फिल्म जगत से एक दुखद खबर सामने आ रही है। बॉलीवुड के दिवंगत फिल्म निर्माता यश चोपड़ा की पत्नी पामेला चोपड़ा इस दुनिया को अलविदा कह गई हैं। पामेला मशहूर गायिका थीं और अपने पति यश चोपड़ा की कई फिल्मों में उन्होंने संगीत दिया। बता दें कि पामेला आदित्य चोपड़ा और उदय चोपड़ा की मां थीं। यश राज फिल्म्स के इंस्टाग्राम पेज पर भी पामेला चोपड़ा के निधन की सूचना साझा की गई है। साझा किए गए पोस्ट में लिखा है, ‘बहुत भारी दिल के साथ चोपड़ा परिवार यह सूचित कर रहा है कि आज सुबह पामेला चोपड़ा का निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार आज मुंबई में किया जाएगा। दुख की इस घड़ी में आपकी सांत्वनाओं के लिए हम आभारी हैं और आपसे निवेदन है कि परिवार की निजता का सम्मान करें।’
पामेला चोपड़ा के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर है। फिलहाल प्राप्त जानकारी के मुताबिक पामेला चोपड़ा का निधन आज सवेरे हुआ है। पामेला अभिनेत्री रानी मुखर्जी की सास थीं। अपने पति यश चोपड़ा के निधन के करीब 11 वर्ष बाद पामेला भी इस दुनिया को अलविदा कह गईं।
85 वर्षीय पामेला चोपड़ा आखिरी बार यशराज की डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘द रोमांटिक्स’ में नजर आई थीं। इस सीरीज में उन्होंने अपने पति यश चोपड़ा की यात्रा और यशराज फिल्म्स (YRF) पर बात की थीं।
पामेला चोपड़ा एक मशहूर सिंगर, फिल्म राइटर और प्रोड्यूसर थीं। पामेला चोपड़ा ने ‘कभी कभी’, ‘दूसरा आदमी’, ‘त्रिशूल’, ‘चांदनी’, ‘लम्हे’, ‘डर’, ‘सिलसिला’, ‘काला पत्थर’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ और ‘मुझसे दोस्ती करोगे’ समेत पति यश चोपड़ा की कई फिल्मों में गाने गाए।
चावल का उत्पादन अमेरिका से लेकर चीन और यूरोपीय संघ तक गिर रहा है। इसके परिणामस्वरूप पूरे ग्रह में 3.5 बिलियन से अधिक लोगों के लिए कीमतें बढ़ रही हैं, विशेष रूप से एशिया-प्रशांत क्षेत्र जो दुनिया में लगभग 90 प्रतिशत चावल की खपत करता है।
फिच सॉल्यूशंस ने कहा कि विश्व स्तर पर चावल बाजार 2023 में 20 वर्षों में अपनी सबसे बड़ी कमी को पूरा करने के लिए तैयार है। सीएनबीसी ने विश्लेषकों का हवाला देते हुए बताया कि दुनिया में सबसे अधिक खेती वाले अनाज में से एक के लिए इस परिमाण की कमी प्रमुख आयातकों को नुकसान पहुंचाएगी। फिच सॉल्यूशंस के कमोडिटी एनालिस्ट चार्ल्स हार्ड ने सीएनबीसी को एक साक्षात्कार में बताया कि वैश्विक स्तर पर, वैश्विक चावल की कमी का सबसे स्पष्ट प्रभाव रहा है, और अभी भी चावल की दशक-उच्च कीमतें हैं।
हाल ही में फिच सॉल्यूशंस कंट्री रिस्क एंड इंडस्ट्री रिसर्च ने कहा कि चावल की कीमतें 2024 तक वर्तमान उच्च स्तर के आसपास रहने की संभावना है। CNBC ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि चावल की कीमत 2023 YTD के माध्यम से औसतन $17.30 प्रति cwt थी और 2024 में केवल 14.50% प्रति cwt तक कम होगी। Cwt एक इकाई है जो चावल जैसी कुछ वस्तुओं को मापती है। हार्ट ने सीएनबीसी को बताया, “यह देखते हुए कि एशिया के कई बाजारों में चावल मुख्य खाद्य वस्तु है, कीमतें खाद्य मूल्य मुद्रास्फीति और खाद्य सुरक्षा का एक प्रमुख निर्धारक हैं, विशेष रूप से सबसे गरीब परिवारों के लिए।” सीएनबीसी ने बताया कि रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2022/23 के लिए चावल की वैश्विक कमी 8.7 मिलियन टन होगी। हार्ट ने कहा कि यह 2003/04 के बाद से सबसे बड़ा वैश्विक चावल घाटा होगा, जब विश्व स्तर पर चावल के बाजारों ने 18.6 मिलियन टन की कमी पैदा की थी।
भारत, जो चावल का दुनिया का शीर्ष निर्यातक है, ने बढ़ती मुद्रास्फीति की पृष्ठभूमि में अपने टूटे हुए चावल के निर्यात पर अंकुश लगाया है। पिछले तीन वर्षों में, COVID-19 महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध, रूस पर प्रतिबंध, चीन की शून्य-कोविड नीति जैसे कारकों के परिणामस्वरूप मांग-आपूर्ति बेमेल हुई है, जिसके परिणामस्वरूप कीमतें बढ़ी हैं। यूएस फेड के नक्शेकदम पर चलते हुए दुनिया भर के केंद्रीय बैंक बढ़ती महंगाई से लड़ने के लिए अपनी उधार दरों में वृद्धि कर रहे हैं। अब दुनिया संभावित वैश्विक मंदी और संभावित मंदी की ओर देख रही है। इन सभी कारकों के साथ-साथ प्रमुख उत्पादक राज्यों में औसत से कम मानसून वर्षा के कारण उत्पादन पर चिंता के कारण, भारत ने भी सितंबर 2022 में टूटे चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया और विभिन्न अन्य ग्रेड पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाया।
इन प्रतिबंधों के बावजूद, भारत का चावल निर्यात 2022 में 3.5 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 22.26 मिलियन टन हो गया, जो अगले चार सबसे बड़े निर्यातकों – थाईलैंड, वियतनाम, पाकिस्तान और संयुक्त राज्य अमेरिका के संयुक्त शिपमेंट से अधिक था।
Rahul Gandhi Defamation Case: सूरत की एक सत्र अदालत कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘मोदी सरनेम’ वाली टिप्पणी को लेकर उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की याचिका खारिज हो गई है।
मानहानि मामले में राहुल गांधी को सूरत सेशंस कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी है। राहुल गांधी ने उनकी सजा पर रोक लगाने की मांग की थी। बता दें कि सूरत की एक सत्र अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘मोदी सरनेम’ वाली टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। इसके चलते राहुल गांधी की संसद सदस्यता चली गई थी। अब सेशंस कोर्ट से भी राहुल गांधी को निराशा हाथ लगी है। राहुल गांधी अब राहत के लिए उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं।
ये है पूरा मामला दरअसल, 2019 में मोदी उपनाम को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में 23 मार्च को सूरत की सीजेएम कोर्ट ने धारा 504 के तहत राहुल को दो साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, कोर्ट ने फैसले पर अमल के लिए 30 दिन की मोहलत भी दी थी। 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार की एक रैली में राहुल गांधी ने कहा था, ‘कैसे सभी चोरों का उपनाम मोदी है?’ इसी को लेकर भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था।
सुप्रीम कोर्ट राहुल गांधी को लगाई फटकार इस मामले में सुनवाई के दौरान पूर्णेश मोदी की ओर से कहा गया कि राहुल गांधी के खिलाफ 10 से अधिक आपराधिक मानहानि के मामले चल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें फटकार लगाई है। पीएम मोदी के वकील हर्ष टोलिया ने कहा कि राहुल गांधी कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद भी कह रहे हैं कि कोई गलती नहीं की। कोर्ट से मिली सजा के कारण राहुल गांधी को अयोग्य करार दिया गया है, लेकिन वे चुनाव और उसकी जीत का तर्क दे रहे हैं। वकील ने कहा कि राहुल गांधी को सही सजा मिली है, जब वे रैली को संबोधित कर रहे थे, तब वे पूरी तरह होश में थे। वहीं यदि कोर्ट आज अपील मंजूर करती है तो इससे राहुल गांधी को राहत मिल सकती है।
India Vs China: सदियों से चीन ही आबादी के लिहाज से दुनिया में पहले नंबर पर था. मगर, अब उसका तिलिस्म तोड़ दिया है भारत ने. जानिए अब किस देश में कितनी जनसंख्या है और चीन को हमने कैसे पछाड़ा…
India Overtake China in Population: दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश अब चीन (China) नहीं है, बल्कि अपना देश भारत (India) है. इस साल की शुरूआत में ही ग्लोबल एक्सपर्ट्स ने अनुमान लगाया था कि 2023 में सबसे ज्यादा भारत में होगी, और अब इस पर संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के नवीनतम आंकड़ों ने मुहर लगा दी है….
संयुक्त राष्ट्र (UNFPA) के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत अब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है. भारत में अब चीन की तुलना में 20 लाख से ज्यादा लोग हैं, और इस देश की आबादी बढ़ते-बढ़ते 140 करोड़ के पार पहुंच गई है. चीन में बच्चे पैदा करने की दर कम हुई है, और वो इस साल माइनस में दर्ज की गई…
यूनाइटेड नेशंस की संस्था ने जारी किए ताजा आंकड़े UNFPA की ‘द स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट 2023’, जिसे ‘8 बिलियन लाइव्स, इनफिनिट पॉसिबिलिटीज: द केस फॉर राइट्स एंड चॉइस’ के टाइटल से जारी किया गया है, उसमें कहा गया है कि अब भारत की जनसंख्या 1,428.6 मिलियन है, जबकि चीन की जनसंख्या 1,425.7 मिलियन है. यानी दोनों की जनसंख्या में 2.9 मिलियन का अंतर हो गया है. रिपोर्ट में ताजा आंकड़े ‘डेमोग्राफिक इंडिकेटर्स’ की कैटेगरी में दिए गए हैं.
पहली बार भारत की जनसंख्या चीन से ज्यादा हुई संयुक्त राष्ट्र के जनसंख्या डेटा रिकॉर्ड में यह पहली बार है कि भारत की जनसंख्या 1950 के बाद से चीन से ज्यादा दर्ज की गई है, दरअसल संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 1945 में खत्म हुए द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुई थी और 1950 संयुक्त राष्ट्र ने जनसंख्या डेटा एकत्र करना और जारी करना शुरू किया था. संयुक्त राष्ट्र के जनसंख्या के 1950 से 2023 तक के चार्ट और तालिका पर नजर डालें तो भारत की आबादी कुछ इस तरह से बढ़ी-
अब यानी कि 2023 में भारत की जनसंख्या 1,428,627,663 है, जो 2022 से 0.81% अधिक है.
2022 में भारत की जनसंख्या 1,417,173,173 थी, जो 2021 से 0.68% अधिक रही.
2021 में भारत की जनसंख्या 1,407,563,842 थी, जो 2020 से 0.8% अधिक रही.
2020 में भारत की जनसंख्या 1,396,387,127 थी, जो 2019 से 0.96% अधिक रही…
भारत के पास दुनिया में सबसे ज्यादा युवा भी हैं UNFPA की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की 25% आबादी 0-14 आयु वर्ग में है, यहां 10-19 साल तक की आयु के लोग 18% हैं, 10-24 साल तक के लोग 26% हैं, 15-64 साल तक के लोग 68% और 65 से ऊपर के लोग 7% हैं.
चीन में जन्म दर तो घटी ही, और बुजुर्ग ज्यादा हो गए वहीं, चीन को देखें तो वहां संबंधित आंकड़े 17%, 12%, 18%, 69% और 14% हैं. वहां 65 वर्ष से अधिक आयु के लोग लगभग 20 करोड़ हो गए हैं. कुछ दशक पहले चीनी सरकार ने 1 बच्चे वाली नीति लागू कर दी थी, जिसका खामियाजा वहां की सरकार को इस तरह भुगतना पड़ा कि लोगों ने बच्चे पैदा करना छोड़ दिया.
खूब कोशिश कर रही चीनी सरकार, नहीं बढ़ रही आबादी!
अब हालात ये हैं कि चीनी सरकार कहती है कि जो जोड़े 2 या 2 से ज्यादा बच्चे पैदा करेंगे तो उन्हें कई तरह की सुविधाएं दी जाएंगी. यहां तक कि कई कॉलेजों ने ऐसी घोषणा कर दी कि युवा लड़के-लड़कियां कम से कम 15 दिन के ‘स्प्रिंग ब्रेक’ पर जाएं ताकि प्यार में पड़ सकें और घर बसाकर बच्चे पैदा कर सकें.
इसी साल की शुरूआत में एक चौंकाने वाली खबर यह भी आई कि दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर रहा बीजिंग, जो कि चीन की राजधानी भी है, वहां आबादी बढ़ने के बजाए कम हो गई है. इसकी एक बड़ी वजह कोरोना महामारी को भी माना जा रहा है.
अमिताभ बच्चन ने मंगलवार को एक ब्लॉग शेयर किया। अपने लेटेस्ट ब्लॉग में बिग बी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चैट जीपीटी के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि वो चैट जीपीटी के जरिए अपना ब्लॉग लिखवाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने फैसला बदल दिया। इसके अलावा अमिताभ ने बताया कि आजकल अपनी सेहत के चलते वो पब्लिक गैदरिंग से बचने की कोशिश करते हैं। मैं चाहता था कि चैट जीपीटी एक दिन मेरा ब्लॉग लिखे अमिताभ ने अपने हालिया ब्लॉग में लिखा- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनिया को कंट्रोल करता है, जैसा कि चैट जीपीटी ऐप के जरिए किया जाता है। हम सभी जानते हैं कि यह एक ऐसा इंस्ट्रूमेंट, जो जल्द ही इंसान के महत्व को खत्म कर देगा। मैं चाहता था कि चैट जीपीटी एक दिन मेरा ब्लॉग लिखे, लेकिन फिर मैंने सोचा कि वो बिना दिल या आत्मा के लिखा होगा। हालांकि, किसी दिन मैं ऐसा करने की कोशिश जरूर करूंगा। फैंस ने बनाई बिग बी की फोटोज अपनी कई फोटोज शेयर करते हुए अमिताभ ने बताया कि ये सारी तस्वीरें उनके फैंस ने तैयार की हैं। इन फोटोज में अमिताभ अलग-अलग जगहों पर लैपटॉप पर काम करते हुए नजर आ रहे हैं। फोटोज शेयर करते बिग बी ने लिखा- ये आश्चर्यजनक है न।