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जेल से बाहर हुए आदिल खान बोले- मेरे साथ गलत हुआ

बॉलीवुड एक्ट्रेस राखी सावंत अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर लाइमलाइट में बनी रहती हैं। साल की शुरुआत में एक्ट्रेस ने आदिल खान से निकाह करके सभी को हैरान कर दिया था। फिर कुछ समय बाद उन्होंने आदिल खान पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें जेल भिजवा दिया था। आदिल खान काफी समय तक मैसूर स्थित जेल में बंद रहें। उन पर ठगी और धोखा देने जैसे कई आरोप लगे थे। राखी कई बार पैपराजी से बात करते हुए आदिल के धोखे पर अपना दर्द बयां करती हुई नजर आई थीं। अब आदिल खान जेल से रिहा होने के बाद पहली बार मुंबई में स्पॉट हुए। विवाद के बाद आदिल खान को पहली बार मुंबई में देखा गया। पैपराजी से बात करते हुए आदिल ने बताया कि वह जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सच से पर्दा उठाएंगे। उन्होंने कहा मेरे साथ बहुत गलत हुआ है। मैं कुछ दिनों बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा और सब कुछ बताऊंगा। अब कोई आकर मुझे जेल भिजवाकर पब्लिसिटी तो नहीं ले सकता है। आदिल खान ने आगे कहा मैं आपको बताऊंगा कि ये क्या, क्यों और किस वजह से हुआ था। मेरे साइड की प्रॉपर स्टोरी बताऊंगा। मैं बताऊंगा कि कैसे मुझे फ्रेम किया गया। राखी के साथ-साथ कुछ और लोग भी शामिल थे। पता चलेगा कि क्या-क्या हुआ था मेरे साथ। मुझे करोड़ों देने हैं या मेरे पास आने हैं। इसी साल फरवरी में राखी सावंत ने पति आदिल खान के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस केस किया था। राखी का दावा था कि आदिल ने उनके साथ पैसों की हेराफेरी करने के साथ-साथ उनकी एडल्ट वीडियोज भी बनाई है। मैसूर की एक महिला ने भी आदिल पर हैरेसमेंट का आरोप लगाया था। कई महीनों तक आदिल जेल में रहे। राखी सावंत ने आदिल खान से मई 2022 में निकाह किया था। राखी ने अपनी शादी का ऐलान 7 महीने बाद जनवरी 2023 में किया था। राखी ने ये भी खुलासा किया था कि उन्होंने आदिल से निकाह के लिए इस्लाम धर्म कबूल कर लिया और अपना नाम फातिमा रख लिया है।

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सुखदेश्वर महादेव का केदारनाथ स्वरूप…

हिन्दुस्तान मेल, इंदौर। सुखदेव नगर मेन 60 फीट वीआईपी रोड येवलेचाय की दुकान के पिछले वाली गली में सुखदेश्वर महादेव मंदिर को सावन सोमवार पर केदारनाथ मंदिर का स्वरूप दिया गया। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। रात 8 बजे भव्य आरती हुई।
फोटो- विवरण: बसंत सोनी

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धमकी देने वाले के सिर पर विभाग का हाथ

एक पत्रकार अपने जीवन को दांव पर लगाकर सच्चाई को जनता के समक्ष लाता है, लेकिन जब बात उसकी जान पर बन आए और जिम्मेदार लोग अपने कर्त्तव्य से पीछे हटे तो फिर सच्चाई का प्रहरी अपना हौसला कैसे बनाए रखे! पिछले दिनों ‘हिन्दुस्तान मेल’ के पत्रकार देवेन्द्र वाघमारे जब एक मामले में पड़ताल कर रहे थे, उसी दौरान जिला मलेरिया कार्यालय इंदौर में सुपीरियर फील्ड वर्कर चतुर्थ श्रेणी के पद पर एंटी लार्वा स्कीम में नियुक्त सूरजकुमार कटारे ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पत्रकार द्वारा इसका वीडियो बना लिया गया था।
पत्रकार ने उसके बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस दोनों जगह वीडियो दिखाते हुए शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। जब पत्रकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग अधिकारी सीएमएचओ बीएस सैत्या से शिकायत की गई तो उन्होंने कहा कि उन्होंने जिला मलेरिया अधिकारी इंदौर डीएमओ दौलत पटेल को जांच के लिए आपका आवेदन भेज दिया है, वहीं जब दौलत पटेल को वीडियो दिखाकर इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि वह कमेटी बैठाकर इसकी जांच करवाएंगे। सबूत देखने के बावजूद भी उनका यह जवाब दिखाता है कि विभाग ही अपने कर्मचारियों को सपोर्ट कर रहा है! दो-चार दिन बाद जब पत्रकार फिर पटेल से चर्चा करने पहुंचे तो वह अपने आॅफिस में उपलब्ध नहीं थे।

…तो उन्होंने पल्ला झाड़ दिया
पत्रकार ने यहां भी हार नहीं मानी और लगातार अलग-अलग पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई का अनुग्रह किया। सबसे पहले सेंटर कोतवाली के थाना प्रभारी वीरेंद्र कुशवाहा से बात की, जिन्होंने उन्हें एक-दो दिन बाद आने को कह दिया, लेकिन दोबारा मुलाकात के लिए वह मौजूद ही नहीं थे। इसके बाद पत्रकार ने एसीपी वीपी शर्मा को पूरा मामला बताया, जिन्होंने थाना प्रभारी से बात करने को कह दिया। इसके बाद जब पत्रकार ने सेंटर कोतवाली में पदस्थ राठौर से बात की तो उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि वह 8 दिन से छुट्टी पर थे। इसके बाद जब पत्रकार ने एसीपी शर्मा से इस मामले में कार्रवाई का कहा तो उन्होंने पल्ला झाड़ दिया। इससे साफ जाहिर है कि जब एक पत्रकार को जान से मारने की धमकी दी गई है, तब भी पुलिस अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी ढोल रहे हैं, तो जब आम जनता उनके सामने अपनी फरियाद लेकर जाती होगी तो उनके साथ कैसा सुलूक किया जाता होगा?

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क्राइम ब्रांच ने सट्टे के कंट्रोल रूम पर दी दबिश

इंदौर। क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र स्थित सलाहकार कॉलोनी में आॅनलाइन क्रिकेट मैच का सट्टा संचालित किया जा रहा है, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने दबिश देकर मौके से 4 मोबाइल, 4 कम्प्यूटर, सीपीयू, एक लैपटॉप सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया द्वारा बताया गया कि सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई है, जिसमें मैनेजर विशाल सोलंकी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वेबसाइट के माध्यम से सट्टा संचालित कर रहा था उक्त स्थान को कंट्रोल रूम बना रखा है, जहां से 300 से अधिक लोकेशन पर आईडी पासवर्ड भेजकर आॅनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था, जिसमें बाकायदा हर जीत से लेकर लेखा-जोखा तक कर किया जा रहा था। ाकड़े मैनेजर ने बताया कि इसमें राहुल चौधरी, सचिन सिंह, विजय, राज सिंह, राजेश लालमणि को भी पकड़ा गया है।

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77 प्रतिशत सड़क हादसे तेज गति के कारण, पुलिस का ध्यान राजस्व वसूली पर

हिन्दुस्तान मेल, भोपाल। प्रदेश में हर वर्ष 13 हजार से अधिक लोगों की मौत सड़क हादसों में हो रही है, इसके बाद भी पुलिस का ज्यादा ध्यान राजस्व वसूली पर ही है। वर्ष 2022 में तेज गति से वाहन चलाने के कारण प्रदेश में 41 हजार 688 सड़क हादसे हुए। इनमें 41 हजार 574 लोग घायल हुए, जबकि 10 हजार 356 लोगों की मौत हो गई। यह हादसों में हुई कुल मौतों को 77 प्रतिशत है। इसके बाद भी तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध नाम मात्र की कार्रवाई हो रही है। वर्ष 2022 में पुलिस ने तेज गति से वाहन चलाने के कारण 25 हजार लोगों पर अर्थदंड लगाया गया। इस मान से हर दिन प्रदेश में सभी तरह के वाहन मिलाकर औसतन 68 पर हर दिन अर्थदंड लगाया जा रहा है।
हेलमेट नहीं लगाने पर कार्रवाई – उधर, हेलमेट नहीं लगाने पर एक वर्ष में नौ लाख 50 हजार और और सीट बेल्ट नहीं बांधने पर एक लाख वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। वाहन चालकों की गति नापने के लिए सभी जिलों में पुलिस के पास इंटरसेप्टर ह्वीकल हैं। पुलिस के पास स्पीड रडार भी हैं। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में तेज गति से वाहन चलाने वालों को कोई डर ही नहीं है।

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