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ताला तोड़ने के लिए उठा लिए पत्थर…

नेहरू स्टेडियम में गुरुवार रात साड़ी वॉकथान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर था और शाम 6 बजे शुरू होना था। लेकिन रात 8 बजे तक शुरू नहीं हो सका। देरी के कारण महिलाएं घर लौटने लगीं। तब विवाद की स्थिति बन गई।
महिलाएं कार्यक्रम छोड़कर जाने लगी तो उन्हें रोकने के लिए स्टेडियम के गेट नंबर एक पर ताला लगा दिया गया। नाराज महिलाओं ने पत्थर उठा लिए। ताला तोड़ने की कोशिश की। हालांकि बाद में नगर निगम के अधिकारियों के दखल के बाद ताला खोलना पड़ा। अपने तय कार्यक्रम से लेट होकर सीएम डॉ. मोहन यादव करीब सवा आठ बजे पहुंचे। उन्होंने साड़ी वॉकथान को औपचारिक तौर पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कार्यक्रम में देरी से पहुंचने पर महिलाओं से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि साड़ी भारतीय परिधान ही नहीं, यह महिलाओं के लिए गर्व का भी विषय है। कार्यक्रम के लिए महिलाओं को दोपहर 3 बजे से ही बुला लिया गया था। कई महिलाएं छोटे बच्चों को साथ लेकर आई, जो परेशान होती रही। इस कार्यक्रम में 25 हजार महिलाओं के शामिल होने का दावा किया जा रहा था, लेकिन हालात यह रहे कि स्टेडियम में कुल जमा 100 महिलाएं भी नहीं थी।

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विस्तार और लागत के मामले में एमपीआरडीसी का सबसे महंगा प्रोजेक्ट …….16 करोड़ में एक किमी के हिसाब से सिक्सलेन होगा इंदौर-उज्जैन फोरलेन

इंदौर। इंदौर से उज्जैन के बीच फोरलेन को सिक्सलेन बनाने की दिशा में मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) ने गुरुवार को टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर में 45.475 किलोमीटर लम्बी इस सड़क के लिए 735.36 करोड़ की अनुमानित लागत आंकी गई है। मतलब 16.17 करोड़ रुपए/किलोमीटर।
इंदौर-देवास सिक्सलेन के बाद यह क्षेत्र की दूसरी सबसे महंगी सड़क होगी। 48 किलोमीटर लम्बे इस हाईवे को 19.54 करोड़ रुपए/किलोमीटर के हिसाब से बनाया गया था। हालांकि, टेंडर ओपन करने की तारीख 15 अप्रैल तय है, इसीलिए लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के तहत टेंडर प्रक्रिया का प्रभावित होना भी तय है। इस पर जून में ही फैसला हो पाएगा। 20 फरवरी, 2024 को लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव डीपी आहुजा ने 45.475 किलोमीटर लम्बे इंदौर-उज्जैन रोड (अरबिंदो अस्पताल से उज्जैन के हरिफाटक) के विस्तार के लिए हाईब्रिड एन्युटी मॉडल पर 1692 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की थी। इसके बाद 7 मार्च को इसका टेंडर प्रकाशित हुआ, जिसमें प्रोजेक्ट की लागत 735.36 करोड़ आंकी गई है, जो लागत के हिसाब से रीवा-हनुमना (736.7 करोड़) आरडीसी का दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट है, लेकिन प्रति किलोमीटर के हिसाब से सबसे महंगी सड़क, क्योंकि 89.9 किलोमीटर लम्बी रीवा-हनुमना रोड 8.19 करोड़/किमी में बनी, जबकि उज्जैन रोड की लागत 16.17 करोड़ है। इंदौर-देवास सिक्सलेन इससे 3 करोड़ करोड़ रुपए महंगा है, लेकिन वह एनएचएआई का काम था।
15 अप्रैल तक इच्छुक कंपनियां टेंडर डॉक्यूमेंट पर्चेस कर सकेंगी। 16 अप्रैल को टेक्निकल बिड ओपन होगी। इसके बाद फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। चूंकि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सप्ताहभर में आचार संहिता लगना है। आचार संहिता में काम होंगे नहीं, इसीलिए संभवत: प्रस्तावों पर जून में आचार संहिता खत्म होने के बाद फैसला लिया जाएगा। काम के लिए एमपीआरडीसी ने 24 महीने की समयसीमा तय की है। कॉर्पोरेशन के अधिकारियों की मानें तो अगस्त के आसपास काम शुरू हो सकता है।
298 करोड़ में बना था फोरलेन
इंदौर-उज्जैन फोरलेन 48.9 किलोमीटर लम्बा बना था। 2008-09 में 298 रुपए में काम महाकालेश्वर टोलवेज प्रालि नाम की कंपनी को सौंपा गया था।
सिंहस्थ में मिलेगा फायदा…
हाईवे चौड़ा होने का फायदा सिंहस्थ-2028 में मिलेगा। जब 15 करोड़ श्रद्धालु आने का अनुमान है। ओंकारेश्वर जाने वालों को भी इंदौर होकर ही आना-जाना पड़ता है। यही वजह है कि इंदौर-उज्जैन हाईवे पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है और सिंहस्थ के दौरान बार-बार ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा होती है। 2023 सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटना उज्जैन-इंदौर रोड पर ही हुई। यातायात पुलिस के अनुसार 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक 226 दुर्घटना में 210 लोग घायल हुए और 22 की मृत्यु हुई।

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ताला तोड़ने के लिए उठा लिए पत्थर…

नेहरू स्टेडियम में गुरुवार रात साड़ी वॉकथान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर था और शाम 6 बजे शुरू होना था। लेकिन रात 8 बजे तक शुरू नहीं हो सका। देरी के कारण महिलाएं घर लौटने लगीं। तब विवाद की स्थिति बन गई।
महिलाएं कार्यक्रम छोड़कर जाने लगी तो उन्हें रोकने के लिए स्टेडियम के गेट नंबर एक पर ताला लगा दिया गया। नाराज महिलाओं ने पत्थर उठा लिए। ताला तोड़ने की कोशिश की। हालांकि बाद में नगर निगम के अधिकारियों के दखल के बाद ताला खोलना पड़ा। अपने तय कार्यक्रम से लेट होकर सीएम डॉ. मोहन यादव करीब सवा आठ बजे पहुंचे। उन्होंने साड़ी वॉकथान को औपचारिक तौर पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कार्यक्रम में देरी से पहुंचने पर महिलाओं से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि साड़ी भारतीय परिधान ही नहीं, यह महिलाओं के लिए गर्व का भी विषय है। कार्यक्रम के लिए महिलाओं को दोपहर 3 बजे से ही बुला लिया गया था। कई महिलाएं छोटे बच्चों को साथ लेकर आई, जो परेशान होती रही। इस कार्यक्रम में 25 हजार महिलाओं के शामिल होने का दावा किया जा रहा था, लेकिन हालात यह रहे कि स्टेडियम में कुल जमा 100 महिलाएं भी नहीं थी।

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रात 2.30 बजे खुले महाकाल के पट, 12 लाख श्रद्धालु करेंगे दर्शन

महाशिवरात्रि के पर्व पर आज उज्जैन के महाकाल मंदिर, खंडवा के ओंकारेश्वर, रायसेन के भोजपुर और नर्मदापुरम के पचमढ़ी में चौरागढ़ महादेव मंदिर समेत प्रदेश सभी शिवालयों में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सीहोर के कुबरेश्वर धाम में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा है। प्रदेशभर में जगह-जगह धार्मिक आयोजन हो रहे हैं।
उज्जैन में लगातार 44 घंटे तक भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। महाकाल के पट गुरुवार रात 2.30 बजे खुले जो शनिवार रात 10.30 बजे तक खुले रहेंगे। आज सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल की पूजा और अभिषेक किया। दावा किया जा रहा है कि महाशिवरात्रि पर करीब 12 लाख श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना है। इधर, ओंकारेश्वर महाराज का विशेष श्रृंगार कर आरती की गई। श्रद्धालु गर्भगृह के बाहर से दर्शन कर रहे हैं।

विश्वनाथ मंदिर में भक्तों की 3 किलोमीटर लंबी लाइन
वाराणसी के विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की 3 किलोमीटर लंबी लाइन लगी है। हर सेकेंड 10-15 लोग दर्शन कर रहे हैं। बाबा का दरबार लगातार 36 घंटे से ज्यादा समय तक खुला रहेगा। इस दौरान करीब 10 लाख भक्तों के मंदिर आने का अनुमान है। उधर, झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में भी भोलेनाथ के दर्शन के लिए गुरुवार 7 मार्च की शाम से ही श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने लगी।

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दस लाख भक्तों के आने का अनुमानमहाशिवरात्रि पर सात टन फूलों से सजेगा महाकाल मंदिर, भक्‍तों को ढाई किमी पैदल चलना पड़ेगा

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि पर सात टन फूलों से पुष्प सज्जा की जाएगी। इसके लिए बेंगलुरु के कृष्णमूर्ति रेड्डी के निर्देशन में 50 से अधिक कलाकारों का दल उज्जैन पहुंचा है। यह कलाकार तिरुपति बालाजी सहित देश के प्रमुख मंदिरों में पुष्प सज्जा कर चुके हैं।
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि पर भक्तों को ढाई किलो मीटर पैदल चलने के बाद भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। भक्तों को नृसिंह घाट स्थित कर्कराज पार्किंग, झालरिया मठ, चारधाम आश्रम, शक्तिपथ, महाकाल महालोक होते हुए मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। मार्ग में भीड़ नियंत्रण के लिए जिगजेग का निर्माण किया गया है। प्रशासन को दावा है कि महापर्व पर भक्तों को 45 से 60 मिनट में भगवान के दर्शन होंगे। महाशिवरात्रि पर करीब दस लाख भक्तों के भगवान महाकाल के दर्शन करने आने का अनुमान है।
कर्कराज पार्किंग से महाकाल महालोक तक बैरिकेडस लगाए गए हैं। छांव के लिए शामियाने तथा धूप के कारण श्रद्धालुओं के पांव ना जले इस हेतु कारपेट बिछाए गए हैं। दर्शनार्थियों के लिए पेयजल, शौचालय, जूता स्टैंड आदि की सुविधा भी निशुल्क उपलब्ध रहेगी। कर्कराज पार्किंग से दर्शन की कतार में लगने के बाद श्रद्धालुओं को अधिकतम एक घंटे में भगवान महाकाल के दर्शन होंगे।
गणेश मंडपम में एक साथ 15 कतार चलाने की योजना- महाशिवरात्रि पर देशभर से आने वाले दर्शनार्थियों को गणेश मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएंगे। भीड़ नियंत्रण के लिए गणेश मंडपम में एक साथ 15 कतार चलाई जाएगी। जिससे एक साथ सैकड़ों भक्त भगवान के दर्शन करते हुए नए एक्जिट द्वार से मंदिर के बाहर निकलेंगे। इन दर्शनार्थियों को बड़ा गणेश मंदिर के सामने से हरसिद्धि चौराहा होते हुए कर्कराज पार्किंग व चारधाम की ओर निर्गम किया जाएगा।

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