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भारत ने दूसरा मुकाबला जीता न्यूजीलैंड को 3-1 से हराया

ऋकऌ विमेंस ओलंपिक क्वालिफायर में रविवार को करो या मरो मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराया। इसी के साथ भारत के लिए ओलिंपिक क्वालिफिकेशन की उम्मीद बनी हुई है। भारत के लिए पहले ही मिनट में कुमारी संगीता, 12वें मिनट में उदिता और ब्यूटी डुंगडुंग ने 14वें मिनट में गोल दागा। न्यूजीलैंड की ओर से हल मेगन ने 9वें मिनट में इकलौता गोल दागा।
भारत का अगला और आखिरी मुकाबला इटली के खिलाफ 16 जनवरी को होगा। अमेरिका के खिलाप 0-1 से हार मिलने के बाद भारत ने आज शुरूआती मिनट में ही गोल दाग दिया। संगीता कुमारी ने यह गोल दागा। नेहा के पास पर संगीता ने फील्ड गोल दागा।
दोनों टीमों ने अगले मिनटों में पेनल्टी कॉर्नर लिए। इसमें न्यूजीलैंड ने बाजी मारी और मेगन हॉल ने 9वें मिनट में बॉल को पहुंचा दिया। चार मिनट बाद, लालरेम्सियामी ने सर्कल में अच्छा प्रदर्शन करके भारत को पेनल्टी कॉर्नर जीतने में मदद की और उदिता ने इसे गोल में तब्दील कर दिया।
भारत ने पहले क्वार्टर में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और 14वें मिनट में अपनी बढ़त 3-1 कर ली, जब झारखंड की सलीमा और ब्यूटी डुंगडुंग ने मिलकर मेजबान टीम के लिए तीसरा गोल किया।
अगले तीन क्वार्टर में कोई गोल नहीं- 3-1 की बढ़त ने भारत को दूसरे क्वार्टर में आरामदायक स्थिति में ला दिया। हालांकि इस क्वार्टर में कोई गोल नहीं हुआ, पहले 15 मिनट की तेज गेम के बाद दोनों धीमी हो गई। अगले तीन क्वार्टर में कोई गोल नहीं हुआ।

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देशभक्ति के जज्बे से भरी है फिल्म की कहानी

बॉलीवुड सुपरस्टार ऋतिक रोशन अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ह्यफाइटरह्ण को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। उनके साथ फिल्म में दीपिका पादुकोण और अनिल कपूर भी अहम किरदार में नजर आएंगे। यह फिल्म गणतंत्र दिवस के मौके पर 25 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। उससे पहले दर्शकों को फिल्म के ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार है। दर्शकों की उत्सुकता को देखते हुए मेकर्स आज सोमवार, 15 जनवरी को फाइटर का ट्रेलर रिलीज करने जा रहे हैं।
ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण स्टारर ह्यफाइटरह्ण का ट्रेलर आज 15 जनवरी को दोपहर 12 बजे रिलीज किया जाएगा। फाइटर का ट्रेलर 3 मिनट, 23 सेकेंड लंबा होगा। हर कोई इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का ट्रेलर देखने के लिए काफी ज्यादा उत्सुक है। ह्यफाइटरह्ण का ट्रेलर एक अनूठी प्रचार रणनीति के तहत लॉन्च किया जाएगा। फिल्म का ट्रेलर भारत के सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाएगा। फिल्म का ट्रेलर आईमैक्स स्क्रीन के साथ-साथ चुनिंदा पीवीआर और आईनॉक्स सिनेमाघरों पर भी उपलब्ध होगा। ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण फिल्म ह्यफाइटरह्ण में पहली बार बड़े प् ार्दे पर स्क्रीन साझा करते हुए दिखाई देंगे। दर्शक इनकी जोड़ी को पर्दे पर देखने के लिए उत्सुक हैं।
ऋतिक रोशन फाइटर में स्क्वाड्रन लीडर शमशेर पठानिया उर्फ पैटी की भूमिका में नजर आएंगे। वहीं, दीपिका पादुकोण स्क्वाड्रन लीडर मीनल राठौड़ उर्फ मिन्नी का किरदार निभा रही हैं। इन दोनों सुपरस्टार के अलावा फिल्म में अनिल कपूर भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं, जो ग्रुप कैप्टन राकेश जय सिंह उर्फ रॉकी के किरदार में नजर आएंगे।

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अब ट्रैफिक और नशामुक्ती में भी बनाएंगे इंदौर होगा नंबर वन : विजयवर्गीय

इंदौर स्थित केंद्रीय सरकारी कर्मचारी कल्याण समिति द्वारा ट्रैफिक नियमों और नशाखोरी के दुष्परिणामों पर केंद्रित जागरूकता मिनी मैराथन का आयोजन किया गया। यह मैराथन रविवार की प्रात: 7:30 बजे नेहरू स्टेडियम से आरंभ होकर शिवाजी प्रतिमा, गीता भवन चौराहा, पलासिया चौराहा, गिटार चौराहा होते हुए इसी मार्ग से वापस लौटी।
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि स्वच्छता के मामले में इंदौर देश में सातवीं नंबर वन रहा है और अब हम सभी के प्रयासों से यातायात व्यवस्था के साथ ही नशाखोरी मुक्ति में भी इंदौर नंबर वन की कतार में है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सरकार की सरकारी कर्मचारी कल्याण समन्वय समिति का यह प्रयास सराहनीय है। मैराथन के जरिए ट्रैफिक नियमों के पालन करने के साथ ही नशाखोरी के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया है।
इस अवसर पर ट्रैफिक नियमों के पालन तथा नशाखोरीमुक्ति पर शपथ भी दिलवाई गई। कार्यक्रम के दौरान मैराथन में सहयोगी रहे ओमेक्स, अग्रवाल ग्रुप, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के साथ ही केंद्रीय सरकार के पर्यटन विभाग को मंत्री विजयवर्गीय ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मैराथन कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय संचार ब्यूरो की पब्लिसिटी वैन के जरिए ट्रैफिक नियमों के साथ ही नशाखोरी मुक्ति पर केंद्रित वीडियो और आॅडियो प्रसारित किए। इससे पूर्व समिति के अध्यक्ष विजयपाल राव न्यायिक सदस्य आयकर अपीलीय अधिकरण ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि इस बार समिति ने ट्रैफिक नियमों के पालन तथा नशाखोरी मुक्ति की दिशा में जागरूकता के लिए मैराथन आयोजित की है। आगे भी समिति नए-नए विषयों को लेकर कार्य करेगी। समिति सचिव सुनील साहू, उपायुक्त सीजीएसटी ने समिति के कार्य विषयों के साथ ही मैराथन के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर समिति अध्यक्ष विजयपाल राव, उपाध्यक्ष बीएम बियाणी लेखा सदस्य आयकर अपीलीय अधिकरण, प्रीति अग्रवाल पोस्ट मास्टर जनरल इंदौर परिक्षेत्र, अतिरिक्त आयुक्त ट्रैफिक पुलिस मनीष अग्रवाल, प्रधान आयकर आयुक्त अजय अत्री सहित समिति के संयुक्त सचिव एवं एग्जीक्यूटिव सदस्य तथा केंद्र सरकार के कार्यालयों के प्रमुख और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। इस अवसर पर सभी मैराथन धावकों को समिति ने मेडल से सम्मानित किया। मैराथन में तकरीबन 700 लोगों की सहभागिता रही। मुख्यत: जिसमें बीएसएफ, पुलिस के जवान शामिल थे। समिति के उपाध्यक्ष एवं आयकर अपीलीय अधिकरण के लेखा सदस्य बीएम बियानी ने आभार व्यक्त किया।

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मेरा गांव मेरी अयोध्या : बैंडबाजे के साथ पीले चावल से दिया जा रहा न्योता

नगर में श्रीराम जन्मभूमि प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारी को लेकर नगर में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बाजार चौक स्थित रामेषठ हनुमान मंदिर पर 15 जनवरी से 151 घंटे का अखंड हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन होगा। इस उपलक्ष्य में गलियों एवं चौराहे पर केसरिया ध्वजा पताका एवं वंदनवार से पूरे नगर को सजाया जा रहा है।
विश्व प्रसिद्ध श्री 24 अवतार मंदिर परिसर में पंडित गौरव व्यास की रामकथा का आयोजन किया जा रहा है तो दूसरी ओर राठौर समाज की ओर से एक प्रचार वाहन पूरे नगर में भ्रमण कर रहा है, जिसमें अयोध्या में होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की जानकारी दी जा रही है। सामाजिक समरसता की मिशाल कायम करने वाली जबरेश्वर सेना द्वारा जय स्तंभ चौक पर महाआरती एवं विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें हजारों लोग महाप्रसादी का लाभ प्राप्त करेंगे। महाआरती एवं भंडारे को सफल बनाने के लिए जबरेश्वर सेना के कार्यकर्ता लगे हुए हैं।
गौतमपुरा में निकली मनमोहक झांकियां और विशाल जुलूस- अयोध्या में श्रीरामजी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर सभी गांवों-नगरों में अलग-अलग विशाल और भव्य आयोजन किए जा रहे हैं… कहीं कलश यात्रा तो कहीं प्रभातफेरी तो कहीं सुन्दर काण्ड… आदि आयोजन किए जा रहे हैं। इसी तरह गौतम ऋषि की नगरी रूणजी गौतमपुरा में अक्षत कलश यात्रा का आयोजन किया गया। शांति व्यवस्था हेतु पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद दिखा।

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पतंगबाज की यादेंहवा में बनाए रखना ही अच्छी पतंगबाजी

पतंग का नाम सुनते ही ना जाने कितनी खट्टी-मीठी यादें मन में दौड़ जाती हैं। 80 के दशक में अलग-अलग प्रकार की पतंगों से बाजार पटे रहते थे। सिरकटी, तिरंगी, चौकड़ी, परियल, डंडियल, कानभात, आंखभात, चांदभात, गिलासिया, चुग्गी, ढग्गा… और भी ना जाने कितने अनूठे प्रकार की पतंगे होती थीं।
पतंग बनाना और उनको उड़ाना एक विशिष्ट कला होती थी। किसी गली में डोर ‘सूती’ जा रही है। कोई फ्यूज बल्बों को फोड़कर कांच पीस रहा है। कोई ‘सरस’ या नीला थोथा रंग के साथ घोल रहा है। घोल तैयार होते ही किसी के हाथों में धागे की ‘रील’ होती है… और कोई उसे घोल में डुबोकर ‘चकरी’ में लपेट रहा है। इस चकरी को ‘हुचका’ या ‘उचका’ भी कहते हैं। बिजली के दो खंभों के बीच यह डोर सुखाई जाती है और फिर लपेट ली जाती है। यह संक्रांति की पूर्व संध्या की बात होती थी… खैर! अब तो डोर और पतंग बाजार से ले आते हैं।
उस्ताद लोग हम बच्चों को पतंग उड़ाने की कला स्टेप बॉय स्टेप सिखाते थे। सबसे पहले जोते बांधना सिखाया जाता था। यह एक युक्तिसंगत वैज्ञानिक प्रक्रिया है। सबसे पहले तो अपनी पतंग को मांझे से बांधें। इसके लिए मांझे का लगभग 1 मीटर लम्बाई का धागा तोड़ लें और उसे दोहरा कर लें। अब आप पतंग के बीच में धनुषाकार किमची और लम्बवत किमची के मिलने वाले जगह में एक छेद लेफ्ट साइड में ऊपर की तरफ करें और दूसरा चीड़ राइट साइड में नीचे की तरफ करें (ऊपर-नीचे तिरछे छेद) और मांझे के एक सिरे को बांधें… इसी तरह आप पतंग के नीचे वाले हिस्से में छेद करें और मांझे को बांधे। अब आप मांझे को बीच में से पकड़ें और उसे दोनों तरफ समान लम्बाई में नापें और मांझे के ठीक बीच में ऊपरी हिस्से में एक लगभग 1 इंच का लूप रखते हुए गांठ लगा दें। पतंग को लूप से पकड़कर जमीन से ऊपर उठाकर हवा में लहराकर उसका बैलेंस देख लें। यदि दोनों तरफ समान है… पतंग के जोते तैयार हैं।
यदि पतंग एक तरफ झुक रही है तो दूसरीं तरफ मोटे धागे या सुतली का टुकड़ा बांधकर उसको बैलेंस किया जाता था… इस कला को खिरनी बांधना कहते हैं।
अब उस लूप में मांझे को कसकर गठान लगाकर बांधें और अपने हाथ में मांझे को पकड़ें और अपने साथी को बोलें कि वो पतंग को आपसे दूर ले जाकर जाए और पतंग को दोनों कोनों से पकड़कर हवा की दिशा (हवा का प्रवाह आपके पीछे से आपकी साथी के चेहरे की तरफ हो) में खड़ा हो। धागे को तानें और साथी को पतंग को हवा में ऊपर धकेलने / उछालने के लिए बोलें, ताकि आपकी पतंग हवा में आ सके। इस बात को ध्यान में रखें कि पतंग को उड़ने के लिए पेड़ या अन्य कोई भी किसी भी तरह की रूकावट न हो, साथ ही आप हवा की दिशा में ही पतंग को उड़ाएं, ताकि आपकी पतंग को जरूरी हवा मिलती रहे। जैसे ही वो उड़नची दे… तुरन्त मांझे को दो चार हाथ खिंचें… पतंग उड़ने लगेगी।
पतंग को हवा में बनाए रखने के लिए अंगूठे और उंगली के मध्य पकड़े धागे को कोहनी के जोड़ के दम पर कलाई से धागे को जर्क दिया जाता है, जिससे पतंग ऊपर चढ़ती है और इधर-उधर भटकने से बचती है। ढील दें, ठुनकी दें और अपनी पतंग को ऊपर उठते हुए देखते हुए पतंग उड़ाने का आनंद लें।
पेंच दो तरह से लड़ाए जाते हैं… डोर खींचकर या ढील देकर। डोर खींचकर पेंच लड़ाना चाहते हैं तो आपकी पतंग विरोधी पतंग से नीचे होनी चाहिए। अगर ढील देकर पेंच लड़ाना चाहते हैं तो ध्यान रखें कि डोर को धीरे-धीरे छोड़ें। इस दौरान पतंग को गोल-गोल घुमाते रहेंगे तो जीतने की संभावना ज्यादा रहेगी। पेंच लड़ाते समय ठुनकी देते हुए मांझा टकराएं। जैसे ही आपको लगे कि आपकी ठुनकी से आपके पतंग ने जोर पकड़ा है… रप्प से ढील दें और विरोधी के मांझे पर रिग्गे पटककर काट दें और गर्व से चिल्लाएं का …. ट …..टा …..है…!

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