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ग्वालियर-चंबल कांग्रेस का गढ़ है, सिंधिया की बपौती नहीं….

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह पिता और मुख्यमंत्री रहे स्व. अर्जुन सिंह ‘दाऊ साब’ की सिंधिया परिवार के खिलाफ पुरानी ‘अदावत’ के चलते ग्वालियर-चंबल में मोर्चा संभाले हुए हैं। अजय सिंह अपने दौरे में कांग्रेस को एकजुट करने और सिंधिया के गढ़ माने जाने वाले ग्वालियर-चंबल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तैयार करने के लिए डटे हुए हैं। ग्वालियर आने के बाद जिले के वरिष्ठ व आम कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनका हालचाल पूछ रहे हैं। सिंह ने पूर्व मंत्री भगवानसिंह यादव व पूर्व मंत्री लाखन सिंह समेत वरिष्ठ कांग्रेसियों से मंत्रणा की। डबरा रवाना होने से पूर्व अजय सिंह ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार दावा कर रही है कि किसानों की आय दोगुनी हो गई, जबकि वास्तविकता है कि किसानों की आंखों से आंसू पोंछने वाला कोई नहीं है। किसान प्याज सड़कों पर फेंक रहा है।

सिंह का दावा, बब्बू की सुरक्षा की गारंटी मैं लेता हूं, कांग्रेस में आएं
अजय सिंह ने जबलपुर के भाजपा के पूर्व विधायक हरेंद्रजीत सिंह बब्बू के दर्द पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा स्वयं को सभी दलों से अलग होने का दावा करती थी। अब यह बीमारी भाजपा में है। इसका प्रमाण बब्बू का दर्द है। बब्बू उस समय भी विधायक थे, जब मैं जबलपुर का प्रभारी मंत्री था। वो अच्छे इंसान हैं। अगर उन्होंने जान के खतरे का अंदेशा जताया है, तो उनकी सुरक्षा की गांरटी मैं लेता हूं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं।

केंद्रीय मंत्री तोमर, पवैया से शिवराज की एकांत में चर्चा के बाद राजनीति गरमाई

हिन्दुस्तान मेल, भोपाल। शुक्रवार को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, महाराष्ट्र प्रभारी जयभान सिंह पवैया को मंत्रणा के लिए अपने साथ में मुख्यमंत्री आवास पर ले जाने से राजनीति गरमा गई है। इसकी वजह यह है कि सिंधिया जब कांग्रेस में थे, तब से ये दोनों नेता उनके धुर विरोधी रहे हैं। यह अलग बात है कि सिंधिया के भाजपा प्रवेश के बाद ये दोनों सार्वजनिक रूप से उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलते हैं। अंचल में वर्तमान में जो राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं, उससे इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टिकट को लेकर भाजपा में अभी से घमासान मचना शुरू हो गया है। चर्चा है कि अंचल के कई नेता कांग्रेस और आप के संपर्क में हैं। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ व दिग्विजय सिंह ने अपनी टीम के प्रमुख सदस्यों को अंचल में उतार रखा है। इससे भाजपा नेता चिंतित हैं।

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