जल जीवन मिशन के तहत सभी आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था की जाना थी। इसके बावजूद अब तक मप्र की 23000 से ज्यादा आंगनवाड़ियों और 19 हजार से ज्यादा स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था नहीं हो पाई है। 31 मई को 174 स्कूलों और 91 आंगनवाड़ियों में पानी पहुंचाया गया। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में आंगनवाड़ियों और स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था न होने के पीछे वजह यह है कि कई जगह साफ पानी नहीं है, वहीं नल कनेक्शन तो कर दिए गए हैं, लेकिन इनकी जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। प्रदेश में एक साल पहले तक सिर्फ 6327 आंगनवाड़ी केंद्रों में ही पानी की सप्लाई हो रही थी। हालांकि इसके बाद 40 हजार से ज्यादा आंगनवाड़ियों में जल जीवन मिशन के जरिए पेयजल की व्यवस्था की गई है। आंगनवाड़ियों में पानी न पहुंचने पर महिला बाल विकास विभाग की ओर से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पत्र लिखा गया था, जिसमें यह जानकारी सामने आई थी। इसमें यह भी लिखा गया था कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली कनेक्शन नहीं है… लिहाजा जल जीवन मिशन के अंतर्गत लगाए जा रहे पंप को आंगनवाड़ी केंद्रों से बिजली दिया जाना संभव नहीं है, अत: पंप का बिजली कनेक्शन ग्राम पंचायत भवन से लिया जाए।
जल्द समस्या होगी दूर प्रदेश में 65 प्रतिशत से ज्यादा आंगनवाड़ियों में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल की व्यवस्था की गई है। 79.34 प्रतिशत स्कूलों में भी पानी पहुंचाया है। जल्द ही अन्य जगहों पर भी पेयजल की व्यवस्था कर दी जाएगी। अधिकांश स्कूलों में पानी की व्यवस्था कर दी है, लेकिन उसका संचालन करना स्कूलों के हाथ में है।
सीएम शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार शाम राज नगर पहुंचे और बहनों को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के स्वीकृति पत्र प्रदान किए। उन्होंने महिलाओं के परिजनों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने यहां शशि और पिंकी यादव को लाड़ली बहना योजना के स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इस दौरान बहनों ने भी उनके स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी। रहवासी चित्रा जोजारे ने कहा कि उसने कभी सोचा भी नहीं था कि प्रदेश के मुखिया इस तरह घर आकर उन्हें यह सौगात देंगे। सीएम ने कहा एक हजार रुपए महीने की राशि 10 जून से मिलना शुरू हो जाएगी। 10 जून को आपके खाते में एक हजार रुपए जमा हो जाएंगे। राजनगर मोहल्ले की ममता पगारे ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर आने पर गाना गाते हुए गुजारिश की कि भैया मेरे छोटी बहन को ना भुलाना… गाना गाते हुए भाव-विभोर ममता की आंखों में आंसू उमड़ पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन आंसू मत बहाना। ऐसे आत्मीय दृश्य बहुत कम ही देखने को मिलते हैं। मुख्यमंत्री ने भी गाना गाते हुए कहा- एक हजारों में मेरी बहना है…। कालानी नगर के पास राजनगर में मुख्यमंत्री पहुंचे तो यहां एक अलग नजारा था। यहां बहनों और बेटियों ने अपने घरों को सजाया। गलियों में रंगोलियां बनाई गईं और हर घर में एक उत्सवी माहौल बन गया। मुख्यमंत्री के साथ स्थानीय भाजपा नेता और अधिकारी भी थे।
बालासोर (ओडिशा), एजेंसी। हादसे में यशवंतपुर-हावड़ा ट्रेन (12864), शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्स. (12841) और मालगाड़ी टकराईं। बेंगलुरु से हावड़ा जा रही यशवंतपुर-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस (12864) के डिब्बे उतरकर दूसरे ट्रैक पर जा गिरे। इसी दौरान दूसरी ओर से आ रही शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्स. (12841) बेपटरी हुए डिब्बों से जा भिड़ी। इसके कुछ डिब्बे बगल में खड़ी मालगाड़ी से भिड़ गए। मृतकों का आंकड़ा 288 तक पहुंच गया है। भुवनेश्वर से 175 किमी दूर दुर्घटनास्थल पर सबसे पहले स्थानीय लोग पहुंचे। कई टेÑनों का रास्ता बदलना पड़ा है।
एनडीआरएफ की छह टीमें तैनात: रेल हादसे वाली जगह राहत और बचाव कार्यों में जुटी एनडीआरएफ के वरिष्ठ कमांडेंट जैकब किसपोट्टा ने बताया कि हमारी छह टीमें बीती रात से घटनास्थल पर काम कर रही हैं। साथ ही डॉग स्क्वॉड और मेडिकल टीमें भी बचाव कार्यों में जुटी हैं। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने राजस्व मंत्री प्रमिला मल्लिक और एसआरसी सत्यब्रत साहू को मौके पर पहुंचने और स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। पंश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य प्रशासन लगातार ओडिशा सरकार के संपर्क में है। राज्य के मुख्य सचिव के साथ बैठक कर गठित की गई राज्य की टीम को घटनास्थल पर समन्वय के लिए रवाना कर दिया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, तमिलनाडु सरकार के तीन मंत्री भी घटनास्थल पर जा रहे हैं। ओडिशा के मुख्य सचिव हरिकृष्ण द्विवेदी ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन में बड़ी संख्या में प्रदेश के यात्री भी हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
ओडिशा के बालासोर जिले के बहानागा रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को बड़ा ट्रेन हादसा हो गया। स्टेशन के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस (12841-अप), बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी आपस में भिड़ गई। हादसे के बाद 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया जबकि कई ट्रेनों का रास्ता बदला गया है।
एक अधिकारी ने कहा कि ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार शाम को भीषण ट्रिपल ट्रेन दुर्घटना के बाद लंबी दूरी की 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सात ट्रेनों को टाटानगर स्टेशन के रास्ते डायवर्ट किया गया है।
ये ट्रेने हुईं रद्द 12837 हावड़ा-पुरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 2 जून, 2023, 12863 हावड़ा-बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 12839 हावड़ा-चेन्नई मेल यात्रा, 12895 शालीमार-पुरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, -20831 शालीमार-संबलपुर एक्सप्रेस, 02837 संतरागाछी-पुरी स्पेशल एक्सप्रेस और 22201 सियालदह-पुरी दुरंतो एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है।
इन ट्रेनों का बदल गया रास्ता 03229 2 जून 2023 को पुरी से पुरी-पटना स्पेशल वाया जाखपुरा-जरोली रूट से चलेगी, 12840 चेन्नई-हावड़ा मेल चेन्नई से जाखपुरा और जरोली रूट से चलेगी, 18048 वास्को डी गामा-हावड़ा अमरावती एक्सप्रेस वास्को से जाखपुरा-जारोली रूट से चलेगी, 22850 सिकंदराबाद-शालीमार एक्सप्रेस सिकंदराबाद से जाखपुरा और जरोली होते हुए चलेगी, 12801 पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस पुरी से जाखपुरा और जरोली रूट से चलेगी, 18477 पुरी-ऋषिकेश कलिंग उत्कल एक्सप्रेस पुरी से अंगुल-संबलपुर सिटी-झारसुगुड़ा रोड-आईबी रूट से चलेगी, 22804 संबलपुर-शालीमार एक्सप्रेस संबलपुर से वाया संबलपुर सिटी-झारसुगुड़ा रूट से चलेगी, 12509 बैंगलोर-गुवाहाटी एक्सप्रेस बेंगलुरु से विजयनगरम-टिटिलागढ़-झारसुगुड़ा-टाटा रूट से चलेगी और 15929 तांबरम-न्यू तिनसुकिया एक्सप्रेस तांबरम से वाया रानीताल-जारोली रूट से चलेगी।
एनडीआरएफ की तीन टीमें घटनास्थल पर, ओडिशा सरकार से संपर्क में: ममता
माना जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन में बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल के यात्री हैं। इसे देखते हुए बंगाल सरकार लगातार ओड़िशा सरकार के साथ संपर्क में है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य सचिव के साथ बैठक की और हालात की जानकारी ली।
ओड़िशा सरकार के साथ संपर्क में: ममता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य प्रशासन लगातार ओडिशा सरकार से संपर्क में है। राज्य के मुख्य सचिव के साथ बैठक कर गठित की गई राज्य की टीम को घटनास्थल पर समन्वय के लिए रवाना कर दिया गया है।
क्या बोले मुख्य सचिव मुख्य सचिव हरिकृष्ण द्विवेदी ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन में बड़ी संख्या में प्रदेश के यात्री भी हैं। दुर्घटना के बाद हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर एनडीआरएफ के आईजी एनएस बुंदेला ने बताया कि बल की तीन टीमें घटनास्थल पर तैनात कर दी गई हैं। हमारी प्राथमिकता यात्रियों की जान बचाना है। राहत व बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। सर्च लाइटें, हाइलोजन, गैस कटर की व्यवस्था कर रात में भी लोगों की जान बचाने की मुहिम एसडीआरएफ की टीमों के साथ मिलकर चलाई जा रही है।
खड़गपुर, हावड़ा, बालासोर और संतरागाछी से राहत टीमें पहुंचीं, वायुसेना को भी उतारा
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही खड़गपुर, हावड़ा और संतरागाछी से राहत और बचाव के लिए राहत दुर्घटना राहत ट्रेनों को भेजा गया। राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। एनडीआरएफ की टीम, मेडिकल टीम, एंबुलेंस दुर्घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। मामूली घायलों को बालासोर, खंटापारा, सोरो और गोपालपुर स्वास्थ्य इकाइयों में स्थानांतरित किया जा रहा है। हावड़ा, संतरागाछी, शालीमार, खड़गपुर और बालासोर में हेल्पडेस्क खोले गए हैं। इस बीच, जानकारी मिल रही है कि राहत व बचाव कार्य को तेज करने के लिए वायुसेना को भी उतारा गया है।
बंगाल से दक्षिण भारत जाने वाली सभी ट्रेने निरस्त
रेलवे विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि इस दुर्घटना के बाद बंगाल से दक्षिण भारत की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है। कब तक इस रूट पर यातायात बहाल होगी, इस बारे में रेलवे के अधिकारी कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
घटना के बाद के अपडेट:-
ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक व्यक्तिगत रूप से बचाव कार्यों की निगरानी के लिए एसआरसी कंट्रोल रूम पहुंचे। नवीन पटनायक ने कहा कि मैं इस दुखद रेल दुर्घटना के बारे में अभी स्थिति की समीक्षा कर रहा हूं। मैं शनिवार सुबह वहां जाउंगा।
ओडिशा फायर एंड इमरजेंसी सर्विस का एक अतिरिक्त बचाव दल जिसमें ओडिशा फायर एंड डिजास्टर रिस्पांस अकादमी भुवनेश्वर के अग्रिम बचाव उपकरणों के साथ 26 सदस्य शामिल हैं, बचाव के लिए दुर्घटना स्थल पर रवाना।
ओडिशा के मुख्य सचिव ने बताया कि 132 घायलों को सोरो सीएचसी, गोपालपुर सीएचसी और खांटापाड़ा पीएचसी में स्थानांतरित किया गया।
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि हम ओडिशा सरकार और रेलवे अधिकारियों के साथ सहयोग करने और बचाव कार्यों में सहायता के लिए 5-6 सदस्यों की एक टीम मौके पर भेज रहे हैं। मैं मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यक्तिगत रूप से स्थिति की लगातार निगरानी कर रही हूं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ओडिशा के बालासोर जिले में हुई कोरोमंडल ट्रेन दुर्घटना पर चिंता व्यक्त की। 033- 22143526/22535185 सहायता नंबर जारी।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राजस्व मंत्री प्रमिला मल्लिक और एसआरसी सत्यब्रत साहू को मौके पर पहुंचने और स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया।
भुवनेश्वर से अग्निशमन सेवाओं की स्ट्राइकिंग फोर्स का 26 सदस्यीय दल दुर्घटना स्थल पर पहुंचा।
सीएमओ ने बहानगा में बचाव कार्यों की निगरानी और समर्थन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों हेमंत शर्मा, बलवंत सिंह, डीजी फायर सर्विसेज को घटनास्थल पर प्रतिनियुक्त किया।
3 एनडीआरएफ, 4 ओडीआरएफ, कई अग्निशमन सेवा इकाइयाँ और 50 से अधिक एम्बुलेंस बचाव कार्यों में लगी हुई हैं।
लोगों को जानकारी प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक आपातकालीन संपर्क नंबर (91 6782 262 286) जारी किया गया है।
चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए आईपीएल 2023 बेहद खास रहा है। वह इस सीजन सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज नहीं हैं और न ही उन्होंने कोई बड़ी पारी खेली, लेकिन वह अपनी टीम को चैंपियन बनाने में सफल रहे। इसके अलावा उन्होंने डेथ ओवरों में तेजी से रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट बेहद शानदार रहा। विकेट के पीछे उन्होंने अपनी विकेटकीपिंग और कप्तानी से इस सीजन भी खासा प्रभावित किया।
आईपीएल 2023 के फाइनल मुकाबले में धोनी ने शानदार स्टंपिंग कर शुभमन गिल को आउट किया और मैच में अपनी टीम की वापसी कराई। धोनी ने यह स्टंपिंग करने में सिर्फ 0.1 सेकेंड का समय लिया। 41 साल के धोनी की फुर्ती देखकर सभी हैरान रह गए। वीरेन्द्र सहवाग से लेकर सचिन तक कई दिग्गजों ने धोनी की तारीफ की। सभी ने माना कि 41 साल की उम्र में भी धोनी दुनिया के सभी विकेटकीपर से तेज हैं।
महेंद्र सिंह धोनी नेट्स में विकेटकीपिंग का ज्यादा अभ्यास नहीं करते हैं। वह बल्लेबाजी के लिए मेहनत करते हैं और समय मिलने पर उन्हें गेंदबाजी करना भी रास आता है। भले ही मैच में उन्हें कभी यह जिम्मेदारी नहीं मिलती। चेन्नई के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने भी माना धोनी विकेट कीपिंग में बेजोड़ हैं। इस आईपीएल में उन्होंने विकेट कीपिंग पर बिल्कुल भी अभ्यास नहीं किया। डेवोन कॉन्वे के साथ एक बार जरूर वह विकेट कीपिंग के लिए उतरे, लेकिन वह एक तरह से मजाक था।