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AAIB रिपोर्ट: उड़ान भरने के तीन सेकंड बाद ईंधन आपूर्ति हुई बंद, महज 29 सेकंड में गिरा विमान; जांच में हुआ बड़ा खुलासा

एएआईबी रिपोर्ट: टेकऑफ के तीन सेकंड बाद बंद हुई ईंधन आपूर्ति, 29 सेकंड में विमान क्रैश

नई दिल्ली (न्यूज़ डेस्क)। अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के विमान हादसे को लेकर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 12 जून को उड़ान भरते ही बोइंग 787-8 (फ्लाइट AI-171) की ईंधन आपूर्ति महज तीन सेकंड में बंद हो गई, जिसके चलते सिर्फ 29 सेकंड बाद विमान मेघाणीनगर क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

जांच में सामने आया है कि ईंधन सप्लाई रुकते ही दोनों इंजनों की पंखे की गति गिरने लगी थी। विमान में उस वक्त 54,200 किलोग्राम फ्यूल मौजूद था और टेकऑफ वजन 2,13,401 किलोग्राम था, जो अधिकतम अनुमत वजन 2,18,183 किलोग्राम से कम था। विमान ने टेकऑफ के दौरान 180 नॉट्स की अधिकतम गति प्राप्त की, उसी समय दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच अचानक ‘रन’ से ‘कटऑफ’ में बदल गए — इन दोनों स्विच में महज 1 सेकंड का अंतर रहा।

कॉकपिट रिकॉर्डिंग से मिले संकेत

रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर का हवाला देते हुए बताया गया कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “कटऑफ क्यों किया?”, जवाब मिला, “मैंने नहीं किया।” इससे संकेत मिलता है कि यह फ्यूल कटऑफ स्वचालित या तकनीकी खराबी के कारण हो सकता है, जिसे अब विस्तार से जांचा जा रहा है।

पायलटों ने इंजन को फिर से चालू करने की कोशिश की, जिसमें इंजन-1 ने गति पकड़ी, लेकिन इंजन-2 बार-बार प्रयास के बावजूद ठीक से शुरू नहीं हो सका।

रखरखाव में नहीं मिली खामी

जांच में सामने आया है कि विमान VT-ANB के थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल को 2019 और 2023 में बदला गया था, लेकिन इसका ईंधन कटऑफ से कोई संबंध नहीं मिला। वर्ष 2023 के बाद फ्यूल स्विच से जुड़ी कोई शिकायत भी दर्ज नहीं की गई थी।

फिलहाल AAIB ने ना तो B787-8 विमान और ना ही GE GEnx-1B इंजन को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी की है। जांच अब भी जारी है और अन्य तकनीकी दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है।

एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा है कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और रिपोर्ट से संबंधित सभी बिंदुओं पर नजर रखी जा रही है।

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वक्फ कानून पर ‘सुप्रीम’ सुनवाई: सरकार को जवाब देने के लिए सात दिन का समय, अगली तारीख तक यथास्थिति बनी रहेगी

वक्फ संशोधन अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए सात दिन का समय दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक मौजूदा स्थिति बनी रहे। अगली सुनवाई 5 मई को होगी।

सरकार की तरफ से दलील

सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में जमीनें वक्फ घोषित की गई हैं और इस पर कानूनी दावा किया गया है। उन्होंने कानून पर अंतरिम रोक लगाने को कठोर कदम बताया और कोर्ट से एक सप्ताह का समय मांगा ताकि प्रारंभिक जवाब और दस्तावेज पेश किए जा सकें। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दौरान न तो वक्फ बोर्ड और न ही काउंसिल में कोई नियुक्ति की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

कोर्ट ने कहा कि कानून में कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं, इसलिए इस पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब मामला विचाराधीन है, तब किसी भी तरह का बदलाव नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पहले से घोषित या पंजीकृत वक्फ संपत्तियों को न डीनोटिफाई किया जाएगा और न ही कलेक्टर कोई कार्रवाई करेंगे।

कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल के आश्वासन को रिकॉर्ड में लेते हुए निर्देश दिया कि सात दिनों के भीतर केंद्र सरकार अपना जवाब दाखिल करे।

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मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता पर विवाद: तेलंगाना में आयोजन को लेकर सियासी तूफान की वजह क्या, कांग्रेस क्यों घिरी?

दरअसल, तेलंगाना की प्रमुख पार्टी भारतीय राष्ट्र समिति (बीआरएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मिस वर्ल्ड का आयोजन तेलंगाना में कराए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। जहां सत्तासीन कांग्रेस का कहना है कि इस आयोजन से तेलंगाना वैश्विक नक्शे पर अपनी जगह बनाने में कामयाब रहेगा, वहीं विपक्ष का कहना है कि राज्य पहले ही आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा है। सरकार को पहले ही सरकारी कर्मियों की तनख्वाह देने और अहम खर्चे उठाने में मुश्किलें आ रही हैं, लेकिन कांग्रेस मिस वर्ल्ड के भव्य आयोजन के लिए भारी-भरकम रकम खर्च करने के लिए तैयार है।    

तेलंगाना सरकार मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता को राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने का अहम जरिया बताती रही है। मंगलवार को ही मौजूदा मिस वर्ल्ड क्रिस्टीना पिस्जकोवा ने तेलंगाना टूरिज्म का प्रचार करते हुए यदागिरीगुट्टा श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के बाहर अलग-अलग जगहों पर गुलाबी साड़ी में फोटो खिंचवाईं। इस पोस्ट में क्रिस्टीना ने लिखा, “यदागिरी गुट्टा मंदिर में आने से मुझे खुशी और शांति मिली। और यह सिर्फ शुरुआत है। मैं तेलंगाना और इसके छिपे हुए खजाने को देखने का इंतजार नहीं कर सकती।”

मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता पर सियासत क्यों शुरू हो गई?
तेलंगाना में मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के आयोजन पर बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने सबसे पहले मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की आलोचना की। उन्होंने तेलंगाना सरकार पर एक ब्यूटी पेजेंट के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित करने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पेंशन के भुगतान, सरकारी कर्मियों की तनख्वाह, कल्याणकारी योजनाओं के लिए वित्तीय प्रबंधन में लगातार देरी हो रही है और ‘जनता के पैसे’ को ब्यूटी कॉन्टेस्ट में लगाया जा रहा है।

कांग्रेस सरकार हमें यह मनवाना चाहती है कि तेलंगाना में सबकुछ ठीक है। जाहिर तौर पर उनके हिसाब से निवेश लगातार आ रहा है। कृषि क्षेत्र बढ़ रहा है। कल्याणकारी योजनाएं उच्चतम स्तर पर हैं और मुख्यमंत्री दिन में 18 घंटे काम कर रहे हैं। 

जिस मामले में कांग्रेस ने बिठाई केटीआर के खिलाफ जांच, उस पर क्या बोले?
इतना ही नहीं केटीआर ने तेलंगाना सरकार पर पाखंड करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता की तुलना अपनी सरकार के दौरान कराई गई फॉर्मूला-ई रेस से की, जो कि वैश्विक मोटरस्पोर्ट इवेंट के तौर पर प्रचारित किया गया था। कांग्रेस ने बाद में इस रेस के आयोजन में ज्यादा वित्तीय खर्च का हवाला देते हुए इसे रद्द कर दिया था।

केटीआर ने कहा, “अगर फॉर्मूला-ई रेस को पैसों की बर्बादी कहा गया, तो अब एक ब्यूटी कॉन्टेस्ट पर उसके मुकाबले चार गुना खर्च कैसे न्यायसंगत हो गया? हैदराबाद में ई-रेस के लिए 46 करोड़ रुपये खर्च करना गलत था और इसके चलते मुझ पर केस दर्ज किए जा रहे हैं। लेकिन मिस वर्ल्ड के लिए 200 करोड़ खर्च करना ठीक है। यह कैसा भ्रष्ट तर्क है?” 

गौरतलब है कि फॉर्मूला-ई रेस को लेकर केटीआर पर कांग्रेस सरकार ने जांच बिठाई है। उनके खिलाफ आर्थिक अनियमितता के आरोप में भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) की जांच चल रही है। केटी रामा राव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चुनौती देते हुए इस पर जवाब मांगा।

विपक्ष ने चुनावी वादों को लेकर कांग्रेस को घेरा
गौरतलब है कि बीआरएस लगातार राज्य की कांग्रेस सरकार को वित्तीय योजनाओं के मसले पर घेर रही है। विपक्ष का आरोप है कि कांग्रेस ने 2023 के चुनावी अभियान के दौरान वादे किए थे, वह उन्हें पूरा नहीं कर पा रही है। फिर चाहे वह किसानों की कर्ज माफी का वादा हो या लोक कल्याण से जुड़ी योजनाएं। बीआरएस का कहना है कि कांग्रेस सरकार उन कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है, जिससे लोगों को सीधे तौर पर कोई फायदा नहीं होता। 

इसी मंगलवार को जब तेलंगाना विधानसभा में बजट पेश किया गया, तब बीआरएस के सांसदों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ सांसद सूखी हुई फसलें लेकर सदन में पहुंचे थे और उन्होंने इसे कांग्रेस-निर्मित सूखा करार दिया था। बीआरएस ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के आयोजन का भी विरोध किया था और परेशान किसानों को 25 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने की मांग उठाई थी।

कांग्रेस ने कैसे किया पलटवार?
बीआरएस के इन आरोपों पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पलटवार किया। उन्होंने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता आयोजित करने का बचाव करते हुए राज्य के पूर्व सीएम और बीआरएस नेता के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर तेलंगाना को दिवालिया करने का आरोप लगाया। रेड्डी ने कहा कि बीआरएस की पूर्व सरकार की वजह से कांग्रेस सरकार को हर महीने कर्ज पर सिर्फ ब्याज के तौर पर 1.53 लाख करोड़ रुपये चुकाने होते हैं। सीएम ने कहा कि अगर इतनी बड़ी रकम बचा ली जाती तो सरकार सबके लिए घर बना सकती थी। किसानों के साथ 70 लाख और लोगों के कर्ज माफ किए जा सकते थे।


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गणतंत्र दिवस की परेड में दिखेगा मप्र का गौरव

हिन्दुस्तान मेल, भोपाल


इस बार गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी को नई दिल्ली की परेड में चीता स्टेट (मप्र) का रसूख दिखेगा। मप्र के पास टाइगर स्टेट का दर्जा तो पहले से था, अब चीता स्टेट का दर्जा भी है। नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मुख्य आयोजन में प्रदेश की झांकी को चुना गया है। इसमें पहाड़ी क्षेत्र में चीते का आकर्षण देखते ही बन रहा है।
चीतों के मप्र में बसने की पूरी कहानी दिखाई गई है। झांकी के साथ श्योपुर का स्थानीय नृत्य लहंगी करता दल साथ चलेगा। झांकी के अग्रभाग में कूनो नेशनल पार्क में पुनर्स्थापित चीतों का जोड़ा और पुनर्वास के बाद कूनो में जन्मे नन्हे चीता शावकों को दिखाया गया है। झांकी के मध्यभाग में कूनो कल-कलकर बह रही है। इसके आसपास प्राकृतिक आवास में विचरते हुए हिरण, बंदर व अन्य जीव-जंतुओं को भी दिखाया गया है। प्रदेश की झांकी में यह भी बताने की कोशिश की गई है कि यह स्थान चीतों के लिए सुरक्षित है।
झांकी के मध्यभाग के पिछले हिस्से में पेड़ के नीचे चीतामित्र स्थानीय लोगों को चीता संरक्षण के लिए ट्रेंड कर रहे हैं। अंतिम भाग में वॉच टॉवर से वनकर्मी चीतों की निगरानी करते हुए दिखाई रहे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में चीतों के पुनर्स्थापन की सफल परियोजना का परिणाम यह है कि यहां अब वयस्क और शावक समेत कुल 24 चीते हैं। झांकी में मप्र में चीतों के आने और बस जाने की पूरी कहानी की झलक है। श्योपुर जिले में कूनो नदी किनारे राष्ट्रीय अभयारण्य चीतों का नया घर है। यहां चीतों के उचित आहार और प्राकृतिक रहवास साफ दिख रहा है।

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आस्था का महाकुंभ आज से

प्रयागराज, एजेंसी
पौष पूर्णिमा के शुभ अवसर से प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत हो चुकी है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु आज त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाएंगे। हिंदू धर्म के सबसे बड़े धर्म उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं के मन में उत्साह देखा जा रहा है। 13 जनवरी से शुरू होकर महाकुंभ का पावन पर्व 26 फरवरी तक चलेगा। माना जा रहा है कि यह महाकुंभ 144 सालों के बाद आया है और इसलिए इसे बेहद खास माना जा रहा है। महाकुंभ का पहला अमृत स्नान (शाही स्नान) 14 जनवरी को किया जाएगा। हिंदू पौराणिक शास्त्रों के अनुसार… महाकुंभ में डुबकी लगाने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं और उसे आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति होती है।
सूर्य की पहली किरण के साथ संगम तट गंगा मैया की जय और हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज रहा है। भगवान सूर्य को जल देते श्रद्धालु भारत की प्राचीन परंपराओं का हृदय से पालन करते हुए पुण्यलाभ कमा रहे हैं। उत्तरप्रदेश के ऊॠढ प्रशांत कुमार ने कहा- महाकुंभ 2025 का शुभारंभ आज सुबह के स्नान से हो गया है। तकरीबन 60 लाख लोग इसमें डुबकी लगा चुके हैं। इस बार का कुंभ आस्था और आधुनिकता का संगम है। हम लोगों ने पारंपरिक पुलिस व्यवस्था से हटकर तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था दी है। आज पुष्प वर्षा भी होगी। सब कुछ सुचारू और निर्बाध रूप से चल रहा है। इस बार कुंभ भव्य, दिव्य, डिजिटल और सुरक्षित हो… इसके लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।
महाकुंभ में 12 हजार संत
बनेंगे नागा संन्यासी
प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान 3 दिन के तप के बाद 12 हजार संत नागा संन्यासी बनेंगे। इसके लिए सभी अखाड़ों ने तैयारी भी कर ली है।

स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पावेल हुईं कमला, पावेल को अच्युत-गौत्र दिया
महाकुंभ में दिवंगत एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पावेल भी शामिल होंगी। वो आज 13 जनवरी को प्रयागराज पहुंचेंगी। उन्हें हिंदू नाम ‘कमला’ दिया गया है। लॉरेन पावेल की यात्रा और प्रवास की जानकारी देते हुए आध्यात्मिक गुरु स्वामी कैलाशानंदजी महाराज ने कहा- उन्होंने लॉरेन पावेल को एक हिंदू नाम कमला दिया है। वह यहां अपने गुरुजी से मिलने आ रही हैं। हमने उनका नाम कमला रखा है और वह हमारे लिए बेटी की तरह हैं। यह दूसरी बार है… जब वे भारत आई हैं। वो अपने शिविर में कुछ दिन प्रवास करेंगी। वो अपने निजी कार्यक्रम से आ रही हैं।
कौन-सा गौत्र मिला है?
स्वामी कैलाशानंदजी महाराज ने बताया कि उन्हें अपने गुरु का गौत्र मिलने के बाद नया नाम दिया गया। लॉरेन पावेल की सनातन धर्म में गहरी रुचि है और वो उनकी बेटी की तरह हैं। उन्होंने कहा कि लॉरेन पावेल को अच्युत-गौत्र दिया गया है।

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