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UP News: झांसी मेडिकल कॉलेज अग्निकांड पर बड़ी कार्रवाई, प्रधानाचार्य को हटाया, तीन निलंबित किए गए

हिंदुस्तान मेल झाँसी

झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में हुए अग्निकांड में 18 शिशुओं की मौत के मामले में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बड़ी कार्रवाई की है। डिप्टी सीएम के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज के प्रधानाचार्य को हटा दिया गया है, साथ ही कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को आरोप पत्र जारी किया गया है और तीन अन्य को निलंबित किया गया है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि झांसी मेडिकल कॉलेज में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना को लेकर सरकार बेहद संवेदनशील है। पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक किंजल सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह सेंगर को उनके पद से हटा दिया गया है और उन्हें चिकित्सा शिक्षा विभाग के महानिदेशालय से संबद्ध किया गया है। इसके अलावा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन माहुर को आरोप पत्र दिया गया है, और कॉलेज के अवर अभियंता (विद्युत) संजीत कुमार, एनआईसीयू वार्ड की नर्सिंग सिस्टर इंचार्ज संध्या राय और मेडिकल कॉलेज की प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुनीता राठौर को तत्काल निलंबित कर आरोप पत्र जारी किया गया है।

इसके साथ ही, कमिश्नर स्तर से भी जांच के आदेश दिए गए हैं। कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओम शंकर चौरसिया, सर्जरी विभाग के सह-आचार्य डॉ. कुलदीप चंदेल और विद्युत प्रभारी अधिकारी को आरोप पत्र जारी कर उनकी भूमिका की जांच के लिए मण्डलायुक्त झांसी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

यह घटना 15 नवंबर को झांसी स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू वार्ड में हुई थी, जिसमें आग लगने से 18 बच्चों की मृत्यु हो गई थी। हादसे के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक घटनास्थल पर पहुंचे थे और पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी थी, साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

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संभल हिंसा में सनसनीखेज खुलासा: अफसरों के सामने महिलाओं ने किया था पथराव, निशाने पर थे डीआईजी-डीएम और एसपी

संभल हिंसा में डीआईजी, डीएम और एसपी पर महिलाओं और अन्य उपद्रवियों द्वारा सुनियोजित तरीके से पथराव किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन वीडियो के जरिए हमलावरों के चेहरे की पहचान करना शुरू कर दिया है। बवाल से पहले सीसीटीवी कैमरे तोड़े जाने से घटना की योजनाबद्धता का संकेत मिल रहा है।

संभल हिंसा के बाद जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पीआरओ और दो अन्य सिपाहियों पर हमले की सूचना पर पहुंचे डीआईजी, डीएम और एसपी पर पहले महिलाओं ने पथराव किया था, उसके बाद अन्य लोगों ने भी पत्थर फेंके थे।

अधिकारियों ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि जब वे हिंदूपुरा खेड़ा में अपनी फोर्स के साथ पहुंचे, तो तीन महिलाओं ने छतों से पुलिस पर पथराव किया। इसके अलावा अन्य लोग भी छतों से पत्थर फेंक रहे थे, जिसके कारण तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। एसपी ने यह भी बताया कि कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी के डीवीआर भी गायब थे।

एसपी ने आगे कहा कि उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने 11 वीडियो जारी किए हैं, जिनमें से पांच ड्रोन कैमरे, तीन अन्य कैमरे और तीन सीसीटीवी कैमरे के वीडियो हैं। इन वीडियोज में उपद्रवी सीसीटीवी कैमरे तोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। इन कैमरों में कैद कुछ उपद्रवियों के चेहरे साफ दिख रहे हैं, जबकि कुछ ने मास्क पहन रखे हैं। ये उपद्रवी पहले कैमरों को तोड़ते हैं और फिर बवाल मचाते हैं। ड्रोन कैमरे को भी तोड़ने के लिए पथराव किया गया, लेकिन पत्थर कैमरे तक नहीं पहुंचे। अलग-अलग वीडियो में अलग-अलग चेहरे दिखाई दे रहे हैं, और ये वीडियो जामा मस्जिद के आसपास के इलाके के हैं।

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निगम ने बना रखा है सड़क किनारे कबाड़खाना…

अधिकारियों का तर्क:निगम का गोदाम फुल है इसलिए वहां रखा सामान

हिन्दुस्तान मेल, इंदौर
देश के सबसे स्व्च्छ शहर इंदौर को नगर निगम द्वारा ही गंदा किया जा रहा है। दरसअल शहर में अवैध अतिक्रमण के नाम पर नगर निगम की टीम द्वारा जो ठेले, गुमटियों, बैनर-पोस्टर, होर्डिंग आदि को जब्त किया जाता है उसे बजाय सही स्थान पर रखने के निगम द्वारा स्नेहलतागंज क्षेत्र में न्यू सियागंज से आगे राजकुमार ब्रिज के पास पटक दिया जाता है। इससे ना सिर्फ शहर की सुंदरता समाप्त हो रही है बल्कि गंदगी भी फैल रही है। वहीं सड़क का अधिकांश हिस्सा ठेले और गुमटियों ने घेर रखा है जिसके चलते यातायात भी प्रभावित होता है। इन सामनों के कारण यह जगह कबाड़खाना जैसी लगती है।
बहरहाल अब इन जब्त सामानों को नीलाम करने की तैयारी निगम द्वारा की जा रही है। जो सामान वहां पड़े हैं उनकी सूची तैयार की जा रही है। निगम अधिकारियों का कहना है कि नीलामी के बाद वहां पड़ा सामान हट जाएगा।

नया गोदाम बनाना है

8000 करोड़ से अधिक के बजट वाला इंदौर नगर निगम अनेक कामों पर करोड़ों रुपए पानी की तरह खर्च कर देता है। लेकिन विडंबना है कि निगम के पास पैसों की कमी नहीं होने के बावजूद वह इन जब्त गुमटियों, ठेलों और होर्डिंग पोस्टरों के लिए गोदम तक नहीं बना पा रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों का तर्क है कि वर्तमान में जो गोदाम है वह पूरा भरा हुआ है। नया सामान वहां नहीं रखा जा सकता। अधिकारियों का कहना है कि निगम इन सामनों को रखने के लिए नया गोदाम बनाने की तैयारी कर रहा है लेकिन यह बात काफी लंबे समय से कही जा रही है और लगता है कि गोदाम बनाने की बात सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। शहर को साफ-स्वच्छ रखने के चक्कर में नगर निगम का यह दोहरा रवैया है। कर्मचारी जगह-जगह लगे अवैध बैनर, पोस्टर, होर्डिंग को निकाल तो देते हैं, लेकिन इनके निपटारे का ठीक से इंतजाम नहीं करते। ऐसे कई सारे बैनर पोस्टर, होर्डिंग की स्नेहलतागंज क्षेत्र में न्यू सियागंज से आगे राजकुमार ब्रिज के पास पटक दिया जाता है। निगम अफसरों का कहना है कि उसके गोदाम में जगह नहीं बची। इसलिए जब्त सामान सड़क किनारे रखना पड़ता है।

रहवासी बोले- यह निगम का अतिक्रमण


यहां रहने वाले लोागों का निगम के प्रति काफी आक्रोश है। रहवासियों का कहना है कि एक तरफ तो निगम शहर में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर वाह-वाही लूटता हैं वहीं दूसरी तरफ निगम खुद यहां अतिक्रमण कर रहा है। रहवासियों का कहना है कि शहरभर से जब्त सामान को यहां पटकने से यह क्षेत्र कबाड़खाना जैसा लगता है। इससे गंदगी भी फैलती है। इस संबंध में कई बार शिकायत की लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।

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गया था मेला देखने, वहां से 5 करोड़ साल पुराना जीवश्म चुरा लाया

नोएडा, एजेंसी
उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक शख्स को भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के स्टॉल से पांच करोड़ साल पुराना जीवाश्म चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, राजधानी दिल्ली में भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2024 में जीएसआई ने भी स्टॉल लगाया था। यहां भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के स्टॉल पर पांच करोड़ साल पुराना गैस्ट्रोपॉड जीवाश्म भी रखा था, जो कि चोरी हो गया था।

पुलिस के मुताबिक 21 नवंबर को मंत्रालय के माइंस पैवेलियन के हॉल नंबर चार में जीवाश्म चोरी की घटना हुई थी। पुलिस ने बताया 5 करोड़ साल पुराने जीवाश्म चोरी करने के आरोपी की पहचान के लिए घटनास्थल और आसपास के स्टॉल, मंडप और हॉल के 100 से भी ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए थे। इसके बाद आरोपी की पहचान की गई। फिर सूचना के सहारे पुलिस की टीम ने छापेमारी कर के नोएडा के सेक्टर 22 में आरोपी को अरेस्ट किया। आरोपी की पहचान 49 वर्षीय मनोज कुमार मिश्रा के तौर पर हुई है।

आरोपी के पास से जीवाश्म बरामद
पूछताछ में आरोपी मनोज कुमार मिश्रा ने चोरी की बात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किया गया गैस्ट्रोपॉड जीवाश्म बरामद भी कर लिया है। आरोपी नोएडा के एक फाइव स्टार होटल का कर्मचारी है। आरोपी विभिन्न कला रूपों में गहरी रुचि रखता है। इसी कारण मेले में आता रहता है।

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मोहन ने मोहा ब्रिटेन करीबियों का मन..

इंदौर। मुख्यमंत्री मोहन यादव इन दिनों अपने प्रशासनिक नवरत्नों के साथ यूके यात्रा पर हैं। किसी मल्टीनेशनल कंपनी के सीईओ की तरह वे वहां कारोबारियों के बीच मप्र की ब्रांडिंग-मार्केटिंग कर रहे हैं, ताकि वहां के पूंजीपति मप्र में निवेश करें। प्रदेश का औद्योगिक विकास हो। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलें। उन्होंने अपनी गारंटी देते हुए कहा कि आप एक बार मप्र आकर देखें, आपका मन स्वयं ही कहेगा, यहां पैसा लगाना है।
2007 में जिस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की परम्परा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने रखी थी। उसे 2019-20 में सिर्फ 15 महीने सरकार चलाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी कायम रखा था। हालांकि उन्होंने नाम बदला था, मकसद नहीं। अब उसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए मप्र के औद्योगिक विस्तार के सपने आंखों में संजोकर डॉ. मोहन यादव यूके पहुंचे। कुर्ता-पायजामा और जैकेट जैसे परम्परागत राजनीतिक परिधान को छोड़कर डॉ. यादव युके में भारतीयों के बीच सूटबूट और गले में मफलर डाले कॉर्पोरेट लूक में नजर आए। उन्होंने वहां एग्रीकल्चर, रेडीमेड, गार्मेंट, आॅटोमोबाइल, हेल्थ, सोया इंडस्ट्री, हैंडलूम, टूरिज्म, आयरन, रिनुएबल एनर्जी, सीमेंट, लॉजिस्टिक, होटल्स और आईटी के साथ ही खनीज के क्षेत्र में मप्र की बढ़ती धाक बताई। बोले कि मप्र ऐसा राज्य है, जहां बड़े कारोबारी समूहों का विश्वास बढ़ा है। इसीलिए अब मप्र की गिनती पिछड़े राज्यों में नहीं होती, बल्कि देश के तेजी से संपन्न होते राज्यों में से एक है मप्र।
उनका कहना है कि मप्र जैसी लैंडबैंक भारत के दूसरे राज्य में नहीं है। प्रदेश का आर्थिक और औद्योगिक विकास तूफानी रफ्तार पकड़ चुका है। फिर चाहे किसी भी सेक्टर की बात कर लें। कृषि से लेकर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी तक में मप्र ने दूसरे राज्यों को अपना लोहा मनवाया है।
सरकार देगी आपका साथ
डॉ. यादव ने उद्योग नीति के साथ ही मप्र सरकार द्वारा उद्योगों को मुहैया कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। बताया कि गार्मेंट सेक्टर में हर लेबर पर 5 हजार रुपए महीना सरकार इंसेंटिव देगी। चार-छह महीने नहीं, 10 साल का कमिटमेंट होगा। अन्य सेक्टर्स की सुविधा-सहूलियत का भी ध्यान रखा जा रहा है।
यादगार होगी जीआईएस-2025
ब्रिटेन के बाद अब मुख्यमंत्री जर्मनी जाएंगे। ब्रिटेन के अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और विदेशों के कई निवेशक (विशेष रूप से ब्रिटेन और जर्मनी) हमारे राज्य में निवेश करने के इच्छुक हैं। मैं दावे से कहता हूं कि फरवरी में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यादगार होगी।
संविधान में विश्वास…
डॉ. मोहन यादव की गिनती फायर ब्रांड हिंदू नेता के रूप में होती है, लेकिन वे संविधान में विश्वास रखते हैं। संविधान दिवस पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके उन्होंने दोनों के गुणों को आत्मसात करने की अपील की।
भरोसेमंद टीम के साथ हैं यादव
मुख्यमंत्री अकेले यूके नहीं गए हैं। उनके साथ सीनियर आईएएस और सीएस लेवल के अधिकारी राजेश राजौरा, राघवेंद्र सिंह, संजय दुबे के साथ ही चंद्रमौली शुक्ला जैसे भरोसेमंद अफसर हैं।

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