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‘आप कलेक्टर की गाड़ी में जाओ…कोई परेशान नहीं करेगा’

हिन्दुस्तान मेल, रतलाम। रतलाम कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में उनकी संवेदनशीलता दिखाई दे रही है। दरअसल, रतलाम के बिरियाखेड़ी स्थित वृद्धाश्रम की बुजुर्ग महिलाएं संचालक के खिलाफ शिकायत करने के लिए कवेक्टर के पास पहुंची थीं। कलेक्टर ने महिलाओं की समस्या सुनी। उसके बाद कलेक्टर ने अपनी सरकारी गाड़ी से बुजुर्ग महिलाओं को वापस वृद्धाश्रम भेजा। कलेक्टर ने बुजुर्ग महिलाओं से कहा कि आप लोग कलेक्टर बनकर वृद्धाश्रम जाओ। कोई भी आपको परेशान नहीं करेगा। कलेक्टर ने स्वयं बुजुर्ग महिलाओं का हाथ पकड़कर गाड़ी में बैठाया।

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डकैती डालने से पहले मुहूर्त निकलवाया, पर टाइम खराब हो गया………….

आप हमेशा सुनते हैं कि विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीदारी आदि शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त निकाला जाता है, लेकिन चोरों ने ज्योतिषी से जबरन चोरी का समय ले लिया। चोरी भी सफल रही, लेकिन मुहूर्त निकालने के बाद भी डकैत पुलिस के जाल से नहीं बच सके। चोरी का समय भले ही शुभ रहा हो, लेकिन चोरी के बाद का समय उनके लिए अशुभ हो गया। पुलिस ने पांचों डकैतों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह दिलचस्प मामला है महाराष्ट्र के पुणे जिले का। यहां पर बारामती में पांच डकैतों द्वारा एक करोड़ रुपए की डकैती डाली गई। दिलचस्प बात यह है कि डकैती से पहले डकैतों ने एक ज्योतिषी से शुभ समय निकलवाया। उसी शुभ समय पर डकैती की। एक करोड़ की डकैती के मामले में पुलिस ने पांच डकैतों समेत ज्योतिषी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि देवकाटे नगर में सागर गोफाने अपनी पत्नी तृप्ति और दो बच्चों के साथ रहते हैं। गोफाने 21 अप्रैल को सागर तिरूपति बालाजी के दर्शन करने गए थे। उस वक्त उनकी पत्नी तृप्ति और बच्चे घर पर थे। रात करीब 8 बजे घर पर रहते हुए लुटेरे गोफने के घर के चहारदीवारी से घर में घुस आए और तृप्ति के साथ मारपीट की।
पुणे पुलिस की बनीं टीमें- इतनी बड़ी चोरी की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस महानिरीक्षक सुनील फुलारी स्वयं इस चोरी की जांच पर ध्यान दे रहे थे। पुलिस अधीक्षक अंकित गोयल ने स्थानीय अपराध शाखा की टीमों को नियुक्त किया। तकनीकी विश्लेषण और गोपनीय जानकारी के आधार पर लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इन्हें किया गया गिरफ्तार- पुलिस ने बताया कि हमारी जांच सचिन जगधाने, रायबा चह्वाण, रवींद्र भोंसले, दुर्योधन उर्फ दीपक जाधव और नितिन मोरे पर केंद्रित रही। उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पांचों आरोपियों को आईपीसी की धारा 394 और 34 के तहत पकड़कर पूछताछ की है।
इस तरह डाली डकैती- पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जो बताया, वह सुनकर पुलिस भी चौंक गई। उन्होंने बताया कि सागर के घर पर डकैती का उन्होंने प्लान बनाया। उससे पहले एक ज्योतिष से शुभ समय पूछा और उसी दिन और समय में उनके घर में दाखिल हुए।
ज्योतिषी के कहने पर चुना समय-सागर की पत्नी को बंधक बनाकर उनका मुंह बंद किया। उन्हें धमकी दी और घर प रखा सारा कैश और जूलरी लेकर डकैत फरार हो गए। उन्होंने बताया कि ज्योतिष ने उन लोगों को डकैती का शुभ समय बताने के लिए मोटी रकम ली थी। पुणे ग्रामीण के इन अधिकारी ने कहा- हमने ज्योतिषी रामचंद्र चावा को इस अपराध में उसकी भूमिका को लेकर गिरफ्तार किया है। हमने 76 लाख रुपए बरामद कर लिए हैं। जांच चल रही है।

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स्वीडन ने जीता कांस्य पदक, मेजबान आॅस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया

स्वीडन ने महिला फुटबाल विश्वकप में तीसरे स्थान के प्ले-आॅफ मुकाबले में संयुक्त मेजबान आॅस्ट्रेलिया को 2-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ ही स्वीडन ने तीसरा स्थान हासिल करते हुए कांस्य पदक जीता। फ्रिडोलिना रोल्फो और कोसोवरे असलानी ने स्वीडन के लिए गोल दागे। रोल्फो ने पेनाल्टी पर टीम के लिए गोल किया। स्वीडन ने विश्वकप में तीसरे स्थान के लिए खेले गए मैचों में अपना परफेक्ट रिकॉर्ड बरकरार रखा। यह चौथा अवसर है, जब स्वीडन ने सेमीफाइनल में हारने के बाद तीसरे स्थान के प्ले आॅफ मुकाबले में जीत दर्ज की। आॅस्ट्रेलिया के लिए यह टूर्नामेंंट का निराशाजनक अंत रहा और उसने लगातार दो मैच गंवाए। सेमीफाइनल में हार के बाद वह तीसरे स्थान के प्ले आॅफ मैच में भी हार गया।

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सैयामी खेर बोलीं- घूमर के लिए मेंटली अंधेरे में उतरना पड़ा, 10 घंटे तक हाथ बंधा रहता

एक्ट्रेस सैयामी खेर ने 2016 में फिल्म ‘मिर्जया’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। फिल्म भले ही नहीं चली, लेकिन सैयामी खेर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में जरूर कामयाब रही थीं। सैयामी खेर अब फिल्म ‘घूमर’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें वह एक दिव्यांग क्रिकेटर बनी हैं, जो एक हाथ से बॉलिंग करती है। साउथ की फिल्मों में भी काम कर चुकीं सैयामी खेर एक क्रिकेटर रही हैं और बैडमिंटन भी खेल चुकी हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में ‘घूमर’ के साथ-साथ कॅरियर को लेकर बात की। सैयामी खेर ने बताया कि ‘घूमर’ की तैयारी के लिए उन्हें किस तरह के चैलेंज से गुजरना पड़ा। ‘घूमर’ में आप एक हाथ वाली बॉलर के रोल में हैं। ऐसा रोल हर एक्टर का सपना होता है। आपके लिए ‘घूमर’ का सफर कैसा रहा? क्या चुनौतियां रहीं? मेरे लिए यह वाकई ड्रीम रोल है। मुझे हमेशा से स्पोर्ट्स पर्सन का किरदार निभाना था, क्योंकि बचपन से मुझे स्पोर्ट में बहुत दिलचस्पी है। मैं क्रिकेट खेलती थी, बैडमिंटन खेलती थी। मेरे ट्विटर बायो में भी स्पोर्टमैन, क्रिकेट, सचिन पहले हैं। मैं क्रिकेट को लेकर जुनूनी हूं। फिर यहां तो कैमरा और क्रिकेट दोनों साथ में है। उस पर मेरे किरदार का ग्राफ बहुत चैलेंजिंग है, क्योंकि मैं एक डिफरेंटली एबल (दिव्यांग) कैरेक्टर निभा रही हूं तो चैलेंज तो बहुत था। पहले तो असल जिंदगी में राइट हैंडर हूं पर फिल्म में लेफ्ट हैंडर बनी हूं तो वो चैलेंज था। फिर, एक हाथ से बाल बांधना, जूते के फीते बांधना, नींबू या प्याज काटना, सब बहुत मुश्किल होता है, तो फिल्म शुरू होने से पहले घर पर मैं वो सब प्रैक्टिस कर रही थी। फिर शूट के वक्त फिजिकल चैलेंज तो थे ही कि 10 घंटे तक हाथ बंधा रहता था। वो पूरा लॉक हो जाता था। एक कोहनी पूरी फट गई थी। नाखून निकल गया था, पर उस पर मैं ज्यादा फोकस नहीं करती हूं, क्योंकि ठीक है, वो सब तो करना ही था, मगर इस किरदार के लिए मुझे मेंटली बहुत अंधेरे तह में उतरना पड़ा, वो ज्यादा चैलेंजिंग रहा।

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असली लड़ाई तो खालसा कॉलेज एजुकेशन सोसायटी पर आधिपत्य की है……

गुरुसिंघ सभा के चुनाव के साथ खालसा कॉलेज पर आधिपत्य की लड़ाई भी चल रही है। एमबी खालसा कॉलेज एजुकेशन सोसायटी के चुनाव तो 20 साल से नहीं हुए हैं। गुरुसिंघ सभा चुनाव पश्चात अकाल तख्त संगत के चुनाव का फरमान जारी कर सकता है। गुरुसिंघ सभा के सभी सदस्य मतदाता इस सोसायटी चुनाव में भी मतदान करेंगे। शैक्षणिक जगत में कभी इस संस्था का खूब नाम था, लेकिन कॉलेज संचालन से अधिक अपने हित साधने, सोसायटी का पैसा अन्य कार्यों में खर्च करने जैसी आर्थिक अनियमितताओं के मामलों में एजुकेशन सोसायटी अध्यक्ष चरणजीत सिंह सैनी भी न्यायालयीन विवादों में फंसे हुए हैं। इस संस्था के सचिव बॉबी छाबड़ा हैं। खालसा कॉलेज एजुकेशन सोसायटी के खिलाफ निरंतर मिल रही शिकायतों के निराकरण के लिए अकाल तख्त अमृतसर ने शिकायतकर्ता मोनू भाटिया के साथ ही बॉबी छाबड़ा सहित सोसायटी के पदाधिकारियों और गुरुसिंघ सभा अध्यक्ष रिंकू भाटिया को भी बुलाया था। सैनी और बॉबी के आधिपत्य वाली इस सोसायटी के विरुद्ध शिकायतें कर चुके रिंकू भाटिया का जत्थेदार के सामने चर्चा के दौरान चुप्पी साधे रहना एक तरह से बाबी के साथ पैक्ट के संकेत माने गए जबकि मोनू सिलसिलेवार अनियमितता गिनाते रहे। इस सोसायटी से जुड़ा रोचक तथ्य यह भी है कि गुरुसिंघ सभा के अध्यक्ष रिंकू भाटिया ने अनियमितता को लेकर पहले खूब शिकायतें की, लेकिन अब रिंकू-बॉबी में बन रही इलेक्शन फ्रेंडशिप को समझने वाले मान रहे हैं कि इन दोनों की पेनल एक हो सकती हैं। गुरुसिंघ सभा के 12 साल पहले हुए चुनाव का रोचक तथ्य यह भी कि तब खालसा पेनल के सर्वेसर्वा इंदर छाबड़ा ने गुरदीप सिंह भाटिया को पेनल से अध्यक्ष का चुनाव लड़ाया था, लेकिन रिंकू भाटिया की खंडा पेनल का जब गुरुसिंघ सभा पर कब्जा हो गया उसके बाद गुरदीप भाटिया खालसा पेनल से अलग हो गए थे। वे यहां अध्यक्ष का चुनाव जरूर हारे, लेकिन समाजसेवा के कार्यों का अकाल तख्त पर प्रभाव का ही नतीजा रहा कि उन्हें मप्र-छग के गुरुद्वारों की प्रबंध समिति के अध्यक्ष का दायित्व मिल गया। कुछ वर्षं पूर्व अमृतसर से लौटते वक्त हार्ट अटैक के चलते रास्ते में ही उनका निधन हो जाने के बाद अकाल तख्त ने मोनू भाटिया को मप्र-छग के गुरुद्वारों की प्रबंध समिति का अध्यक्ष मनोनीत कर दिया था। अब मोनू खुद और बाकी पदाधिकारियों को फतेह पेनल के बैनर से चुनाव लड़ा रहे हैं।
वर्ष 2000 से अब तक कमेटी के चुनाव नहीं
मंडी भावदीन हायर सेकंडरी स्कूल कमेटी (एमबी खालसा कॉलेज) के चुनाव 15 जून 1997 को हुए थे। तीन साल का कार्यकाल था, जो वर्ष 2000 में खत्म हो गया। सचिव बॉबी छाबड़ा ने साधारण सभा बुलाकर कार्यकाल छह माह के लिए बढ़ा दिया। उस वक्त 10 हजार सदस्य थे, लेकिन नियमों में बदलाव कर बॉबी ने समाज के 10वीं पास को भी सदस्य बनने का प्रावधान के साथ ही एमबी खालसा हायर सेकंडरी स्कूल का नाम बदलकर खालसा एजुकेशन सोसायटी रख दिया। इस नियम के कारण सिर्फ 2 हजार सदस्य ही बचे। ये बॉबी गुट के थे। 8 हजार सदस्य बाहर हो गए। कमेटी सदस्यों का कार्यकाल तीन साल और कमेटी का कार्यकाल पांच साल कर दिया। वर्ष 2000 से अब तक कमेटी के चुनाव नहीं हुए हैं। श्री गुरुसिंघ सभा के सदस्य जगजीतसिंह टुटेजा बॉबी की पोलपट्टी के विरुद्ध शिकायतों में खालसा कॉलेज पर रिसीवर बैठाने और आर्थिक अनियमितताओं की जांच की मांग करते रहे हैं। शिकायतकर्ता टूटेजा ने चर्चा में बताया तीनों पैनल के प्रमुखों के साथ ही जत्थेदार रगवीर सिंह जी ने मुझे भी अमृतसर बुलाया था मेरी सारी शिकायतों पर खालसा सोसायटी के पदाधिकारियों से पूछताछ भी की आश्वस्त किया है कि श्री गुरुसिंह सभा के चुनाव के बाद ये सोसायटी के चुनाव की तारीख भी घोषीत करेंगे।

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