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शराब के नशे में आधी रात पब में झूम रहे थे 100 युवक-युवतियां…मारा छापा

इंदौर। कनाड़िया क्षेत्र में एसीपी (आईपीएस) ने एक पब में आधी रात दो बजे छापामारी कर दी। वे स्थानीय पुलिसबल के बजाय रिजर्व बल लेकर पहुंचे। जैसे ही टीम अंदर घुसी तो पब संचालक और मैनेजर पीछे के रास्ते से फरार हो गए। यहां करीब 100 युवक-युवतियां नशे में झूमते मिले। पब के दो कर्मचारियों (गनमैन और गार्ड) को हिरासत में लिया है। पब संचालक, मैनेजर और एक अन्य की तलाश की जा रही है। सोमवार सुबह से भी फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
विजयनगर एसीपी कृष्णलाल चंदानी ने मुखबिर की सूचना पर रविवार देर रात छापा मारा। जानकारी मिली थी कि बिचौली मदार्ना के मिस्टर स्केल बार एंड पब में नशाखोरी चल रही है।
उन्होंने क्षेत्रिय थाने के बजाय रिजर्व बल को अपने साथ लिया और दबिश देने पहुंच गए। दो से ज्यादा टीमें बनाई थीं। यहां पब में धूमधड़ाके के साथ बड़ी तादाद में युवक-युवतियां झूमते मिले। सभी की लिस्टिंग की गई। दूसरी टीम ने पब संचालक समेत स्टाफ पर छापा मारा। बावजूद, टीम के अंदर आते ही पब संचालक भूपेन्द्र रघुवंशी, मैनेजर धर्मेन्द्र उज्जैनी और एक अन्य पीछे के रास्ते से भाग गया। सोमवार दोपहर तक ये नहीं पकड़े गए थे।

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फाग महोत्सव : राधा-कृष्ण संग किया धमाल

हिन्दुस्तान मेल, इंदौर

फाल्गुन के महीने में होली का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि फाग महीने में कृष्णजी ने राधाजी व गोपियों के साथ में होली खेलकर रासलीला की थी और फाग महोत्सव मनाया था, तभी से परंपरा चली आ रही है… ऐसे में भला लॉयन्स क्लब आॅफ इंदौर अहिल्या कहां पीछे रहने वाला है।
क्लब अध्यक्ष श्वेता खनूजा ने बताया कि फाग के साथ-साथ हमने गणगौर का बाना भी निकाला, वहीं क्लब की दीप्ति मूंदड़ा ने बताया कि हमने हमारे क्लब के साथ ही दूसरे क्लब को भी इसमें हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया। सभी ने मिलकर डांस करते हुए खूब धमाल किया। सभी को संदेश दिया कि होली के पर्व को बहुत अच्छे से शांतिप्रियता के साथ मनाएं।
फाग गीतों पर थिरकीं क्लब सदस्य – लॉयन्स क्लब आॅफ इंदौर अहिल्या द्वारा जब फाग उत्सव मनाया गया तो महिलाओं ने राधा-कृष्ण के साथ फूलों की होली खेली और रंग-गुलाल व जमकर नृत्य का आनंद लिया। महिलाओं द्वारा होली के गीत भी गाए।
भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल का बनाया उत्सवी – क्लब सदस्याओं ने रंग-गुलाल लगाकर फाग उत्सव धूमधाम से मनाया। सदस्याओं ने राधा-कृष्ण के भजनों की प्रस्तुति देकर खूब धमाल किया। परंपरानुसार उन्होंने एक-दूसरे को सूखा रंग-गुलाल लगाकर फाग होली भी खेली।

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भटके हुए बच्चों को मुख्यधारा में पुन: शामिल किया जाए – रूसिया

इंदौर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की खण्डपीठ इंदौर में सामुदायिक सहायता केन्द्र के हितधारकों की दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। यह कार्यशाला उच्च न्यायालय की खण्डपीठ इंदौर के प्रशासनिक न्यायाधिपति सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी एवं मीडिएशन मॉनीटरिंग सब कमेटी के चेयरपर्सन न्यायाधिपति विवेक रूसिया के निर्देशन में आयोजित की गई। कार्यक्रम के पहले दिन न्यायाधिपति विवेक रूसिया द्वारा मार्मिक कहानी का उदाहरण देते हुए प्रतिभागियों को भगवान के दोस्त कहकर संबोधित करते हुए कहा गया कि आप मुख्यधारा से भटके हुए बच्चे, जिनके साथ अपराध हुआ है या जो अपराध में लिप्त हैं उनको उनके समाज एवं परिवार में वापस लाने का कार्य करें। न्यायाधिपति सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी ने कहा कि नव उ‌द्घाटित सामुदायिक सहायता केंद्र इस बात का परिचायक है कि यदि हम सब दृढ़ निश्चय से बालकों का हाथ थामेंगे तो हम एक बेहतर इंदौर की कल्पना कर सकेंगे जिसमें हर बालक के अधिकारों का संरक्षण होगा और प्रत्येक बालक का सर्वांगीण विकास होगा। कार्यक्रम के दुसरे दिन श्रम विभाग, तकनीकी एवं कौशल विकास विभाग, सामाजिक न्याय एवं विकलांगता कल्याण विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, शहरी एवं आवासीय विकास विभाग, जनजातीय कल्याण विभाग एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कमजोर एवं जोखिम वाले बच्चों की सहायता विषय के तहत विभागीय योजनाओं एवं सहायता के संबंध में जानकारी दी गई।

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इंदौर जल अभाव क्षेत्र घोषित…30 जून तक नलकूप खनन प्रतिबंधित

पिछले वर्षों में इंदौर शहर में भूजल के स्तर के भले ही सुधार हुआ है, लेकिन देपालपुर व सांवेर जैसे इलाकों में कृषि कार्य के लिए अत्यधिक भूजल दोहन हो रहा है। दिसंबर 2023 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट में इंदौर जिले में 119.3 प्रतिशत भूजल दोहन का आकलन किया गया है। यानि प्राकृतिक रूप से जितना जल पुर्नभरण हो रहा है, उसके मुकाबले हम 19.3 प्रतिशत अधिक भूजल उपयोग कर रहे हैं। इसी कारण जिला प्रशासन ने अब इंदौर जिले को जल अभाव क्षेत्र घोषित कर नए नलकूप खनन पर रोक लगा दी है।
कलेक्टर आशीष सिंह ने इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए हैं। कलेक्टर ने मध्य प्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 तथा संशोधन अधिनियम 2002 (अधिनियम) में विहित प्रविधानों के अनुरूप जिले के शहरी एवं ग्रामीण संपूर्ण क्षेत्र को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। जिले में अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर 18 मार्च से 30 जून 2024 तक प्रतिबंध लगाया गया है।
अवैध रूप से नलकूप खनन करने वालों पर संबंधित राजस्व, पुलिस एवं नगर निगम के अधिकारी संबंधित पुलिस थाना क्षेत्र में एफआइआर दर्ज करवा सकेंगे। साथ ही मशीनों को जब्त करेंगे। अपर कलेक्टर अपने क्षेत्र के अंतर्गत अपरिहार्य प्रकरणों के लिए व अन्य प्रयोजनों हेतु उचित जांच के पश्चात अनुमति दे सकेंगे। इस तरह के प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर दो हजार रुपये के जुमार्ने तथा दो वर्ष तक के कारावास या दोनों से दंडित करने का प्रविधान है।
शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत किए जाने वाले नलकूप खनन पर यह आदेश लागू नहीं होगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कार्य योजनांतर्गत नलकूप खनन का कार्य लोकसभा निर्वाचन 2024 की लागू आचार संहिता का पालन करने की शर्त पर कार्य कराया जा सकेगा।

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घर बनाना हुआ आसान… सरकार ने दी राहत

प्रदेश में अब 2000 वर्गफीट तक का मकान बनाने के लिए बिल्डिंग परमिशन नहीं लेनी पड़ेगी। प्लॉट मालिक नगर निगम या नगर पालिका में शुल्क जमाकर निर्धारित मापदंड के हिसाब से भवन बनाएंगे तो निगम से अनुमति नहीं लेनी होगी। शुल्क जमा करते ही डीम्ड परमिशन जारी हो जाएगी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस फैसले से मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी प्रदेश में 1000 वर्ग फीट तक के मकान के लिए परमिशन लेने की जरूरत नहीं है। यह सुविधा शुरू होने से भोपाल जैसे शहर में बिल्डिंग परमिशन शाखा का 90% काम खत्म हो जाएगा।
ये अधिकार चीफ सिटी प्लानर को
भोपाल में हर साल लगभग 6000 बिल्डिंग परमिशन होती हैं। इनमें से 2000 परमिशन निजी आर्किटेक्ट देते हैं, जिन्हें 3200 वर्गफीट तक की परमिशन देने के अधिकार हैं। नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा के इंजीनियर, जिन्हें 1800 वर्गफीट तक की परमिशन देने के अधिकार हैं, वे करीब 3000 परमिशन देते हैं। इनमें से ज्यादातर 800 से 1200 वर्गफीट प्लॉट पर होती है, शेष कमर्शियल परमिशन होती हैं, जिनके अधिकार चीफ सिटी प्लानर को हैं।

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