बालासोर (ओडिशा), एजेंसी। हादसे में यशवंतपुर-हावड़ा ट्रेन (12864), शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्स. (12841) और मालगाड़ी टकराईं। बेंगलुरु से हावड़ा जा रही यशवंतपुर-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस (12864) के डिब्बे उतरकर दूसरे ट्रैक पर जा गिरे। इसी दौरान दूसरी ओर से आ रही शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्स. (12841) बेपटरी हुए डिब्बों से जा भिड़ी। इसके कुछ डिब्बे बगल में खड़ी मालगाड़ी से भिड़ गए। मृतकों का आंकड़ा 288 तक पहुंच गया है। भुवनेश्वर से 175 किमी दूर दुर्घटनास्थल पर सबसे पहले स्थानीय लोग पहुंचे। कई टेÑनों का रास्ता बदलना पड़ा है।
एनडीआरएफ की छह टीमें तैनात: रेल हादसे वाली जगह राहत और बचाव कार्यों में जुटी एनडीआरएफ के वरिष्ठ कमांडेंट जैकब किसपोट्टा ने बताया कि हमारी छह टीमें बीती रात से घटनास्थल पर काम कर रही हैं। साथ ही डॉग स्क्वॉड और मेडिकल टीमें भी बचाव कार्यों में जुटी हैं। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने राजस्व मंत्री प्रमिला मल्लिक और एसआरसी सत्यब्रत साहू को मौके पर पहुंचने और स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। पंश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य प्रशासन लगातार ओडिशा सरकार के संपर्क में है। राज्य के मुख्य सचिव के साथ बैठक कर गठित की गई राज्य की टीम को घटनास्थल पर समन्वय के लिए रवाना कर दिया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, तमिलनाडु सरकार के तीन मंत्री भी घटनास्थल पर जा रहे हैं। ओडिशा के मुख्य सचिव हरिकृष्ण द्विवेदी ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन में बड़ी संख्या में प्रदेश के यात्री भी हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
ओडिशा के बालासोर जिले के बहानागा रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को बड़ा ट्रेन हादसा हो गया। स्टेशन के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस (12841-अप), बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी आपस में भिड़ गई। हादसे के बाद 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया जबकि कई ट्रेनों का रास्ता बदला गया है।
एक अधिकारी ने कहा कि ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार शाम को भीषण ट्रिपल ट्रेन दुर्घटना के बाद लंबी दूरी की 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सात ट्रेनों को टाटानगर स्टेशन के रास्ते डायवर्ट किया गया है।
ये ट्रेने हुईं रद्द 12837 हावड़ा-पुरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 2 जून, 2023, 12863 हावड़ा-बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 12839 हावड़ा-चेन्नई मेल यात्रा, 12895 शालीमार-पुरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, -20831 शालीमार-संबलपुर एक्सप्रेस, 02837 संतरागाछी-पुरी स्पेशल एक्सप्रेस और 22201 सियालदह-पुरी दुरंतो एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है।
इन ट्रेनों का बदल गया रास्ता 03229 2 जून 2023 को पुरी से पुरी-पटना स्पेशल वाया जाखपुरा-जरोली रूट से चलेगी, 12840 चेन्नई-हावड़ा मेल चेन्नई से जाखपुरा और जरोली रूट से चलेगी, 18048 वास्को डी गामा-हावड़ा अमरावती एक्सप्रेस वास्को से जाखपुरा-जारोली रूट से चलेगी, 22850 सिकंदराबाद-शालीमार एक्सप्रेस सिकंदराबाद से जाखपुरा और जरोली होते हुए चलेगी, 12801 पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस पुरी से जाखपुरा और जरोली रूट से चलेगी, 18477 पुरी-ऋषिकेश कलिंग उत्कल एक्सप्रेस पुरी से अंगुल-संबलपुर सिटी-झारसुगुड़ा रोड-आईबी रूट से चलेगी, 22804 संबलपुर-शालीमार एक्सप्रेस संबलपुर से वाया संबलपुर सिटी-झारसुगुड़ा रूट से चलेगी, 12509 बैंगलोर-गुवाहाटी एक्सप्रेस बेंगलुरु से विजयनगरम-टिटिलागढ़-झारसुगुड़ा-टाटा रूट से चलेगी और 15929 तांबरम-न्यू तिनसुकिया एक्सप्रेस तांबरम से वाया रानीताल-जारोली रूट से चलेगी।
एनडीआरएफ की तीन टीमें घटनास्थल पर, ओडिशा सरकार से संपर्क में: ममता
माना जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन में बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल के यात्री हैं। इसे देखते हुए बंगाल सरकार लगातार ओड़िशा सरकार के साथ संपर्क में है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य सचिव के साथ बैठक की और हालात की जानकारी ली।
ओड़िशा सरकार के साथ संपर्क में: ममता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य प्रशासन लगातार ओडिशा सरकार से संपर्क में है। राज्य के मुख्य सचिव के साथ बैठक कर गठित की गई राज्य की टीम को घटनास्थल पर समन्वय के लिए रवाना कर दिया गया है।
क्या बोले मुख्य सचिव मुख्य सचिव हरिकृष्ण द्विवेदी ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन में बड़ी संख्या में प्रदेश के यात्री भी हैं। दुर्घटना के बाद हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर एनडीआरएफ के आईजी एनएस बुंदेला ने बताया कि बल की तीन टीमें घटनास्थल पर तैनात कर दी गई हैं। हमारी प्राथमिकता यात्रियों की जान बचाना है। राहत व बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। सर्च लाइटें, हाइलोजन, गैस कटर की व्यवस्था कर रात में भी लोगों की जान बचाने की मुहिम एसडीआरएफ की टीमों के साथ मिलकर चलाई जा रही है।
खड़गपुर, हावड़ा, बालासोर और संतरागाछी से राहत टीमें पहुंचीं, वायुसेना को भी उतारा
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही खड़गपुर, हावड़ा और संतरागाछी से राहत और बचाव के लिए राहत दुर्घटना राहत ट्रेनों को भेजा गया। राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। एनडीआरएफ की टीम, मेडिकल टीम, एंबुलेंस दुर्घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। मामूली घायलों को बालासोर, खंटापारा, सोरो और गोपालपुर स्वास्थ्य इकाइयों में स्थानांतरित किया जा रहा है। हावड़ा, संतरागाछी, शालीमार, खड़गपुर और बालासोर में हेल्पडेस्क खोले गए हैं। इस बीच, जानकारी मिल रही है कि राहत व बचाव कार्य को तेज करने के लिए वायुसेना को भी उतारा गया है।
बंगाल से दक्षिण भारत जाने वाली सभी ट्रेने निरस्त
रेलवे विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि इस दुर्घटना के बाद बंगाल से दक्षिण भारत की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है। कब तक इस रूट पर यातायात बहाल होगी, इस बारे में रेलवे के अधिकारी कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
घटना के बाद के अपडेट:-
ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक व्यक्तिगत रूप से बचाव कार्यों की निगरानी के लिए एसआरसी कंट्रोल रूम पहुंचे। नवीन पटनायक ने कहा कि मैं इस दुखद रेल दुर्घटना के बारे में अभी स्थिति की समीक्षा कर रहा हूं। मैं शनिवार सुबह वहां जाउंगा।
ओडिशा फायर एंड इमरजेंसी सर्विस का एक अतिरिक्त बचाव दल जिसमें ओडिशा फायर एंड डिजास्टर रिस्पांस अकादमी भुवनेश्वर के अग्रिम बचाव उपकरणों के साथ 26 सदस्य शामिल हैं, बचाव के लिए दुर्घटना स्थल पर रवाना।
ओडिशा के मुख्य सचिव ने बताया कि 132 घायलों को सोरो सीएचसी, गोपालपुर सीएचसी और खांटापाड़ा पीएचसी में स्थानांतरित किया गया।
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि हम ओडिशा सरकार और रेलवे अधिकारियों के साथ सहयोग करने और बचाव कार्यों में सहायता के लिए 5-6 सदस्यों की एक टीम मौके पर भेज रहे हैं। मैं मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यक्तिगत रूप से स्थिति की लगातार निगरानी कर रही हूं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ओडिशा के बालासोर जिले में हुई कोरोमंडल ट्रेन दुर्घटना पर चिंता व्यक्त की। 033- 22143526/22535185 सहायता नंबर जारी।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राजस्व मंत्री प्रमिला मल्लिक और एसआरसी सत्यब्रत साहू को मौके पर पहुंचने और स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया।
भुवनेश्वर से अग्निशमन सेवाओं की स्ट्राइकिंग फोर्स का 26 सदस्यीय दल दुर्घटना स्थल पर पहुंचा।
सीएमओ ने बहानगा में बचाव कार्यों की निगरानी और समर्थन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों हेमंत शर्मा, बलवंत सिंह, डीजी फायर सर्विसेज को घटनास्थल पर प्रतिनियुक्त किया।
3 एनडीआरएफ, 4 ओडीआरएफ, कई अग्निशमन सेवा इकाइयाँ और 50 से अधिक एम्बुलेंस बचाव कार्यों में लगी हुई हैं।
लोगों को जानकारी प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक आपातकालीन संपर्क नंबर (91 6782 262 286) जारी किया गया है।
चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए आईपीएल 2023 बेहद खास रहा है। वह इस सीजन सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज नहीं हैं और न ही उन्होंने कोई बड़ी पारी खेली, लेकिन वह अपनी टीम को चैंपियन बनाने में सफल रहे। इसके अलावा उन्होंने डेथ ओवरों में तेजी से रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट बेहद शानदार रहा। विकेट के पीछे उन्होंने अपनी विकेटकीपिंग और कप्तानी से इस सीजन भी खासा प्रभावित किया।
आईपीएल 2023 के फाइनल मुकाबले में धोनी ने शानदार स्टंपिंग कर शुभमन गिल को आउट किया और मैच में अपनी टीम की वापसी कराई। धोनी ने यह स्टंपिंग करने में सिर्फ 0.1 सेकेंड का समय लिया। 41 साल के धोनी की फुर्ती देखकर सभी हैरान रह गए। वीरेन्द्र सहवाग से लेकर सचिन तक कई दिग्गजों ने धोनी की तारीफ की। सभी ने माना कि 41 साल की उम्र में भी धोनी दुनिया के सभी विकेटकीपर से तेज हैं।
महेंद्र सिंह धोनी नेट्स में विकेटकीपिंग का ज्यादा अभ्यास नहीं करते हैं। वह बल्लेबाजी के लिए मेहनत करते हैं और समय मिलने पर उन्हें गेंदबाजी करना भी रास आता है। भले ही मैच में उन्हें कभी यह जिम्मेदारी नहीं मिलती। चेन्नई के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने भी माना धोनी विकेट कीपिंग में बेजोड़ हैं। इस आईपीएल में उन्होंने विकेट कीपिंग पर बिल्कुल भी अभ्यास नहीं किया। डेवोन कॉन्वे के साथ एक बार जरूर वह विकेट कीपिंग के लिए उतरे, लेकिन वह एक तरह से मजाक था।
भारतीय किसान यूनियन (BKU) नेता और बालियान खाप प्रमुख नरेश टिकैत ने घोषणा की है कि ऐतिहासिक शोरम चौपाल में आयोजित महापंचायत के दौरान पहलवानों का विरोध ही केंद्रीय मुद्दा होगा.
मुज़फ़्फ़रनगर: किसानों के एक ताकतवर गुट ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर जिले के शोरम कस्बे में एक अहम खाप पंचायत बुलाई है, जिसमें देश के कुछ शीर्ष पहलवानों द्वारा चल रहे विरोध प्रदर्शन पर फ़ैसला किया जाएगा. इन पहलवानों ने कुश्ती महासंघ प्रमुख पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है.
भारतीय किसान यूनियन (BKU) नेता और बालियान खाप प्रमुख नरेश टिकैत ने घोषणा की है कि ऐतिहासिक शोरम चौपाल में आयोजित महापंचायत के दौरान पहलवानों का विरोध ही केंद्रीय मुद्दा होगा.
पहलवानों ने इसी साल जनवरी में देश की राजधानी नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन शुरू किया था, और वे भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जिन पर महिला एथलीटों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया है.
मंगलवार को घटनाक्रम ने एक नाटकीय मोड़ ले लिया था, जब ओलिम्पिक पदक विजेता साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और एशियाई खेल चैम्पियन विनेश फोगाट सहित कई शीर्ष पहलवान हरिद्वार में गंगा नदी के तट पर एकत्रित हुए. पहलवानों ने BJP सांसद बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में अपने द्वारा जीते गए विश्व चैम्पियनशिप और ओलिम्पिक मेडल गंगा नदी में बहा देने की धमकी दी थी.
बहरहाल, टिकैत और अन्य खाप व किसान नेताओं ने पांच दिन के भीतर समाधान का वादा करते हुए पहलवानों को मेडल बहाने से रोकने के लिए मना लिया. टिकैत ने मीडिया को अपने संदेश में एथलीटों की प्रशंसा करते हुए कहा, “उनकी वजह से हम अंतरराष्ट्रीय खेल क्षेत्र में अपना सिर ऊंचा रखते हैं… हम सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें शर्म से सिर नहीं झुकाना पड़े…”
महापंचायत में विभिन्न खापों के प्रतिनिधियों और उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली से उनके प्रमुखों के भाग लेने की उम्मीद है, ताकि पहलवानों के विरोध प्रदर्शन का अगला कदम तय किया जा सके.
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने रविवार, 28 मई को कई पहलवानों को हिरासत में लिया था और उनके खिलाफ कानून एवं व्यवस्था के उल्लंघन के लिए FIR दर्ज की थी. उसी दिन, एथलीटों के धरनास्थल को भी खाली करवा लिया गया था, जब उन्होंने भारत के नए संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की थी.
इस बीच, कुश्ती के अंतरराष्ट्रीय शासी निकाय यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) ने पहलवानों को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है और बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ जांच में नतीजे नहीं आने की भी आलोचना की है. एक बयान में UWW ने भारतीय ओलिम्पिक संघ (IOA) को 45 दिन के भीतर WFI के लिए नए सिरे से चुनाव कराने के वादे की याद दिलाई, और चेतावनी दी कि ऐसा करने में विफलता महासंघ के निलंबन का कारण बन सकती है. UWW ने एथलीटों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की और उनकी हालत पर चर्चा के लिए पहलवानों के साथ बैठक की योजना बनाई है.
आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट में 10 रुपये, 100 रुपये और 2,000 रुपये के नकली नोटों में क्रमश: 11.6 प्रतिशत, 14.7 प्रतिशत और 27.9 प्रतिशत की गिरावट आई है।
भारतीय रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल की तुलना में 2022-23 में बैंकिंग प्रणाली द्वारा पकड़े गए 500 रुपये के नकली नोटों की संख्या 14.6 प्रतिशत बढ़कर 91,110 नोट हो गई। मंगलवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक इसी अवधि में सिस्टम द्वारा पकड़े गए 2,000 रुपये मूल्यवर्ग के नकली नोटों की संख्या 28 प्रतिशत घटकर 9,806 नोट रह गई। हालांकि बैंकिंग क्षेत्र में पकड़े गए नकली भारतीय मुद्रा नोटों की कुल संख्या पिछले वित्तीय वर्ष में 2,30,971 नोटों की तुलना में 2022-23 में घटकर 2,25,769 नोट रह गई। उल्लेखनीय है कि यह 2021-22 में बढ़ गया था।
सामान्य सरकारी घाटा और कर्ज जीडीपी के क्रमश: 9.4 फीसदी और 86.5 फीसदी पर आ गया है, जो 2022-23 में क्रमश: 13.1 फीसदी और 2020-21 में 89.4 फीसदी के चरम स्तर पर था। यह बात भारतीय रिजर्व बैंक ने 2022-23 अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कही है। सरकारी वित्त पर टिप्पणी करते हुए रिपोर्ट ने कहा, विश्वसनीय राजकोषीय समेकन के लिए प्रतिबद्ध होने के दौरान, सरकार ने संवर्धित पूंजीगत व्यय के माध्यम से निवेश चक्र में पुनरुद्धार का नेतृत्व किया है, निजी निवेश में क्राउडिंग-इन द्वारा इसके गुणक प्रभावों को पहचाना है और अर्थव्यवस्था की विकास क्षमता को बढ़ाया है। यह रेखांकित किया गया है कि नीतिगत बफर्स के पुनर्निर्माण और ऋण स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए राजकोषीय समेकन को बनाए रखने की आवश्यकता होगी। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि, डिजिटलीकरण पर निरंतर जोर अर्थव्यवस्था के अधिक औपचारिककरण में सहायता कर सकता है और इस तरह उच्च कर आधार, विकासात्मक व्यय के लिए आवश्यक संसाधन पैदा कर सकता है।