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इंदौर

29 साल बाद सरकारी स्कूल के लिए 100 बसें चलाने की कवायद

इंदौर। 29 साल बाद सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को निजी स्कूलों की तर्ज पर स्कूल बस सुविधा उपलब्ध कराने की कवायद की जा रही है।
इंदौर जिले के ग्यारह सीएम राइज स्कूलों के छात्रों को नए शैक्षणिक सत्र से स्कूल बस सुविधा मिलने का दावा किया गया है। खास बात यह है कि छात्रों को बस सुविधा के लिए किसी प्राकार का शुल्क नहीं देना होगा अर्थात बस सुविधा फ्री रहेगी। हालांकि इस सुविधा के बदले बस संचालकों को सरकार भुगतान करेगी। इन स्कूलों में पढ़ने वाले 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए 100 बसें चलाई जाएगी। फिलहाल इन बसों का रूट तय किया जा रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार स्कूल के 2 किमी के दायरे से बाहर रहने वाले छात्र इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। शिक्षा विभाग ने सीएम राइज स्कूल के प्राचार्यों से छात्रों की सूची रूट सहित जमा करने को कहा है। इंदौर शहर में सात और इंदौर ग्रामीण में चार सीएम राइज स्कूलों के लिए यह बस चलाई जाएंगी।
नहीं मिल रहे थे ट्रांसपोर्टर
सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए बस सुविधा प्रारंभ करना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि बस सुविधा मुफ़्त है जिससे ट्रांसपोर्टरों के लिए यह बहुत लाभदायक नहीं हो सकता है। इसके लिए पूर्व में प्रयास किए गए थे।
इसके लिए कई बार टेंडर भी जारी किए गए थे लेकिन ट्रांसपोर्टर नहीं मिल सका था। अब निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सरकार 2050 रुपए प्रति सीट के हिसाब से सरकार ट्रांसपोर्टरों को भुगतान करेगी। बस 17, 25, 32 और 50 सीटर रहेगी, यह छात्रों की संख्या पर निर्भर करेगा। बस का ड्राइवर, कंडक्टर और हेल्पर संबंधित ट्रांसपोर्टर को ही रखना होगा।
बुरहानपुर-बड़वानी में उपलब्ध है सुविधा
इंदौर संभाग के बुरहानपुर और बड़वानी में संचालित सीएम राइज स्कूलों में इस प्रकार की बस सुविधा को प्रारंभ कर दिया गया है। अब जून 2024 में प्रारंभ होने वाले नए सत्र में इंदौर, धार, खंडवा, खरगोन, नीमच-मंदसौर जिलों के सीएम राइस स्कूलों में बस सुविधा प्रारंभ करने की पूरी तैयारी है।

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किडनैपिंग की कहानी रचने वाली छात्रा की उज्जैन-ओंकारेश्वर में तलाश जारी…

हिन्दुस्तान मेल, इंदौर
राजस्थान के कोटा से गायब बैराड़ (शिवपुरी) निवासी 20 वर्षीय छात्रा काव्या धाकड़ का पता अब तक पुलिस को नहीं चल सका है। लड़की की लोकेशन इंदौर और आसपास के इलाके में बताई जा रही है। क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिस भी इंदौर में सक्रिय है। दोनों टीमें छात्रा और उसके साथी को खोज रही हैं। पुलिस को शंका है दोनों उज्जैन या ओंकारेश्वर में हो सकते हैं। काव्या का मोबाइल भी इंदौर रिंग रोड से ही बंद हुआ है। इस बीच छात्रा के पिता भी इंदौर पहुंच गए हैं।
एडीशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक काव्या और हर्षित को लेकर अभी भी इंदौर में क्राइम ब्रांच की टीमें सर्चिंग कर रही हैं। गजेंद्र उर्फ ब्रजेश और अमन को राजस्थान पुलिस अपने साथ ले गई है। जबकि हर्षित का मोबाइल गजेंद्र के कमरे पर ही मिला। जिसे क्राइम ब्रांच ने जब्त कर लिया। दूसरे साथी अमन ने पूछताछ में बताया कि वह काव्या और हर्षित को छोड़ने मेन रोड तक आए था। इसके बाद वह कहां गए उन्हें नहीं पता।
ब्वायज हास्टल में रुकवाया लड़की को
केस की जांच के दौरान यह पता चला कि हास्टल के एक ही कमरे में छात्रा और ब्वायफ्रेंड ठहरा था। नियमानुसार हास्टल में विद्यार्थी के माता-पिता व स्वजन को ठहरने के लिए भी पहचान पत्र दिखाना होता है। वैसे ब्वायज हास्टल में लड़की और गर्ल्स हास्टल में लड़कों को रुकने की अनुमति नहीं रहती है। प्रशासन ने हास्टल चलाने के लिए नियम बना रखे हैं। हास्टल संचालक थोड़े से मुनाफे के चलते धज्जियां उड़ते रहते हैं। वहीं जिम्मेदार अफसर हास्टलों का दौरा नहीं करते हैं। इस कारण संचालकों की लापरवाही बढ़ने लगी है।

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बावड़ी हादसा : 11 महीने बाद मंदिर समिति अध्यक्ष सेवाराम व मुरली गिरफ्तार

हिन्दुस्तान मेल, इंदौर। तकरीबन एक साल पहले हुए बावड़ी कांड में पुलिस ने मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सेवाराम गिलानी और मुरली को गिरफ्तार किया है। दोनों को उनके घर से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद एमवाय में दोनों का मेडिकल चेकअप हुआ। बाद में कोर्ट में पेश किया जाएगा। गिरफ्तारी से सिंधी समाज में आक्रोश है। सिंधी कॉलोनी बंद का फैसला लिया गया है। समाज का कहना है निगम के दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
पटेलनगर में बेलेश्वर महादेव मंदिर में रामनवमी 2023 को हवन चल रहा था। इसी दौरान बावड़ी पर बनी स्लैब धंस गई, जिसकी वजह से 36 लोगों की मौत हुई थी। कई घायल हुए थे। पुलिस ने मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों पर एफआईआर की थी। सेवाराम और मुरली को आरोपी बनाया गया था। मामले में डीसीपी ऋषिकेश मीणा की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर सकती है।
समाज विरोध में उतरा
दोनों की गिरफ्तारी के बाद समाज सोशल मीडिया पर एक्टिव हो गया है। मंदिर से जुड़े लोग मैसेज कर रहे हैं कि सेवाराम गलानीजी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पूर्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि गिरफ्तारी नहीं होगी। गलत धाराएं लगी हैं, वह हट जाएंगी। लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

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सड़कों का जाल बिछने के बाद देश के प्रमुख शहरों से जुड़ जाएगा इंदौर

सांसद और इंदौर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी ने कहा कि उम्मीदों के शहर इंदौर की आने वाले समय में तस्वीर बदल जाएगी। इंदौर को महानगर बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। शहर की कनेक्टिविटी बढ़ाने में कोई कसर नही छोड़ी जा रही है। इंदौर और आसपास के इलाकों में सडकों का जाल बिछ रहा है, शहर दो तीन साल में देश के प्रमुख शहरों से जुड़ जाएगा। लालवानी ने यह बात प्रेस क्लब में चाय पर चर्चा के दौरान मीडिया से कही।
लालवानी ने कहा कि इंदौर का भविष्य बेहतर है। 40-50 साल को ध्यान में रखकर कार्य योजना तैयार कर कार्य किए जा रहे है। केंद सरकार की योजना के तहत प्लान बनाए गए है। उन्होंने कहा कि शहर को नेशनल कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर विकास कार्य चल रहा है। दो तीन सालों में इंदौर सम्पूर्ण सड़क मार्ग से देश के प्रमुख शहर हैदराबाद और कोलकाता सहित अन्य शहरों से जुड़ जाएगा। शंकर लालवानी अपनी जीत को लेकर निश्चिंत है। उन्होंने कहा कि हम चुनाव गम्भीर से लड़ रहे है और रिकॉर्ड मतों से जीतेंगे। प्रारंभ में इंदौर प्रेस क्लब अध्यक्ष अरविंद तिवारी और महासचिव हेमंत शर्मा ने उनका स्वागत किया। संचालन प्रदीप जोशी द्वारा किया गया।

लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा में बैठकों का दौर जारी है। जावरा कंपाउंड स्थित बीजेपी कार्यालय पर चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सांसद शंकर लालवानी, भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, लोकसभा अध्यक्ष रवि रावलिया, सह संयोजक गोपाल गोयल, गोपाल सिंह चौधरी, संभागीय कार्यालय मंत्री विष्णु प्रसाद शुक्ला और घनश्याम शेर की सहित अन्य नेता मौजूद रहे। बैठक को संबोधित करते हुए नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने कहा कि हम बूथ स्तर पर जितनी अच्छी योजना बनाएंगे रिजल्ट उतना ही अच्छा मिलेगा। हमारे पास 54 दिन बचे हैं जिसमें से हमें 24 दिन कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करने हैं। जिसमें प्रत्येक पोलिंग बूथ से कम से कम 25 कार्यकर्ता शामिल होना है। बूथ विजय संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रत्येक पदाधिकारी को 10 दिन कम से कम 2 घंटे बूथ पर रहकर बूथ को मजबूत करने का कार्य करना है। साथ ही मंडल से लेकर बूथ तक सूचना तंत्र को भी ओर मजबूत बनाना है।

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साल से ‘वेंटिलेटर’ पर है दान में मिली एक करोड़ की सर्जरी वैन…

इंदौर। पीएम नरेंद्र मोदी का मंत्र है ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’। वहीं देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का मंत्र है न इस्तेमाल करेंगे, न इस्तेमाल करने देंगे। कुलपति या उनकी टीम जितनी उपलब्धियां गिनाएं, हकीकत यही है। विश्वविद्यालय परिसर में खड़ी आई सर्जरी वैन इसका उदाहरण है। 2001 में इंग्लैंड के डॉ. अर्नाल्ड ने उनकी पत्नी वेरोनिका की स्मृति में ग्रामीण व दुगर्म क्षेत्र में सेवाएं देने के लिए दान दी गई इस वैन का आखिरी उपयोग 2004 में हुआ था। कई बार इस वैन को विश्वविद्यालय ने एमजीएम को दान देने का मन तो बनाया लेकिन दिया नहीं। दान के इंतजार में ही एक करोड़ की वैन भंगार हो गई। डीएवीवी में कुलपति आॅफिस के पीछे एक वैन खड़ी है। जो स्टूडेंट्स के कोतुहल का विषय है। जो स्टूडेंट्स पहली बार परिसर जाते हैं, देखते हैं और समझने की कोशीश करते हैं कि मर्सडिज कंपनी द्वारा बनाई गई यह वेन ऐसे बर्बाद क्यों हो रही है? कार्यालय में पदस्थ अफसरों से पूछते भी हैं। जवाब मिलता है कोई अच्छी संस्था मिल जाएगी तो दान कर देंगे। हिंदुस्तान मेल ने मामले में छानबीन की। पता चला 2001-02 में तत्कालीन कुलपति डॉ. भरत छपरवाल को इंग्लैंड के डॉ. अर्नाल्ड ने मर्सडीज ट्रक पर बनी वैन दान की थी। इसमें आंखों की जांच से लेकर आॅपरेशन (ओटी) तक की सुविधा थी। बिजली के लिए जनरेटर है। वॉटर टैंक था। दवाइयां रखने के लिए छोटा फ्रिज भी है। बीस साल पहले इसकी कीमत करीब 90 लाख रुपए थी।

2003 में पहली बार वैन का उपयोग आंखो की जांच व शिविर के लिए किया गया था। तब विश्व विद्यालय और एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने मिलकर धार के नजदीक एक गांव में शिविर लगाया था। 2004 में देवास से लगे गांव में ग्रामीणो के आंखो की जांच की गई। 2010 में खजराना में वैन से शिविर लगा था। इसके बाद वैन का इस्तेमाल नहीं हुआ। उपयोग हुआ।

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