Hindustanmailnews

Author name: Hindustanmailnews

10 करोड़ की संपत्ति, पूर्व स्टोर कीपर से 21 लाख नकद बरामद

आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त के शिकंजे में फंसे स्वास्थ्य विभाग के रिटायर्ड स्टोर कीपर अशफाक अली सूदखोरी का काम भी करता था। वह कई गुना ब्याज पर पैसा उधार देता था। इसका खुलासा उसके घर से लोकायुक्त पुलिस द्वारा जब्त दस्तावेजों से हुआ है। घर से बड़ी संख्या में किसान ऋण पुस्तिका, बतौर गारंटी दिए गए चेक और जमीनों के एग्रीमेंट भी मिले हैं। यही कारण है कि उसके घर से 21 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं।
45 लाख के जेवर-लोकायुक्त पुलिस ने राजगढ़ जिला चिकित्सालय से दो साल पहले स्टोर कीपर के पद से रिटायर हुए अशफाक अली के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया था। मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने एयरपोर्ट रोड स्थित ग्रीन वैली और लटेरी, विदिशा स्थित घर में छापा मारा था। ग्रीन वैली से लोकायुक्त पुलिस को 21.22 लाख रुपए नकद, 45 लाख के जेवर, दस बैंक पासबुक, 09 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन कार्ड, प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले थे।
लाखों का घर का इंटीरियर- लोकायुक्त पुलिस यह जांच कर रही है कि अशफाक ने अपने दो बेटों और एक बेटी की पढ़ाई पर अब तक कितनी राशि खर्च की। घर के इंटीरियर पर भी लाखों रुपए खर्च किए गए हैं। जिसका आकलन किया जा रहा है। घर की कीमत लगभग दो करोड़ रुपए आंकी गई है। अब तक 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हो चुका है। एसपी लोकायुक्त मनु व्यास का कहना है कि बैंक, राजस्व और पंजीयन कार्यालय को पत्र लिखे गए हैं। जहां से उनके बैंक खातों की डिटेल और संपत्ति से संबंधित जानकारी मांगी जा रही है।

रिश्तेदारों के नाम खरीदी प्रॉपर्टी
लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आया है कि अशफाक अली ने लटेरी, विदिशा में कई प्रॉपर्टी अपने रिश्तेदारों के नाम से भी खरीदी हैं। 50 से ज्यादा प्रापर्टी की जानकारी लोकायुक्त पुलिस के पास है। उनके रिश्तेदारों की भी लिस्ट तैयार की जा रही है। इसके बाद पंजीयन कार्यालय से उन नामों के आधार पर प्रॉपर्टी से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी। लोकायुक्त पुलिस लटेरी और उसके आसपास के लोगों से पूछताछ कर यह भी पता करेगी कि अशफाक ने मार्केट में कितनी राशि ब्याज पर दे रखी है। संपत्तियों का आकलन करने बाद आय से अधिक संपत्ति 10 करोड़ से भी अधिक होने का अनुमान है। अशफाक अली ने बैंक लॉकर होने से फिलहाल इनकार किया है। बैंकों को पत्र लिखकर लॉकर के संबंध में जानकारी मांगी जा रही है।

जमीनों में सबसे ज्यादा निवेश
एसपी लोकायुक्त मनु व्यास ने बताया कि अशफाक अली ने अपनी काली कमाई से सबसे ज्यादा जमीनों में ही निवेश किया है। वह जल्द एक कॉलोनी का निर्माण करने वाला था। उसकी तैयारी भी पूरी हो गई थी, लेकिन कार्रवाई हो गई। उसके यहां से संपत्ति जब्त होने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतने रुपये कहां से आए। 21 लाख रुपये जैसी बड़ी राशि को घर पर किन कारणों से रखा था, इसका जवाब भी उनके पास नहीं है।
आयकर रिटर्न की जांच
एसपी ने बताया कि अशफाक अली और उसके स्वजन के बैंक खातों के साथ आयकर रिटर्न की जांच की जा रही है। इसके बाद पूरा मामला साफ हो जाएगा कि उनकी कमाई कहां से हो रही थी। उसकी गाड़ियों के बारे में पता किया जा रहा है कि वह किस-किस के नाम पर हैं।

10 करोड़ की संपत्ति, पूर्व स्टोर कीपर से 21 लाख नकद बरामद Read More »

अब यूके के बाद यूएस के राष्ट्रपति होंगे भारतवंशी!

अमेरिकी राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार की रेस में शामिल भारतवंशी-अमेरिकी प्रत्याशी विवेक रामास्वामी की ईसाई युवाओं में लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, जो अमेरिका के रूढ़िवादी ईसाइयों को पसंद नहीं आ रही है।
रामास्वामी प्रचार में हिन्दू विचारधारा को लेकर बेहद मुखर हैं। वे कहते हैं कि हिंदू धर्म और ईसाई धर्म में कई सारी समानताएं हैं। रामास्वामी द्वारा हिंदू और ईसाई धर्म की तुलना किए जाने से कट्टर ईसाई उनसे बेहद नाराज चल रहे हैं। प्रमुख ईसाई कार्यकर्ता एबी जॉनसन कहते हैं कि रामास्वामी करिश्माई व्यक्ति हैं। वे बात तो सही करते हैं, लेकिन वे सही इंसान नहीं हंै, क्योंकि वे हिंदू हैं। वे सही उम्मीदवार भी नहीं हैं, क्योंकि हमारे ईश्वर का मजाक नहीं बनाया जा सकता। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प रिपब्लिकन उम्मीदवारों की रेस में सबसे आगे हैं। रामास्वामी की डिबेट देखने वाली केरेन शा का कहना है कि उनकी सबसे अच्छी बात यह है कि वे बकवास की बातें नहीं करते हैं, वहीं जॉन मेडिसन कहते हैं कि रामास्वामी उप-राष्ट्रपति के लिए सबसे बेहतरीन उम्मीदवार हैं।

अब यूके के बाद यूएस के राष्ट्रपति होंगे भारतवंशी! Read More »

रतलाम में पुलिस के सामने सर तन से जुदा के नारे…

रतलाम में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर बुधवार रात मुस्लिम समाज ने प्रदर्शन किया। मामले में तुरंत एक्शन लिए जाने की मांग को लेकर लोगों ने हाट रोड पुलिस चौकी को घेर लिया। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने ‘सिर तन से जुदा…’के नारे भी लगाए।
देर रात करीब 12 बजे तक हंगामा चला। हालात संभालने के लिए आस-पास के थाने के स्टाफ को बुलाया गया। पुलिस ने एफआईआर की कॉपी देकर मुस्लिम समाज के ही लोगों से ही माइक पर पढ़वाई, तब जाकर प्रदर्शन शांत हो पाया। सालाखेड़ी चौकी प्रभारी मुकेश सस्तिया ने बताया कि ये लोग सोशल मीडिया पर इस्लाम के लिए की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से गुस्से में थे। समीर शाह की रिपोर्ट पर जिस फेसबुक आईडी से टिप्पणी की गई है, उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। साइबर सेल की मदद से आरोपी का पता लगाया जाएगा। रतलाम की हाट रोड चौकी पर रात करीब 10 बजे बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जुटना शुरू हो गए थे। उनकी मांग थी कि आपत्तिजनक कमेंट करने वाले पर एफआईआर दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी की जाए। सूचना मिलते ही माणक चौक और दीनदयाल नगर थाने से भी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। सीएसपी अभिनव वारंगे भी पहुंचे। 2 घंटे बाद प्रदर्शन खत्म कराया जा सका। एडिशनल एसपी राकेश खाखा ने कहा- लोगों की मांग एफआईआर दर्ज करने की थी। थाना डीडी नगर में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

रतलाम में पुलिस के सामने सर तन से जुदा के नारे… Read More »

पूर्व डकैत मलखान सिंह हुए कांग्रेसी

हिंदुस्तान मेल, भोपाल। चंबल के बीहड़ के मलखान सिंह ने भाजपा पार्टी छोड़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के समक्ष आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय प्रांगण में हुए समारोह में अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, वहीं सागर और छतरपुर में जिला शिक्षा अधिकारी रहे निवाड़ी के संतोष शर्मा ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने दोनों को कांग्रेस पार्टी का दुपट्टा पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। कमलनाथ ने कहा कि भाजपा ने 18 वर्षों में प्रदेश की जनता में इतनी दहशत, भय और आतंक पैदा कर दिया है कि प्रदेश की जनता अब भाजपा और शिवराजसिंह चौहान को प्रदेश से हटाने का मन बना चुकी है। भ्रष्टाचार, बेरोजगार, महिला अत्याचार, दलित-आदिवासी पर अत्याचार में प्रदेश नंबर वन बना हुआ है। बीजेपी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को चौपट कर दिया है।

पूर्व डकैत मलखान सिंह हुए कांग्रेसी Read More »

भाजपा में ऐसी मांग करना भी गुनाह कांग्रेस में उठती रहती है आदिवासी सीएम की मांग

विधायक उमंग सिंघार को भी पता है कि आदिवासी को मुख्यमंत्री बनाए जाने संबंधी उनकी मांग पर फिलहाल कांग्रेस भी ध्यान नहीं देगी, लेकिन विश्व आदिवासी दिवस के पहले यह मांग कांग्रेस के साथ भाजपा से भी करके उन्होंने प्रदेश राजनीति के तालाब में हलचल तो मचा ही दी है।
विधायक सिंघार की इस मांग पर प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा तक ने प्रतिक्रिया व्यक्त करने में उत्साह तो खूब दिखाया, लेकिन भाजपा के तमाम बड़े से लेकर छोटे नेताओं तक को पता है कि अगला मुख्यमंत्री आदिवासी हो, ऐसी आजाद जुबान तो वो अपनी पार्टी में हिला तक नहीं सकते। कांग्रेस में अनुशासनहीनता की लाइन छूने तक बयानबाजी की जा सकती है, भाजपा में बड़े नेताओं के सामने दिल की बात कहने पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती तक को पनिशमेंट का शिकार होना पड़ता है। टंट्या मामा को पूजने के इवेंट के साथ आदिवासी गौरव रक्षा की बात करने वाले भाजपा के किसी नेता ने झूठे मुंह मंच से आज तक यह सपना नहीं देखा कि मप्र की बागडोर किसी आदिवासी को सौंपी जाए। किसी दलित-आदिवासी को बागडोर सौंपे जाने की इच्छा का इजहार तो वरिष्ठ कांग्रेस नेता अर्जुनसिंह ने किया था, लेकिन जब विधायक दल की बैठक होने को थी, तब अपने पटु शिष्य दिग्विजय सिंह का नाम आगे कर दिया। आदिवासी मुख्यमंत्री बनाने का तो नहीं, लेकिन मप्र में दलित-पिछड़े आदिवासी समाज के प्रतिनिधि को उप मुख्यमंत्री बनाने का श्रेय कांग्रेस के खाते में दर्ज है- यह भी एक कारण है कि कांग्रेस भाजपा पर बनिये-ब्राह्मण की पार्टी होने का आरोप लगाती रही है। मप्र की 230 सीटों में मालवा-निमाड़ की 66 में से जो दल अधिक सीटें प्राप्त कर लेता है, उसकी सरकार आसानी से बनती रही है। यही एक बड़ा कारण रहा है कि कांग्रेस ने सुभाष यादव, शिवभानु सिंह सोलंकी और जमुनादेवी को उप मुख्यमंत्री बना कर आदिवासी वोट बैंक को साधे रखा।
समाजवादी मामा बालेश्वर दयाल का आदिवासी अंचलों में आज भी प्रभाव है। उन्होंने ही जमुनादेवी को राजनीति में आगे बढ़ाया। उप मुख्यमंत्री रहीं जमुनादेवी के भतीजे-विधायक उमंग सिंघार यदि आदिवासी मुख्यमंत्री की मांग कर रहे हैं, तो अपरोक्ष रूप से यह आदिवासी वोट बैंक को कांग्रेस के पक्ष में लाने की रणनीति भी कही जा सकती है। सिंघार यदि यह कह रहे हैं कि वे खुद को आदिवासी सीएम के लिए प्रोजेक्ट नहीं कर रहे हैं, तो इसकी वजह वो खुद भी जानते हैं कि उनका व्यक्तिगत जीवन इतना उजला नहीं है कि इस पद की दावेदारी पर विधायक आसानी से सहमति दे दें। उनकी इस मांग की वजह पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया को मजबूत बनाने के लिए हो सकती है, लेकिन भूरिया भी पिछला लोकसभा चुनाव सुमेरसिंह सोलंकी के हाथों हार कर झाबुआ-रतलाम संसदीय क्षेत्र में अपना जनाधार ढह जाने की इबारत खुद ही लिख चुके हैं। कांग्रेस ने उन्हें चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बना कर एक तरह से उनके राजनीतिक उपलब्धियों पर जमी गर्त साफ करने की पहल भी इसलिए की है कि मुद्दा 66 सीटों पर अपने पक्ष में माहौल बनाने का है। भूरिया इस समिति के अध्यक्ष हैं। उनके पुत्र डॉ. विक्रांत भूरिया प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष हैं ही। पिता-पुत्र को कांग्रेस और कितना दे? झाबुआ क्षेत्र से इस परिवार के घोर विरोधी रहे (स्व.) दिलीप सिंह भूरिया भी कांग्रेस से सांसद रहे, लेकिन सीएम बनने का सपना पूरा नहीं हुआ। भाजपा ज्वाइन करने के बाद वे राष्ट्रीय स्तर पर आयोग के अध्यक्ष जितना ही सम्मान पा सके थे।
विधायक उमंग सिंघार की मांग को निमाड़ क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं का ही समर्थन नहीं मिल पाया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने सीएम फेस को लेकर भले ही कमलनाथ के संदर्भ में चौंकाने वाले बयान देना बंद नहीं किए हों, लेकिन आदिवासी सीएम जैसी मांग का उन्होंने भी समर्थन नहीं किया है। यह हकीकत भी सब समझते हैं कि विपक्ष का दायित्व संभाल पाने में कांग्रेस यदि आज हिम्मत दिखा रही है, तो उसकी ताकत भी उद्योगपति कमलनाथ ही हैं। गांधी परिवार को जितने कमलनाथ प्रिय हैं, उतने ही दिग्वजय सिंह भी इस परिवार के प्रति निष्ठावान तब से हैं, जब अर्जुन सिंह, एनडी तिवारी, माधवराव सिंधिया ने इंदिरा गांधी से नाराजी के चलते तिवारी कांग्रेस गठित कर ली थी, तब भी दिग्विजय सिंह ने अर्जुन सिंह के साथ जाने की अफवाहों पर विराम लगाते हुए इंदिरा गांधी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर की थी। कभी कमलनाथ इन्हीं दिग्विजय सिंह को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने में सहयोगी बने थे, तो 2018 में सिंधिया के सपनों को चकनाचूर कर कमलनाथ को प्रदेश का नेतृत्व सौंपने में दिग्विजय सिंह की खास भूमिका रही थी। इस बार भी प्रदेश में यदि कांग्रेस सत्ता शिखर पर पहुंचती है तो कमलनाथ को बुरी नजरों से बचाने की झाड़फूंक दिग्विजय सिंह को ही करना है।

भाजपा में ऐसी मांग करना भी गुनाह कांग्रेस में उठती रहती है आदिवासी सीएम की मांग Read More »

Scroll to Top
Verified by MonsterInsights