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आतंक का कोई नियम नहीं तो खात्मे का भी नियम नहीं : जय शंकर

नई दिल्ली, एजेंसी। पुणे में आयोजित कार्यक्रम में विदेश मंत्री जयशंकर ने युवाओं के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से भारत की विदेश नीति में बदलाव आया है और आतंकवाद से निपटने का यही तरीका है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत का पड़ोसी देश है, इसके लिए केवल हम जिम्मेदार हैं। संबोधन में जयशंकर ने कहा कि 1947 में पाकिस्तान ने कश्मीर पर आक्रमण किया और भारतीय सेना ने उनका डटकर मुकाबला किया और राज्य का एकीकरण हुआ। उन्होंने कहा कि जब भारतीय सेना अपनी कार्रवाई कर रही थी, हम रूक गए और संयुक्त राष्ट्र में चले गए। आतंकवाद को लेकर पहले नीतियां पूरी तरह से अलग थी। युवाओं से बातचीत करते हुए जयशंकर ने दो टूक शब्दों में कहा कि आतंकवाद किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। देश की विदेश नीति के बदलाव पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा कि मेरा जवाब है…हां 50 फीसदी निरंतता है और 50 फीसदी बदलाव है। उन्होंने कहा कि मुंबई हमले का जवाब हर कोई चाहता था।

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इंदौर से 60 किमी दूर स्थित है एक हजार वर्ष प्राचीन हामूखेड़ी स्थित बिजासन माता मंदिर

इंदौर शहर केवल दो ज्योतिलिंर्गों के मध्य में ही नहीं बसा हुआ है बल्कि शिव के साथ शक्ति के आराधना स्थल भी इस शहर के समीप हैं। उज्जैन में महाकाल ज्योतिर्लिंग और हरसिद्धि शक्ति पीठ हैं तो दूसरी ओर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग है। वहीं शहर के एक ओर देवास में तुलजा भवानी और मां चामुंडा हैं तो हामूखेडी में बिजासन माता का भी अति प्राचीन मंदिर है। आस्था, श्रद्धा, विश्वास और मान्यता के धनी इस देश में न तो मंदिरों की कमी है और न ही वहां जाने वाले भक्तों की। नवरात्र में ऐसा ही एक स्थल आस्था का केंद्र बना हुआ है और वह है हामूखेड़ी स्थित बिजासन माता मंदिर। यूं तो हामूखेड़ी का बिजासन माता मंदिर धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल है लेकिन यह पर्यटन के लिए भी बेहतर स्थान है। नवरात्र में तो यहां की छटा देखते ही बनती है। शहर से इसकी दूरी करीब 60 किमी है। यदि आप यहां जाना चाहते हैं तो पहले इसका मार्ग समझें। यहां पहुंचने के लिए आपको इंदौर से उज्जैन की ओर जाना होगा। क्षिप्रा पुल पार करने के बाद आपको दाहिनी ओर हामूखेड़ी गांव का बोर्ड नजर आएगा। जहां यह बोर्ड लगा है वह रास्ता उज्जैन को देवास से भी जोड़ता है। यहां से करीब दो किमी आगे बढ़ने पर आप हामूखेड़ी पहुंच जाएंगे। हामूखेड़ी पहुंचने के बाद आपको दो किमी और आगे बढ़ना होगा तब आपको बिजासन माता मंदिर का मार्ग नजर आने लगेगा।

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पूर्वी क्षेत्र में एक इंच बरसा पानी

इंदौर, देवास, उज्जैन, रतलान और गुना समेत प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश हुई और ओले गिरे। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि के लिए अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, रीवा, जबलपुर, ग्वालियर संभाग में पानी गिरा है। इंदौर मौसम केंद्र में 0.8 मिलीमीटर बरसात दर्ज हुई। वहीं रीगल केंद्र पर शाम 7.45 से रात 8.30 बजे तक 23 मिमी (एक इंच) वर्षा दर्ज हुई। दिनभर चली बादलों की लुकाछुपी चली। शाम होते ही मौसम बदला। तेज हवाओं के साथ अचानक बरसात शुरू हो गई। ओले गिरने लगे। बिजली चमकती रही। बादल ऐसे गरजे जैसे भादौ का महीना हो।

खरीदे गए गेहूं को सुरक्षित रखें- सीएम
डॉक्टर मोहन यादव ने आदेश जारी किया है कि जहां पर गेहूं की खरीदी की जा रही है वहां पर गेहूं को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए, ताकि बे-मौसम बारिश की वजह से होने वाले नुकसान से बचाव हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि 80% गेहूं तो सुरक्षित स्थानों पर पहुंच चुका है।

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4 मिनट तक होगारामलला का सूर्याभिषेक

राम नवमी के दिन श्रृदधालु अब एक और अद्भुत घटना के साक्षी बनेंगे। यहां 17 अप्रैल दोपहर 12 बजे सूर्यवंशी भगवान राम के मस्तक पर स्वयं सूर्यदेव तिलक करेंगे। राम मंदिर में सूर्य अभिषेक का सफल परीक्षण किया गया है। यहां दर्पण के जरिए भगवान के मस्तक पर सूर्य ने तिलक किया है।
रामलला के दर्शन के लिए रोजाना 1 से 1.5 लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसमें करीब 1 लाख विदेशी पर्यटक हैं। रामनवमी पर 40 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। राम नवमी पर 16, 17, 18 अप्रैल यानी तीन दिन तक राम मंदिर को 24 घंटे खोलने का फैसला पहले ही किया जा चुका है। रामनवमी को भगवान राम के ललाट की शोभा सूर्यदेव बढ़ाएंगे। राम जन्मोत्सव के मौके पर लगभग 4 मिनट तक भगवान सूर्य रामलला का तिलक करेंगे।
ऐसे होगा सूर्याभिषेक…
ल्ल सूर्य की किरणों को पहले अलग-अलग 3 दर्पणों के जरिए अलग-अलग एंगल में डायवर्ट किया जाएगा।
ल्ल फिर इन किरणों को पीतल की पाइपों के जरिए आगे गुजारा जएगा। पीतल की पाइपों में क्षरण कम होता है, इसीलिए इस धातु का इस्तेमाल किया गया है।
ल्ल उन किरणों को लेंस के जरिए सीधे राम लला के मस्तिष्क पर डायवर्ट किया जाएगा।
ल्ल यह पूरी प्रक्रिया 4 मिनट चलेगी।

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रास्ते के लिए फसाद… गेट तोड़ा, लात-घूंसे, हंगामा

मालीखेड़ी में नगर निगम की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सिंग्लेक्स मकानों की कवर्ड कैंपस कॉलोनी विकसित की गई है। दो दिन पहले मालीखेड़ी गांव और बस्ती की ओर वाला गेट कॉलोनी वालों की ओर से बंद किया गया था। बस्ती वाले उक्त रास्ते को 50 साल से भी अधिक पुराना रास्ता बताते हुए खोलने की मांग कर रहे हैं।
कल सुबह करीब 11 बजे भारी तादात् में जुटे लोगों ने मिलकर न​ सिर्फ गेट का ताला तोड़ दिया, ब​ल्कि गेट भी उखाड़ दिया। मौके पर क्षेत्रीय पार्षद विकास पटेल भी पहुंच गए थे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। विवाद बढ़ा तो छोला मंदिर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर प्रकरण दर्ज किया है।
50 साल पुराना रास्ता
रोक रहे… आरोप
पार्षद विकास पटेल का कहना है कि कॉलोनी से सटी बस्ती में करीब 400 परिवार रहते हैं। इनका दावा है कि सालों से हम लोगों का आना-जाना इसी रास्ते है। जब कॉलोनी का निर्माण शुरू हुआ तो लोगों ने इसका विरोध किया था। तब कहा गया था कि रास्ता सभी के लिए खुला रखा जाएगा, लेकिन नवरात्र के दौरान रास्ता बंद किया गया है, जबकि मंदिर जाने का यही रास्ता है। रास्ता बंद होने से लोगों को दो किमी का लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है। मुझे लोगों ने बुलाया तो वहां पहुंचा था। इसके खिलाफ लोगों ने पुलिस में शिकायत की है।

विरोध किया तो मारपीट
रहवासी अनूप वर्मा ने बताया कि 350 मकानों की कवर्ड कैंपस कॉलोनी बनी है। जैसे-जैसे काम पूरा हो रहा है, लोग रहने आ रहे हैं… अभी 60 करीब परिवार यहां आ चुके हैं। जिस रास्ते को लेकर विवाद हुआ, वह कॉलोनी के अंदर से गुजरता है। इस पर जो गेट लगा है, वह काम करने वालों के लिए खुला रखा गया था। निर्माण पूरा हुआ तो उसे बंद किया गया है। इसको लेकर लोग विरोध कर रहे हैं। इन लोगों ने गेट ही तोड़ दिया। रहवासी रोकने पहुंचे तो मारपीट की। अगर कॉलोनी के अंदर से रास्ता गुजरेगा तो कवर्ड कैंपस होने का क्या फायदा? हमने इसकी शिकायत पुलिस से की है।
दोनों ओर से प्रकरण दर्ज
कवर्ड कैंपस के अंदर से बस्ती वाले रास्ता मांग रहे हैं, जबकि उनके लिए आम रास्ता अलग से दिया गया है। चूंकि, दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई है, इसलिए दोनों की ओर से प्रकरण दर्ज किया गया है।

  • सुरेशचंद्र नागर, छोला मंदिर थाना

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