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इंदौर से शंकर नहीं तो एस. जयशंकर

इंदौर। केंद्रीय मंत्रियों को विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव लड़ाने की भाजपा रणनीति के तहत इंदौर संसदीय क्षेत्र से एस. जयशंकर को प्रत्याशी बनाया जा सकता है। वे राज्यसभा सदस्य और केंद्रीय विदेशमंत्री हैं।
पलसीकर कॉलोनी स्थित अण्णा महाराज के दत्त गुरु माऊली संस्थान में मराठी समाज के सदस्य को लोकसभा प्रत्याशी बनाने के लिए एकजुट हुए मराठी समाज को भाजपा नेतृत्व के इस निर्णय से झटका लग सकता है।
जिन राज्यसभा सदस्यों को चुनाव लड़ाया जा सकता है, उनमें इंदौर सीट से केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, सुब्रमण्यम जयशंकर और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नाम चल रहे हैं। कर्नाटक से सीतारमण को और इंदौर सीट से एस. जयशंकर को लड़ाना लगभग तय हो चुका है। वर्तमान सांसद शंकर ललवानी को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस आशय के संकेत दिए तो उन्हें भी आश्वस्त कर दिया गया है कि एस. जयशंकर की जीत का रिकॉर्ड पांच साल पहले मिले रिकॉर्ड मतों से भी अधिक होगा। एस. जयशंकर के रूप में एक तरह से इंदौर को केंद्रीय मंत्री सौगात में मिलने के साथ ही ललवानी को भी 2024 में कोई महत्वपूर्ण दायित्व मिलना भी तय हो गया है।
एस. जयशंकर को 2015 में सेवानिवृत्त होने के दो दिन पहले भारत का विदेश सचिव नियुक्त किया गया। उन्हें 2019 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। पत्नी क्योको के साथ दो बेटे, एक पुत्री के पिता 67 वर्षीय एस. जयशंकर के लिए इंदौर अपरिचित नहीं है प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आ चुके एस. जयशंकर स्वच्छता में सिरमोर इंदौर की तारीफ करने के साथ ही सराफा-छप्पन दुकान पर स्वाद के चटखारे भी ले चुके हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी आज कश्मीर में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आर्टिकल 370 हटने के बाद आज पहली बार कश्मीर जा रहे हैं। पीएम मोदी श्रीनगर में विकसित भारत विकसित जम्मू-कश्मीर के तहत 6400 करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स का इनॉगरेशन करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर 12 बजे श्रीनगर पहुंचेंगे। जहां वे एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
आयोजन के दौरान वे 1000 युवाओं को जॉब लेटर भी देंगे। इसके पहले मोदी 2019 में कश्मीर गए थे। जहां उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी का प्रचार किया था। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त कर दिया था। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था। प्रधानमंत्री की जनसभा श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में होगी। जहां कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। यहां हजारों की तादाद में जवान तैनात हैं। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान लोगों की आवाजाही को रोकने के लिए कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है। निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बख्शी स्टेडियम के दो किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा बल गश्त कर रहे हैं।
झेलम नदी और डल झील में मरीन कमांडो तैनात किए गए हैं। प्रधानमंत्री के ट्रैवल रूट में पड़ने वाले स्कूल 2 दिन के लिए बंद कर दिए गए हैं। गुरुवार को होने वाली बोर्ड परीक्षाएं अगले महीने तक के लिए टाल दी गई हैं।

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भ्रष्टाचार के मामले में उप पंजीयक गुप्ता निलंबित

जिसकी जांच के बाद अतिविशिष्ट जिला पंजीयक ने रिपोर्ट बनाकर कार्रवाई की अनुशंसा की थी। इससे पहले 2018 में भी ईओडब्ल्यू उज्जैन ने भ्रष्टाचार के मामले में एक केस दर्ज किया था, जिसमें भी प्रमिला गुप्ता आरोपियों की सूची में शामिल थी। बताया जा रहा है कि मामला एमआर-11 का है, जो वार्ड-31 में आता है, जिसकी रजिस्ट्री शॉपिंग कॉम्पलेक्स स्थित पंजीयक कार्यालय में होती है, जहां प्रमिला गुप्ता उप-पंजीयक के तौर पर पदस्थ है। यहां एक प्रोजेक्ट से जुड़े दो-तीन मामलों में पक्षकारों ने रजिस्ट्री कराई थी। उनकी रजिस्ट्री हुई, लेकिन उन्हें पंजीकृत दस्तावेज लौटाए नहीं गए।
14 फरवरी को इसकी पहली शिकायत इंदौर वरिष्ठ जिला पंजीयक डॉ. अमरेश नायडू से लेकर भोपाल महानिरीक्षक तक को की गई थी। मुख्यालय ने नायडू को जांच के आदेश दिए। प्रतिवेदन मांगा। तमाम तथ्यों की जांच करके नायडू ने अपना प्रतिवेदन 27 फरवरी को मुख्यालय भेज दिया। इसी प्रतिवेदन के आधार पर बुधवार को महानिरीक्षक ने इंदौर-3 की उप पंजीयक गुप्ता को निलंबित कर दिया।
क्यों नहीं दिए दस्तावेज- बताया जा रहा है कि रजिस्ट्री होने के बाद जिस सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से रजिस्ट्री होती है उसी को रजिस्ट्री की कॉपी दी जाती है। कॉपी देने से पहले रजिस्ट्री के बदले पैसे देना पड़ते हैं। 2 हजार रुपए से लेकर 5 हजार रुपए तक। रकम काम के आधार पर बड़ी भी हो सकती हैं। जब तक पैसा नहीं मिलता, अमुमन दस्तावेज दिए नहीं जाते।
पहले भी दर्ज हो चुका है केस..
30 अक्टूबर 2018 को ईओडब्ल्यू ने ढांचा भवन क्षेत्र स्थित सीलिंग की दो बीघा सरकारी जमीन पर काटी गई सुंदरनगर कॉलोनी को लेकर भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया था। जिसमें पटवारी, तहसीलदार, तीन उप पंजीयक (प्रमिला गुप्ता, शैलेंद्र दंडोतिया और प्यारेलाल सोलंकी) सहित आठ पर केस दर्ज हुआ था। आरोप थे कि इन्होंने जानबुझकर रजिस्ट्री की। इसके बाद भी इन्हें इंदौर जैसी महत्वपूर्ण जगह भेजकर डिपार्टमेंट ने अघोषित इनाम दे दिया।

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सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी निर्माण की योजना, हरिद्वार की तर्ज पर विकास

इस बार सिंहस्थ-2028 के पहले सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन पर सड़कें, धर्मशाला, आश्रम, अस्पताल, ड्रेनेज आदि का स्थायी निर्माण करने की योजना है, ताकि हर बार अस्थायी तैयारी के लिए होने वाला खर्च बच सके। इसके अलावा यह निर्माण उज्जैन में लगातार हो रहे बड़े आयोजनों में काम आ सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि संतों की सहमति से ही सारे विकास कार्य किए जाएंगे। सिंहस्थ क्षेत्र का विकास हरिद्वार की तर्ज पर किया जाएगा। संतों के आश्रम, धर्मशालाएं, अस्पताल, स्कूल, कॉलेजों जैसे निमार्णों की अनुमतियां दी जा सकती हैं। हालांकि इसके लिए सभी संतों को बैठाकर सहमति बनाई जाएगी।
सरकार बनते ही मुख्यमंत्री ने उज्जैन में मीटिंग लेकर अफसरों को सिंहस्थ की योजना बनाने के निर्देश दिए थे। उज्जैन में सबसे बड़ा मुद्दा सिंहस्थ जमीन पर अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियां बसते जाने को लेकर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस बार सिंहस्थ की योजना इस तरह बनाना चाहते हैं कि बहुत सारे अस्थायी निर्माण (टेंट सिटी) की जगह जहां संभव हो, वहां स्थायी निर्माण किए जाएं। इसके पहले मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा था कि अब हर दिन दो से ढाई लाख लोग उज्जैन आ ही रहे हैं।
अब सिंहस्थ 12 साल में लगने वाला मेला नहीं रहा, बल्कि उज्जैन में तो अब हर रोज, और हर साल सिंहस्थ है। आगे योजना भी यही है कि यहां लगातार इसी स्तर के आध्यात्मिक व धार्मिक कार्यक्रम चलते रहें। इसके लिए हमें स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। अभी तो पार्किंग तक पर्याप्त नहीं हैं। योजना में मूल ध्यान रखने के लिए कहा कि ऐसी तैयारी करना चाहिए कि हर साल भी सिंहस्थ जैसा आयोजन हो और इतनी ही संख्या में श्रद्धालु आएं तो भी किसी को परेशानी नहीं हो।
संतों की बैठक बुलाकर करेंगे चर्चा- अभी इस बारे में योजना और नियम बनाए जा रहे हैं। जल्दी ही संतों की बैठकें बुलाकर सहमति ली जाएगी। सभी संतों की सहमति के बाद आश्रम, अस्पताल और धर्मशालाओं के निर्माण की अनुमति मिल सकेगी। इसके अलावा सड़कों, नालियां, ड्रेनेज, बिजली और पक्के टॉयलेट आदि का निर्माण सरकार की ओर से किया जाएगा। कुछ पार्किंग भी डेवलप करने की योजना है। सिंहस्थ के दौरान सभी जमीन और बाकी इंफ्रा सरकार अधिगृहीत करेगी लेकिन बाकी समय भी इनका इस्तेमाल अन्य आयोजनों के लिए किया जा सकेगा।

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बच्चों के साथ अब बड़े उम्र के भिखारियों पर भी होगी कार्रवाई

कंट्रोल रूम और सीसीटीवी कैमरों से होगी मॉनिटरिंग
हिन्दुस्तान मेल, इंदौर
इंदौर शहर को स्वच्छता के बाद अब भिक्षुकमुक्त शहर बनाने की दिशा में प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रशासन अब अभियान को और अधिक गति देकर प्रभावी बनाने में जुट गया है। अभियान के प्रभावी बनाने के साथ अब अभियान का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। अब बाल भिक्षुकों के साथ ही बड़ी उम्र के भिक्षुकों के विरूद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। भिक्षावृत्ति पर कार्रवाई के लिए गठित दल में अब पुलिस भी साथ रहेगी, साथ ही वरिष्ठ स्तर पर मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
यह जानकारी कलेक्टर आशीष सिंह द्वारा भिक्षुक मुक्त शहर बनाए जाने के संबंध में ली गई समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में स्मार्ट सिटी मिशन के सीईओ दिव्यांक सिंह, अपर कलेक्टर गौरव बैनल, सपना लोवंशी, डीसीपी हंसराज सिंह सहित अन्य संबंधित अफसर मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि बाल भिक्षुक मुक्त करने के अभियान को आशातीत सफलता मिली है।
इस अभियान को निरंतर चलाए जाने की जरूरत है, साथ ही कलेक्टर आशीष सिंह ने अभियान का दायरा बढ़ाते हुए अब बड़े उम्र के भिक्षुकों के विरूद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अभियान को और अधिक गति देकर प्रभावी बनाएं। शहर में कहीं भी भिक्षुक दिखाई नहीं दें। यह कार्रवाई सोमवार से ही प्रारंभ करने के उन्होंने निर्देश दिए, साथ ही उन्होंने कहा कि मॉनिटरिंग की व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए। स्मार्ट सिटी मिशन कार्यालय द्वारा निगरानी के लिए नोडल अधिकारी भी अलग से बनाया जाए।

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