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China: यात्री ने गुड-लक के लिए हवाई जहाज के इंजन में फेंका सिक्का, चार घंटे के लिए रोकनी पड़ी उड़ान

चीनी मीडिया के अनुसार, लंबे इंतजार के बाद देरी की वजह सामने आई। इस घटना से जुड़े एक वीडियो के अनुसार, हवाई जहाज के इंजन में सिक्का फेंकने वाले यात्री से फ्लाइट अटेंडेंट को पूछताछ करते हुए देखा गया।

सान्या से बीजिंग के लिए चाइना सदर्न एयरलाइंस की उड़ान छह मार्च को यात्रियों के लिए निराशाजनक साबित हुई। दरअसल, चाइना सदर्न एयरलाइंस सुबह के 10 बजे उड़ान भरने वाला था, लेकिन एक असामान्य घटना के कारण यात्रियों को चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। एक यात्री ने हवाई जहाज के इंजन में ही सिक्का फेंक दिया था। 

तीन साल पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
चीन में 2021 में इसी तरह की एक घटना के कारण उड़ान को रद्द कर दिया गया था। इस उड़ान में करीब 148 यात्री शामिल थे, जो विफेंग से हाईकू जा रहे थे। उड़ान भरने से पहले वैंग नाम के एक यात्री ने एक लाल कागज में सिक्का को लपेटकर हवाई जहाज के इंजन में फेंक दिया था। उड़ान भरने से ठीक पहले ही एयरपोर्ट कार्यकर्ताओं ने रनवे पर ही कुछ सिक्के देख लिए थे, जिसके बाद उन्होंने केबिन क्रू को इसकी जानकारी दी। इस घटना के कारण उड़ान को रद्द करने का आदेश दिया गया था। 

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शिवजी और देवी सती की कहानी की सीख : पति-पत्नी के बीच भरोसा नहीं होगा तो रिश्ता ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाएगा

आज (8 मार्च) को शिवरात्रि है और इस दिन शिवजी की पूजा के साथ ही उनकी कथाएं पढ़ने-सुनने की भी परंपरा है। शिवजी कहानियों में छिपे संदेश को जीवन में उतार लिया जाए तो हमारी सभी समस्याएं खत्म हो सकती हैं। जानिए… एक ऐसी कथा, जिसमें बताया गया है कि पति-पत्नी के बीच भरोसा नहीं होगा तो क्या हो सकता है… रामायण में रावण ने देवी सीता का हरण कर लिया था। श्रीराम लक्ष्मण के साथ सीता की खोज में जंगल-जंगल भटक रहे थे। जब ये घटना हो रही थी, उस समय शिवजी और देवी सती राम कथा सुनकर लौट रहे थे। शिवजी ने दूर से ही श्रीराम को देख लिया। शिवजी श्रीराम को अपना आराध्य देव मानते हैं, इसलिए उन्होंने दूर से ही रामजी को प्रणाम किया। शिवजी देवी सती से भी रामजी को प्रणाम करने के लिए कहा, लेकिन सती ने श्रीराम को रोते हुए देखा तो उन्हें इस बात की शंका हो गई कि क्या सच में ये भगवान हैं! सती ने शिवजी से कहा कि ये भगवान कैसे हो सकते हैं, ये तो रो रहे हैं, ये एक सामान्य राजकुमार हैं। शिवजी ने सती को समझाते हुए कहा कि आप शंका न करें, ये सब रामजी की लीला है। शिवजी के कहने के बाद भी सती ने उनकी बात पर भरोसा नहीं किया। देवी ने शिवजी की बात नहीं मानीं और रामजी की परीक्षा लेने चली गईं। देवी सती ने सीता का रूप धारण किया और श्रीराम के सामने पहुंच गईं। श्रीराम ने देवी सती को तुरंत पहचान लिया और उन्हें प्रणाम करते हुए कहा कि देवी आप अकेले इस वन में क्या कर रही हैं, शिवजी कहां हैं? ये बात सुनते ही सती समझ गईं कि ये सच भगवान ही हैं। देवी को अपनी गलती का अहसास हो गया था। देवी लौटकर शिवजी के पास पहुंच गईं। शिवजी ने देवी को देखकर पूछा कि आप आ गईं, क्या आपने रामजी की परीक्षा ले ली?
शिवजी के इस प्रश्न पर सती ने झूठ बोल दिया कि मैंने भगवान राम की परीक्षा नहीं ली, मैं भी उन्हें प्रणाम करके लौट आई हूं।
शिवजी को सती का स्वभाव मालूम था कि देवी इतनी आसानी से किसी बात भरोसा नहीं करती हैं। शिवजी ने ध्यान लगाया तो उन्हें पूरी बात मालूम हो गई। इसके बाद शिवजी ने सती से कहा कि आपने मुझसे झूठ बोला और मेरे समझाने के बाद भी आपने आराध्य श्रीराम की परीक्षा ली। आपने अपनी इस देह से मेरी मां सीता का रूप धारण किया है तो अब से आपका मानसिक त्याग करता हूं। इसके बाद शिवजी और सती का वैवाहिक जीवन बिगड़ गया था।
प्रसंग की सीख
इस किस्से की सीख यह है कि पति-पत्नी के बीच आपसी भरोसा अटूट होना चाहिए। जब वैवाहिक रिश्ते में भरोसा टूट जाता है तो ये रिश्ता ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाता है।

पेड़-पौधे साक्षात् नीलकंठ हैं
समुद्र मंथन से निकले जहर को पीकर भगवान शिव नीलकंठ कहलाए। हमारे आसपास के पेड़-पौधे भी रोजाना मानवजन्य प्रदूषण रूपी जहर को सोखकर नीलकंठ हो गए हैं। पेड़-पौधों की पत्तियां विषैली गैसों को सोखकर तथा कणीय पदार्थों को एकत्रकर वायु को साफ करने में सहायक होती हैं। पेड़ों के तने तथा शाखाओं पर फैली छाल भी यही कार्य करती हंै। बड़ी पत्तियों वाले सदाबहार पेड़ यह कार्य ज्यादा दक्षता से करते हैं; जैसे- आम, आसापालव, कदम्ब एवं जामुन आदि। देश-विदेश में किए गए कई अध्ययन दर्शाते हैं कि पेड़-पौधों की अधिकता वाले क्षेत्रों में वायु की गुणवत्ता बेहतर होती है। नल घांस, जलकुम्भी एवं कई अन्य जलीय पौधे प्रदूषित जल को भी काफी शुद्ध कर देते हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पौधों के महत्व को समझना समयोचित होगा।
डॉ. ओपी जोशी, वरिष्ठ पर्यावरणविद्

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शिव और शक्ति के मिलन का संयोग है ‘महाशिवरात्रि’

शिव: शक्त्या युक्तो यदि भवति शक्त: प्रभवितुं
न चेदेवं देवो न खलु कुशल: स्पन्दितुमपि।
आदि शंकराचार्य विरचित सौंदर्यलहरी की यह आरंभिक पंक्तियॉं कहती हैं कि ह्लशक्ति के बिना शिव, अधूरे हैं तथा ऐसी परिस्थिति में उनमें स्पंदन-मात्र की सामर्थ्य भी नहीं है।ह्व भगवान शिव की परम चेतना को सामर्थ्य और गति सौंपनी वाली यह भी मां ह्लशक्तिह्व हैं। आज महाशिवरात्रि भी है और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस भी। ऐसे में इसे भारतीय दर्शन में शिव और शक्ति के संगम की व्याख्या का सबसे बेहतर अवसर कहा जा सकता है। जिस तरह शिव के बिना सृष्टि अधूरी है, वहीं शक्ति के बिना शिव को अधूरा कहा गया है। जो शिव के दर्शन को जानता है, वह शक्ति यानी नारी के महत्व से परिचित है। करूणा के सागर भगवान भोलेनाथ के स्वरूप से शक्ति के महत्व को समझा जा सकता है, इसीलिए शिव-शक्ति के संयोग में अर्धनारीश्वर स्वरूप की भी पूजा की जाती है।
भारतीय पंचांग के अनुसार वैसे तो साल में कुल 12 शिवरात्रि आती हैं लेकिन फाल्गुन मास की शिवरात्रि का महत्व विशेष है, क्योंकि इसी दिन शिव और शक्ति का मिलन हुआ था, इसलिए इसे महाशिवरात्रि कहा जाता है। देवाधिदेव महादेव करुणा के सागर हैं, अति शीघ्र प्रसन्न होकर अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष को देने वाले हैं। अजन्में, अविनाशी, पालन और संघारक हैं। प्रकाश के भी प्रकाश अद्वैत चिदानंद मूर्ति एवं लिंग स्वरूप हैं। शिव का अर्थ मंगलमय एवं मंगलदाता है। इनके मस्तक पर स्थित चंद्रमा जगत के संतुलन का प्रतीक है, जहां से भक्ति रूपी गंगा सदा प्रवाहमान है। इनके तीन नेत्र सूर्य, चंद्र एवं अग्नि हैं, जो आत्मा, मनन एवं विवेक के प्रतीक हैं। गले में सर्पों का माला सभी को गले लगाने का प्रतीक है। हाथ में त्रिशूल त्रिविध ताप सतो गुण, रजो गुण एवं तमो गुण का प्रतीक है। नंदी इनका वाहन है जो धर्म का प्रतीक है। भस्म इनकी अंगराग है।
पर्वतराज हिमालय की पुत्री मां पार्वती के साथ विवाह के उपलक्ष्य में महाशिवरात्रि के दिन को शिव विवाह के रूप में मनाते हैं। शिव-शक्ति के मिलन से ही जगत चलता है। शक्ति के बिना सृष्टि का सृजन संभव नही है। शिव व शक्ति के बिना कुछ भी संभव नही है वही परम् ब्रह्म हैं। सृष्टि के कर्ता भगवान शिव का अस्तित्व शक्ति के बिना अधूरा माना जाता है। मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य बनाए रखने से ही सृष्टि का संचालन सुचारु रूप से होता है।
परम चेतना को सामर्थ्य और गति सौंपनी वाली यह ह्लशक्तिह्व भारतीय दर्शन में स्त्री-तत्व का सबसे खूबसूरत प्रतीक है। नारी ह्यशक्तिह्ण की प्रतीक है। हमारी सनातन परंपरा में नारी पूजनीय है। शिवरात्रि का अनुष्ठान इसी का द्योतक है की शक्ति के साथ शिव पूर्ण हैं। हमें आवश्यकता है कि हम अपने धर्म और परंपरा के अनुसार नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति का वाहक बनाएं, उनमें स्त्री के प्रति सम्मान और स्वावलंबन की भावना का प्रसार करें।
शिव से सीखें जीवन का चिंतन- शिव का यह अर्धनारेश्वर स्वरूप हमें नारियों को समाज में समान स्थान देने और उन्हें अपने बराबर मानने की सीख देता है। ब्रह्मा को उत्पत्ति, विष्णु को पालन और शिव को विनाश के लिए जाना जाता है, यहां आशय यह है कि अगर कोई बुराई समाज में व्याप्त है तो उसका विनाश करें। शिव से बड़ा कोई योगी नहीं हुआ। किसी भी परिस्थिति से खुद को बाहर रखकर सोचना आसान नहीं होता लेकिन शिव हमेशा ध्यान की मुद्रा में रहते हैं, इसलिए वे शांत हैं और नियंत्रित भी। उनका ध्यान कोई भंग नहीं कर सकता।
समुद्रमंथन से विष बाहर आया तो सभी ने कदम पीछे ले लिए, ऐसे में महादेव शिव ने विष को ग्रहण कर नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदल दिया और इस संसार को बचाया। शिव का संपूर्ण रूप देखकर यह पता चलता है कि वे हमेशा समान भाव में रहते हैं और सभी को समान नजर से देखते हैं। उनके विवाह में देव भी पहुंचे और भूतों की मंडली भी लेकिन सभी को समान सम्मान दिया गया।

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करीना कपूर, कृति सैनन और तब्बू की फिल्म ‘क्रू’ का गाना नैना रिलीज

बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर, कृति सैननं और तब्बू की आने वाली फिल्म ‘क्रू’ का गाना नैना रिलीज हो गया है। इस गाने में करीना, तब्बू और कृति अपने दिकलश अदाओं का जादू चलाती नजर आ रही हैं। गाने को दिलजीत दोसांझ और बादशाह ने गाया है। इस गाने को कम्पोज राज रन्जोध ने किया है। उन्होंने ही इसके लिरिक्स भी लिखे हैं। फिल्म क्रू को बालाजी मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनाया गया है, जिसके निर्देशक राजेश कृष्णन हैं। यह फिल्म 29 मार्च 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

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मुंबई इंडियंस के खिलाफ जीत के रथ को बरकरार नहीं रख पाई यूपी वॉरियर्स

महिला प्रीमियर लीग के 14वें मैच में मुंबई इंडियंस ने यूपी वॉरियर्स के खिलाफ 43 रन से जीत दर्ज कर पिछली हार का बदला ले लिया। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में छह विकेट खोकर 160 रन बनाए। इसके जबाव में यूपी 20 ओवर में नौ विकेट खोकर सिर्फ 118 रन बना सकी।
दीप्ति के अलावा नहीं
चली कोई बल्लेबाज
161 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी यूपी की शुरूआत कुछ खास नहीं हुई। एलिसा हेली और किरण नवगिरे फ्लॉप साबित हुईं। भारतीय बल्लेबाज ने सिर्फ सात रन बनाए। टीम को दूसरा झटका चमारी अटापट्टू के रूप में लगा। वह तीन रन बनाकर आउट हुईं। कप्तान एलिसा हेली भी ज्यादा देर तक मैदान पर टिक नहीं पाईं। शबनिम इस्माइल ने उन्हें पांचवें ओवर की पहली गेंद पर बोल्ड कर दिया।
मुंबई के खिलाफ यूपी के लिए दीप्ति शर्मा ने सर्वाधिक रन बनाए। उन्होंने छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 53 रन बनाए और राजेश्वरी गायकवाड़ (एक रन) के साथ नाबाद रहीं। इसके अलावा ग्रेस हैरिस ने 1, श्वेता सहरावत ने 17, सोफी एक्लेस्टोन ने शून्य, उमा क्षेत्री ने आठ और साइमा ठाकुर ने शू्न्य रन बनाए। मुंबई के लिए साइका इशाक ने तीन विकेट लिए जबकि नैट सिवर ब्रंट को दो सफलता मिलीं। वहीं, शबनिम इस्माइल, हेली मैथ्यूज, पूजा वस्त्रकार और सजीवन सजना ने एक-एक विकेट हासिल किया।
मुंबई ने यूपी को दिया
161 रन का लक्ष्य
यूपी वॉरियर्स के खिलाफ मुंबई ने 161 रन का लक्ष्य तैयार किया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियं की शुरूआत कुछ खास नहीं हुई। टीम को पहला झटका हेली मैथ्यूज के रुप में लगा जिन्हें चमारी अटापट्टू ने अपना शिकार बनाया। हेली सिर्फ चार रन बना सकीं। वहीं, यास्तिका भाटिया नौ रन बनाकर आउट हुईं जिन्हें चमारी ने ही पवेलियन भेजा। मुंबई के लिए सधी हुई पारी खेलने वाली नैट सिवर ब्रंट 35 रन बनाकर आउट हो गईं। तीसरे विकेट के लिए नैट और हरमनप्रीत कौर के बीच 59 रन की साझेदारी हुई।
पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए अमेलिया कर आईं।टीम को चौथा झटका कप्तान के रुप में लगा जिन्हें साइमा ठाकुर ने क्लीन बोल्ड कर दिया। भारतीय बल्लेबाज 33 रन बनाने में कामयाब हुईं। पांचवें विकेट के लिए अमनजोत कौर और अमेलिया कर के बीच 13 रन की पार्टनरशिप हुई। अमनजोत सात रन बनाकर आउट हो गईं। वहीं, अमेलिया कर 39 रन बना सकीं। उन्होंने सजीवन सजना के साथ छठे विकेट के लिए 40 रन से ज्यादा की साझेदारी की। यूपी के खिलाफ सजना 22 रन बनाकर नाबाद रहीं। यूपी के लिए चमारी अटापट्टू ने दो विकेट लिए जबकि राजेश्वरी गायकवाड़, दीप्ति शर्मा और साइमा ठाकुर को एक-एक विकेट मिला।
अंक तालिका का हाल
मुंबई ने इस जीत के साथ अंक तालिका में दूसरा स्थान प्राप्त कर लिया। टीम के खाते में आठ अंक हैं। वहीं, यूपी चार अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। पांच मैचों में चार जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स पहले स्थान पर काबिज है जबकि आरसीबी तीसरे स्थान पर है। गुजरात जाएंट्स एक जीत के साथ अंक तालिका में आखिरी स्थान पर बनी है।

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