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परिणीति – राघव से लेकर दीपिका पादुकोण तक

शुक्रवार को मुंबई एयरपोर्ट पर कई बॉलीवुड सेलेब्स को स्टाइलिश लुक में स्पॉट किया गया। इस लिस्ट में दीपिका पादुकोण, श्रद्धा कपूर, अनन्या पांडे, गौहर खान और परिणीति चोपड़ा का नाम शामिल है। दीपिका पादुकोण एयरपोर्ट पर आॅल व्हाइट लुक में दिखाई दीं। उन्होंने व्हाइट जैकेट के साथ मैचिंग ट्राउजर पहन रखा था, जो काफी कूल रहा है। इस लुक को उन्होंने ब्लैक गॉगल्स और ब्लैक हैंडबैग के साथ कम्पलीट किया है। परिणीति चोपड़ा को एयरपोर्ट पर उनके मंगेतर आप नेता राघव चड्ढा के साथ देखा गया। दोनों ब्लू आउटफिट में ट्विनिंग करते नजर आए। एक्ट्रेस ने व्हाइट टॉप के साथ ब्लू मैचिंग श्रग और ट्राउजर कैरी किया था। परिणीति ने सनग्लासेस लगा रखे हैं, जबकि राघव फॉर्मल लुक में नजर आए। वह ब्लू लाइनिंग शर्ट और ब्लैक ट्राउजर में दिखाई दिए। बता दें, कपल ने 13 मई को दिल्ली के कपूरथला हाउस में सगाई की है। अब दोनों जल्दी ही शादी करने जा रहे हैं। अनन्या पांडे एकदम कैजुअल लुक में एयरपोर्ट पहुंचीं। एक्ट्रेस ने पिंक टॉप के साथ डेनिम जीन्स पहनी हुई है। इस दौरान वह नो मेकअप लुक में काफी खूबसूरत लग रही हैं। अनन्या ने स्माइल करते हुए पैपराजी को पोज भी दिए। श्रद्धा कपूर अक्सर अपने सिंपल अंदाज को लेकर सुर्खियां बटोरती है। शुक्रवार को उन्हें एयरपोर्ट पर काफी एलिगेंट लुक में देखा गया।

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‘गदर-2’ के रिलीज होते ही सनी देओल ने लोगों से मांगी माफी

इस शुक्रवार सनी देओल की फिल्म ‘गदर-2’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। सनी देओल काफी समय से जोर-शोर से ‘गदर-2’ के प्रमोशन में लगे थे और अब जब फिल्म थिएटर्स में रिलीज हुई है तो एक्टर ने दर्शकों से माफी मांगी है। आखिर ऐसा क्या हुआ, जो सनी देओल को लोगों से माफी मांगनी पड़ी? आइए बताते हैं… सनी देओल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर 11 अगस्त को एक वीडियो शेयर किया, जिसमें फैंस और दर्शकों से बात की। सनी देओल ने कहा- लोगों से गुजारिश की कि वो फिल्म जाकर देखें और अगर पसंद न आए तो माफ कर दें, लेकिन झगड़ा बिल्कुल भी न करें।
वीडियो में सनी देओल कह रहे हैं- इतने दिनों से मैं घूम रहा हूं चारों तरफ। आप लोगों के साथ बात कर रहा हूं। मुझे पता है कि आप तारा सिंह और सकीना के परिवार को बहुत प्यार करते हैं। इसका इंतजार कर रहे थे… और आज आप उस परिवार को देखने जा रहे हैं। बस यही कहूंगा कि यह परिवार बिल्कुल वैसा ही है, जैसा आपने छोड़ा था… वही प्यारा-सा परिवार है। आप सब जब मिलने जाएंगे उन्हें तो आप बहुत खुश होंगे… और कहीं गलती से कहीं किसी को ये परिवार पसंद नहीं आया तो झगड़िएगा मत। माफ कर दीजिएगा, क्योंकि दिल में सिर्फ प्यार होना चाहिए, और वो सिर्फ परिवारवाले जानते हैं। लव यू आॅल। आॅल द बेस्ट।’

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लक्षद्वीप में शराबबंदी का खेल…!

हर दल अपनी सुविधा और वोट बैंक की राजनीति के हिसाब से अपनी नीतियां बदलता रहा है। यही वजह है कि विपक्षी दल भाजपा के निशाने पर रहे हैं। विपक्षी दल जब तक जनहित और देशहित के व्यापक मुद्दों पर नीतिगत निर्णय नहीं लेंगे, तब तक आम लोगों में उनके प्रति विश्वास कायम होना मुश्किल है। इसी से भाजपा को भी मौका मिलता है। उम्मीद यही की जाती है कि मुंबई में होने वाली विपक्षी दलों की तीसरी बैठक में जनहित से जुड़े मुद्दों पर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। सुविधा के हिसाब से नीतियां बदलना विपक्षी दलों को छोड़ा होगा। हालांकि विपक्षी दलों की दो बैठकों के परिणाम सिर्फ मेल-मिलाप तक ही सीमित रहे हैं। इन बैठकों में सिर्फ विपक्षी एकता का नया नाम इंडिया ही तय किया जा सका। देखना यही है कि मुंबई की बैठक में विपक्षी दल देश के सामने किस नए रंगरूप में पेश होते हैं। भाजपा को भी इसी बात का इंतजार है, ताकि आरोपों के नए हथियारों को धार दी जा सके। विपक्षी दलों को अपने भीतर के अंतर्विरोध पहले दूर करने होंगे, तभी वे सत्तापक्ष के सामने एकजुट दिखाई दे सकेंगे, अन्यथा संसद में भी वे हार गए हैं।
विपक्षी दल वोट बैंक को पाने के लिए कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते। बेशक इसके लिए उन्हें भेदभाव, धर्म-जाति और अन्य ऐसे ही मुद्दों का सहारा क्यों न लेना पड़े! विपक्षी दलों की इसी छद्म नीति को भारतीय जनता पार्टी उजागर करती रही है। केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में विपक्षी दलों का यही चेहरा सामने आया है। विपक्षी दल इस प्रदेश में शराबबंदी हटाने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। विपक्षी दलों का यह विरोध अल्पसंख्यक वोट बैंक को रिझाने के लिए है, जबकि लक्षद्वीप प्रशासन पर्यटकों की सुविधा और मांग के मद्देनजर इस प्रदेश में शराबबंदी हटाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। लक्षद्वीप प्रशासन ने एक मसौदा उत्पाद शुल्क विनियमन विधेयक प्रकाशित किया है और द्वीप समूह में शराब की बिक्री और खपत की अनुमति देने पर स्थानीय निवासियों से सुझाव मांगे हैं। कांग्रेस, एनसीपी और अन्य विपक्षी दल इस प्रस्ताव के विरोध पर आमदा हैं। विपक्षी दलों की दलील है कि लक्षद्वीप की 97 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है, जो मानते हैं कि शराब का सेवन उनकी संस्कृति और धार्मिक परंपरा के खिलाफ है।
सन् 1979 में द्वीपों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की मांग को पूरा करने के लिए एक निर्जन द्वीप बंगाराम के रिसॉर्ट्स में शराब परोसी जाती है। प्रशासन ने द्वीप पर बनने वाले नए पांच सितारा होटलों में शराब की अनुमति देने का प्रावधान किया है। ड्राफ्ट बिल में एक्साइज कमिश्नर की पोस्टिंग का प्रस्ताव है। मसौदा विधेयक में शराब की बिक्री और खपत की निगरानी और विनियमन के लिए उत्पाद शुल्क आयुक्त और सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव है। शराब के निर्माण, बिक्री और उपभोग से संबंधित तकनीकी या कानूनी मुद्दों पर प्रशासक को सलाह देने के लिए विशेषज्ञों का एक बोर्ड गठित किया जाएगा। विनियमन के प्रावधानों के अधीन, उत्पाद शुल्क आयुक्त किसी भी स्थानीय क्षेत्र के भीतर थोक या खुदरा द्वारा निर्माण और बिक्री के लिए लाइसेंस या पट्टा दे सकता है। प्रशासन को शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश देने का अधिकार है, लेकिन लाइसेंस वर्ष में बंद दिनों की संख्या कुल मिलाकर सात दिनों से अधिक या लगातार तीन दिनों से अधिक नहीं होगी। गौरतलब है कि विपक्षी गठबंधन इंडिया के प्रमुख घटक समाजवादी पार्टी व उसके समर्थित मुस्लिम संगठनों ने मथुरा में शराब और मांस की बिक्री प्रतिबंधित करने के योगी सरकार के निर्णय का विरोध किया था। योगी सरकार के इस फैसले के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक मुस्लिम सामाजिक कार्यकर्ता शाहिदा ने याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने मथुरा-वृंदावन के 22 वार्डों में प्रदेश सरकार द्वारा शराब व मांस की बिक्री पर रोक लगाने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका खारिज कर दी गई। कोर्ट ने याचिका खारिज कर कहा था कि भारत विविधताओं का देश है। अगर देश में एकता बनाए रखना है तो सभी समुदायों और धर्मों का समादर बहुत जरूरी है। हमारे देश में विविधताओं के बावजूद एकता यहां की खूबसूरती है।
वर्ष-2016 में बिहार में शराब पर प्रतिबंध लगाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्तरप्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की वकालत की थी, जिस पर सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी ने तुरंत आलोचना की। समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री नीतीश पर राज्य के खिलाफ नकारात्मक टिप्पणियां करने और इस तरह ‘सांप्रदायिक ताकतों को मजबूत करने’ का आरोप लगाया था। समाजवादी पार्टी की दलील थी कि सरकार के खिलाफ उनकी टिप्पणियों से सांप्रदायिक ताकतों को बढ़ावा मिलेगा, जिनके खिलाफ उत्तरप्रदेश सरकार लड़ रही है। यह अलग बात है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर एक-दूसरे को गरियाने के बावजूद दोनों ही दल अब जोर-शोर से विपक्षी एकता की कवायद में जुटे हुए हैं। छद्म धर्मनिरपेक्षता का आलम यह है कि इसमें राजनीतिक दल ही नहीं, अभिनेता भी पीछे नहीं हैं। लक्षद्वीप के कट्टरपंथी मुसलमानों ने ‘अनारकली’ की शूटिंग नहीं होने दी, पर अभिनेता पृथ्वीराज के लिए वहां सब चंगा था। लक्षद्वीप के ‘बहुसंख्यकों’ के बचाव में शराब की दुकानें खोले जाने के विरोध में मलयाली अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन भी सामने आए थे, जिन्हें खुद इसी द्वीप के कट्टरपंथियों द्वारा अपनी ही फिल्म ‘अनारकली’ की शूटिंग के पीछे काफी विरोध का सामना करना पड़ा था। निश्चित तौर पर मद्यपान के नुकसान सर्वविदित है, लेकिन सिर्फ एकतरफा धर्म और संस्कृति के आधार पर वोट की खातिर इस मुद्दे का समर्थन या विरोध करना विपक्षी दलों की असलियत को उजागर करता है। यही वजह है कि ऐसे दोहरे मापदंडों की वजह से भाजपा विपक्षी दलों पर हमलावर रही है। विपक्षी दल सामाजिक, धार्मिक सहित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर कभी भी एक राय कायम नहीं कर सके।
(ये लेखक के अपने निजी विचार हैं)

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महापौर की निगम विद्युत विभाग व एमपीईबी विभाग के साथ बैठक

हर जरूरी सुविधा देते हुए बिजली की खपत की जाए कम……

लोगों की हर समस्या का ध्यान रखते हुए बिजली की खपत कम करने पर ध्यान दिया जाए। दिन में अनावश्यक स्ट्रीट लाइट न जले… इस दिशा में भी कारगर कदम उठाए जाएं। यह निदेश महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निगम विद्युत विभाग व एमपीईबी विभाग के अधिकारियों को दिए। महापौर भार्गव ने महापौर सभाकक्ष में ली बैठक में विद्युत प्रभारी जीतू यादव, अपर आयुक्त मनोज पाठक, अधीक्षण यंत्री राकेश अखण्ड, एमपीईबी के संचालक तकनीकी सचिन तलेवार, मुख्य अभियंता सीताराम वमनके, मनोज शर्मा, योगेश आठनेरे व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
महापौर भार्गव ने कहा कि नगर निगम इंदौर द्वारा नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं देने के साथ ही शहर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के क्रम में शहर में बिजली की खपत को कम करने के उद्देश्य से शहर में 80 हजार से अधिक एलईडी लाइट लगाने का कार्य किया गया है। इसके साथ ही शहर में लगाई गई स्ट्रीट लाइट में एमपीईबी के माध्यम से की गई केबल वायरिंग के परिणामस्वरूप शहर में 17500 से अधिक स्ट्रीट लाइट दिन में भी अनावश्यक रूप से चालू रहने के कारण लॉस आॅफ एनर्जी होकर विद्युत खपत हो रही है… इसको दृष्टिगत रखते हुए आज एमपीईबी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली गई है।

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मौत का कुआ ना बन जाए पीपल्याहाना का स्विमिंग पूल

इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा पीपल्याहाना क्षेत्र में निर्मित इंटरनेशनल स्तर के स्विमिंग पूल का अभी उद्घाटन नहीं हुआ है। इसके निर्माण में जो तकनीकी खामियां हैं, उसे समय रहते दूर नहीं किया गया तो शहर को मिलने वाली यह सौगात मौत का कुआं भी बन सकती है।
प्राधिकरण द्वारा निर्मित यह पूल अंतरराष्ट्रीय मानक स्तर पर नौ फीट गहरा बनाया गया है, ताकि ऐसी सभी स्पर्धाएं यहां कराई जा सकें, लेकिन पूरे साल तो इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन होना नहीं है, जाहिर है बाकी समय में शहर के तैराकों के साथ ही इस क्षेत्र के बच्चे भी तैराकी सीखने आएंगे। नेहरू पार्क और महू नाका स्थित तरण पुष्कर में तैराकी सीखने वालों के लिए प्रारंभ में चार फीट जितनी गहराई रहती है। यहां सीखने के बाद ही पांच और नौ फीट गहराई में स्विमिंग की जा सकती है, लेकिन इस स्विमिंग पूल में एक छोर से दूसरे छोर तक गहराई एक समान 9 फीट रखी गई है। इतनी अधिक गहराई की वजह से नौसिखिए तैराक को पैर टिकाने के लिए नीचे जमीन नहीं मिल पाएगी। गहराई अधिक होने की वजह से समय रहते सेफ्टी नहीं मिल पाएगी। ओपन पूल का बाउंड्रीवॉल इतनी छोटी है कि बाहर से कोई भी व्यक्ति अंदर छलांग लगा सकता है। प्राधिकरण ने इस स्विमिंग पूल को दो लाख रु. साल लीज पर देने का निर्णय किया है। इसकी शर्तों में पानी की पूर्ति, 15 लाइफ गार्ड, 10 सुरक्षा गार्ड आदि की जिम्मेदारी भी संबंधित पार्टी की ही रहेगी।

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