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दिल्ली बाढ़ अपडेट: यमुना में उफान, कालिंदी कुंज जलमग्न; बाढ़ प्रभावितों से मिले मुख्यमंत्री केजरीवाल

दिल्ली में बाढ़ की स्थिति गंभीर: यमुना खतरे के निशान से ऊपर, कालिंदी कुंज और कश्मीरी गेट में पानी घुसा

दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। गुरुवार को नदी का स्तर 207.48 मीटर तक पहुंच गया — जो इस मानसून सीजन का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि शुक्रवार को जलस्तर में थोड़ी गिरावट आई है और यह 207.43 मीटर तक दर्ज किया गया, लेकिन नदी का प्रवाह तेज बना हुआ है।


निचले इलाकों में जलभराव, कई क्षेत्रों में रेस्क्यू जारी

भारी बारिश और यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण राजधानी के निचले इलाकों — जैसे कालिंदी कुंज, यमुना बाजार, सिविल लाइंस, और कश्मीरी गेट — में पानी भर गया है। कुछ क्षेत्रों में जलस्तर 7-10 फीट तक पहुंच गया है। मोनैस्ट्री मार्केट और बेला रोड की कॉलोनियां लगभग पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं।

बाढ़ के पानी को निकालने के लिए वासुदेव घाट और आसपास के इलाकों में मशीनें तैनात की गई हैं। प्रभावित परिवारों को मयूर विहार फेज-1 और अन्य स्थानों पर बने राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है।


ट्रैफिक पर असर, कश्मीरी गेट में जाम

कई सड़कों पर जलभराव के कारण ट्रैफिक बाधित हुआ है। कश्मीरी गेट इलाके में बाढ़ का पानी घुसने से लंबा जाम लग गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


एनसीआर में भी असर, नोएडा में घुसा यमुना का पानी

दिल्ली के अलावा एनसीआर के कुछ हिस्सों जैसे नोएडा सेक्टर 135 में भी यमुना का पानी प्रवेश कर चुका है। कई कॉलोनियों और मार्केट क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।


सीवर ओवरफ्लो की समस्या गहराई

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने यमुना में गिरने वाले कई नालों को एहतियातन बंद कर दिया है। इसके चलते शहर के कई निचले इलाकों में सीवर ओवरफ्लो हो रहा है। लगातार बारिश और जल निकासी की कमी से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।


बैराज से डिस्चार्ज की स्थिति (5 सितंबर, गुरुवार)

समयजलस्तर (मीटर)हथनीकुंड बैराजवजीराबाद बैराजओखला बैराज
सुबह 7:00207.481,43,184 क्यूसेक1,93,090 क्यूसेक2,40,002 क्यूसेक
सुबह 8:00207.471,42,604 क्यूसेक1,93,090 क्यूसेक2,40,002 क्यूसेक
शाम 5:00207.431,37,416 क्यूसेक1,93,090 क्यूसेक2,44,478 क्यूसेक

यमुना का जलस्तर घट तो रहा है, लेकिन बहाव की रफ्तार अब भी तेज बनी हुई है, जिससे हालात में जल्दी सुधार की उम्मीद कम है।


राहत शिविरों का दौरा करने पहुंचे अरविंद केजरीवाल

आप संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को राहत शिविरों का दौरा किया। उन्होंने कहा:

“दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात हैं। कई इलाकों में लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं और राहत शिविरों में भी सुविधाएं सीमित हैं — न तो पर्याप्त खाना है और न ही पानी।”

उन्होंने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि समय रहते ड्रेनेज की सफाई (डिस्लिटिंग) नहीं कराई गई, जिसके चलते जलभराव और सीवर की समस्या बढ़ी। साथ ही केंद्र सरकार से उत्तर भारत में भारी बारिश और इससे हुई तबाही पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की।

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थाईलैंड: वरिष्ठ नेता अनुतिन को संसद में बहुमत, प्रधानमंत्री बनने का रास्ता हुआ साफ

थाईलैंड: अनुतिन चार्नविराकुल को संसद में बहुमत, प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ

बैंकॉक: थाईलैंड की राजनीति में बड़ा मोड़ आया है। भुमजैथाई पार्टी के नेता और वरिष्ठ राजनेता अनुतिन चार्नविराकुल के लिए प्रधानमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। शुक्रवार को प्रतिनिधि सभा में हुए मतदान में उन्हें बहुमत का समर्थन मिला, जिससे उनके नेतृत्व वाली सरकार के गठन की संभावना प्रबल हो गई है।

टीवी पर प्रसारित मतगणना के मुताबिक, 492 सदस्यीय संसद में अनुतिन को 247 से अधिक वोट मिले हैं — जो प्रधानमंत्री बनने के लिए आवश्यक संख्या है। आधिकारिक पुष्टि मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद की जाएगी। अगले कुछ दिनों में उन्हें और उनकी सरकार को राजा महा वजिरालोंगकोर्न से औपचारिक नियुक्ति प्राप्त होगी, जिसके बाद वे पदभार ग्रहण करेंगे।


नए प्रधानमंत्री की राह कैसे बनी आसान?

अनुतिन के पक्ष में न सिर्फ उनकी भुमजैथाई पार्टी के 289 सांसद हैं, बल्कि पीपुल्स पार्टी के 143 सांसदों ने भी उन्हें समर्थन देने का ऐलान किया था। यह समर्थन उनकी बहुमत की संख्या तक पहुँचने में निर्णायक साबित हुआ।


पिछले प्रधानमंत्रियों का पतन:

इससे पहले देश की प्रधानमंत्री रहीं पैतोंगटार्न शिनावात्रा को थाईलैंड की सांविधानिक अदालत ने उनके पद से हटा दिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने कंबोडिया के सीनेट अध्यक्ष हुन सेन से सीमा विवाद के दौरान फोन पर बात की थी, जिसे राजनीतिक नैतिकता का उल्लंघन माना गया। इससे पहले भी प्रधानमंत्री स्रेत्ता थाविसिन को नैतिकता के उल्लंघन के आरोप में पद से हटाया जा चुका है।


फ्यू थाई पार्टी की रणनीति और असफलताएं:

  • फ्यू थाई पार्टी, जिसने हाल ही में अंतरिम सरकार चलाई, ने संसद भंग करने की कोशिश की थी, लेकिन राजा के सलाहकारों की समिति ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
  • इसके बाद पार्टी ने पूर्व अटॉर्नी जनरल चायकासेम नीतिसीरी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया। उन्होंने घोषणा की कि यदि चुने गए, तो वह संसद भंग कर जल्द चुनाव कराएंगे।

पीपुल्स पार्टी की भूमिका और शर्तें:

हालांकि, पीपुल्स पार्टी (पूर्व में मूव फॉरवर्ड पार्टी) ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सरकार में शामिल नहीं होगी और विपक्ष में बैठेगी। पार्टी ने यह भी शर्त रखी है कि अनुतिन सरकार बनने पर संविधान में बदलाव के लिए जनमत संग्रह कराए और संविधान सभा का गठन करे।


अनुतिन कौन हैं?

अनुतिन थाई राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा रहे हैं:

  • पूर्व में वे फ्यू थाई गठबंधन सरकार और सेना समर्थित सरकार दोनों का हिस्सा रहे हैं।
  • वे गांजा को अपराध की श्रेणी से बाहर करवाने के लिए भी खासे चर्चित हैं।
  • कोरोना महामारी के समय वे स्वास्थ्य मंत्री थे, हालांकि वैक्सीन आपूर्ति को लेकर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

भूमजैथाई पार्टी की योजना:

भूमजैथाई पार्टी का कहना है कि अनुतिन के प्रधानमंत्री बनने के बाद चार महीनों के भीतर संसद भंग कर चुनाव कराए जाएंगे। यह कदम उन्होंने पीपुल्स पार्टी से समर्थन पाने के बदले उठाने का वादा किया था।


संविधान में बदलाव और राजशाही का दबाव:

2023 के चुनाव में पीपुल्स पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन उन्हें सीनेट और सेना समर्थित तंत्र के चलते सत्ता में आने से रोक दिया गया। अब सीनेट को प्रधानमंत्री चुनने का अधिकार नहीं है, लेकिन उसके अतीत के फैसलों ने थाईलैंड की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।


निष्कर्ष:

अनुतिन चार्नविराकुल की ताजपोशी अब औपचारिकता भर है। राजनीतिक अस्थिरता, नैतिकता विवादों और गठबंधन टूटने के दौर के बाद थाईलैंड अब एक नए नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। अब देखना होगा कि अनुतिन सरकार जन अपेक्षाओं, संवैधानिक सुधारों और स्थिरता के बीच कैसे संतुलन बनाती है।

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GST Council Meeting: GST काउंसिल ने बड़े बदलाव को दी मंजूरी, आसान भाषा में समझिए | Nirmala Sitharaman

GST में ऐतिहासिक सुधार: अब केवल दो टैक्स स्लैब, ज़रूरी वस्तुओं पर राहत

नई दिल्ली — केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित जीएसटी परिषद की बैठक में वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था में अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। मौजूदा चार स्लैब — 5%, 12%, 18% और 28% को घटाकर अब केवल दो स्लैब — 5% और 18% कर दिए गए हैं।

इसके साथ ही, विलासिता और हानिकारक वस्तुओं के लिए एक नया 40% टैक्स स्लैब भी पेश किया गया है। ये बदलाव 22 सितंबर, यानी नवरात्रि के पहले दिन से लागू होंगे।


बदलावों की मुख्य बातें:

  • 28% और 12% स्लैब समाप्त
  • अब सिर्फ 5% और 18% स्लैब प्रभावी
  • 40% टैक्स सिर्फ सुपर लक्जरी और हानिकारक वस्तुओं पर
  • शून्य फीसदी टैक्स भी कई आवश्यक वस्तुओं पर लागू रहेगा

क्या होगा सस्ता?

श्रेणीटैक्स दर में बदलाव
रोटी, पराठा, पनीर, खाखरा, दूधअब शून्य टैक्स
घी, मक्खन, सूखे मेवे, बिस्किट, कॉर्नफ्लेक्स, जूसअब 5% टैक्स
साबुन, शैंपू, टूथपेस्टपहले 18%, अब सिर्फ 5%
स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियमपहले 18%, अब शून्य टैक्स
सीमेंट28% से घटाकर 18%
टीवी, एसी, डिशवॉशर, छोटी कारें और मोटरसाइकिलें (350cc तक)अब 18% टैक्स
ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन)5% टैक्स बरकरार

40% टैक्स किन पर लगेगा?

  • लक्जरी कारें
  • हाई-एंड बाइक्स (350cc से ऊपर)
  • याच (नौकाएं), प्राइवेट एयरक्राफ्ट
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स
  • ऑनलाइन गेमिंग
  • तंबाकू और सिगरेट जैसे हानिकारक उत्पाद

अर्थशास्त्रियों की राय:

शरद कोहली (अर्थशास्त्री):

“GST परिषद ने लंबे समय से प्रतीक्षित स्लैब सुधार कर दिया है। अब सिस्टम ज्यादा पारदर्शी और सरल होगा। रिफंड और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान हो गई है। अधिकांश वस्तुएं अब सस्ती हो जाएंगी।”

अभिजीत मुखोपाध्याय (अर्थशास्त्री):

“यह नया ढांचा व्यावहारिक और प्रभावी है। 40% टैक्स केवल हानिकारक और विलासिता वाली वस्तुओं पर लागू होगा। 30 से अधिक जीवनरक्षक दवाएं अब जीरो टैक्स के दायरे में आ चुकी हैं। यह आम लोगों के लिए बड़ी राहत है।”


सरकार का पक्ष:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण:

“ये सुधार आम आदमी को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स की समीक्षा कर दरों को कम किया गया है, जिससे मजदूर, किसान और स्वास्थ्य क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी:

“GST में ये ऐतिहासिक सुधार आम नागरिक, MSME, किसानों, महिलाओं और युवाओं को राहत देंगे। साथ ही छोटे व्यापारियों के लिए ‘Ease of Doing Business’ को मजबूत बनाएंगे।”


निष्कर्ष:

जीएसटी में यह बड़ा सुधार न केवल व्यवस्था को सरल बनाता है, बल्कि उपभोक्ताओं को सीधी राहत देने वाला है। दो स्लैब की संरचना से जहां व्यापारियों के लिए अनुपालन आसान होगा, वहीं आम लोगों के लिए खर्च कम होगा।


यदि आप चाहें, तो मैं इस सामग्री को एक वीडियो स्क्रिप्ट, प्रेस विज्ञप्ति या सोशल मीडिया पोस्ट के लिए भी अनुकूलित कर सकता हूँ। बताइए किस फॉर्मेट में चाहिए?

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मुंबई पुलिस ने शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के खिलाफ “लुक‑आउट सर्कुलर” (LOC) जारी किया है

शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के खिलाफ बड़ा कदम, धोखाधड़ी मामले में मुंबई पुलिस ने जारी किया लुकआउट सर्कुलर

अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा के खिलाफ एक अहम कार्रवाई सामने आई है। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने ₹60 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में दोनों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है।

क्राइम ब्रांच की कार्रवाई

एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि यह सर्कुलर इसलिए जारी किया गया है क्योंकि यह दंपति अक्सर विदेश यात्रा करता है, जिससे उनके देश छोड़ने की आशंका बनी हुई थी। अधिकारी ने बताया कि 14 अगस्त को जुहू पुलिस स्टेशन में एक व्यवसायी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप है कि एक निवेश और ऋण समझौते के तहत इस दंपति ने लगभग ₹60 करोड़ की धोखाधड़ी की।

क्या होता है लुकआउट सर्कुलर?

लुकआउट सर्कुलर (LOC) एक वैधानिक प्रावधान है, जिसका उपयोग किसी व्यक्ति की विदेश यात्रा पर रोक लगाने या उस पर निगरानी बनाए रखने के लिए किया जाता है। यह सर्कुलर इमीग्रेशन और सीमा चौकियों पर अलर्ट के रूप में भेजा जाता है, ताकि संबंधित व्यक्ति देश छोड़कर भाग न सके।

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UP: कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, डीएम-एसपी ने बरसाए फूल, श्रद्धालु बोले- ये हमारे लिए यादगार

बाराबंकी: महादेवा में कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, शिवभक्ति का अद्भुत दृश्य

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी स्थित महाभारतकालीन शिवधाम महादेवा में सावन के तीसरे मंगलवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने स्वयं हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की, जिसे श्रद्धालुओं ने अलौकिक क्षण बताया।

सुबह 9:24 बजे, मंदिर परिसर के ऊपर हेलीकॉप्टर ने तीन बार चक्कर लगाते हुए गेंदे और गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की। “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयकारों से वातावरण शिवमय हो उठा। तेज धूप के बावजूद श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर में मौजूद रहे और इस अविस्मरणीय पल को अपने कैमरों में कैद करते रहे।

इस अनूठे आयोजन में पूर्व विधायक शरद कुमार अवस्थी, जिला उपाध्यक्ष शेखर हयारण, एसडीएम विवेकशील यादव, सीओ गरिमा पंत, तहसीलदार विपुल सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे।

श्रद्धालुओं ने प्रशासन की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अनुभव जीवन भर याद रहेगा। महादेवा में शिवभक्ति, प्रशासन और जनसहभागिता का यह संगम सावन की आस्था को और भी पवित्र बना गया

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