Hindustanmailnews

Author name: Hindustanmailnews

इस पवित्र रिश्ते को प्रणाम…

ये राखी बंधन है ऐसा जैसे चंदा और किरण का, जैसा बदरी और पवन का, जैसे धरती और गगन का…………….

हिन्दुस्तान मेल, इंदौर
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने घोषणा की है कि अक्टूबर महीने से ‘लाड़ली बहना’ योजना के तहत एक हजार रुपए की जगह 1250 रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने रक्षाबंधन पर्व के लिए लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपए भी ट्रांसफर किए। सीएम शिवराज ने सावन के इस महीने में रसोई गैस सिलेंडर 450 रुपए में देने का भी ऐलान किया है। उन्होंने ये भी कहा कि सितंबर में बढ़े हुए बिजली के बिल जीरो हो जाएंगे।
सीएम शिवराजसिंह चौहान रविवार को भोपाल के जम्बूरी मैदान में लाड़ली बहना सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा- पुलिस और बाकी जितनी भी नौकरियां हैं, उनमें 35% भर्तियां आगे से बेटियों की होंगी। कई पद ऐसे होते हैं, जिनमें सरकार नियुक्ति करती है। अब सरकार ऐसे नॉमिनेटेड पोस्ट पर 35% महिलाओं की नियुक्ति करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा- मध्यप्रदेश के हर थाने में महिला डेस्क के साथ पर्याप्त मात्रा में बेटियों को पुलिस के रूप में रखेंगे। लाड़ली बहनें ‘आजीविका मिशन’ में आएंगी। काम-धंधे के लिए बैंक उन्हें लोन देगा, इसका ब्याज केवल 2% होगा, यह भी भैया भरेगा। सीएम शिवराज ने कहा कि सावन के इस महीने में रसोई गैस 450 रुपए में तुम्हारा भैया दिलवाएगा। इसके बाद परमानेंट व्यवस्था बनाएंगे, ताकि बहनों को महंगा गैस सिलेंडर न लेना पड़े। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा- बढ़े हुए बिजली के बिल की वसूली नहीं होगी। सितंबर में बढ़े हुए बिजली के बिल जीरो हो जाएंगे। गरीब बहनों का बिजली बिल केवल 100 रुपए हो जाएगा। दूरदराज के जिन मजरे और टोले में बिजली नहीं है और 20 मकान की कोई बस्ती है तो वहां बिजली लेकर जाएंगे। इसके लिए 900 करोड़ की व्यवस्था की है।
लाड़ली बहनों के खातों में 250 रु. ट्रांसफर, अक्टूबर से 1250 रु. देंगे-सम्मेलन शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने ‘लाड़ली बहना सेना’ की सदस्यों के पैर पखारे। महिलाओं ने सीएम को बड़ी राखी भेंट की। सीएम ने लाड़ली बहना कैलेंडर लॉन्च किया। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के मंच से लाड़ली बहनों के बैंक खातों में रक्षाबंधन के लिए 250 रु. जारी किए। कहा- रक्षाबंधन धूमधाम से मनाओ। 10 सितंबर को फिर 1 हजार रु. डाले जाएंगे। अक्टूबर से लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1250 रुपए डाले जाएंगे। सीएम के बेटे कार्तिकेय भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
जहां 50% से ज्यादा बहनें चाहेंगी, वहां बंद कराएंगे शराब दुकानें- मुख्यमंत्री ने कहा- शराब नीति में शामिल होगा कि जहां आधी से ज्यादा बहनें नहीं चाहेंगी कि उस क्षेत्र में शराब की दुकान हो, वहां अगले साल से शराब की दुकान बंद कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा- मैं धर्म का भेद नहीं करता। सारी बहनें, मेरी बहनें हैं… चाहे कोई भी जाति की हो, हिंदू हो या मुसलमान हो, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

इस पवित्र रिश्ते को प्रणाम… Read More »

प्रचंड भला

बुडापेस्ट, एजेंसी
भारतीय जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रविवार देर रात इतिहास रच दिया है। टूर्नामेंट के फाइनल में उन्होंने 88.17 मीटर के अपने बेस्ट एफर्ट के साथ गोल्ड जीता। यह चैंपियनशिप हंगरी के बुडापेस्ट में 19 अगस्त से 27 अगस्त तक खेली गई।
25 साल के नीरज वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियन में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने पिछले साल यूजीन में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था, जिसे उन्होंने इस बार गोल्ड में बदला। पाकिस्तान के अरशद नदीम ने सिल्वर जीता। उन्होंने 87.82 मीटर का बेस्ट एफर्ट निकाला। यह चैंपियनशिप 1983 से हो रही है। वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में यह भारत का ओवरआॅल तीसरा मेडल है। नीरज की ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी। कहा- प्रतिभाशाली नीरज ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिखाया है। उनका समर्पण, सटीकता और जुनून, उन्हें न सिर्फ एथलेटिक्स में चैंपियन बनाता है, बल्कि पूरे खेल जगत में उन्हें उत्कृष्टता का प्रतीक बनाता है।
नीरज का पहला थ्रो फाउल रहा। ओलिंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने फाउल से शुरुआत की। पहले प्रयास में फिनलैंड के ओलिवर हेलैंडर ने 83.38 मीटर स्कोर किया और टॉप पर रहे। नीरज चोपड़ा का अटैम्प्ट फाउल रहा और वे 12वें नंबर पर रहे। किशोर जेना ने 75.6 और डीपी मनु ने 78.44 मीटर थ्रो किया। पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 74.80 मीटर डिस्टेंस तक भाला फेंका।

प्रचंड भला Read More »

Video: नीरज चोपड़ा का वह थ्रो, जिसके दम पर बने विश्व विजेता; देखें कैसे 88.17 मीटर दूर भाला फेंक रचा इतिहास

नीरज ने एक बार फिर स्वर्ण पदक जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित किया है। बुडापेस्ट में उन्होंने 88.17 मीटर दूर भाला फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पाकिस्तान के नदीम दूसरे स्थान पर रहे।

नीरज चोपड़ा ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय हैं। नीरज की इस उपलब्धि पर पूरा देश खुशी से झूम रहा है। नीरज ने 88.17 मीटर दूर भाला फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने बुडापेस्ट में आधी रात को स्वर्ण पदक जीता और देशवासियों को उनसे यही उम्मीद थी। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग नीरज को देखने के लिए रात में भी जगे हुए थे। नीरज ने पदक जीतने के बाद इन सभी लोगों का शुक्रिया भी अदा किया। वहीं, कई लोगों को अगले दिन सुबह यह खबर मिली और उनके दिन की स्वर्णिम शुरुआत हुई। यहां हम नीरज का वह थ्रो दिखा रहे हैं, जिसमें उन्होंने 88.17 मीटर की दूरी हासिल की और विश्व विजेता बने।

विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में पाकिस्तान के अरशद नदीम दूसरे स्थान पर रहे। राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन अरशद नदीम ने 87.82 मीटर के साथ रजत पदक जीता, जबकि चेक गणराज्य के जैकब वडलेज ने 86.67 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

90 मीटर का आंकड़ा छूना चाहते हैं नीरज
बुडापेस्ट में स्वर्ण पदक जीतने के बावजूद नीरज थोड़े निराश लग रहे थे। उन्होंने कहा “मैं आज रात 90 मीटर से अधिक थ्रो करना चाहता था। लेकिन इसके लिए सब कुछ मेरे पक्ष में होना जरूरी है। मैं आज शाम सब कुछ एक साथ सही नहीं कर सका। शायद अगली बार ऐसा कर पाऊं। दूसरे राउंड के बाद, मैं खुद को आगे बढ़ाने के बारे में सोच रहा था क्योंकि मुझे पता था कि मुझे बेहतर थ्रो मिल सकता है। लेकिन तकनीक और गति पर बहुत दबाव है। हमें क्वालिफाइंग राउंड में बहुत जोर लगाना होता है। क्वालिफाइंग राउंड के बाद रिकवरी के लिए केवल एक ही दिन था, इसलिए यह भी एक बड़ा कारक था। मैं आखिरी थ्रो तक खुद को आगे बढ़ाने और बेहतर थ्रो करने की प्रेरणा के साथ आगे बढ़ता हूं।”

Video: नीरज चोपड़ा का वह थ्रो, जिसके दम पर बने विश्व विजेता; देखें कैसे 88.17 मीटर दूर भाला फेंक रचा इतिहास Read More »

मदुरै में ट्रेन हादसा: ‘जो भाग पाए वो ही बच पाए’, सुरक्षित बचे यूपी के यात्रियों ने बताया कैसे बची जान?

Madurai Train Fire incident: तमिलनाडु के मदुरै रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन के प्राइवेट कोच में आग लगने की घटना में यात्रियों की मौत का आंकड़ा 9 हो गया है। जबकि घायलों की संख्या 50 हैं। हादसा शनिवार सुबह 5.15 बजे हुआ। जिस कोच में आग लगी है वो यूपी के 63 लोगों का प्राइवेट कोच था, जो यार्ड में खड़ा था।

आग से झुलसे लोगों को गवर्नमेंट राजाजी कॉलेज मदुरै में भर्ती करवाया गया है, जहां कुछ लोगों से जब घटना के बारे में बात की तो उन्होंने डरा देने वाली आपबीती बताई। घायलों के मुताबिक कोच के गेट बंद थे, जिससे अंदर अफरा-तफरी मच गई।

हादसे पर तमिलनाडु के मंत्री मा. सुब्रमण्यम ने कहा कि इस घटना में 9 लोगों की मृत्यु हुई है, जिनमें से चार लोगों की पहचान हो गई है। घायलों का इलाज चल रहा है। पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को उनके गृहनगर भेजा जाएगा। हम उत्तर प्रदेश सरकार से बात कर रहे हैं।

सुबह सवा रात बजे बुझी आग दक्षिणी रेलवे अधिकारियों के मुताबिक हादसा पुनालुर-मदुरै एक्सप्रेस में आज सुबह 5:15 बजे मदुरै यार्ड में निजी/व्यक्तिगत कोच में आग लगी। हादसे के बाद करीब 5 बजकर 45 मिनट पर फायर टीम पहुंची और उसने 7 बजकर 15 मिनट पर आग पर काबू पाया।

ऐसे में अस्पताल में घायल लोगों से जब हादसे के बारे में बताया वो काफी खौफनाक था। घायल अशोक ने कहा कि हम सो रहे थे और जैसे आग लगी तो हम उठे और भागे, तो चारों तरफ से खिड़कियां और दरवाजे बंद थे। चाबी भी नहीं मिल रही थी, एक दरवाजा खुला, जिससे जो लोग निकल पाए वो निकल पाए।”

वहीं एक और घायल महिला ने रेखा ने बताया कि “मैं बीच वाली सीट पर लेटी था और आग लगने की आवाज सुनी… हम सभी तुरंत भागे और गेट के पास पहुंचे, लेकिन वह बंद था। फिर हमने किसी तरह उसे खोला। जो पीछे थे वे भागे और जो बीच में बैठे थे वो फंस गए।’

सीतापुर से रामेश्वरम का टूर इस हादसे की वजह रेलवे कोच के अंदर सिलेंडर का इस्तेमाल करना था। बताया जा रहा है कि कोच के अंदर कॉफी बनाते समय सिलेंडर ने आग पकड़ी, जो देखते ही देखते पूरे कोच में फैल गई। इस कोच में सवार सभी 63 लोग यूपी के रहने वाले थे। इस कोच का टूर सीतापुर से रामेश्वरम के लिए टूर गया था। प्राइवेट कोच 17 अगस्त को लखनऊ से चला था, जिसे वापस 30 अगस्त को लौटना था।

मदुरै में ट्रेन हादसा: ‘जो भाग पाए वो ही बच पाए’, सुरक्षित बचे यूपी के यात्रियों ने बताया कैसे बची जान? Read More »

एशिया कप 30 अगस्त से श्रीलंका और पाकिस्तान में होगा…

नई दिल्ली, एजेंसी।
एशिया कप 30 अगस्त से 17 सितंबर तक श्रीलंका और पाकिस्तान में खेला जाएगा। अगर आईसीसी इवेंट को छोड़ दिया जाए तो यह दुनिया का सबसे बड़ा लिमिटेड ओवर टूर्नामेंंट है। इस बार एशिया कप इसलिए भी ज्यादा अहम है, क्योंकि यह वर्ल्ड कप के एक महीने पहले खेला जा रहा है।
इसके जरिए सभी टीमें अपनी वर्ल्ड कप की तैयारी को मजबूत करेंगी। ऐसे में जानते हैं वनडे वर्ल्ड कप के नजदीक आने से पहले डिफेंडिंग चैम्पियन श्रीलंका, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान को एशिया कप में किन सवालों से जूझना पड़ेगा।
इस साल दो बार दो महाद्वीपों में श्रीलंका वन-डे में 80 से कम स्कोर पर आॅल आउट हो गया है। वर्ल्ड कप क्वालिफायर में स्कॉटलैंड ने श्रीलंका को 245 पर ढेर कर दिया था। टीम नीदरलैंड्स के खिलाफ 213 और 233 रन पर आउट हो गई थी।
निश्चित रूप से श्रीलंका ने इन स्कोर का बचाव किया, लेकिन ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि उनके गेंदबाजी आक्रमण ने विरोधी बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल दिया था। उनकी बल्लेबाजी खासकर टॉप आॅर्डर में डायनेमिज्म की कमी है। पांचवें पर असलंका को छोड़कर अन्य निराश करते हैं। भारत, पाक की मजबूत बल्लेबाजी होने से श्रीलंका के गेंदबाजों को दिक्कत हो सकती है। उन्हें एशिया कप में इसका हल तलाशना होगा।
पाकिस्तान के पास गेम टाइम कम है। यानी वर्ल्ड कप से पहले उन्हें तैयारी के लिए काफी कम मैच मिले हैं। 2019 वर्ल्ड कप से बाद अब तक उन्होंने सिर्फ 28 वनडे खेले हैं। वे इतनी कम तैयारी के साथ वर्ल्ड कप में कभी नहीं उतरे थे, साथ ही इस दौरान उन्होंने जिन विरोधियों के साथ मुकाबले खेले, वे भी उस स्तर के नहीं रहे। पाक के 6 मैच वेस्टइंडीज और तीन नीदरलैंड्स के खिलाफ थे। हालांकि, उन्होंने इस साल मजबूत न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच घरेलू वन-डे खेले, जिसमें से टीम ने चार में जीत दर्ज की। पाकिस्तान ने इन 28 मैच में से 19 में जीत दर्ज की है, जिसमें कई मैच आसानी से जीते। अब एशिया कप में मजबूत विरोधियों के सामने उन्हें खुद को परखने का मौका रहेगा। अफगानिस्तान के पास हर टीम को चुनौती देने की क्षमता है। वे हर टूर्नामेंट में पिछली बार से मजबूत होकर आते हैं। उनके पास दुनियाभर की टी20 लीग में खेलने वाले गुरबाज, राशिद, मुजीब जैसे सितारे हैं। इसके अलावा नबी और शाहिदी जैसे वन-डे के खिलाड़ी भी हैं। पाक के खिलाफ मार्च में टी20 सीरीज में मिली जीत से उनके आत्मविश्वास को मजबूती मिलेगी, साथ ही पाक के खिलाफ जारी 3 वन-डे की सीरीज से एशिया कप के लिए मैच प्रैक्टिस होगी।
टीम इंडिया ने एशिया कप के लिए 17 खिलाड़ी चुने हैं, यानि उनके पास वर्ल्ड कप के लिए अपने 15 खिलाड़ी चुनने का मौका रहेगा। अगर उसके प्रमुख खिलाड़ी चोट से रिकवरी हो गए तो टीम पूरी ताकत के साथ उतरेगी।

एशिया कप 30 अगस्त से श्रीलंका और पाकिस्तान में होगा… Read More »

Scroll to Top
Verified by MonsterInsights