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सबसे गर्म रही गुरुवार की रात, आज भी 40 डिग्री पार पहुंचेगा पारा

शहर में गुरुवार की रात इस सीजन की सबसे गर्म रात रही। न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 25.2 डिग्री रहा। पिछले तीन दिनों से गर्मी के तल्ख तेवर ने इंदौर के आम लोगों को परेशान किया हुआ हैं। शुक्रवार सुबह से बादल न होने के कारण सूरज की किरणों ने तपिश का अहसास करवाया। सुबह 8.30 बजे ही पारा 32.5 डिग्री पर पहुंचा। दिन के साथ अब रात में भी गर्मी व उमस के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है।
शुक्रवार सुबह पूर्वी- उत्तर पूर्वी हवाएं चली। सुबह आर्द्रता 34 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं एयरपोर्ट क्षेत्र में कुछ देर के लिए हल्की बूंदाबांदी हुई। शहर के आसमान पर हल्के हल्के बादलों का डेरा भी कुछ समय के लिए रहा।
इससे पहले गुरुवार सुबह से ही बादल नहीं होने के कारण सूरज के तीखे तेवर देखने को मिले। दिन में घरों से बाहर से निकले लोग झुलसा देने वाली गर्मी से परेशान हुए। इस सीजन में गुरुवार को पहली बार पारा 40 डिग्री पार पहुंचा।
गुरुवार को दिन में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 40.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, शुक्रवार को शहर में पारा 40 डिग्री के आसपास ही रहने की संभावना है। ऐसे में अगले दो दिनों तक गर्मी का असर बरकरार रहेगा। अगले दो दिन शहर में हल्के बादल छाएंगे।

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इंदौर नगर निगम में 28 करोड़ का फर्जी बिल घोटाला मामला

नगर निगम के ड्रेनेज विभाग में बिना काम किए 28 करोड़ के फर्जी बिल का जो घोटाला सामने आया है… दरअसल वह करीब 5 माह पहले ही उजागर हो गया था, लेकिन पुख्ता सबूत नहीं होने पर उस समय कार्रवाई नहीं की गई। तत्कालीन निगमायुक्त हर्षिका सिंह ने मामला संज्ञान में आने के बाद अपर आयुक्त वित्त देवधर दरवई को गोपनीय जांच का जिम्मा सौंपा था। घोटले की तह तक जाने और आरोपियों के कारनामे को उजागर करने के लिए जांच में काफी सतर्कता बरती गई। गोपनीय जांच के बाद घोटाले की परतें खुलते गईं।
तत्कालीन निगमायुक्त को लगभग पांच माह पहले निगम के ड्रेनेज विभाग से जुड़े फर्जी बिलों के संबंध में शिकायत मिली थी। मामला संज्ञान में आने के बाद निगमायुक्त ने अपर आयुक्त वित्त को मामला सौंपकर पता लगाने को कहा। उस समय इस मामले में इसलिए गोपनीयता व अतिरिक्त सावधानी बरती गई, ताकि फर्जी बिल तैयार करने वाले कर्ताधर्ता व इनसे जुड़े निगम के ड्रेनेज विभाग के संबंधित अधिकारी और कर्मचारी सतर्क न हो जाएं। घोटाले की तह तक जाने के लिए मामले को पकने दिया गया। तीन-चार माह तक मामले की ड्रेनेज विभाग से लेकर आॅडिट विभाग तक गहन जांच की गई। बिल, फाइल व अन्य दस्तावेजों को बारीकी से खंगाला गया। गोपनीय तरीके से जांच का काम किया गया। जानकारी व पूछताछ के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि सम्बन्धितों को किसी प्रकार की शंका न हो। जब यह पक्का हो गया कि वाकई में बिलों में फर्जीवाड़ा हुआ है तो मौजूदा निगमायुक्त शिवम वर्मा को अवगत कराया गया। उनके निर्देश पर पांच फर्मों के कर्ताधर्ताओं के खिलाफ पुलिस थाना एमजी रोड में तीन दिन पहले एफआईआर दर्ज करवाई गई।

प्रारंभिक जांच में पता चल गया था फर्जीवाड़ा – हर्षिका सिंह, तत्कालीन निगमायुक्त
पूर्व निगमायुक्त हर्षिका सिंह ने ‘हिंदुस्तान मेल’ को बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद ही यह बात सामने आ गई थी कि पूरा मामला बड़े फर्जीवाड़े का है। बिलों को देखकर शक होने लगा था। पुराने बिलों की जांच कराई गई और शंका होने पर भुगतान नहीं होने दिया गया। हर्षिका सिंह ने बताया कि हस्ताक्षर के लिए हर सीट पर एक ही पेन का इस्तेमाल किया गया था। इससे शक और पक्का हो गया था। जांच को लेकर काफी सतर्कता व सावधानी बरती गई, ताकि इसकी तह तक पहुंचा जा सके। मामले में आॅडिट विभाग को फटकार भी लगाई गई थी।
निगम के नेता प्रतिपक्ष
ने लगाए आरोप
मामले में नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिन्टू चौकसे ने निगम के कई अधिकारियों व कर्मचारियों के शामिल होने का आरोप लगाया है। बिना अफसरों की सांठगांठ से घोटाले होना संभव नहीं है। उन्होंने ड्रेनेज विभाग के अफसर सुनील गुप्ता को आरोपों के कटघरे में खड़ा किया है। चौकसे ने नाला टैपिंग में भी बड़े घोटाले होने की बात कही है।

निगम आयुक्त शिवम वर्मा द्वारा मामले में निगम के अधिकारियों अथवा कर्मचारियों की संलिप्तता होने और ई-नगर पालिका मे प्रविष्टियों के संबंध में आईटी सेल से जांच कराने हेतु अपर आयुक्त सिद्धार्थ जैन की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया है। गठित जांच समिति में अपर आयुक्त लेखा देवघर दरवई, आरएस देवड़ा सहायक यंत्री, रमेशचंद्र शर्मा सहायक लेखा अधिकारी, अभिनव राय प्रभारी अधिकारी आईटी सेल, आशीष तागड़े सहायक लेखापाल, रूपेश काले सहायक लेखापाल शरीक किए गए हैं। उक्त समिति द्वारा 15 दिन में जांच करके जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस घोटाले में निगम अफसरों की मिलीभगत होने से इनकार नहीं किया जा रहा है। जानकारों के अनुसार बिना मिलीभगत से घोटाला होना संभव नहीं है।

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बगैर जानकारी के बंद कर दिया रास्ता… परेशान होते रहे राहगीर

हिन्दुस्तान मेल, भोपाल
कमला पार्क से होकर वीआईपी चौराहा से पुराने भोपाल की तरफ जाने वाला रास्ता कल सुबह बगैर पूर्व सूचना के बंद कर दिया गया। सोमवारा में माता मंदिर के पास भाजपा प्रत्याशी आलोक शर्मा के राजनीतिक कार्यक्रम के चलते यहां से दो पहिया वाहन तक को जाने की अनुमति नहीं थी। ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 10 बजे से ही एक तरफ के रास्ते पर बैरिकेडिंग कर दी थी।
हमीदिया अस्पताल की ओर जाने वालों को करीब 5 किलोमीटर से अधिक का चक्कर लगाना पड़ा। रोज करीब 400 वाहन हमीदिया अस्पताल आते हैं। इसी तरह सोमवारा से लेकर पीर गेट, चौक बाजार से कमला पार्क के रास्ते नए भोपाल की तरफ आने वाले वाहन चालकों को भी 4 से 5 किमी तक घूमकर जाना पड़ा। करीब डेढ़ बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी 3 बजे तक ट्रैफिक रेंगता रहा।
रेंगते रहीं गाड़ियां… आगे गए तो रोक दी गईं चारपहिया – कोहेफिजा थाना तरफ से भी बंद वीआईपी तिराहे से डायवर्सन के कारण हमीदिया अस्पताल जाने के लिए वाहन चालकों को वीआईपी रोड से करबला होकर जाना पड़ा। यहां से कोहेफिजा थाने पर आने पर पता चला कि चार पहिया वाहन के लिए बंद है। ऐसे में उन्हें फिर भोपाल गेट, बाबे अली मैदान से शाहजहांनाबाद थाने के पहले एलबीएस अस्पताल से घूमकर हमीदिया जाना पड़ा। इसी तरह हमीदिया से आने वालों को भी इसी रास्ते से वापस जाना पड़ा। सोमवारा से रैली निकालने से कलेक्टोरेट तक फिर ट्रैफिक प्रभावित रहा। दोपहर ढाई बजे तक वाहन रेंगते हुए ही चले। ट्रैफिक 3 बजे के बाद सामान्य हो पाया।
ये रास्ते रहे बंद
ल्ल वीआईपी तिराहे से हमीदिया जाने वाला रास्ता
ल्ल बिजली आॅफिस से हमीदिया जाने वाला रास्ता
ल्ल स्टेट बैंक चौराहा से सोमवारा तक जाने वाला रास्ता
ल्ल चौक बाजार से सोमवारा की आने वाला रास्ता।
दी जाएगी ट्रैफिक पुलिस को हिदायत – पहले से तय कार्यक्रम के लिए रास्ते बंद किए जाने पर लोगों तक इसकी सूचना दी जाना चाहिए। ट्रैफिक पुलिस को हिदायत दी जाएगी कि आगे से जानकारी लोगों तक पहुंचाएं।
ल्ल हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस कमिश्नर भोपाल

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पेट्रोल पंप के पास आग उठी लपटों से गाड़ी खाक

एमपी नगर में बड़ा हादसा टल गया। यहां पेट्रोल पंप के पास एक चलती वैन में अचानक आग लग गई। आग जलती देखकर पंप के कर्मचारियों ने आग बुझाने के लिए वैन की ओर दौड़ लगा दी, जिसके बाद कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया। जानकारी के मुताबिक वैन की वायरिंग में शॉर्टसर्किट होने के कारण आग लगी थी। आग लगने से वैन की सीटें और अंदर का हिस्सा जल गया है। एमपी नगर जोन-2 में प्रगति पेट्रोल पंप के पास यह हादसा हुआ। वैन जोन-2 की ओर जा रही थी, तभी उसमें से धुआं उठता नजर आया, जिसके बाद ड्राइवर ने वैन से उतरकर अपनी जान बचाई। देखते-ही-देखते वैन के अंदर के हिस्से से आग की लपटें उठने लगीं। आग उठती देखकर पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने वैन की ओर दौड़ लगाई। पंप पर मौजूद फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से कर्मचारियों ने जल्द ही आग पर काबू पा लिया। मौके पर वहां से गुजरने वाले लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

आॅटोमोबाइल एक्सपर्ट अमन भारद्वाज ने बताया कि गर्मी में कार में आग लगने का सबसे बड़ा कारण शॉर्टसर्किट से होता है। गर्मी से ठीक पहले कार की सर्विसिंग कराएं और पूरी वायरिंग चेक करा लें। कूलेंट की मात्रा को भी चेक करना चाहिए। बैटरी की स्थिति भी देखी जाना चाहिए। लंबी यात्रा के दौरान कार को कुछ किलोमीटर चलाने के बाद थोड़ी देर रोकना चाहिए और टायर प्रेशर भी सही रखना चाहिए। कभी भी कार में परफ्यूम या अन्य प्रकार के स्प्रे नहीं रखना चाहिए। ज्यादा एसेसरीज के कारण भी कार में आग लगने का खतरा रहता है। एसेसरीज लगाने के समय कई बार तार को काटना पड़ता है, जिससे भी शॉर्टसर्किट होने के बाद आग लगने का खतरा बढ़ता है।

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सड़क हादसा देख सीएम ने रूकवाया काफिला, घायल को पहुंचाया अस्पताल

सीएम मोहन यादव और वीडी शर्मा चुनाव प्रचार कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर हादसे पर पड़ी। उन्होंने फौरन अपने काफिले को रोक दिया। घायलों की मदद के लिए पहुंच गए। सीएम के काफिले के साथ चल रही एंबुलेंस से घायलों को पन्ना अस्पताल पहुंचाया गया। इस बीच खुद सूबे के मुखिया सड़क पर काफी देर तक खड़े रहे और उनका काफिला भी ठहर गया।
हादसा सिमरिया मार्ग पर हुआ, जहां एक ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक पर सवार दो लोगों में से एक व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे को इलाज के लिए पन्ना के अस्पताल ले जाया गया है। सीएम ने ७ पर लिखा कि मैंने अपने कारकेड से कुछ दूरी पर मोटरसाइकिल और मिनी ट्रक में हुई टक्कर के हादसे में कुछ लोगों को घायल देखा। मैंने तत्काल कारकेड रुकवाकर अपने साथ चल रही एंबुलेंस में घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

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