SBI पार ताला
इंदौर। किसी पर रकम बकाया हो तो बैंक वालों को बकायादार की संपत्ति सील करते तो सबने देखा होगा। अपनी बकाया वसूली के लिए किसी ने बैंक को सील कर दिया… यह देखना है तो एबी रोड शॉपिंग कॉम्पलेक्स जाएं, जहां तमाम तगादे के बावजूद किराया न मिलने से परेशान संपत्ति मालिक ने भारत की सबसे बड़ी बैंक एसबीआई के एटीएम पर ही ताला जड़ दिया।
मामला शॉपिंग कॉम्पलेक्स स्थित दुकान (डीएस21) का है, जो 182 गुलाबबाग कॉलोनी निवासी संजय पिता ओमप्रकाश शर्मा के मालिकी की दुकान है। एसबीआई के एटीएम का संचालन-संधारण करने वाली कंपनी फाइनेंशियल सॉफ्टवेअर एंड सिस्टम प्रा.लि. (ऋरर) को शर्मा ने एटीएम के लिए 15 जनवरी, 2014 को दुकान दी थी। पांच साल का अनुबंध हुआ था। 2019 में इसे पांच साल के लिए फिर आगे बढ़ाया। 15 जनवरी, 2024 को अनुबंध खत्म चुका है। कंपनी ने इस अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाया। न लम्बे समय से किराया चुकाया।
नवंबर-2023 से संजय लगातार पत्राचार करते रहे। मेल करते रहे। वॉट्सएप करते रहे। कंपनी के प्रतिनिधियों मनीष पाराशर और योगेश यादव को फोन लगाते रहे। कोई जवाब नहीं मिला, इसीलिए संजय ने पहले थाने पर सूचना दी। फिर कानूनी सलाह लेकर एसबीआई के एटीएम पर ताला लगा दिया।
किराए में भी कटौती : संजय ने बताया शुरुआत में कंपनी 8000 रुपए महीने दे रही थी। अनुबंध में सालाना किराया बढ़ाने की बात थी। नहीं बढाया। उल्टा 2020 के बाद 6500 रुपए महीना देना शुरू कर दिया। मैंने आपत्ति ली तो कहा कि बात चल रही है, जल्द ही बढ़कर मिलेगा।
एसबीआई पर उठ रहे सवाल: फडनीस कॉम्पलेक्स से लेकर मालवीयनगर के बीच एसबीआई का यही एक एटीएम है। चूंकि यहां जिला पंजीयक कार्यालय का आॅफिस है, जहां संपत्ति की खरीदी-बिक्री के दस्तावेज पंजीबद्ध होते हैं। पीछे एचआईजी जैसी पॉश कॉलोनी है, इसीलिए इस एटीएम की पूछपरख ज्यादा है। दिनभर में 100-200 लोग आते हैं, एटीएम पर ताला देखकर जाते हैं। कुछ शटर पर लगा नोटिस पढ़ते हैं और कहते हैं कि ऐसी कंपनी पर एसबीआई ने भरोसा क्यों किया?
गायब हो गई कंपनी…
एफएसएस का आॅफिस चंद्रनगर में था। सोमवार को जब ‘हिंदुस्तान मेल’ की टीम वहां पहुंची तो पता चला कि कंपनी एक-डेढ़ महीने पहले ही आॅफिस खाली करके जा चुकी है। बिल्डिंग में रहने वाले लोगों ने बताया कि कंपनी महीनों पहले ही बंद हो गई थी, घर एक-डेढ़ महीने पहले खाली किया है।
कंपनी के प्रतिनिधियों मनीष पाराशर (9303211127) और योगेश यादव (9131680104) के मोबाइल पर कई दफा फोन किया, लेकिन दोनों ने फोन नहीं उठाया। कई महीनों के बाद शिकायतकर्ता का फोन उठाया। मनीष पाराशर ने जवाब दिया कि मैंने कंपनी छोड़ दी है। कोई दूसरा आपसे संपर्क कर लेगा।




