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भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता: पांचवां दौर सफलतापूर्वक सम्पन्न, संसद में दी गई जानकारी

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर 5वें दौर की वार्ता संपन्न, संसद में दी गई जानकारी

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर अब तक पांच दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है। वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि यह बातचीत मार्च 2025 में शुरू हुई थी और पांचवां दौर 14 से 18 जुलाई, 2025 के बीच वाशिंगटन में आयोजित किया गया।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए अब तक 12 दौर की बातचीत हो चुकी है, जिनमें अंतिम दौर 7 से 11 जुलाई तक ब्रुसेल्स में हुआ था।

बौद्धिक संपदा (IP) फाइलिंग में उल्लेखनीय वृद्धि:
एक अन्य प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में बौद्धिक संपदा से जुड़ी फाइलिंग में 44% की वृद्धि हुई है — जो 2020-21 में 4,77,533 से बढ़कर 2024-25 में 6,89,991 हो गई।
इसमें सबसे अधिक बढ़ोतरी भौगोलिक संकेत (GI) में 380% की देखी गई, इसके बाद डिज़ाइन (266%), पेटेंट (180%), कॉपीराइट (83%), ट्रेडमार्क (28%) और सेमीकंडक्टर लेआउट डिज़ाइन (SICLD) में 20% की वृद्धि दर्ज की गई।

जीआई पंजीकरण:
अब तक 697 GI टैग हस्तशिल्प, कृषि और खाद्य जैसे क्षेत्रों में जारी किए जा चुके हैं।


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ओलंपिक में गोल्ड लाओ, 7 करोड़ पाओ — दिल्ली सरकार ने इनाम राशि बढ़ाई, नौकरी का भी वादा

ओलंपिक विजेताओं के लिए दिल्ली सरकार का ऐतिहासिक फैसला — अब मिलेगा बड़ा कैश रिवॉर्ड और सरकारी नौकरी

दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को प्रेस वार्ता के दौरान ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत अब ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने पर 7 करोड़ रुपये, सिल्वर पर 5 करोड़ और ब्रॉन्ज पर 3 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

इसके साथ ही, गोल्ड और सिल्वर मेडलिस्ट खिलाड़ियों को ग्रुप A और ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को ग्रुप B की सरकारी नौकरी भी दिल्ली सरकार की ओर से दी जाएगी।

मंत्री ने यह भी बताया कि पहले यह राशि क्रमश: 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ थी, जिसे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दोगुना से अधिक कर दिया गया है।

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मॉनसून सत्र: SIR मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा, लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही ठप; सरकार ने किया तीखा जवाब

मॉनसून सत्र में लगातार हंगामा, संसद की कार्यवाही ठप — SIR और ऑपरेशन सिंदूर पर विपक्ष हमलावर, सरकार का पलटवार

संसद का मानसून सत्र लगातार दूसरे दिन भी भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष, खासकर कांग्रेस सहित कई दल, बिहार में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चर्चा की मांग कर रहे हैं और इसे चुनाव से पहले साज़िश बता रहे हैं। वहीं, सरकार इसे संविधानसम्मत प्रक्रिया बताते हुए चर्चा के लिए तैयार है।

लोकसभा का हाल:
मंगलवार को जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने एसआईआर और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बहस की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की अपील की, लेकिन हंगामा नहीं थमा। स्पीकर ओम बिरला द्वारा सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील के बावजूद हंगामा जारी रहा, जिसके कारण कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे, फिर 2 बजे और अंत में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

राज्यसभा में भी जारी रहा गतिरोध:
राज्यसभा में भी विपक्ष ने एसआईआर, पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री की उपस्थिति में चर्चा की मांग की। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की, जिसके चलते उपसभापति हरिवंश को दो बार सदन स्थगित करना पड़ा। दोपहर बाद कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

सरकार ने विपक्ष पर लगाया दोहरे मापदंड का आरोप:
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष एक ओर बहस की मांग करता है और दूसरी ओर खुद ही सदन नहीं चलने देता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार हर विषय पर चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद का समय बर्बाद कर रहा है।

विशेष मांगें और स्थगन प्रस्ताव:
राज्यसभा में CPI सांसद पी. संतोश कुमार ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के कथित इस्तीफे पर भी चर्चा की मांग की, जिसे अन्य 12 स्थगन प्रस्तावों के साथ नियम 267 के तहत खारिज कर दिया गया।

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फिल्म ‘Saiyaara’: सादा कहानी, कम ड्रामा, लेकिन अहान-अनीत की केमिस्ट्री ने कर दिया इंप्रेस

Saiyaara’ Movie Review:

न कोई बड़ा ट्विस्ट, न हाई-वोल्टेज ड्रामा… फिर भी अहान-अनीत की मासूम जोड़ी ने दिल छू लिया

कुछ फिल्में हंसाती हैं, कुछ रुलाती हैं… लेकिन कुछ ऐसी भी होती हैं जो सीधी-सादी होकर भी दिल में बस जाती हैं। मोहित सूरी निर्देशित ‘सैयारा’ ऐसी ही एक फिल्म है — एक इमोशनल सफर, जो अपनी मासूमियत, अभिनय और संगीत से सीधे दिल तक पहुंचती है।


📖 कहानी

‘Saiyaara’ टूटे दिलों की मुलाकात की कहानी है।
वाणी बत्रा (अनीत पड्डा) एक संवेदनशील कवियित्री है, जो अपने दिल की बात छुपाकर रखती है। शादी के दिन मंगेतर द्वारा छोड़े जाने के बाद वह टूट जाती है और लिखना भी छोड़ देती है।
कुछ महीनों बाद, पत्रकार के रूप में उसकी मुलाकात होती है कृष कपूर (अहान पांडे) से — एक गुस्सैल, मगर अंदर से टूटा हुआ लड़का, जो सिंगर बनने की कोशिश कर रहा है।
वाणी की कविता और कृष की धुनें मिलती हैं, और शुरू होता है एक अनकहा रिश्ता — दर्द, विश्वास और प्रेम का। लेकिन सवाल यह है: क्या ये रिश्ता वक्त और हालात की कसौटी पर खरा उतर पाएगा?


🎭 अभिनय

  • अहान पांडे कृष के रोल में दमदार लगे हैं। शुरुआत में उनका गुस्सा और खामोशी अलग महसूस होती है, लेकिन जैसे-जैसे फिल्म बढ़ती है, उनकी आंखों से भावनाएं बोलने लगती हैं।
  • अनीत पड्डा वाणी के किरदार में पूरी तरह डूब जाती हैं। उनकी मासूमियत, टूटन और फिर धीरे-धीरे खुद को जोड़ने की प्रक्रिया बेहद प्रभावशाली है।

दोनों की केमिस्ट्री फ्रेश और दिल से जुड़ी हुई लगती है — बिना ज़्यादा दिखावे के, सच्ची और संजीदा।


🎥 निर्देशन और स्क्रीनप्ले

मोहित सूरी एक बार फिर वही भावनात्मक गहराई लेकर आए हैं, जो ‘आशिकी 2’ और ‘एक विलेन’ जैसी फिल्मों में देखी गई थी।

  • हां, कुछ सीन खिंचे हुए लगते हैं और कहानी कई बार अनुमानित हो जाती है।
  • लेकिन इमोशनल ट्रीटमेंट इतना प्रभावशाली है कि आप हर पल से जुड़ जाते हैं।

🎶 संगीत

  • फिल्म का टाइटल ट्रैक ‘Saiyaara’ लंबे समय तक आपके ज़ेहन में बना रहता है।
  • मिथून, सचेत-परंपरा, विशाल मिश्रा और तनिष्क बागची का म्यूज़िक फिल्म की आत्मा है।
  • बैकग्राउंड स्कोर इमोशंस को और गहराई देता है।

⚖️ कमज़ोर पहलू

  • फिल्म की रफ्तार शुरुआत में धीमी है।
  • कुछ डायलॉग्स दोहराए गए लगते हैं।
  • कहानी में कोई चौंकाने वाला ट्विस्ट नहीं है।

लेकिन इन सबके बावजूद फिल्म का भावनात्मक असर कम नहीं होता।


फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं?

अगर आपको भावनात्मक प्रेम कहानियां पसंद हैं — जिनमें सादगी, गहराई और सच्चाई हो — तो ‘Saiyaara’ ज़रूर देखिए।
यह फिल्म आपको कोई बड़ा धमाका नहीं देगी, लेकिन अपने शांत, सच्चे एहसासों से धीरे-धीरे आपका दिल जीत लेगी।

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INS Nistar: नौसेना को मिला पहला स्वदेशी डीप सबमर्जेंस वाहन, बेहद खास तकनीक कुछ ही देशों के पास

भारतीय नौसेना को मिला पहला स्वदेशी डीएसवी ‘आईएनएस निस्तार’, गहराई में जाने की क्षमता से लैस

विशाखापत्तनम: भारतीय नौसेना की ताकत में एक और अहम इजाफा हुआ है। रक्षा मंत्री संजय सेठ की मौजूदगी में नौसेना के बेड़े में देश का पहला स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV), INS Nistar शामिल कर लिया गया। 118 मीटर लंबा और 10,000 टन वजनी यह युद्धपोत समुद्र में 300 मीटर की गहराई तक जाने में सक्षम है, और यह विशेष उपकरणों से लैस है जो गहरे समुद्र में राहत, मरम्मत और बचाव कार्यों में बेहद मददगार होंगे।

🌊 समुद्री सुरक्षा में नई क्रांति

INS Nistar को विशाखापत्तनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में भारतीय नौसेना को सौंपा गया। इसका डिज़ाइन और निर्माण पूरी तरह भारत में ही हुआ है, जिसे हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड ने 8 जुलाई 2025 को तैयार किया था। यह पोत DSRV (Deep Submergence Rescue Vehicle) के लिए मदर शिप का कार्य करेगा, जिससे पनडुब्बियों में आपात स्थिति आने पर एक हजार मीटर तक गहराई में जवानों को उतारा जा सकता है।

🛡 आत्मनिर्भर भारत की बड़ी छलांग

INS Nistar का निर्माण भारतीय शिपिंग रजिस्टर के नियमों के अनुसार हुआ है और इसमें प्रयुक्त 80% उपकरण स्वदेशी हैं। इसके निर्माण में 120 से अधिक MSME कंपनियों ने भागीदारी की, जो रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।

🗣 नेताओं की प्रतिक्रियाएं

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा,

“भारतीय नौसेना का इतिहास गौरवशाली रहा है और INS Nistar उस पर एक नया स्वदेशी अध्याय जोड़ता है। भारत अब हथियारों का आयातक नहीं, निर्यातक बनता जा रहा है।”

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भारत अब तक ₹23,622 करोड़ के हथियार निर्यात कर चुका है, और सरकार का लक्ष्य ₹50,000 करोड़ तक का निर्यात है।

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने कहा,

“INS Nistar के आने से हमारी डाइविंग क्षमता और गहराई में संचालन की शक्ति में जबरदस्त इजाफा होगा।”

🌍 गिनी-चुनी ताकतों में भारत

विश्व के सिर्फ कुछ ही देशों के पास ऐसा अत्याधुनिक डाइविंग सपोर्ट वेसल है। INS Nistar न केवल एक तकनीकी उपलब्धि है बल्कि यह भारत के ‘हथियारों के आयातक से निर्यातक’ बनने के सफर की बड़ी मिसाल भी है।

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