इंदौर। ‘हिन्दुस्तान मेल’ हमेशा अपनी खबरों में ईमानदारी और साहस से सच्चाई को रखता आया है। इसी ईमानदारी का परिणाम है कि कार्रवाई भी की जाती है। हिन्दुस्तान मेल में 29 अप्रैल, 2023 को ‘कर हस्ताक्षर खा तनख्वाह’ शीर्षक से प्रकाशित खबर ने अपना असर पुरजोर तरीके से दिखाया है। दरअसल स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी संजय केसनिया को बिना अपनी ड्यूटी किए ही तनख्वाह दी जा रही थी और उनके काम में सिविल सर्जन अधिकारी डॉ. प्रदीप गोयल का भी सहयोग था। इस खबर की चर्चा बड़े अधिकारियों के कानों तक भी पहुंची। इसी कारण कार्यालय क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं इंदौर संभाग ने कार्रवाई करते हुए संजय केसनिया को एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में हिन्दुस्तान मेल के समाचार के शीर्षक का प्रमुखता से उल्लेख करते हुए संजय केसनिया से तीन दिन में जवाब मांगा है। केसनिया अब बुरी तरह से फंस चुके हैं, क्योंकि उन पर केवल बिना ड्यूटी के तनख्वाह लेने का आरोप ही नहीं है, बल्कि और भी गंभीर आरोप है। कुछ लोगों का कहना है- केसनिया लोगों से पैसे खाकर उन्हें नौकरी लगवाने का लालच देते हैं। ऐसे ही कुछ लोगों ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की है। उन लोगों का आरोप है कि संजय केसनिया ने उन्हें नौकरी लगवाने का लालच दिया और अपनी पत्नी महिमा केसनिया के अकाउंट में पैसे डलवाए। उन लोगों ने यूपीआई के माध्यम से पैसे ट्रांसफर किए जाने के स्क्रीन शॉट भी हिन्दुस्तान मेल के संवाददाता को दिए हैं। जब इस संवाददाता ने संजय केसनिया से बात करना चाही तो उनका मोबाइल बंद था।