Hindustanmailnews

इंदौर

माफी मांगता नजर आया बदमाश पुलिस ने निकाला जुलूस

इंदौर। उज्जैन के बदमाश दुर्लभ कश्यप की तर्ज पर आपराधिक घटनाएं करने वाले बदमाश अमन चिकना (19) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी घटना को अंजाम देकर वह सोशल मीडिया पर रील बनाकर शेयर करता था।
हाल ही में इसने अपने साथी सुधांशु मिश्रा और अभिषेक ठाकुर के साथ घूरने की बात को लेकर 4 लोगों पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। मामले में पुलिस ने अमन चिकना और अभिषेक ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। सुधांशु मिश्रा फरार है। अमन चिकन के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती सहित अलग-अलग तरह के प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस ने शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर उसका क्षेत्र में जुलूस निकाला। इस दौरान वह कान पकड़कर माफी मांगते हुए नजर आया।

माफी मांगता नजर आया बदमाश पुलिस ने निकाला जुलूस Read More »

पौधारोपण के रिकॉर्ड ने बढ़ाई सीएम-कैलाश के बीच दूरी..बोया पेड़….गले पड़ी बुराई

इंदौर। मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बीच बढ़ती तल्खी से इंदौर के भाजपा नेता भी हैरान-परेशान हैं। बताया जा रहा है कि तनातनी की शुरुआत जून से हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए अभियान ‘एक पेढ़ मां के लिए’ के तहत इंदौर ने 51 लाख पौधे रोपकर रिकॉर्ड बनाया था। इस रिकॉर्ड का पूरा श्रेय इंदौर से लेकर दिल्ली तक विजयवर्गीय को मिला। बस, यहीं से दोस्ती में खटास शुरू हो गई।
सियासी समीक्षकों की मानें तो सीएम और विजयवर्गीय के बीच मतभेद अब मनभेद में बदलता जा रहा है, जिसका असर मालवा की सियासत से लेकर इंदौर के विकास तक पर पड़ेगा। इसकी शुरुआत 14 जुलाई से हुई थी। तब एक दिन में 11 लाख से ज्यादा पेड़ लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह ने विजयवर्गीय और उनकी टीम की तारीफ की। 28 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी ने भी अभियान को सराहा। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम लिए जो राशि खर्च हुई, उसका बड़ा हिस्सा नगर निगम ने दिया… बाकी मप्र सरकार ने। इंदौर की विभिन्न संस्थाओं ने भी पैसा दिया। सामूहिक प्रयास से इंदौर ने रिकॉर्ड बनाया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिर्फ अतिथि बनकर रह गए, जैसे- दूसरे थे। इंदौर से भोपाल तक होर्डिंगों पर छा गए कैलाश विजयवर्गीय। मीडिया मैनेजमेंट के चलते अखबारों से लेकर राष्ट्रीय चैनलों तक पर उन्हीं के इंटरव्यू चले।
इसमें कोई शक नहीं है कि 22 जनवरी के राम मंदिर उद्घाटन के दौरान इंदौर में ऐतिहासिक आयोजन करा चुके विजयवर्गीय के लिए पौधारोपण अभियान किसी शक्ति प्रदर्शन से कम नहीं था। रिकॉर्ड बनने पर उनकी वाहवाही जरूर हुई, लेकिन यदि रिकॉर्ड न बनता तो ताने भी मिलते। यह भी सच है कि इसी कार्यक्रम से विजयवर्गीय को लेकर डॉ. मोहन यादव की बॉडी लैंग्वेज बदल चुकी थी।
आदत है बुरा मानना !
कहा जा रहा है कि विजयवर्गीय खुद को प्रदेश का सबसे बड़ा नेता मानते हैं और उन्हें दूसरा भाता नहीं है। पहले उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर और शिवराजसिंह चौहान की मुखालफत की। पार्टी ने दोनों बदल दिए। डॉ. मोहन यादव को कमान सौंपी। यहां भी सीनियर-जूनियर वाला मनभेद बना रहा। इंदौर में ऐसे नेताओं की लिस्ट लम्बी है, जो विजयवर्गीय को नहीं सुहाते।
हाउसिंग बोर्ड गए ही नहीं
विजयवर्गीय नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री हैं। भोपाल में पर्यावास भवन में आॅफिस है, जहां इंदौर में निगमायुक्त और कलेक्टर रहते अपना जलवा बिखेर चुके मनीष सिंह आयुक्त के रूप में बैठते हैं। बगल में भव्य आॅफिस है, जहां विजयवर्गीय सिंह के आने के बाद गए ही नहीं।

पौधारोपण के रिकॉर्ड ने बढ़ाई सीएम-कैलाश के बीच दूरी..बोया पेड़….गले पड़ी बुराई Read More »

गणेश मंदिर के सामने नया ​सर्विस रोड, ताकि एक्सीडेंट जोन न बने

गणेश मंदिर के सामने आरकेएमपी की ओर से आने वाले वाहनों के निकलने के लिए सर्विस रोड बना दी गई है। मेट्रो के पिलर के उस पार से बनाई गई, इस रोड को सीधे सावरकर सेतु से जोड़ दिया गया है। यही नहीं जीजी फ्लाईओवर की बाउंड्री को आगे बढ़ाते हुए मेट्रो के पिलर से जोड़ दिया गया है। ऐसे में अब आरकेएमपी तरफ से आने वाले सभी वाहन पिलर के उस ओर से निकलने लगे हैं। इसका फायदा यह हुआ कि इन वाहनों को अब जीजी फ्लाईओवर की ओर से नहीं गुजरना होगा।
इससे पहले आरकेएमपी की ओर से आने वाले वाहन मेट्रो के पिलर के दाईं ओर से निकल रहे थे। चूंकि, यहां सड़क की चौड़ाई कम थी, ऐसे में इस ओर का ट्रैफिक लगभग जीजी फ्लाईओवर की एप्रोच रोड पर पहुंच रहा था। ऐसे में जब जीजी फ्लाईओवर पर ट्रैफिक शुरू होगा, तो दोनों ओर का ट्रैफिक यहां मिक्स होने से एक्सीडेंटल जोन बनने की स्थिति बन रही थी। इसी के मद्देनजर इस हिस्से को बाउंड्री बनाकर ब्लॉक कर दिया गया है।
गौरतलब है कि हबीबगंज नाके वाले हिस्से में रेल पटरियों के ऊपर मेट्रो का स्टील ब्रिज बनना था। यहां सात महीने तक स्ट्रक्चर लगाकर काम किया जा रहा था। इसके चलते पीडब्ल्यूडी की ओर से सड़क के ​इस हिस्से का निर्माण नहीं किया गया ​था। अगर सड़क बन भी जाती तो इसका उपयोग संभव नहीं था। दूसरा स्टील ब्रिज की लॉन्चिंग के लिए यहां भारी क्रेन आदि का उपयोग किया गया था। ऐसे में सड़क बर्बाद होना भी तय ​था।

दोनों ओर के वाहन मिक्स होने की आशंका पीडब्ल्यूडी ने बनाई सात मीटर चौड़ी सड़क
इस सर्विस लेन का निर्माण पीडब्ल्यूडी के ब्रिज सेक्शन की ओर से कराया गया है। यहां सड़क की चौड़ाई सात मीटर और लंबाई 80 मीटर है। मेट्रो के पिलर्स के बीच होने वाले निर्माण के लिए मेट्रो की ओर से करीब 5 करोड़ रुपए पीडब्ल्यूडी को दिए गए हैं। उक्त राशि से तीन किमी हिस्से में यह काम किया जाना है। ऐसे में उक्त निर्माण पीडब्ल्यूडी और मेट्रो के पैसे से किया गया है। नया रोड बनने से यहां से गुजरने वाले वाहनों को पहले के मुकाबले दोगुनी चौड़ी सड़क मिलेगी। यही नहीं, पिलर के पास टर्न होने की नौबत नहीं आएगी। ऐसे में वाहन पहले के मुकाबले तेजी से निकलेंगे। यानी यहां वाहनों को रुकने की जरूरत नहीं होगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि यहां बार बार लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
इनका कहना है…
मेट्रो के पीयर्स के आगे वाले हिस्से में सड़क बन गई है। अब ट्रैफिक सड़क के इसी हिस्से से निकलेगा। ब्रिज से ​पीयर्स के बीच वाले हिस्से को बंद कर दिया है। अब यहां एक्सीडेंटल जोन नहीं बनेगा।
-जावेद शकील, ईई, पीडब्ल्यूडी (ब्रिज सेक्शन)

गणेश मंदिर के सामने नया ​सर्विस रोड, ताकि एक्सीडेंट जोन न बने Read More »

मास्टर प्लान-2035 में आया नया प्रावधानसिंहस्थ मेला क्षेत्र में 10 मंजिला बिल्डिंग का हो सकेगा निर्माण

अब उज्जैन में सिंहस्थ मेला क्षेत्र में 8 से 10 मंजिला हाइराइज बिल्डिंग दिखाई देगी। इसके लिए मास्टर प्लान में नया प्रावधान लागू किया जा रहा है। इसके तहत 18 से 30 मीटर तक ऊंची इमारतों का निर्माण किया जा सकेगा। विशेष अनुमति के तहत बनाए जाने वाली धर्मशाला, मठ व मंदिर आदि का निर्माण इसके तहत हो सकेगा। यह अनुमति जिला प्रशासन द्वारा जारी की जाती है।
पहले सिंहस्थ मेला क्षेत्र में 12 मीटर यानी चार से पांच मंजिला बिल्डिंग निर्माण का ही प्रावधान था, जिसे उज्जैन विकास योजना-2035 में बढ़ाया गया है। यह दूसरा मौका है जब मास्टर प्लान-2035 के लागू होने के बाद संशोधन किया है। नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम-1973 की धारा-23 की उपधारा-2 में सहपठित धारा-18 की उपधारा-1 के उपबंधों के तहत प्रकाशन किया गया है। इसमें एक माह की समयावधि में दावे-आपत्ति बुलाए गए हैं। मास्टर प्लान-2035 के अध्याय-6 की कंडिका 6.14.1 संरक्षित परिक्षेत्र सिंहस्थ मेला क्षेत्र के बिंदु क्रमांक 2 आईवी में प्रस्तावित है। इसमें अधिकतम ऊंचाई मप्र भूमि विकास नियम-2012 के नियम 42 के अनुसार नियंत्रित होगी। 30 मीटर तक ऊंचाई बढ़ाई जाने से ऊंची इमारतों का निर्माण हो सकेगा।
14 करोड़ श्रद्धालु
आने की संभावना
सिंहस्थ, 2028 में 14 करोड़ श्रद्धालु आने का अनुमान है, जिसके तहत सिंहस्थ के कार्यों की प्लानिंग भी की गई है। इसमें मेला क्षेत्र में सिंगल लेन को टू-लेन व टू-लेन को फोरलेन में बदला जा रहा है। सड़कों के अंधे मोड़ को खत्म किया जा रहा है। फोरलेन ब्रिज का निर्माण शिप्रा नदी पर किया जा रहा है।

टीएंडसीपी से मिलेगा बिल्डिंग का नक्शा
नए प्रावधान के तहत बिल्डिंग की ऊंचाई 18 मीटर, 24 मीटर व 30 मीटर तक हो सकेगी। यानी टीएंडसीपी से बिल्डिंग का नक्शा अप्रूव हो सकेगा। इसके तहत मेला क्षेत्र में स्थायी निर्माण हो सकेंगे। इससे सिंहस्थ में अस्थायी निर्माण पर होने वाला खर्च भी बच सकेगा।
एक माह में सुझाव मांगे
सिंहस्थ मेला क्षेत्र में विशेष अनुमति के तहत होने वाले निर्माण कार्यों के लिए अब 18 से 30 मीटर ऊंचाई तक की बिल्डिंग की परमिशन दी जा सकेगी। पहले 12 मीटर तक की अनुमति ही जारी की जाती थी। एक माह की अवधि में दावे-आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं।

  • श्रीकांत बनोठ, सह आयुक्त
    नगर तथा ग्राम निवेश

मास्टर प्लान-2035 में आया नया प्रावधानसिंहस्थ मेला क्षेत्र में 10 मंजिला बिल्डिंग का हो सकेगा निर्माण Read More »

डबल डेकर से हुआ मिनी मुंबई का एहसास, मोबाइल में कैद करते रहे तस्वीरें

लोक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कल से शहर की सड़कों पर इलेक्ट्रिक डबल डेकर एसी सिटी बस का ट्रायल रन शुरू हुआ। बस एआईसीटीएसएल आॅफिस से शिवाजी वाटिका, पीपल्याहाना होकर गीता भवन चौराहे से वापस पहुंची। एआईसीटीएसएल आॅफिस से करीब 15.5 फीट ऊंचाई की लाल व काले रंग की यह बस जब सड़कों पर दौड़ी तो शहरवासियों को मिनी मुंबई का एहसास हुआ। पूरे रास्ते भर लोगों ने बस की तस्वीर अपने मोबाइल में कैद की। शहर के विभिन्न फिजिबल मार्गों पर एक माह तक ट्रायल रन किया जाएगा। इसके बाद 4 रूट पर 4 डबल डेकर बसें चलना शुरू हो जाएंगी। इसमें एक बस महिलाओं के होगी। जिन रूटों पर अस बस को प्रारंभ किया जा सकता है उनमें शिवाजी वाटिका से पीपल्याहाना, एमजी रोड (पलासिया से राजबाड़ा), बीआरटीएएस, एआईसीटीएसएल से बिलावली और अन्नपूर्णा शामिल है। शहरी विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं महापौर तथा एआईसीटीएसएल बोर्ड के अध्यक्ष पुष्यमित्र भार्गव ने डबल डेकर बस के ट्रायल रन का श्रीगणेश किया। इस अवसर पर स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ दिव्यांक सिंह, विधायक गोलू शुक्ला, भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, महापौर परिषद सदस्य मनीष शर्मा, निरंजन सिंह चौहान, अभिषेक (बबलू) शर्मा, नंदकिशोर पहाड़िया, राजेश उदावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ ही विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी भी मौजूद थे।

डबल डेकर से हुआ मिनी मुंबई का एहसास, मोबाइल में कैद करते रहे तस्वीरें Read More »

Scroll to Top
Verified by MonsterInsights