इंदौर। पद्मश्री डॉ. पुरु दाधीच को आज राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों से भारत सरकार के सर्वोच्च ’संगीत नाटक अकादमी रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार किसी भी समय देश के केवल 40 जीवित विभूतियों को दिया जाता है। अगला पुरस्कार इन महान कलाकारों में से किसी के निधन पर ही अगले को मिलता है। प्रदेश के किसी कलाकार को यह सर्वोच्च पुरस्कार 1988 के बाद अब मिला है।
48 पंचायतों के 476 टोले-मजरों तक नहीं पहुंचा पानी, महिलाओं को 2-3 किमी दूर से लाना पड़ रहा पानी; दूषित पानी से बीमारी फैलने का खतरा
टांडा/धार। अशोक मांझी। हिंदुस्तान मेल संवाददाता
गंधवानी विधानसभा क्षेत्र के बाग विकासखंड की 48 पंचायतों के 91 गांवों और करीब 476 टोले-मजरों में नल-जल मिशन योजना का लाभ नहीं पहुंच पाने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई गांवों में आज भी लोग झिरों, नालों और दूर स्थित कुओं से पानी लाकर पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी के कारण गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही के चलते कई स्थानों पर नल कनेक्शन नहीं हुए हैं। वहीं कुछ गांवों में योजना का काम शुरू ही नहीं हुआ या कागजों तक सीमित रह गया है। महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए दो से तीन किलोमीटर तक पैदल जाना पड़ रहा है।
विधानसभा में भी उठ चुका है मामला
गंधवानी विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार इस मामले को विधानसभा में उठा चुके हैं। उन्होंने नल-जल मिशन में प्रदेश स्तर पर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए सरकार पर मामले को दबाने और आदिवासी ग्रामीणों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
इन गांवों में नहीं पहुंचा नल का पानी
ग्राम पंचायत झाई के झड़ामली, गुराडिया और पीपलदलिया, ग्राम पंचायत नरवाली के गुड़ा, गढ़रावत और नरवाली सहित कई गांवों में ग्रामीण नल-जल योजना के लाभ से वंचित हैं। ग्राम पंचायत चमझार, घोड़दलिया, बगोली और सिंगाचोरी में भी योजना का काम नहीं होने की शिकायत सामने आई है।
ग्राम पंचायत जेतगढ़ के खोखरिया फलिया में परिवार नाले का पानी पीने को मजबूर हैं। इसी पंचायत के गातला गांव के डोडवा फलिया में करीब 40 परिवार झिरे के पानी पर निर्भर हैं। ग्राम पंचायत मगदी के खड़ापुरा में करीब 30 परिवार दूषित झिरे का पानी पी रहे हैं।
तरसिंग गांव के तड़वीपुरा के करीब 40 परिवारों को करीब दो किलोमीटर दूर स्थित कुएं से पानी लाना पड़ रहा है।
आजादी के बाद भी नल का इंतजार
ग्राम पंचायत झाई के गुराडिया के पटेल फलिया के ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से आज तक उनके घरों तक नल नहीं पहुंचा है। यहां लोग वर्षों से झिरे का पानी पी रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है—“गांव में नल भी नहीं है और जल भी नहीं।”
जिले के अंतिम छोर पर बसे गांवों की अलग परेशानी
ग्राम पंचायत काकड़वा के करछट गांव के बामनिया फलिया के ग्रामीणों को अलीराजपुर जिले की चूल्या नदी से पानी लाना पड़ता है। नदी गांव से करीब दो से तीन किलोमीटर दूर है। इसी तरह छड़ावद गांव के लोग भी चूल्या नदी से पानी लाकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पानी लाने के रास्ते में जंगली जानवरों का खतरा भी बना रहता है।
कलेक्टर को कई बार दिया ज्ञापन, नहीं हुई सुनवाई
बाग जनपद अध्यक्ष सकरीबाई भूरिया ने बताया कि नल-जल योजना को लेकर कई बार कलेक्टर को आवेदन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक गरीब आदिवासी परिवारों की समस्या का समाधान नहीं हुआ। बड़दा क्षेत्र में भी ग्रामीणों को योजना का लाभ नहीं मिलने और गंदे झिरे का पानी पीने की शिकायत है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नल-जल मिशन की जमीनी स्थिति की जांच कराई जाए, अधूरे कार्य तत्काल पूरे किए जाएं और सभी टोले-मजरों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाए। साथ ही दूषित पानी से संभावित बीमारी के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाए।
बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र में गुरुवार तड़के पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। बीजापुर पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि बीजापुर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के एक जवान का बलिदान हो गया है। वहीं नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 20 नक्सली मारे गए हैं। वहीं, दूसरी और कांकेर में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें चार नक्सली मारे गए। सभी 24 नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं।
मुठभेड़ में 20 नक्सली ढेर मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद के साथ 20 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। वहीं, दूसरी तरफ मुठभेड़ में बीजापुर डीआरजी के एक जवान का बलिदान हो गया है। मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान जारी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीजापुर और दंतेवाड़ा की सरहद के जंगली क्षेत्र गंगालुर थाना इलाके के तोड़का एंड्री के जंगल में सुरक्षाबलों की संयुक्त पार्टी के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान होने की खबर है।
हिन्दुस्तान मेल, सागर जिले में एक कारोबारी पर छापेमार कार्रवाई करने गई इनकम टैक्स विभाग की टीम उस समय टेंशन में आ गई, जब कमरे का दरवाजा खोलते ही उसमें से मगरमच्छ निकलकर सामने आ गया। एक, दो नहीं बल्कि चार मगरमच्छ। आयकर ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर चारों मगरमच्छ का रेस्क्यू किया। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। छापेमारी राजेश केसरवानी से जुड़े ठिकानों पर की गई थी। राजेश एक बीड़ी निर्माता, भवन निर्माण ठेकेदार और भाजपा के पूर्व पार्षद हैं। हालांकि, आयकर विभाग के किसी भी अधिकारी ने मगरमच्छों की बरामदगी पर कोई बात नहीं की। हेड आॅफ फॉरेस्ट फोर्स असीम श्रीवास्तव ने बताया मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मगरमच्छों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। इस मामले की पूरी जानकारी कोर्ट को दी जाएगी। कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। श्रीवास्तव ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कुल कितने मगरमच्छ बरामद किए गए हैं। जिस घर से मगरमच्छ मिले हैं, वह भाजपा नेता हरवंश् सिंह राठौर का है। राठौर सागर जिले के पुराने नेता है। 2013 में विधायक थे। उनके पतिा हरनाम सिंह राठौर मप्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान 155 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का पता चला है। 3 करोड़ रुपए कैश, सोना-चांदी बरामद किया। पूर्व विधायक की ही 140 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गई है, जो कंस्ट्रक्शन का कारोबार भी करते हैं।
हिन्दुस्तान मेल, भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार रात भोपाल के रैन बसेरों का निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरों में राहगीरों, गरीबों, निराश्रितों से चर्चा की, उनके हालचाल जाने और सभी को कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरा पहुंचे। उन्होंने रैन बसेरे में मौजूद कुरवाई के करोड़ीलाल प्रजापति, हशीब खान, संजु कुशवाहा, रवि शर्मा और पथरिया दमोह के दिव्यांग प्रताप मालवीय से चर्चा कर उनके हालचाल जाने और रैन बसेरे की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। राहगीरों ने बताया कि यहां की सभी व्यवस्थाएं ठीक हैं। भोजन की व्यवस्था भी होनी चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर भोपाल को निर्देशित किया कि सभी रैन बसेरों में राम-रोटी की व्यवस्था करें। दिव्यांग प्रताप मालवीय ने बताया कि वह हर एक-दो दिन में आ जाते हैं, उनकी चार बेटियां हैं, गुजारे की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए वे यहां आकर रहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को प्रताप की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी को कंबल प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 के पास स्थित रैन बसेरा पहुंचे। रैन बसेरे का निरीक्षण कर उन्होंने वहां मौजूद सभी राहगीरों और गरीब व्यक्तियों से चर्चा कर उन्हें भी कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री ने यहां विशाल मालवीय, शंकर मालवीय, ओमराज, आशीष तिवारी, दिव्यांग विजय आईना (गुनावा) सभी से चर्चा कर उनके यहां आकर रूकने की वजह पूछी। बताया गया कि सब आगे के सफर के लिए यहां रुके हैं।
हर व्यक्ति तक पहुंचे सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के हर व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। ठंड के इस मौसम में किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है। राहगीरों और गरीबों ने मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी जरुरतमंदों को कंबल एवं गर्म कपड़े देकर सर्दी से जितना हो सके, बचने की अपील की। इस दौरान कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम कमिश्नर हरेन्द्र नारायण सहित सुमित पचौरी, जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित रहे।
रैन बसेरे का निरीक्षण कर लौटते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्लेटफार्म नंबर 6 के सामने ही कुछ महिलाओं को बैठे देखा। उन्होंने वाहन रुकवाकर महिलाओं के पास जाकर चर्चा की और वहां बैठने की वजह पूछी। महिलाओं ने बताया कि वे सब्जी बेचने आती हैं। रात कहां बिताओगी, मुख्यमंत्री ने पूछा तो महिलाओं ने बताया कि यहीं पर। खुले आसमान के नीचे रात बिताने की बात जानकार मुख्यमंत्री सभी महिलाओं को कंबल वितरित किए और कलेक्टर से कहा कि इन सभी के लिए भी व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब और महिलाओं के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। किसी भी गरीब को सरकार की योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। सर्दी के इस मौसम में कंबल वितरण से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री ने राहगीरों से संवाद किया और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के वंचित वर्गों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। किसी भी व्यक्ति को बेसहारा नहीं रहने देंगे। गरीब कल्याण मिशन के तहत समाज के कमजोर तबकों को समर्थ बनाने के लिए हम हर कदम उठायेंगे।