नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद डोनाल्ड ट्रम्प सरकार चलाने के लिए अपनी टीम का गठन करने में जुटे हैं। कुछ पदों पर नियुक्तियों के बाद उन्होंने टेस्ला चीफ इलॉन मस्क और भारतवंशी उद्योगपति विवेक रामास्वामी को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। मस्क और रामास्वामी को डिपार्टमेंट आॅफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी विभाग का नेतृत्व करेंगे। ये एक नया विभाग है, जो सरकार को बाहर से सलाह देगा। डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे लेकर बयान जारी किया है। ट्रम्प ने कहा मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि ये दोनों अद्भुत अमेरिकी मेरे प्रशासन के लिए नौकरशाही को खत्म करने, फिजूलखर्ची में कटौती करने, गैरजरूरी नियमों को खत्म करने और संघीय एजेंसियों के पुनर्गठन का काम करेंगे। ये हमारे सेव अमेरिका एजेंडे के लिए जरूरी है।
झारखंड विधानसभा चुनाव के फर्स्ट फेज में मंगलवार को 15 जिलों की 43 सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है। सुबह 11 बजे तक 29.31% मतदान हुआ। अब तक सबसे ज्यादा सिमडेगा जिले में 15% और सबसे कम पूर्वी सिंहभूम जिले में 11.25% वोट पड़े हैं। खास बात है कि आदिवासी रिजर्व सीटों पर मतदान ज्यादा है। वहां सुबह से ही बूथों पर लंबी कतार देखी जा रही है। इसमें महिलाएं ज्यादा हैं, जबकि रांची-जमशेदपुर शहरी इलाके में वोटिंग की रफ्तार धीमी है। झारखंड के फर्स्ट फेज में पूर्व सीएम चंपाई सोरेन, उनका बेटा बाबूलाल सोरेन, पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा, मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा, रघुवर दास की बहू पूर्णिमा साहू, मंत्री मिथिलेश ठाकुर, मंत्री रामेश्वर उरांव, रांची विधायक सीपी सिंह और जेएमएम की राज्यसभा सांसद महुआ माजी चुनाव लड़ रही हैं। राज्य की 81 विधानसभा सीटों में बाकी बची 38 सीटों पर 20 नवंबर को वोटिंग होगी। 29 सीट जीता था इंडिया- जिन 43 सीटों पर वोटिंग हो रही है, पिछले चुनाव नतीजों (2019) को देखा जाए तो यूपीए (वर्तमान में इंडी ब्लॉक) ने 29 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
इंदौर। बायपास के कंट्रोल एरिया को लेकर 275 आपत्तियां मिली थीं, जिनकी सुनवाई आज से वैसे ही होगी, जैसे मास्टर प्लान के दावे-आपत्ति की सुनवाई होती है। सुनवाई 13, 14 और 20 नवंबर को होगी। सिर्फ बायपास ही नहीं, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट एरोड्रम थाने से लेकर छोटा बांगड़दा पंचायत और कुशवाह नगर से सुपर कॉरिडोर के बीच सड़क की चौड़ाई को लेकर भी सुनवाई होगी। इसका फायदा नगर निगम को बायपास पर 405 करोड़ की फोरलेन सर्विस रोड बनाने और अन्य सड़कों के विस्तार में मिलेगा। कंट्रोल एरिया प्लान अधिसूचना का प्रकाशन तीन महीने पहले हुआ था। इसके बाद बायपास की चौड़ाई राऊ सर्कल से राऊखेड़ी सेंट्रल पॉइन्ट (मांगलिया) तक 200 से बढ़ाकर कर 345 फीट हो जाएगी। दोनों ओर 148-148 फीट कंट्रोल एरिया बढ़ाया है। इसमें 73.8 फीट हिस्सा सड़क विस्तार के लिए आरक्षित रखा जाएगा। वहीं 73.8 फीट का बड़ा हिस्सा बायपास का कंट्रोल एरिया तो रहेगा, लेकिन उसका उपयोग मिश्रित होगा। मतलब, वहां दूसरी कारोबारी गतिविधियां हो सकेंगी। टीएंडसीपी के अफसरों के अनुसार कंट्रोल एरिया को लेकर 275 आपत्तियां मिली थीं। जिनकी सुनवाई आज से शुरू होगी। चूंकि मौजूदा सड़क से 45 मीटर की दूरी बहुत ज्यादा हो जाती है, जिसकी वजह से कारोबार को नुकसान होता है, इसीलिए 73.8 फीट सड़क सर्विसेस के लिए रखी है, बाकी मिश्रित कारोबारी गतिविधियों के लिए।
छोटा बांगड़दा रोड मप्र नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 23 की उपधारा (2) के तहत 23 सितंबर 2024 को एरोड्रम थाने से लेकर सत्य सरोज वाटिका (छोटा बांगड़दा) की चौड़ाई बढ़ाकर 100 फीट कर दी गई है। अब तक सड़क की चौड़ाई 60 से 100 फीट थी। कुशवाह नगर-सुपर कॉरिडोर टीएनसीपी डायरेक्टरेट ने 6 सितंबर 2024 को टिगरिया बादशाह मेन रोड से कुशवाह नगर होते हुए उज्जैन नाका बाणगंगा तक के उपांतरण की घोषणा की थी। टीएनसीपी ने इस सड़क की चौड़ाई भी बढ़ाकर 30 मीटर कर दी है। मतलब 100 फीट। अब तक सड़क की चौड़ाई कम-ज्यादा थी, अव्यवस्थित भी। ये कमेटी करेगी सुनवाई…. 9 दिसंबर 2021 को नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मप्र नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 17-क के तहत इंदौर विकास योजना से जुड़े मुद्दे की सुनवाई के लिए समिति गठित की है। इसमें अध्यक्ष (महापौर इंदौर, अध्यक्ष नगर पंचायत राऊ, अध्यक्ष नगर पंचायत हातोद, अध्यक्ष जिला पंचायत), सांसद, सभी विधायक, अध्यक्ष आईडीए, सभी जनपद पंचायत अध्यक्ष और हर उस गांव का सरपंच जो गांव उपांतरण से प्रभावित हैं, शामिल किए गए हैं। इनके अलावा कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, डायरेक्टर टेक्निकल मेट्रो, डायरेक्टर एअरपोर्ट के साथ ही आईटीपीआई, आईईआई और आईईए के सदस्य भी शामिल हंै। संयोजक टीएनसीपी के संयुक्त संचालक शुभाशीष बेनर्जी हैं।
ताकि जमीन मिलने में न आए दिक्कत कंट्रोल एरिया में मिक्स लेन का प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि उपांतरण के अंतिम प्रकाशन के बाद जमीन मालिकों से अनुबंध कर जमीन ली जा सके। सरकार की इस पहल से बायपास के दोनों ओर सर्विस लेन फोरलेन हो जाएगी, जो वर्तमान में टू-लेन है। माना जा रहा है कि मिश्रित लेन का फायदा उन जमीन मालिकों को टीडीआर के रूप में मिलेगा, जिनकी जमीनें सड़क विस्तार में शामिल होना हैं। 73.8 फीट सड़क के लिए आरक्षित भूमि मेट्रो ट्रैक, स्टॉर्म लाइन, अंडर ग्राउंड एसेसरीज डक्ट आदि के लिए ली जा सकेगी।
सर्विस रोड का रास्ता साफ नगर निगम बायपास के दोनों ओर फोरलेन सर्विस रोड बनाना चाहता है। इसके लिए 405 करोड़ के टेंडर मंजूर हो चुके हैं। रूपांतरण के बाद फोरलेन का रास्ता साफ हो चुका है। इससे बायपास के आसपास हो रहे कॉलोनाइजेशन से बढ़ रहे यातायात दबाव से राहत मिलेगी। अभी 32 किलोमीटर लम्बे बायपास पर दोनों तरफ टू-लेन सर्विस रोड है।
10 राज्यों की 31 विधानसभा और केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर बुधवार सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई है। इनमें मप्र की विजयपुर और बुधनी सीट भी शामिल हैं। बुधनी में बुधवार को केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान और उनके परिवार ने भी वोट किया। रिजल्ट 23 नवंबर को आएगा। केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा का मुकाबला भाजपा की नव्या हरिदास और लेफ्ट के सत्यन मोकेरी से है। प्रियंका वायनाड में एक बूथ पर पहुंचीं और लोगों से मिलीं। उन्होंने कहा कि वायनाड के लोगों ने मेरे भाई राहुल को प्यार दिया है। वे मुझे भी अपनी सेवा का मौका देंगे। उधर, पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले के सीताई सीट से भाजपा कैंडिडेट दीपक कुमार रॉय ने कहा टीएमसी के बदमाश वोटर्स को डरा रहे हैं। कई मतदान केंद्र खाली हैं। पुलिस टीएमसी की मदद कर रही है। रिकॉर्ड मतों से जीतेंगे : शिवराज चौहान की परम्परागत सीट बुधनी से बीजेपी ने रमाकांत भार्गव को मौका दिया है। उनका मुकाबला कांग्रेस के डॉ. राजकुमार पटेल से है। भार्गव 2019 में सांसद रहे हैं। वहीं पटेल 1993 में बुधनी से विधायक रह चुके हैं। शिवराज सिंह चौहान ने अपना वोट डालने के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि भार्गव रिकार्ड मतों से जीतेंगे।
कहां कितनी वोटिंग 9 बजे तक 11 बजे तक विजयपुर 17.86 38.26 बुधनी 16.90 36.00 राज्यवार चुनाव स्थिति राज्य सीट मतदान राजस्थान 7 20.43 से 28.97 प.बंगाल 6 25.17 से 32.00 असम 5 24.65 से 32.90 बिहार 4 19.60 से 24.81 कर्नाटक 3 25.96 से 27.02 मध्यप्रदेश 2 36.00 से 38.26 छत्तीसगढ़ 1 18.73 गुजरात 1 24.39 केरल 1 29.36 मेघालय 1 37.50 कुल 31 सीट
सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकारें न्यायाधीश नहीं बन सकतीं। किसी भी कानून व्यवस्था के तहत कार्रवाई करने से पहले उचित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
बुलडोजर कार्रवाई पर रोक: कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई राज्य सरकारों द्वारा बिना न्यायिक आदेश के नहीं की जा सकती।
प्राकृतिक न्याय का पालन: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी संपत्ति तोड़े जाने से पहले सुनवाई का अधिकार मिलना चाहिए। यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है, अगर बिना सुनवाई के कार्रवाई की जाती है।
प्रशासनिक फैसले न्यायिक तरीके से किए जाएं: अदालत ने यह भी कहा कि प्रशासन को अपने फैसले लेने में स्वतंत्रता है, लेकिन उसे न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना होगा।
अवैध निर्माणों पर कार्रवाई: सुप्रीम कोर्ट ने माना कि अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जरूरत है, लेकिन यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होनी चाहिए, न कि मनमाने तरीके से।
राज्य सरकारों को दी सलाह: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को यह सलाह दी कि वे अवैध निर्माणों को हटाने के लिए उचित प्रक्रिया अपनाएं और इसे न्यायिक समीक्षा से बचाने के लिए कार्रवाई करें।
दूसरे राज्य की कार्रवाई पर भी ध्यान: कोर्ट ने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति को उचित समय और मौका देना जरूरी है, ताकि वे अपने पक्ष को रख सकें।
सुनवाई का अधिकार: कोर्ट ने यह भी कहा कि जो लोग प्रभावित हो रहे हैं, उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिलना चाहिए।
संविधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने संविधानिक सिद्धांतों और मानवाधिकारों का उल्लंघन करने से बचने की आवश्यकता पर बल दिया।
कानूनी प्रक्रिया का पालन: अंत में, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बुलडोजर जैसी कार्रवाइयों में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए और इसे न्यायिक आदेश से ही संचालित किया जाना चाहिए।