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तुकोगंज लूट कांड गिरफ्त से दूर आरोपी…चोरी की बाइक से आए थे, बंदूक लोड कर धमकाया था….

तुकोगंज थाना क्षेत्र में आरएस भंडारी मार्ग स्थित एक बिल्डिंग में बिल्डर से हुई लूट की वारदात में पुलिस अब तक खाली हाथ है। आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। हालांकि सीसीटीवी में कैद होने के बाद आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीम उज्जैन, भोपाल और देवास गई है। वहीं आरोपियों ने वारदात के दौरान जिस बाइक का उपयोग किया है, वह रविवार को ग्वालटोली से चुराया गया था। इसका फुटेज भी सामने आया है, जिसमें यही बदमाश नजर आ रहे हैं। बदमाशों की तलाश में पुलिस ने पांच टीमें गठित की हैं। दो टीमें इंदौर में अलग-अलग क्षेत्रों में दबिश दे रही हैं।
जिस बिल्डिंग में यह घटनाक्रम हुआ है, वहां सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। हालांकि अन्य बिल्डिगों में लगे सीसीटीवी कैमरे में बदमाशों के हुलिए साफ नजर आ रहे हैं। बिल्डर कमलेश अग्रवाल ने बताया कि बदमाशों ने बंदूक लोड की और अंदर रख ली। इस दौरान पीतल के दो कारतूस भी नीचे गिर गई। इन्हें बदमाशों ने उठाया। फिर चाकू निकालकर कहा कि चुप रहना। यदि शिकायत की तो सभी को मार देंगे। यदि हम उस दौरान शोर मचाते या भागने का प्रयास करते तो वे हमारे ऊपर हमला भी कर सकते थे।

भागने के दौरान गिरी थी बाइक..

घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। दोपहिया वाहन पर टोपी लगाए और नकाब पहने दो बदमाश नजर आ रहे हैं। बदमाश जब भाग रहे थे तो वह गिर गए। इस दौरान पीछे बैठे बदमाश की टोपी और जूते खुल गए। इसके बाद वह जूते को हाथ में लेकर वाहन पर बैठ गया। यह वहां से गुजरने वाले राहगीर ने भी देखा, लेकिन उसे समझ ही नहीं आया कि क्या चल रहा है।
एक अन्य परिवार भी था टारगेट
बदमाश अग्रवाल परिवार के घर जाने से पहले पास में रहने वाले गुप्ता परिवार के घर गए थे। यहां बाहर महिला खड़ी थी, जिससे बदमाशों ने पूछा था कि यहां कौन रहते हैं। इसके बाद बदमाश वहां से भाग गए। घटनाक्रम को देखकर लगता है कि यह योजना बनाकर किया गया है। अग्रवाल परिवार पर बदमाशों की पहले से नजर थी।

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जेसी मिल श्रमिकों की देनदारियों के भुगतान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हिन्दुस्तान मेल, भोपाल………………………इंदौर की हुकुमचंद मिल की तर्ज पर कराएंगे जेसी मिल ग्वालियर के श्रमिकों का भुगतान…


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मजदूरों के हित के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। इंदौर की हुकुमचंद मिल और उज्जैन की विनोद मिल की तर्ज पर जल्द ही ग्वालियर की जेसी मिल के श्रमिकों और प्रदेश की अन्य बंद मिलों की देनदारियों के भुगतान की कार्यवाही की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 30-40 साल से बंद पड़ी ग्वालियर की जेसी मिल के मजदूरों के प्रकरणों में 8 हजार से ज्यादा मजदूरों को उचित न्याय दिलाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को ग्वालियर की जेसी मिल का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जेसी मिल परिसर का भ्रमण किया, साथ ही नक्शे के माध्यम से जेसी मिल की जमीन और अन्य परिसम्पत्तियों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने बीच पाकर जेसी मिल श्रमिक और उनके परिजन अभिभूत हो गए। सभी ने पुष्पाहारों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। साथ ही कहा पहली बार कोई मुख्यमंत्री हमारी दु:ख-तकलीफ सुनने जेसी मिल तक आया है। अब हमें पूरा भरोसा है कि जेसी मिल पर लंबित हमारी वर्षों पुरानी देनदारियों का भुगतान हो जाएगा। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जेसी मिल श्रमिकों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार जताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेसी मिल श्रमिकों के हितों की रक्षा की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा सरकार मुकदमा नहीं समाधान चाहती है। इसी भावना के साथ सरकार न्यायालय में श्रमिकों के हित मे अपना पक्ष रखेगी, जिससे श्रमिकों की देनदारियों के भुगतान का रास्ता साफ हो सके। उन्होंने कहा कि जेसी मिल श्रमिकों के स्वत्वों के भुगतान के सिलसिले में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मिल की जमीन और परिसम्पत्तियों के सर्वे का काम कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब, महिला, युवा और किसानों को देश के चार स्तम्भ के रूप में रेखांकित किया है। प्रदेश सरकार इन सभी के उत्थान के लिये कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है।
ग्वालियर में आईटी इकाइयों
को बढ़ावा दिया जाएगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यहां के आईटी विशेषज्ञ युवाओं को बाहर न जाना पड़े, इसके लिये ग्वालियर में सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित इकाइयों को विशेष बढ़ावा दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिये रीजनल कॉन्क्लेव की शृंखला चलाई जा रही है। उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और रीवा में रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित हो चुकी हैं। इसी कड़ी में 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम संभाग एवं जनवरी माह में शहडोल में रीजनल कॉन्क्लेव का आयोजन होने जा रहा है। उन्होंने कहा संभाग स्तर पर रीजनल कॉन्क्लेव की शृंखला पूरी होने के बाद फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन होगा। प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये विश्व भर के उद्यमियों को आमंत्रित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कड़ी में वे जल्द ही जर्मनी व ब्रिटेन के दौरे पर निवेशकों को आमंत्रित करने के लिये जायेंगे। उन्होंने कहा इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव जैसे आयोजन से प्रदेश में उद्योग फ्रेंडली माहौल बना है, जिससे वृहद स्तर पर औद्योगिक निवेश हो रहा है। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

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मप्र में फिर आधी रात को 26 आईएएस के तबादले मुख्यमंत्री के दोनों प्रमुख सचिवों को हटाया

मध्यप्रदेश में एक बार फिर आधी रात को आईएएस अधिकारियों के थोकबंद तबादले किए गए हैं। सोमवार देर रात शासन की ओर से जारी आदेश में 26 आईएएस अफसरों के ट्रांसफर किए गए हैं। नीरज मंडलोई को ऊर्जा एवं पावर मैनेजमेंट का जिम्मा सौंपा गया है।
तबादला आदेश में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों के विभागों में फेरबदल किया गया है।
प्रमुख अफसरों में पद पर कायम हैं डॉ. राजौरा
ट्रांसफर आदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दोनों ही प्रमुख सचिवों को हटा दिया गया है। सीएम के प्रमुख सचिव के रूप में काम कर रहे संजय कुमार शुक्ला और राघवेंद्र कुमार सिंह अब अलग-अलग विभागों के प्रमुख सचिव होंगे। लेकिन सीएम सचिवालय के प्रमुख सचिव नहीं होंगे। यहां अब अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ही सीएम सचिवालय के प्रमुख अफसरों में रह गए हैं।
सोमवार देर रात जारी हुई तबादला सूची में मुख्य सचिव अनुराग जैन की कसावट भी देखने को मिली है। तबादला सूची में सीएम सचिवालय में बढ़ी अफसरों की भीड़ को संतुलित करने का काम किया गया है। दो प्रमुख सचिव और एक एसीएस स्तर के सीनियर अधिकारी सीएम सचिवालय में थे। जिसमें से अब एसीएस राजौरा ही काम करेंगे। राजौरा को पहले से सौंपी गई जिम्मेदारियों के साथ लोक सेवा प्रबंधन विभाग का जिम्मा भी सौंपा गया है। उनके पास नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभाग पहले से हैं।
एसीएस नीरज मंडलोई से नगरीय विकास और आ‌वास विभाग वापस लेते हुए उन्हें अपर मुख्य सचिव ऊर्जा और एमडी पावर मैंनेजमेंट कंपनी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, मनु श्रीवास्तव से ऊर्जा विभाग वापस लेते हुए उन्हें खेल और युवा कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
दूसरी ओर पिछले महीने सीएम मोहन यादव की बैठक में नाराजगी के चलते प्रमुख सचिव पशुपालन विभाग से हटाए गए गुलशन बामरा को अब प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग बनाया गया है।
मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के रूप में काम कर रहे संजय कुमार शुक्ल को इस पद से हटाने के बाद नगरीय विकास और आ‌वास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे इसके अलावा पूर्व में सौंपे गए विभाग संभालते रहेंगे। शुक्ल को आयुक्त हाउसिंग बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
वहीं सीएम के एक अन्य पीएस राघवेंद्र सिंह से लोक सेवा प्रबंधन विभाग ले लिया गया है और प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन के साथ प्रमुख सचिव एमएसएमई का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
इस तबादले आदेश में प्रमुख सचिव श्रम उमाकांत उमराव की फिर वापसी हुई है। मुख्यमंत्री ने चार महीने पहले उन्हें राजस्व मंडल का सदस्य बनाकर ग्वालियर भेज दिया था।
दो महीने पहले वे श्रम विभाग के पीएस बनाए गए थे और सोमवार को जारी आदेश में उन्हें प्रमुख सचिव खनिज साधन विभाग और श्रम, पशुपालन विभाग बनाया गया है। साथ ही खनिज निगम, संचालक खनिकर्म का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
शहडोल के कमिश्नर पद से दो महीने के अंतराल में श्रीमन शुक्ला की छुट्‌टी कर दी गई है। उन्हें आयुक्त आदिवासी विकास के पद पर पदस्थ किया गया है। उनके स्थान पर सुरभि गुप्ता को शहडोल संभाग का आयुक्त पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही डॉ. नवनीत मोहन कोठारी से एमएसएमई विभाग के सचिव का पद लेकर उन्हें सचिव पर्यावरण और महानिदेशक एप्को बनाया गया है।
प्रियंका दास की पोस्टिंग लंबे अंतराल बाद एनएचएम से बाहर की गई है। उन्हें अपर सचिव एमएसएमई बनाया गया है। दिलीप कुमार को एमडी लघु उद्योग निगम व आयुक्त उद्योग तथा मदन विभीषण नागरगोजे को आयुक्त हस्तशिल्प और हाथकरघा का जिम्मा सौंपा गया है। मदन को राजस्व मंडल ग्वालियर से वापस भोपाल लाया गया है।
प्रीति मैथिल को श्रम विभाग से हटाते हुए अपर सचिव खाद्य प्रसंस्करण और उद्यानिकी का जिम्मा सौंपा गया है। आयुक्त हाउसिंग बोर्ड मनीष सिंह को अपर सचिव परिवहन विभाग बनाया गया है। एमडी खनिज निगम अनुराग चौधरी अब अपर सचिव पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण विभाग होंगे। मोहित बुंदस अपर सचिव वन विभाग, मनोज पुष्प को संचालक पंचायत राज से अब आयुक्त सहकारिता विभाग के पद पर पदस्थ किया गया है।
आदेश में जीएडी और लोक सेवा प्रबंधन विभाग में पदस्थ अपर सचिव गिरीश शर्मा को अब वहां से हटाते हुए परियोजना संचालक स्किल डेवलपमेंट और अपर सचिव तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास व रोजागर विभाग व सीईओ रोजगार निर्माण बोर्ड बनाया गया है। पंकज जैन एमडी भवन विकास निगम होंगे।

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मुरैना में लगेगा देश का पहला सोलर पॉवर स्टोरेज प्लांट

.हिन्दुस्तान मेल, मुरैना………………मुरैना में जल्द ही देश का पहला सोलर पॉवर स्टोरेज प्लांट लगने जा रहा है। माना जा रहा है कि अगले साल तक इस प्रोजेक्ट- मुरैना-1 पर काम शुरू हो जाएगा और साल 2027 तक यह प्लांट काम करना शुरू कर देगा। अपनी तरह का यह पहला सोलर पावर प्लांट होगा जहां इलेक्ट्रिसिटी को स्टोर करके रात में भी पावर सप्लाई की जा सकेगी।
मुरैना में करीब तीन हजार हेक्टेयर जमीन पर बनने वाले 600 मेगावॉट क्षमता के इस प्लांट की लागत करीब 3500 करोड़ रुपए रहेगी। खास बात यह है कि आमतौर पर सोलर पावर प्लांट दिन के समय बिजली देते हैं लेकिन सूरज ढलने के बाद सप्लाई की समस्या आती है। लेकिन यह समस्या इस प्लांट में नहीं आएगी क्योंकि यहां दिन में सूरज की गर्मी से बनी बिजली स्टोर कर ली जाएगी और रात के समय जरूरत पड़ने पर यहां से बिजली दी जा सकेगी।
उत्तर प्रदेश का भी फायदा
इस प्लांट को बनाने के बाद कोशिश यह रहेगी कि एमपी और यूपी यहां से 6-6 महीने के पीरियड में बिजली खरीद सकेंगे। इससे खासतौर पर किसानों की मदद होगी। रबी की फसलों के दौरान रात के समय किसानों को बिजली की जरूरत होती है जिसे यहां से पूरा किया जा सकेगा। वर्तमान में राज्य सरकार रबी फसलों के लिए जो बिजली लेती हैं वह महंगी दरों पर खरीदी जाती है। लेकिन इस प्लांट से सरकार को बिजली 4-5 रुपए प्रति यूनिट की दर पर मिल सकेगी।

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…तो लाहौर नहीं लखनऊ तक होता पाकिस्तान

नई दिल्ली…..राज्यसभा के पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिससे हंगामा शुरू हो गया है। दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली में मुस्लिम बुद्धिजीवियों का जमावड़ा बैठा था। इसमें तमाम आलिम और फाजिÞल बैठे थे। बड़े बड़े मौलाना इकराम शिरकत कर रहे थे। आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदर समेत दूसरे पदाधिकारी मौजूद थे। मजलिस थी वक्फ संशोधन बिल के विरोध में। यहां तकरीरें हो रहीं थी और ये डर दिखाया जा रहा था कि वक्फ बिल से मुसलमानों की जायदादें छिन जाएंगी। इसी तकरीर में राज्यसभा के पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब ने इतिहास का हवाला दे दिया। मोहम्मद अदीब ने कहा ये मुसलमानों का एहसान है कि पाकिस्तान का बॉर्डर लाहौर तक ही रह गया, नहीं तो ये लखनऊ तक होता। अब उनके इस बयान पर हंगामा शुरू हो गया है।
कई नेता थे मंच पर मौजूद- देश की राजधानी दिल्ली में जहां ये बात कही जा रही थी, वहां मंच पर इस कॉन्फ्रेंस में आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदर खालिद सैफुल्लाह रहमानी के साथ जनरल सेक्रेट्री फजलुर्रहीम मुजद्दिदी भी थे। हजरत मौलाना अबु तालिब रहमानी, कांग्रेस के नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी थे।

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