनल में अल्कारेज को 6-3, 5-7, 6-1, 6-1 से हराया। अल्कारेज के खिलाफ जोकोविच ने पहला सेट 6-3 से जीता था। अगले सेट में वापसी करते हुए अल्कारेज ने 7-6 से अपने नाम किया। जोकोविच ने अगले दो सेट न केवल जीते बल्कि अल्कारेज को एकतरफा हराया। अल्कारेज अगले दो सेट में केवल 1-1 गेम ही अपने नाम कर पाए। अंतिम दो सेट जोकोविच ने एकतरफा 6-1, 6-1 से जीतें। वहीं अल्कारेज चोट के बाद भी अंत तक मुकाबले में बने रहे। जोकोविच रविवार को अपने कॅरियर में 7वीं बार फ्रेंच ओपन फाइनल खेलते नजर आएंगे। वे राफेल नडाल के बाद फ्रेंच में सबसे ज्यादा बार फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। अब तक खेले 6 फाइनल में जोकोविच ने दो (2016, 2021) बार खिताब अपने नाम किया है। नडाल फ्रेंच ओपन के बादशाह हैं। उन्होंने 14 बार फाइनल खेला और सभी जीते हैं। जोकोविच को तीन बार फाइनल में नडाल ने (2012, 2014 और 2020) में हराया है और एक बार स्टेन वावरिंका (2015) ने शिकस्त दी है।

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फाइनल में पहुंच मुचोवा ने रचा इतिहास, आज स्वातेक से भिड़ेंगी

फ्रेंच ओपन महिला एकल सेमीफाइनल में कैरोलिना मुचोवा ने फाइनल मुकाबले में पहुंच कर इतिहास रच दिया है। कैरोलिना मुचोवा ने पैर में समस्या के बावजूद मैच प्वाइंट बचाया और शानदार खेल दिखाया। कैरोलिना मुचोवा ने सेमीफाइनल मुकाबले में ऐसा धमाकेदार खेल खेला कि वह एरिना सबालेंका को हराने में सफल हुई।
गैरवरीय कैरोलिना मुचोवा ने पैर में समस्या के बावजूद मैच प्वाइंट बचाया और वापसी करते हुए आखिरी पांच गेम भी जीते, जिससे गुरुवार को वह एरिना सबालेंका को हराकर फ्रेंच ओपन के महिला एकल फाइनल में जगह बनाने में सफल रहीं। कैरोलिना ने दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी के खिलाफ 7-6 (5), 6-7 (5), 7-5 की जीत के साथ पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम टेनिस टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया। जनवरी में आॅस्ट्रेलियाई ओपन का खिताब जीतने वाली सबालेंका तीसरे सेट में 5-2 के स्कोर पर मुकाबला जीतने से सिर्फ एक अंक दूर थी, लेकिन इसके बाद उन्होंने 24 में से 20 अंक गंवाए और मुकाबला हार बैठीं। चेक गणराज्य की 26 साल की कैरोलिना ने इस तरह शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की।
इससे पहले ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आॅस्ट्रेलियाई ओपन 2021 में था, जब वह सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहीं थी। कैरोलिना ने अब तक अपना एकमात्र डब्ल्यूटीए खिताब हार्ड कोर्ट पर जीता है और वह इससे पहले रोलां गैरां की लाल बजरी पर भी तीसरे दौर से आगे नहीं बढ़ पाई थीं। कैरोलिना ने टूर्नामेंट से पहले कहा था, यह मेरी पसंदीदा सतह नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि मैं इस पर अच्छा खेल सकती हूं। इस मैच से पहले सबालेंका का इस साल ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंटों में जीत-हार का रिकॉर्ड 12-0 था। आज होने वाले फाइनल में कैरोलिना की भिड़ंत दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी और गत चैंपियन इगा स्वातेक और दुनिया की 14वें नंबर की खिलाड़ी बीट्रिज हदाद माइया के बीच होने वाले सेमीफाइनल की विजेता से होगी।
कैरोलिना अपने जीवन में पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल खेलने जा रही हैं। लंबे समय तक वो चोट से जूझती रही हैं, जिसके बाद उन्होंने धमाकेदार वापसी की है। कैरोलिना को पैर की चोट, घुटने की चोट और एब्डोमिनल चोट से लंबे अर्से तक जूझना पड़ा है। इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे जीवन में कई ऐसे पल आए जब लगा था कि लगातार इंजरी होने के कारण मैं टूट चुकी हूं। मैंने पिछले साल वाला आॅस्ट्रेलियन ओपन भी नहीं खेला था, क्योंकि मेरी स्थिति काफी खराब थी। मैंने वापसी के लिए कड़ी मेहनत की है। कैरोलिना की स्थिति बेहद खराब थी। उनकी स्थिति को देखते हुए कई डॉक्टरों ने उन्हें सलाह दी थी कि वो दोबारा खेल नहीं खेल सकेंगी। हालांकि उन्होंने धैर्य और सकारात्मक व्यवहार अपनाते हुए वापसी करने पर जोर दिया। जिसकी बदौलत वे अब अपने जीवन और अबतक के कॅरियर के शिखर पर है।

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डब्ल्यूटीसी फाइनल में टीम इंडिया से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का फाइनल इंग्लैंड के द ओवल मैदान पर खेला जा रहा है। मुकाबले के तीसरे दिन भी आॅस्ट्रेलियाई टीम आगे रही। टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक 296 रन की बढ़त बना ली थी। मार्नस लाबुशेन और कैमरन ग्रीन नाबाद रहे, अब भी टीम के 6 विकेट बाकी हैं। शुक्रवार को आॅस्ट्रेलियाई टीम ने दूसरी पारी में चार विकेट पर 123 रन बना लिए। लाबुशेन 41 और ग्रीन 7 रन चौथे दिन आॅस्ट्रेलियाई पारी को आगे बढ़ाएंगे।
स्मिथ-लाबुशेन ने जोड़े 62 रन
24 रन पर ओपनर्स के विकेट गंवाने के बाद मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ ने तीसरे विकेट के लिए 96 बॉल पर 62 रन की साझेदारी कर पारी आगे बढ़ाई। इस साझेदारी को रवींद्र जडेजा ने स्मिथ को आउट करके तोड़ा।
जडेजा ने चटकाए विकेट
दूसरी पारी खेल रही आॅस्ट्रेलिया को शुरुआती झटके लगे। टीम ने 24 रन पर ओपनर्स (ख्वाजा 13 रन और वार्नर 1 रन) के विकेट गंवा दिए, लेकिन यहां स्टीव स्मिथ और मार्नस लाबुशेन ने टीम का स्कोर 100 के करीब पहुंचाया। फिर बॉलिंग करने आए जडेजा ने स्मिथ को 34 रन के स्कोर पर चलता कर दिया। ट्रेविस हेड (18 रन) भी उनका शिकार बने। इन दोनों ने पिछली पारी में शतक लगाए थे।
रहाणे के बाद बिखरा लोअर-आॅर्डर
पहले सेशन में शार्दूल के साथ 109 रन की पार्टनरशिप करने के बाद रहाणे ने कमिंस की बॉल पर बड़ा शॉट लगाया, लेकिन गली पोजिशन पर खड़े कैमरन ग्रीन ने एक हाथ से शानदार कैच पकड़ लिया। रहाणे 89 रन बनाकर आउट हो गए। इस वक्त टीम फॉलो-आॅन बचाने से 9 रन दूर थी। शार्दूल ठाकुर ने लोअर-आॅर्डर में उमेश यादव और मोहम्मद शमी के साथ फॉलो-आॅन बचाया, लेकिन वह भी 51 रन बनाकर आउट हो गए। बाकी बैटर ज्यादा देर टिके नहीं और टीम इंडिया 296 पर आॅलआउट हो गई। आॅस्ट्रेलिया को पहली पारी में 173 रन की बढ़त मिली।
इंडियन पेसर्स ने की अटैकिंग बॉलिंग
71 रन पर 4 विकेट खोने के बाद टीम इंडिया ने 296 रन का फाइटिंग टोटल बनाया। अब भारत के तेज गेंदबाजों ने पहले ओवर से कसी हुई गेंदबाजी की। चौथे ही ओवर में सिराज ने डेविड वार्नर को चलता कर दिया। नई गेंद के 15 ओवर तक पेसर्स ने सटीक लाइन-लेंथ पर बॉलिंग की और 24 रन पर उस्मान ख्वाजा का विकेट भी ले लिया।
भारत को आगे क्या करना होगा?
लाबुशेन चौथे दिन ग्रीन के साथ आॅस्ट्रेलिया की पारी आगे बढ़ाएंगे। भारत को कोशिश करनी होगी कि अटैकिंग बॉलिंग जारी रखे। लाबुशेन के सामने जडेजा को लाएं और एक एंड से शमी या सिराज से बॉलिंग कराएं। टीम इंडिया को किसी भी हाल में पहले सेशन तक आॅस्ट्रेलिया की दूसरी पारी कम से कम स्कोर पर खत्म करनी होगी। भारत को मैच में बने रहने के लिए 350 से कम का टारगेट चाहिए होगा, उससे ज्यादा स्कोर होने पर टीम के जीतने के चांस कम होते चले जाएंगे। अगर टीम इंडिया को 350 या 375 के करीब का टारगेट मिला तो बैटर्स को आज पूरे दिन विकेट संभाल कर ज्यादा से ज्यादा रन बनाने पर फोकस करना होगा। क्योंकि तीसरे दिन ही पिच टूटने लगी है, ऐसे में चौथे और पांचवें दिन तक बैटर्स को और ज्यादा परेशानी होगी।

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मूट कोर्ट यानी प्रोफेशनल्स अदालतों की प्रक्रिया प्रयोगात्मक तरीके से समझ आए

टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन एवं इंदौर सीए शाखा ने ‘मॉक ट्रिब्यूनल’ का आयोजन किया। एसो. के प्रेसिडेंट सीए शैलेंद्र सिंह सोलंकी एवं सीए शाखा के चेयरमैन सीए मौसम राठी ने कहा कि मूट कोर्ट एक वास्तविक अदालत का अनुकरण करने जैसा ही होता है, जहां प्रोफेशनल्स को वास्तविक अदालत में होने वाली कार्यवाही को उसी रूप में एक मॉडल की तरह समझाया जाता है और वास्तविक अदालत की प्रक्रिया और उसकी गतिविधियों को सीखते हैं। इसमें पार्टियों के बीच एक काल्पनिक विवाद पर काल्पनिक सुनवाई और सबूत पेश किए जाते हैं, जिससे प्रोफेशनल्स को अदालतों की प्रक्रिया प्रयोगात्मक तरीके से समझ में आ सके।
मॉक ट्रिब्यूनल के कन्वेयर सीनियर एडवोकेट सीए सुमित नेमा ने कहा कि मॉक ट्रिब्यूनल में किसी काल्पनिक, विशिष्ट वाद या विषय को चुना जाता है और फिर उसी वाद/ विषय में वाद-विवाद होता है। इस अवसर पर जज की भूमिका सीनियर एडवोकेट सीए सुमित नेमा एवं एडवोकेट सीए हितेश चिमनानी, ज्यूरी के रूप में इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल के ज्यूडिशियल मेंबर विजय पाल रॉव, अकाउंटेंट मेंबर सीए बीएम बियानी मौजूद थे। विशेष अतिथि प्रिंसिपल कमिश्नर आॅफ इनकम टैक्स अजय अत्रि एवं एसबी प्रसाद मौजूद थे। विनर अवॉर्ड सीए अविनाश अग्रवाल को दिया गया। रनर अप अंकुर अग्रवाल को दिया गया। सचालन टीपीए के मानद सचिव सीए अभय शर्मा ने किया।

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