Hindustanmailnews

Author name: Hindustanmailnews

लोकतंत्र महोत्सव : मतदान आहुति के साथ ईवीएम में सांसद बंद

सभी दूर लोकतंत्र महोत्सव को लेकर मतदाताओं में उत्साह दिखा। सुबह से लेकर देर शाम तक लंबी-लंबी कतारें दिखीं। शांतिपूर्ण हुए मतदान को लेकर एक ओर प्रशासन ने राहत की सांस ली, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से इसमें लगे पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी चैन महसूस किया। मौसम ने भी साथ दिया… हालांकि, कहीं-कहीं हवा-आंधी के साथ हल्की-फुल्की बारिश भी हुई, पर मतदाताओं के उत्साह में कमी नहीं आई। दोपहर के समय तपन की वजह से जरूर मतदान प्रक्रिया थोड़ी धीमी रही, पर शाम के दौरान फिर मतदान में गति दिखी। हवा-आंधी की वजह से कहीं-कहीं बिजली भी गुल हुई तो मोबाइल की टॉर्च के सहारा काम चलाया गया।

हिन्दुस्तान मेल, पीथमपुर/सागौर
पीथमपुर नगरीय क्षेत्र के 90 मतदान केंद्रों पर अमूमन मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कुछ मतदान केंद्रों पर सुबह से देर शाम तक लंबी कतार लगी रही तो कई मतदान केंद्र दिनभर सुनसान नजर आए, लेकिन शाम के ठंडे वक्त के इंतजार में बैठे कई मतदाता तेज बारिश के कारण मतदान के लिए नहीं पहुंच सके तो कुछ भीगते हुई भी अपना फर्ज पूरा करने आए। हालांकि उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा। शाम 6 बजे मतदान का समय खत्म होने पर कुछ मतदान केंद्रों पर टोकन बांटना पड़े। इस कारण काफी देर तक मतदान चलता रहा। सागौर के कन्या हाईस्कूल परिसर में चार मतदान केंद्रों पर सर्वाधिक भीड़ रही। इनमें बूथ क्रमांक 223 में सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई। यहां पर मतदान अत्यंत धीमी गति से होने के कारण कतार में लगे लोगों ने हल्ला मचाया और पीठासीन अधिकारी से बात की। इस पर पीठासीन अधिकारी ने अपनी मजबूरी बताई कि वे भी क्या करें… बारिश के कारण व्यवधान उत्पन्न हुआ और बिजली बंद होने से अंधेरे के कारण मोबाइल की लाइट से काम चलाया जा रहा है।
लंबी लाइन… बांटना पड़े टोकन – निर्धारित समय के बाद इस केंद्र पर लंबी लाइन लगी होने के कारण टोकन बांटे गए। इधर हवा-आंधी और बारिश के कारण टेंट गिर गए और पूरे परिसर में पानी ही पानी भर गया और अस्थायी रूप से लगाए बिजली तार भी टूट के गिर गए। पीथमपुर के 90 मतदान केंद्रों में कलेक्टर प्रियंक मिश्र और मुख्य नगर पालिका अधिकारी निशिकांत शुक्ल के निर्देशन में समस्त व्यवस्थाएं पूर्ण की गईं, साथ ही निकाय द्वारा बनाए गए 5 आदर्श मतदान केंद्रों को पूर्णत: जीरो वेस्ट इवेंट के रूप में बनाया गया निकाय की सहयोगी संस्था अलाइड सॉल्यूशन सर्विसेस के सदस्यों ने गीले कचरे से बनाई जाने वाली कंपोस्ट खाद की प्रदर्शनी और आरआरआर सेंटर में पुराने कपड़े, किताबें, जूते-चप्पल, खिलौने इत्यादि सामान जमाकर जरूरतमंद व्यक्तियों की मदद करने हेतु प्रेरित किया। निकाय पीथमपुर के समस्त बीएलओ और अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के दल द्वारा वार्डों से समस्त नागरिकों को मतदान करने हेतु प्रेरित किया गया। मतदान केंद्र में बुजुर्गों और दिव्यांगजन को लाने हेतु निकाय की एंबुलेंस और व्हील चेयर का उपयोग दल द्वारा किया गया। नगर पालिका पीथमपुर द्वारा समस्त मतदान केंद्रों में शौचालय व्यवस्था, ठंडा पानी पीने की उच्चतम व्यवस्था, धूप से बचने के लिए छांव की व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था आदि कार्य मतदान को सुगम बनाने हेतु किए गए। ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2024’ में उत्कृष्ट अंक प्रदान करने हेतु मतदान केंद्र में आए आमजन से स्वच्छता टीम द्वारा कार्यक्रमों को जीरो वेस्ट इवेंट कैसे बनाए, आरआरआर सेंटर के बारे में विस्तार रूप से जागरूक किया गया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी निशिकांत शुक्ल ने व्यवस्थाओं को सुचारू किया।

लोकतंत्र महोत्सव : मतदान आहुति के साथ ईवीएम में सांसद बंद Read More »

टी20 विश्व कप के बाद द्रविड़ की जगह होगा एक नया चेहरा

टी20 विश्व कप के बाद टीम इंडिया में बड़ा बदलाव होना तय है। बीसीसीआई ने भारतीय टीम के मुख्य कोच पद के लिए आवेदन मंगाए हैं। सोमवार को बीसीसीआई ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी जानकारी दी। बोर्ड के सचिव जय शाह ने हाल ही में बयान दिया था कि टी20 विश्व कप के बाद टीम इंडिया को नया कोच मिलेगा।
अब देखने वाली बात यह है कि राहुल द्रविड़ फिर से आवेदन करते हैं या नहीं। अगर वह आवेदन नहीं करते हैं तो भारतीय टीम को नया कोच मिलेगा। द्रविड़ का कॉन्ट्रैक्ट पिछले साल वनडे विश्व कप के बाद खत्म हो गया था। हालांकि, इसके बाद बीसीसीआई ने उनसे बात की थी और इस साल टी20 विश्व कप तक अपने पद पर बने रहने के लिए मनाया था।
नए मुख्य कोच के लिए 27 मई की शाम तक होंगे आवेदन
बोर्ड ने बताया कि मुख्य कोच पद के लिए 27 मई को शाम छह बजे तक आवेदन किए जा सकेंगे। चयन प्रक्रिया में आवेदनों की गहन समीक्षा, उसके बाद इंटरव्यू और शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया जाएगा। नए मुख्य कोच का कार्यकाल 3.5 साल का होगा। यह एक जुलाई 2024 से शुरू होकर 31 दिसंबर 2027 तक का होगा। यानी नए मुख्य कोच के अंदर टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी 2025, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल 2025 और 2027, टी20 विश्व कप 2026 और वनडे विश्व कप 2027 खेलेगी। यानी नए कोच के सामने तीन सीमित ओवर विश्व कप और दो आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप जीतने की चुनौती है।
मुख्य कोच की होंगी
बड़ी जिम्मेदारियां
सफल उम्मीदवार एक विश्व स्तरीय भारतीय क्रिकेट टीम विकसित करने के लिए जिम्मेदार होगा। मुख्य कोच पर खेल के तीनों प्रारूपों में भारतीय पुरुष टीम के अच्छे प्रदर्शन और प्रबंधन की समग्र जिम्मेदारी होगी। मुख्य कोच विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की एक टीम का नेतृत्व करेगा और सभी को उनकी जिम्मेदारियां परिभाषित करने के लिए जिम्मेदार होगा। साथ ही उनकी भूमिकाएं और उनके प्रदर्शन और टीम में हो रहे विकास पर भी नजर बनाए रखेगा। मुख्य कोच भारतीय पुरुष टीम में अनुशासनात्मक संहिताओं की समीक्षा करने, बनाए रखने और लागू करने के लिए जिम्मेदार होगा।
कोच पद के लिए आवेदन
करने के लिए योग्यता
मुख्य कोच पद के लिए आवेदन करने वाले ने कम से कम 30 टेस्ट मैच या 50 वनडे मैच खेले हों। या फिर उसके पास न्यूनतम दो वर्ष का पूर्ण सदस्य टेस्ट प्लेइंग नेशन का मुख्य कोच बनने का अनुभव हो। या फिक किसी एसोसिएट सदस्य, आईपीएल टीम या समकक्ष अंतरराष्ट्रीय लीग, प्रथम श्रेणी टीमों के प्रमुख कोच, राष्ट्रीय ए टीमें के कोच रूप में कम से कम तीन साल का अनुभव होना चाहिए। या फिर आवेदन करने वाले ने बीसीसीआई के लेवल तीन का सर्टिफिकेट लिया हो या फिर उसके समकक्ष कोई डिग्री हो। आवेदन करने वाले की उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
द्रविड़ के लिए आवेदन करना हो सकता है मुश्किल
हाल ही में बीसीसीआई सचिव जय शाह ने कहा था कि अगर द्रविड़ टी20 विश्व कप के बाद भी पद पर बने रहना चाहते हैं तो उन्हें दोबारा आवेदन करना होगा। जय शाह ने कहा था कि राहुल द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अगर उन्हें पद पर बने रहना है तो उन्हें दोबारा आवेदन करना होगा। हम तीन साल के लिए लंबे समय तक के लिए कोच की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, अगले 3.5 साल के लिए द्रविड़ के लिए फिर से आवेदन करना कठिन होगा, क्योंकि वह नवंबर 2021 से पहले ही इस भूमिका में हैं। द्रविड़ ने हाल ही में बताया भी था कि वह अपने परिवार को समय नहीं दे पा रहे हैं। द्रविड़ के दोनों बच्चे भी क्रिकेट खेलते हैं और ऐसे में द्रविड़ आगे कुछ समय परिवार के साथ बिताना चाहेंगे।
नए कोच के सामने ये चुनौतियां
नए कोच के कार्यकाल की शुरूआत जुलाई में श्रीलंका में सफेद गेंद की सीरीज से हो सकती है। इसके बाद टीम इंडिया बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ दो घरेलू टेस्ट सीरीज खेलेगी। साल के अंत में भारत को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए आॅस्ट्रेलिया का दौरा भी करना है और पांच टेस्ट मैच खेलने हैं। फिर 2025 में पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी के अलावा उस साल के मध्य में इंग्लैंड का दौरा भी करना है। 2026 में भारत और श्रीलंका टी20 विश्व कप की संयुक्त मेजबानी करेंगे और 2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में खेला जाना है। आने वाले कोच को भारत के दो दिग्गज विराट कोहली (35 साल) और मौजूदा कप्तान रोहित शर्मा (37 साल) को भी संभालना होगा, जो करियर के अंतिम चरण में हैं।

टी20 विश्व कप के बाद द्रविड़ की जगह होगा एक नया चेहरा Read More »

6.57 करोड़ से बनी बर्न यूनिट अब तक सर्जरी विभाग को नहीं मिली

एमवाय हॉस्पिटल में 6.57 करोड़ से बर्न यूनिट का डेढ़ साल पहले बनाकर तैयार कर दिया गया, लेकिन अब तक इसे सर्जरी विभाग को हैंडओवर नहीं किया है। पहले लीकेज के कारण इसे बंद रखा गया। लीकेज ठीक हुए भी दो माह हो चुके हैं, लेकिन विभाग ने अभी इसे अपने अधीन नहीं लिया।
इसी वजह से पहली मंजिल पर मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा, न ही ओटी शुरू की गई। दो माह पहले ही निर्माण एजेंसी ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सूचना दी थी कि लीकेज बंद कर दिया है। कॉलेज प्रशासन ने भी एमवायएच प्रशासन को निर्देश दिए थे कि बर्न यूनिट को लेने की औपचारिकताएं पूरी कर काम शुरू करें, लेकिन अभी वहां भी अनदेखी की गई।
लीकेज हो रहा था, लग गई थी फंगस
जब यह यूनिट बनी तभी से लीकेज की समस्या है। इसी वजह से दीवारों पर फंगस जमा हो गई थी और पहली मंजिल के बेड का उपयोग नहीं किया जा रहा था। यह हाईटेक यूनिट 28 बेड क्षमता की है। इसमें सिर्फ निर्माण कार्य पर ही 2.60 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। पुरानी कैजुअल्टी का नवीनीकरण यह दो मंजिला बर्न यूनिट बनी है। तल मंजिल कई महीनों से बंद है। बर्न के मरीजों में संक्रमण का खास तौर पर ध्यान रखना होता है, जबकि फंगस के कारण ओटी व आईसीयू में संक्रमण फैल रहा था। पिछले साल फरवरी में मुख्यमंत्री इसका लोकार्पण कर चुके हैं। दिसंबर 2023 में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पीआईयू पर सख्ती करते हुए लीकेज ठीक करने के लिए कहा। मार्च तक उन्होंने काम भी कर दिया लेकिन अधीक्षक ने इसे प्रक्रिया शुरू नहीं की।

6.57 करोड़ से बनी बर्न यूनिट अब तक सर्जरी विभाग को नहीं मिली Read More »

भारत में डिजिटलीकरण की अभूतपूर्व भूमिका…………

हम उम्मीद करें कि सरकार अभी भी देश में गरीब वर्ग के 15 करोड़ से अधिक लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर लाने के लिए गरीबों तक डिजिटलीकरण की सरल पहुंच सुनिश्चित करेगी। डिजिटल आधारित भारत की नई दुनिया में सौ फीसदी विश्वसनीयता बनाए रखने हेतु रणनीतिक प्रयत्न सुनिश्चित किए जाएंगे, साथ ही भारत के आम आदमी की डिजिटल सहभागिता बढ़ाने के लिए गांवों व पिछड़े क्षेत्रों तक डिजिटल साक्षरता सुनिश्चित की जाएगी।
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 78वें सत्र के अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस ने कहा कि भारत में गरीबी घटाने में डिजिटलीकरण की अहम् भूमिका है। पिछले दिनों भारत की अधिकारिक यात्रा पर रहे फ्रांसिस ने कहा कि जब से वे भारत से लौटे हैं, उनके मन में अतुल्य भारत की डिजिटल उपलब्धि के बारे में दुनिया को बताने के विचार बार-बार आ रहे हैं। उन्होंने भारत में महसूस किया है कि सिर्फ एक हैंडसेट और डिजिटलीकरण मॉडल के उपयोग से लाखों लोगों को औपचारिक आर्थिक प्रणाली में लाने के लिए भारत के डिजिटलीकरण कार्यक्रम की अभूतपूर्व भूमिका है। उन्होंने कहा कि जहां डिजिटलीकरण से भारत में वित्तीय समावेशन में मदद मिल रही है, वहीं डिजिटलीकरण लागत को कम करने, अर्थव्यवस्था को अधिक कुशल बनाने और सेवाओं को सस्ता करने में भी प्रभावी योगदान दे रहा है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिल रही है। ये सब भारत से ऐसे डिजिटल सबक हैं, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ साझा किया जा सकता है। गौरतलब है कि पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में भी कहा गया है कि भारत में गरीबी 2015-2016 के मुकाबले 2019-2021 के दौरान 25 फीसदी से घटकर 15 फीसदी आ गई है।
इसमें डिजिटलीकरण की भी अहम् भूमिका है। इतना ही नहीं, विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) सहित दुनिया के विभिन्न सामाजिक सुरक्षा के वैश्विक संगठनों द्वारा भारत में बहुआयामी गरीबी घटाने के मद्देनजर भारत में लागू डिजिटल व्यवस्था की जोरदार सराहना की गई है। आईएमएफ द्वारा प्रकाशित रिसर्च पेपर में यह भी कहा गया है कि सरकार के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत 80 करोड़ से अधिक कमजोर वर्ग के लोगों को दिए जा रहे मुफ्त खाद्यान्न ने गरीबों पर मार को कम करने में अहम् भूमिका निभाई है और इससे अत्यधिक गरीबी में भी कमी आई है। यह भी उल्लेखनीय है कि नीति आयोग की तरफ से वैश्विक मान्यता के मापदंडों पर आधारित जो बहुआयामी गरीबी इंडेक्स (एमपीआई) दस्तावेज जारी किया गया है, उसमें कहा गया है कि पिछले नौ वर्षों में भारत में तकरीबन 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी के दायरे से बाहर आ गए हैं, लेकिन अभी भी भारत में तकरीबन 15 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी का सामना कर रहे हैं। इस दस्तावेज के मुताबिक सरकार की विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं और देश में आम आदमी तक पहुंची डिजिटल सुविधाओं ने बहुआयामी गरीबी कम करने में प्रमुख भूमिका निभाई है। नि:संदेह गरीबी को घटाने और आम आदमी के लाभों से जुड़ा भारत का डिजिटल विकास वैश्विक मंच पर चमक रहा है। 50 करोड़ से अधिक कमजोर वर्ग के लोगों को जनधन खातों के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है। डिजिटलीकरण ने भारत की अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने में और आधार ने लीकेज को कम करते हुए लाभार्थियों को भुगतान के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर-डीबीटी) में मदद की है। इन्फोसिस के सह संस्थापक और चेयरमैन नंदन नीलेकणी का भी कहना है कि भारत ने अपने अनोखे डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और नई डिजिटल पूंजी के सहारे पिछले 10 साल में वह कर दिखाया, जो पारंपरिक तरीके से काम करने में पांच दशक लग जाते।
भारत में वर्ष-2014 से लागू की गई डीबीटी योजना एक वरदान की तरह दिखाई दे रही है। भारत ने पिछले एक दशक में मजबूत डिजिटल ढांचे से डिजिटलीकरण में एक लंबा सफर तय कर लिया है, जिससे आम आदमी सहित पूरी अर्थव्यवस्था लाभान्वित हो रही है। यदि हम हाल ही में प्रकाशित कुछ अन्य प्रमुख वैश्विक आर्थिक रिपोर्टों को देखें तो पाते हैं कि उनकी अध्ययन रिपोर्टों में दुनिया में तेजी से बढ़ते हुए दिखाई दे रही भारतीय अर्थव्यवस्था में डिजिटल अर्थव्यवस्था को भारत की नई शक्ति बताया गया है। इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च आॅन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस (इक्रियर) और वैश्विक उपभोक्ता इंटरनेट समूह प्रोसेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था की वैश्विक रैंकिंग में अब भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया के तीसरे नंबर का सबसे बड़ा देश बन गया है। इक्रियर के द्वारा डिजिटल अर्थव्यवस्था पर हुई यह स्टडी कनेक्ट, हार्नेस, इनोवेट, प्रोटेक्ट और सस्टेन जैसे पांच महत्वपूर्ण पैरामीटर्स पर आधारित है। इन पैरामीटर्स पर भारत ने 39.1 स्कोर किया है, जबकि पहले क्रम पर स्थित अमेरिका ने 65.1 और दूसरे क्रम पर स्थित चीन ने 62.3 स्कोर किया है। भारत के बाद ब्रिटेन चौथे और जर्मनी पांचवें क्रम पर है। इस रिपोर्ट को जारी करते हुए नैसकॉम के अध्यक्ष देबजानी घोष ने कहा कि दुनिया अभी भी वास्तव में नहीं समझ पाई है कि प्रौद्योगिकी ने आम आदमी से लेकर सभी वर्गों के भारतीयों के दैनिक जीवन में खुद को कैसे शामिल कर लिया है, जो वास्तविक डिजिटल अर्थव्यवस्था है। एक उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत ने डिजिटल युग में छलांग लगा दी है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट नेटवर्क वाला देश है। इसी प्रकार रिजर्व बैंक गर्वनर शक्तिकांत दास ने कहा कि डिजिटल भुगतान में भारत विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर है। बीते वर्ष-2023 में देश में कुल डिजिटल भुगतान यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की हिस्सेदारी बढ़कर 80 फीसदी के करीब पहुंच गई है। यूपीआई लेन-देन की संख्या महज छह साल में 273 गुना बढ़ी है। वर्ष-2017 में 43 करोड़ यूपीआई लेन-देन हुए थे, वर्ष-2023 में इनकी संख्या बढकर 11761 करोड़ हो गई।
नि:संदेह भारत में यूपीआई ने भुगतान क्षेत्र में क्रांति ला दी है। यह कोई छोटी बात नहीं है कि भारत में डिजिटल प्रौद्योगिकी को न केवल युवा अपना रहे हैं, बल्कि बुजुर्ग और गरीब वर्ग के लोग भी इसमें पीछे नहीं हैं। जी-20 की अध्यक्षता के दौरान भारत को सार्वजनिक सेवाओं की बड़े पैमाने पर डिलीवरी के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का उपयोग करने के चैंपियन के रूप में मान्यता दी गई थी। छोटे उद्योग-कारोबार के लिए सरल ऋण और रोजगार सृजन आम आदमी के बीमा और अन्य जनकल्याण योजनाओं के लिए डिजिटल ढांचे का सफल उपयोग किया जा रहा है। इससे समाज के करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। हम उम्मीद करें कि सरकार अभी भी देश में गरीब वर्ग के 15 करोड़ से अधिक लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर लाने के लिए गरीबों तक डिजिटलीकरण की सरल पहुंच सुनिश्चित करेगी। डिजिटल आधारित भारत की नई दुनिया में सौ फीसदी विश्वसनीयता बनाए रखने हेतु रणनीतिक प्रयत्न सुनिश्चित किए जाएंगे, साथ ही भारत के आम आदमी की डिजिटल सहभागिता बढ़ाने के लिए गांवों व पिछड़े क्षेत्रों तक डिजिटल साक्षरता, सरल डिजिटल कौशल प्रशिक्षण, सस्ते स्मार्टफोन, इंटरनेट की निर्बाध कनेक्टिविटी और बिजली की सरल आपूर्ति जैसी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इससे भारत वर्ष-2027 तक आम आदमी की मुस्कराहट बढ़ाते हुए दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था तथा वर्ष-2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनने की डगर पर तेजी से आगे बढ़ते हुए दिखाई दे सकेगा।

भारत में डिजिटलीकरण की अभूतपूर्व भूमिका………… Read More »

अमरनाथ यात्रा : अब तक शहर के 10 हजार भक्तों ने कराया पंजीयन

अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। 15 दिन में ही करीबन 10 हजार श्रद्धालुओं ने पंजीयन करा लिए हैं। इसमें सबसे अधिक पंजीयन आॅनलाइन हो रहे हैं। वहीं बैंकों के माध्यम से एक हजार पंजीयन हो चुके हैं। भोपाल से ही 15 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन करने पहुंचेंगे। पूरे एमपी से यह संख्या 50 हजार तक पहुंच जाएगी। बता दें कि 29 जून से शुरू होने वाली है। इस बार यह यात्रा 19 अगस्त तक चलेगी। इस बार यात्रा 52 दिन की रहेगी। यात्रा के लिए चिकित्सा प्रमाण पत्र जरूरी है। 13 से 70 वर्ष की देश के नागरिकों को जिन डॉक्टरों को चिकित्सा प्रमाण पत्र के लिए अनुमति दी गई है, उन्हें प्रमाण पत्र लेना होगा। इस बार 15 हजार से अधिक श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा पर जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। अमरनाथ यात्रा के लिए लोगों ने ट्रेनों में आरक्षण करना शुरू कर दिया है, जिससे ट्रेन फुल चल रही हैं।

पहलगाम और और बालटाल के रास्ते से जाने के लिए जुलाई तक बुकिंग फुल हो चुकी है। ओम शिव शक्ति सेवा मंडल के सचिव रिंकू भटेजा ने बताया कि जम्मू एंड काश्मीर बैंक व पंजाब नेशनल बैंक में रोज 80 से 90 रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। इस कारण अब लोग आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन अधिक करा रहे हैं। इस वजह से लोगों को अब 12 जुलाई के बाद की तिथि यात्रा के लिए मिल पा रही है। जो लोग अमरनाथ यात्रा पर पहलगाम के रास्ते से जाना चाहते हैं, उन्हें 18 जुलाई के बाद की तारीखें दी जा रही हैं।
पहलगाम मार्ग : इस मार्ग से गुफा तक पहुंचने में 3 दिन लगते हैं, लेकिन ये रास्ता आसान है। यात्रा में खड़ी चढ़ाई नहीं है। पहलगाम से पहला पड़ाव चंदनवाड़ी है। ये बेस कैंप से 16 किमी दूर है। यहां से चढ़ाई शुरू होती है।
बालटाल मार्ग : वक्त कम हो, तो बाबा अमरनाथ दर्शन के लिए बालटाल रूट से जा सकते हैं। इसमें सिर्फ 14 किमी की चढ़ाई चढ़नी होती है, लेकिन एकदम खड़ी चढ़ाई है, इसलिए बुजुर्गों को इस रास्ते पर दिक्कत होती है। इस रूट पर संकरे रास्ते और खतरनाक मोड़ हैं।

अमरनाथ यात्रा : अब तक शहर के 10 हजार भक्तों ने कराया पंजीयन Read More »

Scroll to Top
Verified by MonsterInsights