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सारे मुख्य मार्ग गड्ढों में बदल गए

शहर में बारिश ने जुलाई माह का पिछला रिकॉर्ड तोड़ा है तो इस बारिश में शहर की तमाम सड़कों को गड्ढों में भी तब्दील कर दिया। उन इलाकों में हालत अधिक खराब है, जहां निरंतर वाहनों का दवाब बना रहता है। बायपास और रिंग रोड को जोड़ने वाले मार्गों पर इस कदर गड्ढे हैं कि भारी वाहन भी हिचकोले लेते चलते हैं और अन्य वाहन चालक इनसे बचते बचाते चलते हैं।

इमली बाजार से मरीमाता मार्ग के आधे हिस्से में गड्ढे, निर्माण अधूरा होने से बारिश में मुसीबत बढ़ गई है। अतिक्रमण व बाधक निर्माण हटाने में भी देरी हुई है। जगह-जगह गड्ढे हैं। इससे एमजी रोड और सुभाष मार्ग पर ट्रैफिक का लोड भी कम होगा। भंवरकुआं से तेजाजी नगर सड़क और दूसरी है इमली बाजार से मरीमाता चौराहा तक बनने वाली रोड। दोनों प्रोजेक्ट करीब 6 माह लेट हो चुके हैं। बारिश में अधूरा निर्माण आम लोगों के लिए परेशानी साबित हो रहा है। महापौर यदि अपनी टीम के साथ इन मार्गों का भ्रमण करें, तो ही उन्हें समझ आ सकता है कि वाहन चालक किन परेशानियों का सामना कर रहे हैं। यातायात पुलिस ने भी संज्ञान लेकर नगर निगम को बदहाल सड़कों की जानकारी देने का कोई प्रयास नहीं किया है।

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पुणे: मोदी में देख लिया राजीव गांधी को, पॉवर और पवार साथ में

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने पूर्व पीएम राजीव गांधी की तुलना मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। अजित ने कहा, राजीव गांधी को ‘मिस्टर क्लीन’ के नाम से जाना जाता था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी वही इमेज है।
पिछले महीने एनसीपी को तोड़कर भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल होने वाले पवार ने मंगलवार को पुणे में एक कार्यक्रम में यह बात कही। पवार ने आगे कहा, हम पिछले 9 साल से पीएम मोदी का काम देख रहे हैं। इंटरनेशनल लेवल पर मोदी जैसी लोकप्रियता वाला कोई दूसरा नेता नहीं है। बुनियादी ढांचे के मामले में उन्होंने जो काम किया है, उसे देखिए, भारत को दुनिया में अलग तरह का सम्मान मिलता है। अजित ने यह भी कहा, इंदिरा गांधी को भी इसी तरह का सम्मान मिलता था, जब वह दूसरे देशों का दौरा करती थीं।

मोदी ने सम्मान राशि नमामि गंगे प्रोजेक्ट को समर्पित की……………

मोदी लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित, बोले- पुरस्कार राशि गंगा को समर्पित कर रहा हूं। सबसे पहले मोदी ने दगड़ूशेठ हलवाई मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद वो एसपी कॉलेज मैदान पहुंचे, जहां उन्हें तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट की ओर से लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एनसीपी चीफ शरद पवार बतौर चीफ गेस्ट मौजूद रहे। मंच पर पीएम मोदी के एक तरफ शरद पवार, तो दूसरी तरफ उनके भतीजे अजित पवार बैठे नजर आए। पीएम ने कहा कि आज मैंने दगड़ूशेठ मंदिर में पूजा की। दगड़ूशेठ पहले व्यक्ति थे, जो तिलक के आह्वान पर गणेश प्रतिमा की स्थापना पर शामिल हुए थे। यह सम्मान अविस्मरणीय है। जो संस्थान सीधे तौर पर तिलकजी से जुड़ा हो, उससे लोकमान्य तिलक सम्मान सौभाग्य की बात है। अवॉर्ड के साथ जो धनराशि मुझे दी गई है, वो गंगा जी को समर्पित कर रहा हूं। नमामि गंगे परियोजना के लिए इसे दान देने का फैसला लिया है।

दिल्ली में सुबह-सुबह मंडी पहुंच गए राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार अलसुबह दिल्ली की आजादपुर मंडी पहुंचे। यहां उन्होंने सब्जियों-फलों के बढ़ते दाम को लेकर विक्रेताओं से बात की और उनकी समस्याएं पूछीं इस दौरान दुकानदार उन्हें घेरे दिखाई दिए। तीन दिन पहले राहुल गांधी ने एक मीडिया चैनल का वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया था।

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अब तक हो चुका 10 करोड़ का नुकसान

दिल्ली में अफसरों की पोस्टिंग-ट्रांसफर पर नियंत्रण से जुड़ा विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पेश किया गया। इस पर सदन में विपक्षी नेताओं ने हंगामा किया और शेम-शेम के नारे लगाए। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी बोले- ये बिल संविधान का उल्लंघन है, सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदलने की कोशिश है। अमित शाह ने कहा कि संविधान संसद को दिल्ली के लिए कानून बनाने की अनुमति देता है। बिल के खिलाफ जो बयान दिए जा रहे हैं, वो सिर्फ राजनीतिक हैं, उनका कोई आधार नहीं है। इस बिल का नाम गवर्नमेंट आॅफ नेशनल कैपिटल टेरिटरी आॅफ दिल्ली (अमेंडमेंट) बिल 2023 है। इसे गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने सदन में पेश किया। 25 जुलाई को इस अध्यादेश को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। इसे लेकर आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्‌ढा ने कहा कि इससे दिल्ली में लोकतंत्र ‘बाबूशाही’ में तब्दील हो जाएगा। सरकार की सारी शक्तियां छीनकर भाजपा के नियुक्त किए गए एलजी को दे दी जाएंगी।

20 जुलाई से एक दिन भी सदन पूरे समय नहीं चला
मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर संसद में विपक्ष और सरकार के बीच रोज हंगामा हो रहा है। इसकी वजह से 20 जुलाई से शुरू हुआ मानसून सत्र एक भी दिन ठीक से नहीं चल पाया। अनुमान है कि इस अवधि में करीब 10 करोड़ का नुकसान हो चुका है। सदन की एक दिन की कार्रवाई पर करीब 1 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। सरकार और विपक्ष में समन्वय बन जाता तो संसद में गतिरोध की स्थिति नहीं बनती। विपक्ष और सरकार दोनों एक-दूसरे को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

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Haryana Nuh Violence Live: हिंसा में छह की मौत, 41 FIR और 116 गिरफ्तार; दिल्ली समेत देशभर में VHP का प्रदर्शन

Haryana Nuh Violence Live News in Hindi: नूंह में जलाभिषेक यात्रा के दौरान भड़की हिंसा की आग हरियाणा के कई शहरों में पहुंच गई है। हिंसा में छह लोगों की मौत हो गई है। नूंह में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। आरोपियों की धरपकड़ व शांति के लिए अर्धसैनिक बलों की 20 व पुलिस बल की 20 कंपनियां तैनात की गई हैं। नूंह में कर्फ्यू जारी है। आसपास के शहरों में धारा 144 लगाई गई है। हरियाणा के पलवल, सोहाना, मानेसर और पटौदी में इंटरनेट बंद है। विश्व हिंदू परिषद ने हिंसा के विरोध में आज देशव्यापी प्रदर्शन भी बुलाया है। हरियाणा में हिंसा को देखते हुए यूपी के 11 जिलों में अलर्ट किया गया है। मामले में डेढ़ हजार से अधिक लोगों के खिलाफ तीस एफआईआर दर्ज की हैं।

घटना बड़ी प्रशासनिक विफलता है: दीपेंद्र एस.हुड्डा

हरियाणा के सांसद दीपेंद्र एस.हुड्डा ने कहा कि नूंह में जो घटना घटी है वह बड़ी प्रशासनिक विफलता है। अगर सरकार समय पर सतर्कता लेती, पुलिस प्रशासन तैनात किया जाता तो यह घटना टाली जा सतकी थी। जो उपमुख्यमंत्री (दुष्यन्त चौटाला) और केंद्रीय MoS मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का बयानों में भी प्रशासनिक विफलता की बात है।

यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है-फरीदाबाद सांसद

केंद्रीय मंत्री और फरीदाबाद के सांसद कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है… स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और हमने उपद्रवियों को संदेश भेज दिया है कि जो भी कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी… हर साल शांतिपूर्वक ढंग से शोभा यात्रा होती है और ऐसी कोई घटना पहले नहीं हुई है, यह पहली बार है कि यात्रा पर हमला किया गया है।

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CPEC: चीन के गले की फांस बना सीपेक

चीन और पाकिस्तान सीपेक (CPEC) के दस साल पूरे होने पर भले ही एक दूसरे को बधाइयां दे रहे हैं, लेकिन वास्तव में यह अतिमहात्वाकंक्षी परियोजना चीन के गले की फांस बन गयी है। चीन के उपप्रधानमंत्री ही लिफेंग रविवार को इस्लामाबाद पहुंचे तो थे अपनी दोस्ती और परियोजना के प्रति अपनी वचनबद्धता निभाने के लिए, लेकिन परदे के पीछे उन्होंने आतंकवाद की भेंट चढ़ रही इस परियोजना पर अपनी चिंता भी जतायी। 62 अरब डॉलर के निवेश वाली इस परियोजना में चीन पैसे के साथ अपने लोगों को भी खोता जा रहा है। उसके दर्जनों नागरिक पाकिस्तान में आंतकवाद का शिकार बन चुके हैं।

चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर, जो सीपेक के नाम से ज्यादा मशहूर है, 2013 में शुरू हुआ। यह चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का हिस्सा है। प्रारंभ में इसकी लागत 46 अरब डॉलर आंकी गई थी, लेकिन बाद में इसका बजट बढ़ाकर 62 अरब डॉलर तय कर दिया गया। चीन और पाकिस्तान ने इस परियोजना को गेम चेंजर के रूप में प्रचारित किया, लेकिन समय बीतने के साथ यह परियोजना पाकिस्तान के लिए आर्थिक संकट तो चीन के लिए आर्थिक के साथ-साथ मानवीय संकट का पर्याय बन गई है।

सीपेक पश्चिमी चीन के खुनजेराब से लेकर पाकिस्तान के ग्वादर तक हाईवे, रेलवे और एनर्जी पाइपलाइन की परियोजना है। उसमें सबसे महत्वपूर्ण ग्वादर पोर्ट है, जिसे चीन ने दूसरा दुबई बनाने के सपने के साथ शुरू किया था। लेकिन अभी तक पाकिस्तान को इससे कोई फायदा नहीं मिला है। उल्टे महंगे कर्ज और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी के कारण बिजली और गैस महंगी ही होती चली जा रही है। यह सपना अब भयानक हकीकत में बदलने लगा है।

सीपेक पश्चिमी चीन के खुनजेराब से लेकर पाकिस्तान के ग्वादर तक हाईवे, रेलवे और एनर्जी पाइपलाइन की परियोजना है। उसमें सबसे महत्वपूर्ण ग्वादर पोर्ट है, जिसे चीन ने दूसरा दुबई बनाने के सपने के साथ शुरू किया था। लेकिन अभी तक पाकिस्तान को इससे कोई फायदा नहीं मिला है। उल्टे महंगे कर्ज और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी के कारण बिजली और गैस महंगी ही होती चली जा रही है। यह सपना अब भयानक हकीकत में बदलने लगा है।

चीन ने पाकिस्तान में इस परियोजना के लिए 25 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष निवेश किया है। 1,000 किलोमीटर सड़क और 6,000 मेगावाट की बिजली परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो गया। लेकिन यह निवेश पाकिस्तान के लिए फायदे की बजाय बर्बादी का कारण बन गया। पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा इस्लामाबाद इस परियोजना के लिए कर्ज पर कर्ज लेता चला गया। पाकिस्तान पर लभगग 100 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज है, उसमें से एक तिहाई से अधिक चीन से लिया गया कर्ज है। हालात यहां तक पहुंच गए कि पाकिस्तान के डिफाॅल्ट होने का खतरा उत्पन्न हो गया। चीन ने अपने कर्ज को वसूल न करके उसे रोल ओवर कर दिया है, पर उसे माफ नहीं करने वाला है। यानी आने वाले दिनों में चीनी कर्ज में और इजाफा ही होने वाला है।

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