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Parliament: अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू; कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी नहीं गौरव गोगोई ने शुरू की बहस

लोकसभा में आज अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। पहले बताया जा रहा था कि कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी पहले वक्ता होंगे। जबकि अब गौरव गोगोई बहस कर रहे हैं।

मोदी सरकार मंगलवार यानी आज अपने दूसरे कार्यकाल में पहले अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही है। इस दौरान संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे। पहले कांग्रेस ने पुष्टि की थी कि सरकार के खिलाफ इस अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल पार्टी की ओर से मुख्य वक्ता की भूमिका निभाएंगे। जबकि अब कांग्रेस की ओर से गौरव गोगोई बहस कर रहे हैं।

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी चुनाव
गौरतलब है, चंद महीने बाद लोकसभा चुनाव है और संख्याबल की दृष्टि से सरकार को कोई खतरा नहीं है, ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा चुनावी होगी। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता ऐसे समय में बहाल हुई है, जब मंगलवार को संसद में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है।


राहुल गांधी बोलेंगे तीखे बोल
कांग्रेस के लोकसभा मुख्य सचेतक के सुरेश ने मंगलवार सुबह कहा था कि लोकसभा में आज अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी है। कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी अविश्वास प्रस्ताव पर पहले वक्ता होंगे। उन्होंने कहा कि हमारा मुद्दा सिर्फ मणिपुर है। पीएम ने इस मुद्दे पर अब तक कुछ नहीं कहा है। हम लगातार मांग करते रहे कि वह संसद में आएं और मणिपुर की स्थिति पर बयान दें, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हैं। इसलिए, हमने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। उन्होंने आगे कहा कि बेशक हमारे पास लोकसभा में बहुमत नहीं है, लेकिन हम पीएम की प्रतिक्रिया जानना चाहते हैं।

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शिवराज के खास नायक और भूपेंद्र सिंहके करीबी धनौरा ने थामा कांग्रेस का हाथ

दतिया के भाजपा नेता और राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त सीएम शिवराज के खास अवधेश नायक और मंत्री भूपेंद्र सिंह के करीबी सुरखी (सागर) के राजकुमार सिंह धनौरा ने समर्थकों के साथ कांग्रेस का हाथ थाम लिया। दोनों को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर धार से शुभांगना राजे, पीसी मालवीय, सुरेश कुमार, मिश्रीलाल, रामबाबू लोधी सहित अन्य ने भी पार्टी की सदस्यता ली। इसके पहले कमल नाथ ने अपने आवास पर शायर अंजुम रहबर को सदस्यता दिलाई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाथ ने दोनों नेताओं को समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता दिलाते हुए कहा कि आपने यह निर्णय किसी प्रलोभन में नहीं बल्कि प्रदेश के भविष्य को देखते हुए किया है। अभी बागेश्वरधाम की बात आई। मैंने 15 वर्ष पहले हनुमान जी का मंदिर बनाया था। धार्मिक हूं, मेरी अपनी आस्था है पर जब हम धार्मिक आयोजन करते या मंदिर जाते हैं तो भाजपा नेताओं के पेट में दर्द होता है। मैं तो गर्व से कहता हूं कि हिंदू हूं पर बेवकूफ नहीं हूं। उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा नेताओं ने धर्म का ठेका ले रखा है।
मंत्रियों ने जो आतंक मचाया है, मैंने आज तक ऐसा नहीं देखा : दिग्विजय
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस के विरुद्ध लड़ने वाले आज प्रताड़ना के कारण भाजपा के विरुद्ध हैं। दतिया और सुरखी विधानसभा में जो आतंक मंत्रियों ने मचाया है, वैसा मैंने अपने जीवन में किसी भी विधानसभा में नहीं देखा। झूठे प्रकरण बनाकर लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
हम दतिया की आजादी की लड़ाई
लड़ रहे हैं : अवधेश नायक
अवधेश नायक दतिया से 2008 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। शिवराज सरकार ने उन्हें 2016 में पाठ्य पुस्तक निगम का उपाध्यक्ष बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। उन्होंने कहा कि हम दतिया की आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं। मेरे भतीजे को जेल भेज दिया और जब हमने विरोध किया तो हमारे साथियों को प्रताड़ित किया गया।

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अमित शाह के आते ही ग्वालियर भी हो जाएगा तनावमुक्त…!

भोपाल, इंदौर के बाद अब अमित शाह की अगली यात्रा ग्वालियर में इसी माह हो सकती है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कुल 34 विधानसभा सीटें हैं। पिछली बार सिंधिया साथ में थे, इसलिए कांग्रेस का प्रदर्शन इन दोनों क्षेत्रों में चमत्कारी रहा था, लेकिन अब सिंधिया भाजपा में हैं, यह भाजपा को अधिक सीटें मिलने का कारण बन सकता है। सिंधिया की काट के लिए ही पीसीसी चीफ कमलनाथ ने लहार सीट से सात बार के विधायक गोविंद सिंह को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी देकर इन क्षेत्रों में कांग्रेस का प्रभुत्व स्थापित करने की चाल बहुत पहले चल दी थी। विधायक डॉ. गोविंद सिंह (71) की इन क्षेत्रों में सिंधिया के मुखर विरोधी की छवि तब से है, जब वो कांग्रेस की आंखों के तारे और गांधी परिवार में पुत्र समान दर्जा प्राप्त थे। अब जब कांग्रेस हर सभा में सिंधिया परिवार की गद्दारी का इतिहास सुनाती रहती है, ऐसे में गोविंद सिंह पर ही कांग्रेस को ग्वालियर-चंबल में अपनी जमीन मजबूत करने का भी भरोसा है।
ग्वालियर-चंबल में 8 जिले और विधानसभा की 34 सीटें हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव की बात की जाए, तो यहां की 34 सीटों में से कांग्रेस ने 26 सीटें जीती थीं। बीजेपी को 7 सीट मिली थी। तब 2018 में अनुसूचित जाति, जन जाति और दलित वोटर भाजपा से नाराज था।
कमलनाथ सरकार गिरने के बाद प्रदेश की 28 सीटों पर हुए उप चुनाव में बीजेपी को 19 और कांग्रेस को 9 सीटें मिली थीं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की 16 सीटों में से 7 सीट ही कांग्रेस को मिल पाई थी। उपचुनाव के परिणामों को भांप कर ही भाजपा ने इन क्षेत्रों पर फोकस कर दिया था। यही कारण है कि शिवराज सरकार में इस अंचल से 5 मंत्री हैं। वीडी शर्मा सांसद-प्रदेश अध्यक्ष हैं। नारायण सिंह कुशवाह पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष हैं। मोदी मंत्रिमंडल में ग्वालियर और चंबल का प्रतिनिधित्व करने वाले सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर मंत्री हैं। बीते लोकसभा चुनाव में गुना संसदीय क्षेत्र से सिंधिया को परास्त कर के भाजपा के केपी यादव ने इतिहास जरूर रचा था, लेकिन सिंधिया के भाजपा ज्वाइन करने के बाद से इस इतिहास पुरुष की चमक निरंतर फीकी होती जा रही है। उनके निकटस्थ सदस्यों के बढ़ते कांग्रेस प्रेम के चलते यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि सांसद भी कांग्रेस के हो जाएं तो बड़ी बात नहीं। इस तरह के धमाके अमित शाह की यात्रा के दौरान भी हो सकते हैं।
पिछली बार गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से मिली हार की फांस का ही दर्द है कि सिंधिया ने इस बार सारा फोकस ग्वालियर पर कर रखा है। तय माना जा रहा है कि वे ग्वालियर से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे।
गुना संसदीय क्षेत्र में आज तक सांसद यादव और सिंधिया समर्थकों के बीच तलवारें खिंची हुई हैं। ऐसे ही सारे कारणों से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र भाजपा आलाकमान के लिए भी टेंशन का कारण बना हुआ है। क्षेत्र में कभी सांसद केपी यादव आरोप लगाते हैं कि सिंधिया खेमा उनके प्रोटोकॉल का ध्यान नहीं रखता तो कभी खुद सांसद ही केंद्रीय मंत्री सिंधिया का मान-सम्मान भूल जाते हैं।
पीएम मोदी ने रविवार को वर्चुअल संबोधन में रेलवे स्टेशनों के पुनरुद्धार की घोषणा की-गुना स्टेशन भी इसमें शामिल है। सांसद केपी यादव ने रेलवे स्टेशन पर भारी तामझाम कर रखा था। पीएम के आभार वाले पोस्टर-बैनर भी लगाए लेकिन किसी भी पोस्टर पर न तो केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का फोटो-नाम था और न ही उनके समर्थक-जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया का जिक्र था। सांसद प्रतिनिधि सचिन शर्मा ने बड़े शालीन तरीके से सांसद का आभार मानते हुए एक पोस्टर जारी करते हुए इन बड़े नेताओं को सम्मान ना देने की याद दिला दी। सांसद को उनकी यह भूल याद दिलाना इसलिए भी जरूरी था कि पहले जब सिंधिया समर्थक उनका नाम-निमंत्रण आदि जैसी अनिवार्यता भूल गए थे तो सांसद यादव ने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा तक को चिट्ठी लिख दी थी।
सांवेर में फीकी क्यों हो रही है चमक
सांवेर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को लेकर आए तुलसी सिलावट को भरोसा नहीं था कि भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश सोनकर और राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त सावन सोनकर और उनके समर्थक कार्यक्रम से दूरी बना लेंगे। उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज कराने वाले सिलावट का सांवेर में जादू नहीं रहा या पुत्र मोह के कारण क्षेत्र में हो रही किरकिरी से अवगत कराना उनके सलाहकार भूलते जा रहे हैं। यही सारे कारण हैं कि यहां भी महाराज भाजपा और नाराज भाजपा में दरार बढ़ती जा रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस के हंसराज मंडलोई ने नाक में दम कर रखा है। ऐसा कोई महीना नहीं जाता, जब मंडलोई राज्य सरकार से लेकर सीएम हेल्प लाइन तक में क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर शिकायतें ना भेजते हों।इन शिकायतों में मंत्री मंडली निशाने पर रहती है।
बस पुलिस ही नहीं समझ पा रही
सरकार का आदिवासी प्रेम
सरकार आदिवासियों पर प्रेम और खजाना लुटा रही है और विभाग हैं कि मुख्यमंत्री की भावना की ही अनदेखी करने का रिकार्ड बना रहे हैं। सिंगरौली भाजपा विधायक रामलल्लू वैश्य के बेटे विवेक ने एक आदिवासी सूर्या खैरवार को गोली मार दी। मुख्यमंत्री की भावना से ज्यादा विधायक के दबाव-प्रभाव का ही असर रहा कि विधायक के बेटे को फरार होने का पर्याप्त अवसर तो मिल ही गया। मन मार कर चार घंटे बाद पुलिस ने आदिवासी युवक की रिपोर्ट दर्ज करने का मन बनाया, लेकिन तब भी घायल युवक और उसके परिजनों पर यह दबाव बनाया जाता रहा कि वह विवेक पिता रामलल्लू साहू की नामजद रिपोर्ट के बदले हमलावर का नाम अज्ञात लिखा दे। समाज के लोगों के दबाव का ही असर रहा कि पुलिस नामजद रिपोर्ट लिखने पर मजबूर हो गई।

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शतरंज में भारत के बढ़ते वर्चस्व का नेतृत्व कर रहे हैं : आनंद गुकेश

महान शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने 17 वर्षीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश को फिडे (शतरंज की वैश्विक संचालन संस्था) रैंकिंग में सर्वोच्च रेटिंग वाले भारतीय खिलाड़ी बनने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि यह किशोर इस खेल में देश के उत्थान का नेतृत्व कर रहा है। गुकेश ने बाकू में विश्व कप के दूसरे दौर के मैच में अजरबैजान के मिसरतदीन इस्कंदरोव पर जीत दर्ज की थी और फिडे की लाइव वैश्विक रैंकिंग में अपने आदर्श आनंद को पीछे छोड़ दिया।
आनंद ने कहा, गुकेश ने जो हासिल की। वह जाहिर तौर पर यह भारतीय शतरंज के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। मैं पिछले कुछ वर्षों से खेल में पूरी तरह से सक्रिय नहीं हूं लेकिन फिर भी मेरे लिये वह स्थान खोना जो पिछले 37 साल से मेरे पास है, वह ऐतिहासिक है। मुझे यह स्वीकार करने में कोई परेशानी नहीं है। पांच बार के इस पूर्व विश्व चैम्पियन ने कहा, इससे भी ज्यादा उम्मीद की बात यह है कि गुकेश ने वास्तव में मुझे पछाड़कर शीर्ष 10 में प्रवेश कर लिया है। ऐसा कोई संकेत नहीं है कि यहां (रैंकिंग में इस स्थान पर) रुकेगा। यह हमारे लिए शानदार खबर है। उन्होंने कहा कि उन्हें वेस्टब्रिज आनंद शतरंज अकादमी के माध्यम से गुकेश के साथ काम करने और उनका समर्थन करने की खुशी है। आनंद ने कहा, मैं उनके साथ काम करने और इस यात्रा में उनका और उनके माता-पिता का समर्थन करने में सक्षम था। यह भारतीय शतरंज के लिए अद्भुत है। आनंद ने कहा कि अन्य भारतीय खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, जो देश में इस खेल के लिए अच्छा संकेत है। इस दिग्गज ने कहा गुकेश इस खेल में भारत का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि उनके ठीक पीछे प्रज्ञाननंद और निहाल सरीन हैं, जिन्होंने (मौजूदा विश्व कप के) तीसरे दौर के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। उन्होंने कहा, यह भी शानदार है कि विश्व कप के तीसरे दौर में गुकेश के प्रतिद्वंद्वी एसएल नारायणन होंगे। यह भारतीय शतरंज के लिए एक अद्भुत दिन और पीछे मुड़कर देखना अच्छा लगता है कि हम कितना आगे आ गए हैं। सत्रह साल के गुकेश ने विश्व कप के दूसरे दौर के मुकाबले की दूसरी बाजी में अजरबेजान के इस्कांद्रोव को 44 चाल में शिकस्त दी।
फिडे ने ट्वीट में कहा कि डी गुकेश फिर जीते और लाइव रेटिंग में विश्वनाथन आनंद से आगे निकल गए। एक सितंबर को जारी होने वाली फिडे की अगली आधिकारिक रैंकिंग में अभी लगभग एक महीना है लेकिन पूरी संभावना है कि यह 17 वर्षीय खिलाड़ी सबसे अधिक रेटिंग वाले भारतीय खिलाड़ी के रूप में विश्व रैंकिंग में शीर्ष 10 में जगह बनाएगा। गुकेश को 2.5 रेटिंग अंक का फायदा हुआ और उनकी लाइव रेटिंग 2755.9 पहुंच गई जबकि आनंद की रेटिंग 2754.0 है। इसके साथ गुकेश लाइव रैंकिंग में आनंद को पछाड़कर नौवें स्थान पर पहुंच गए। पांच बार के विश्व चैंपियन आनंद 10वें स्थान पर खिसक गए। जुलाई 1991 में पहली बार विश्व रैंकिंग में शीर्ष 10 में जगह बनाने वाले आनंद जनवरी 1987 से भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले खिलाड़ी बने हुए हैं।

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अदिति स्कॉटिश ओपन में संयुक्त 65वें स्थान पर, दीक्षा बाहर……….

इर्विन, एजेंसी। भारतीय गोल्फर अदिति अशोक ने लगातार दूसरे दिन 74 का कार्ड खेला, जिससे वह महिला स्कॉटिश ओपन के तीसरे दौर के बाद संयुक्त 65वें स्थान पर है। अदिति ने पहले दो दौर में 73 और 74 का कार्ड खेला था। तीसरे दौर में उन्होंने दो बर्डी बनाई, लेकिन दो बोगी और एक डबल बोगी भी की। इस सप्ताह मौसम भी अच्छा नहीं रहा लेकिन तीसरे दौर में पहले दो दिनों की तुलना में मौसम ठीक था। भारत की एक अन्य खिलाड़ी दीक्षा डागर हालांकि कट से चूक गई। अदिति और दीक्षा अगले सप्ताह वाल्टन हीथ में महिला ओपन में हिस्सा लेंगी।

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