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फाइनल में मैग्नस कार्लसन को दी कड़ी टक्कर, बने उपविजेता

हार कर भी हीरो बने प्रगनानंदा पीएम मोदी बोले- प्रतिभा पर हमें गर्व……………

भारत के युवा चेस खिलाड़ी रमेशबाबू प्रगनानंदा का फीडे वर्ल्ड कप जीतने का सपना भले ही टूट गया, लेकिन वे हार कर भी भारतीयों के हीरो बन गए हैं। अपनी प्रतिभा से उन्होंने सभी का दिल जीत लिया है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अजरबैजान के बाकू में फिडे शतरंज विश्‍व कप में उपविजेता रहने के लिए युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर रमेशबाबू प्रगनानंदा की सराहना की। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि हमें फिडे विश्‍व कप में शानदार प्रदर्शन के लिए प्रगनानंद पर गर्व है! उन्होंने अपने असाधारण कौशल का प्रदर्शन किया और फाइनल में कार्लसन को कड़ी टक्कर दी। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। उन्हें आगामी टूर्नामेंटों के लिए शुभकामनाएं।
भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर आर. प्रगनानंद बुधवार को फिडे विश्‍व कप में उपविजेता रहे। 18 वर्षीय शतरंज स्टार ने हालांकि कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में अपनी सीट पक्की कर ली, जो अगले वर्ष कनाडा में होगा। फिडे विश्‍व कप में प्रगनानंद का प्रदर्शन शानदार रहा। फाइनल मैच के टाई-ब्रेकर में प्रगनानंद दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी और पूर्व विश्व चैंपियन नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन से हार गए। उन्हें कार्लसन ने फाइनल के टाईब्रेकर में 1.5-0.5 से हराया।
टाईब्रेकर का पहला रैपिड गेम नॉर्वे के खिलाड़ी ने 47 मूव के बाद जीता था। दूसरा गेम ड्रॉ रहा और कार्लसन चैंपियन बन गए। इससे पहले, दोनों ने क्लासिकल राउंड के दोनों गेम ड्रॉ खेले थे। प्रगनानंदा अगर यह मुकाबला जीत जाते तो 21 साल बाद कोई भारतीय यह टाइटल जीतता।

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शतरंज : इतिहास रचने से एक कदम दूर प्रगनानंदा……प्रेशर कुकर लेकर चलती हैं मां, ताकि बेटे को विदेश में भी मनपसंद खाना मिले………

चंद्रयान-3 की सफलता के बाद आज भारत की नजरें युवा चेस प्लेयर प्रगनानंदा पर टिकी रहेंगी। वे इस समय मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन के खिलाफ अजरबैजान के बाकू शहर में फीडे चेस वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला खेल रहे हैं। दो क्लासिकल गेम के बाद दोनों खिलाड़ी बराबरी पर चल रहे हैं। अब चैंपियन का फैसला आज रैपिड चेस के जरिए टाईब्रेकर से होगा।
अगर वे कार्लसन को मात देने में कामयाब हो जाते हैं, तो 21 साल बाद कोई भारतीय यह टाइटल जीतेगा। इससे पहले विश्वनाथन आनंद ने 2002 में इस चैंपियनशिप में जीत हासिल की थी। तब प्रगनानंदा पैदा भी नहीं हुए थे।
पिता बैंक में काम करते हैं,
मां हाउस वाइफ
प्रगनानंदा का जन्म 10 अगस्त, 2005 को चेन्नई में हुआ। उनके पिता स्टेट कॉपोर्रेशन बैंक में काम करते हैं, जबकि मां नागलक्ष्मी एक हाउस वाइफ हैं। उनकी एक बड़ी बहन वैशाली आर हैं। वैशाली भी शतरंज खेलती हैं। प्रगनानंदा का नाम पहली बार चर्चा में तब आए, जब उन्होंने 7 साल की उम्र में वर्ल्ड यूथ चेस चैंपियनशिप जीत ली। तब उन्हें फेडरेशन इंटरनेशनेल डेस एचेक्स (फीडे) मास्टर की उपाधि मिली। वे 12 साल की उम्र में ग्रैंडमास्टर बन गए और सबसे कम उम्र में यह उपाधि हासिल करने वाले भारतीय बने। इस मामले में प्रगनानंदा ने भारत के दिग्गज शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद का रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले, वे 2016 में यंगेस्ट इंटरनेशनल मास्टर बनने का खिताब भी अपने नाम कर चुके हैं। तब वे 10 साल के ही थे। चेस में ग्रैंडमास्टर सबसे ऊंची कैटेगरी वाले खिलाड़ियों को कहा जाता है। इससे नीचे की कैटेगरी इंटरनेशनल मास्टर की होती है। प्रगनानंदा की सफलता के पीछे मां का बड़ा हाथ है। उनकी हर जरूरत का ध्यान मां खुद रखती है। बात चाहे खान-पान की हो या फिर ट्रेनिंग की। प्रगनानंद की मां हमेशा उनके साथ रहती हैं। वे जहां भी जाती हैं प्रेशर कुकर साथ लेकर जाती हैं, ताकि बेटे को विदेश में भी घर का खाना खिला सकें।
जब तक प्रगनानंदा मैच खेलते हैं वे हाल के एक कोच में चुपचाप बैठी रहती हैं। फाइनल के सेकेंड क्लासिकल गेम में कार्लसन को ड्रॉ पर रोकने के बाद प्रगनानंदा ने अपनी मां को लेकर कहा- ह्यमेरी मां मेरे साथ-साथ मेरी बहन के लिए भी बहुत बहुत बड़ा सहारा रही हैं।

बहन को देखकर चेस खेलना शुरू किया
इस युवा चेस प्लेयर ने कॅरियर की शुरुआत अपनी बड़ी बहन वैशाली आर को देखकर की। वैशाली भी शतरंज खेलती हैं। वे 5 साल की उम्र से शतरंज खेल रही है। वैशाली भी महिला ग्रैंडमास्टर हैं।
वे एक इंटरव्यू में बताती हैं- जब मैं करीब 6 साल की थी, तो बहुत कार्टून देखती थी। मुझे टीवी से दूर करने के लिए पैरेंट्स ने मेरा नाम शतरंज और ड्राइंग की क्लास में लिखा दिया। बहन को चेस खेलता देख प्रगनानंदा भी उससे प्रेरित हुए और महज 3 साल की उम्र में शतरंज सीखने लगे। उन्होंने चेस की कोई क्लास नहीं ली और अपनी बड़ी बहन से खेलना सीखा।

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एचएस प्रणय और लक्ष्य सेन अगले दौर में

स्टार भारतीय शटलर एचएस प्रणय और लक्ष्य सेन सोमवार को डेनमार्क के कोपेनहेगन में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप के मेंस सिंगल्स इवेंट के दूसरे राउंड में पहुंच गए हैं। प्रणय ने फिनलैंड के कैले कोलजोनेन को 24-22, 21-10 और सेन ने मॉरीशस के जॉर्जेस जूलियन पॉल को 21-12, 21-7 से सीधे गेम में हराया। दूसरी ओर भारत के खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत मेंस सिंगल्स के पहले दौर में जापान के 14वें वरीय केंटा निशिमोतो से 47 मिनट के संघर्ष में 14-21, 14-21 से हारकर बाहर हो गए।
प्रणय ने खेला रोमांचक मुकाबला-प्रणय और कोलजोनेन के बीच मैच शुरुआती गेम में कड़ी टक्कर में तब्दील हो गया और फिनिश खिलाड़ी ने जल्द ही 8-4 की बढ़त बना ली। लेकिन प्रणय ने लगातार सात पॉइंट्स जीत कर ब्रेक तक 11-8 की बढ़त बना ली। प्रणय ने गेम जारी रखा और जीत हासिल की। दूसरे गेम की शुरुआत बराबरी पर हुई और प्रणय एक समय 6-5 से मामूली बढ़त पर थे। इसके बाद भारतीय ने जल्द ही ब्रेक पर सीधे स्मैश के साथ छह अंकों की बढ़त बना ली। प्रणय ने फिनलैंड के कैले कोलजोनेन को 24-22, 21-10 से हराया।
25 मिनट में जीते सेन- सेन को अपने प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ने में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने पहले गेम में 11-3 की बढ़त बना ली और हालांकि पॉल इसे 8-12 करने में सफल रहे, लेकिन भारतीय ने जल्द ही शानदार प्रदर्शन कर गेम अपने नाम कर लिया। सेन ने दूसरे गेम में एकतरफा 13-2 की बढ़त हासिल कर ली। आखिर में सेन ने 21-7 से मैच अपने नाम कर लिया। सेन ने मॉरीशस के जॉर्जेस जूलियन पॉल को 21-12, 21-7 से हराया।
रोहन और रेड्डी बाहर- इससे पहले, 33वीं रैंकिंग वाले रोहन कपूर और एन सिक्की रेड्डी की भारतीय मिक्स्ड डबल्स जोड़ी ने 59 मिनट तक चले मैच में स्कॉटलैंड के एडम हॉल और जूली मैकफेरसन से 14-21, 22-20, 18-21 से हार गई।

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एशिया कप के लिए भारतीय टीम घोषित

एशिया कप के लिए सोमवार को भारतीय क्रिकेट टीम की घोषणा कर दी गई। 30 अगस्त से शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट के लिए 17 सदस्यीय इस टीम में बल्लेबाज केएल राहुल और श्रेयस अय्यर दोनों की ही वापसी हुई है। ये दोनों ही चोट और सर्जरी के कारण लंबे समय से टीम से बाहर थे। इसके अलावा युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव को भी टीम में जगह मिली है। तिलक और सूर्यकुमार ने वेस्टइंडीज दौरे में अच्छा प्रदर्शन किया था।
वहीं, आयरलैंड के खिलाफ जारी टी20 सीरीज में शानदार गेंदबाजी कर अपनी फिटनेस साबित करने वाले तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी टीम में शामिल किया गया है। इसके साथ ही युवा तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा भी चोट से उबर गये हैं और उन्हें भी इस सीरीज के लिए अवसर मिला है। कृष्णा के पास अच्छा प्रदर्शन कर अपनी उपयोगिता साबित करने का अवसर है। वहीं राहुल और श्रेयस की फिटनेस का आकलन भी इस सीरीज में हो जाएगा। इन दोनों को भी आगामी एकदिवसीय विश्वकप को देखते हुए अवसर दिया गया है ताकि इनकी लय और फिटनेस का स्तर देखा जा सके। ये दोनों ही मध्यक्रम के अहम बल्लेबाज हैं, ऐसे में सभी की नजरें इन दोनो पर रहेंगी। एशिया कप इस बार एकदिवसीय प्रारूप में खेला जाएगा। ऐसे में इस टूर्नामेंट से टीम को अभ्यास का अच्छा अवसर मिलेगा। इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम का पहला मुकाबला 2 सितंबर को कैंडी में पाकिस्तान से होगा।

हमारे 7 खिलाड़ी 30 साल से ऊपर, औसत उम्र 29, पाकिस्तानी प्लेयर्स से तीन वर्ष ज्यादा
एशिया कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो चुका है। भारतीय टीम टूर्नामेंट में सबसे उम्रदराज है। भारतीय खिलाड़ियों की औसम उम्र 29 साल है। कप्तान रोहित शर्मा (36 साल 113 दिन) भारतीय टीम के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। टूर्नामेंट में हिस्सा लेने अन्य टीमों में भी रोहित से ज्यादा उम्रदराज सिर्फ बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन (36 साल 141 दिन) है। नेपाल के गुलशन झा 16वें एशिया कप के सबसे युवा खिलाड़ी होंगे। 22 साल की औसत उम्र के साथ उनकी टीम भी टूर्नामेंट की सबसे युवा टीम है।

भारतीय टीम के 7 खिलाड़ी 30 पार
टीम इंडिया के 7 खिलाड़ी 30 साल की उम्र पार कर चुके हैं। विराट कोहली (34 साल), रवींद्र जडेजा 34 (साल), सूर्यकुमार यादव (32 साल), मोहम्मद शमी (32 साल), केएल राहुल (31 साल) और शार्दूल ठाकुर (31 साल) 30 से ज्यादा बसंत देख चुके खिलाड़ी हैं। टीम में सबसे युवा खिलाड़ी तिलक वर्मा हैं। वे अभी महज 20 साल के हैं। टीम की बैटिंग, बॉलिंग और आॅलराउंड तीनों यूनिट में 30 से ज्यादा उम्र के खिलाड़ी हैं।
पाकिस्तान के बॉलर और आॅलराउंडर 30 साल से कम के
पाकिस्तान की टीम की औसत उम्र 26 साल है। टीम के 4 खिलाड़ी 30 साल की उम्र पार कर चुके हैं। इसमें फखर जमान (33), इफ्तिखार अहमद (32), तैयब ताहिर (30) और मोहम्मद रिजवान (31) 30 साल पार कर चुके हैं। टीम में सबसे एजेड फखर जमान हैं। वे 33 साल के हैं, जबकि नसीम शाह (20 साल) सबसे युवा हैं। पाकिस्तान के सभी बॉलर और आॅलराउंडर 30 साल से कम उम्र के हैं।

बांग्लादेश के कप्तान इस सीजन के
सबसे उम्रदराज खिलाड़ी
औसत उम्र के मामले में तीसरा स्थान बांग्लादेश का है। टीम की औसत उम्र 26 साल है। कप्तान शाकिब अल हसन एशिया कप के मौजूदा सीजन के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। वे 36 साल के हैं, जबकि शोरिफुल इस्लाम (22 साल) टीम के सबसे युवा खिलाड़ी हैं। टीम के दो खिलाड़ी 30 साल की उम्र पार चुके हैं।
नेपाल की टीम सबसे युवा
सिर्फ एक प्लेयर 30 पार
पहली बार एशिया कप में हिस्सा ले रही नेपाल की टीम टूर्नामेंट के मौजूदा सीजन में सबसे युवा है। टीम में सिर्फ करण केसी 31 साल के हैं। वे टीम में सबसे के सबसे एजेड खिलाड़ी हैं। साथ ही गुलशन झा (17 साल) टीम में सबसे युवा हैं।

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स्वीडन ने जीता कांस्य पदक, मेजबान आॅस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया

स्वीडन ने महिला फुटबाल विश्वकप में तीसरे स्थान के प्ले-आॅफ मुकाबले में संयुक्त मेजबान आॅस्ट्रेलिया को 2-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ ही स्वीडन ने तीसरा स्थान हासिल करते हुए कांस्य पदक जीता। फ्रिडोलिना रोल्फो और कोसोवरे असलानी ने स्वीडन के लिए गोल दागे। रोल्फो ने पेनाल्टी पर टीम के लिए गोल किया। स्वीडन ने विश्वकप में तीसरे स्थान के लिए खेले गए मैचों में अपना परफेक्ट रिकॉर्ड बरकरार रखा। यह चौथा अवसर है, जब स्वीडन ने सेमीफाइनल में हारने के बाद तीसरे स्थान के प्ले आॅफ मुकाबले में जीत दर्ज की। आॅस्ट्रेलिया के लिए यह टूर्नामेंंट का निराशाजनक अंत रहा और उसने लगातार दो मैच गंवाए। सेमीफाइनल में हार के बाद वह तीसरे स्थान के प्ले आॅफ मैच में भी हार गया।

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