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जन्माष्टमी : जुगलकिशोर मंदिर में पन्ना की महारानी का नशे में हंगामा….

पन्ना, एजेंसी। बुंदेलखंड के प्रसिद्ध जुगलकिशोर मंदिर में पन्ना राजघराने की महारानी जितेश्वरी देवी ने कृष्ण जन्माष्टमी पर हंगामा कर दिया। कृष्ण जन्मोत्सव रात 12 बजे शुरू हुआ। इस दौरान जितेश्वरी देवी आरती के बीच से ​​​​​​उठीं और गर्भगृह में जाकर पुजारी से चंवर छुड़ा लिया। फिर भक्तों की तरफ देखकर गलत तरीके से चंवर डुलाने लगीं। अभद्रता की। श्रद्धालुओं ने उनको बाहर करने की आवाजें लगाईं। पुजारी और वहां मौजूद लोगों ने जितेश्वरी देवी को गर्भगृह से बाहर करने की कोशिश की। इस दौरान वह गिर गईं। उन्हें पुलिस की मदद से घसीटकर बाहर किया गया। उन्होंने पुलिस से भी अभद्रता की। पूजन में विघ्न के कारण पुजारी ने आरती बीच में ही रोक दी। भक्तों में काफी आक्रोश है, उन्होंने पन्ना के इतिहास में इसे सबसे निंदनीय घटना बताया है। मंदिर के मुसद्दी (पुजारी) संतोष कुमार तिवारी ने पुलिस को जानकारी दी।

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इंदौर में बदमाशों का बनाया डिजिटल डोजियर

शहर में जिस तरह से बदमाश पुलिस को चकमा देने में माहिर हो रहे हैं तो उसी तरह से पुलिस द्वारा भी बदमाशों की धरपकड़ के लिए डिजिटल डोजियर नामक एक सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जिसमें बदमाश के घर की लोकेशन के साथ ही उसके परिवार और संपर्क सूत्रों के घरों की भी लोकेशन अपडेट रहेगी। फिलहाल अभी तक कुल 500 से लेकर 600 बदमाशों का डिजिटल डाटा लोकेशन के साथ अपडेट किया गया है। डीसीपी आदित्य मिश्रा द्वारा डिजिटल डोजियर का निर्माण किया गया है। उनका कहना है कि पिछले पांच वर्षों में जिन बदमाशों द्वारा छोटे-बड़े अपराध किए गए हैं और जिन पर कई अपराध दर्ज हैं, उन बदमाशों को प्राथमिक रूप से इस डिजिटल डोजियर में शामिल किया गया है। इसमें बदमाश के घर की लोकेशन के साथ ही उसके मोबाइल के माध्यम से किन-किन लोगों से संपर्क में रहा, जिसमें उसके ससुराल, मां, दादी, काका, मामा आदि के घर की स्पष्ट लोकेशन ली गई है। यदि बदमाश किसी घटना को अंजाम देता है और वह फरार होने की कोशिश करता है तो इस डिजिटल डोजियर के माध्यम से उसके परिचितों को घर पर दबिश दी जा सकेगी।

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Sensex Closing Bell: लगातार पांचवें दिन तेजी के साथ बंद हुआ बाजार; सेंसक्स 385 अंक चढ़ा, निफ्टी 19700 के पार

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ASEAN: भारत-आसियान के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए पीएम मोदी ने रखा 12 सूत्री प्रस्ताव, जानें इसके बारे में

ASEAN: शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान भागीदारों के साथ आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा भविष्य की दिशा तय करने पर व्यापक चर्चा की। प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आसियान की केंद्रीयता की फिर से पुष्टि की और भारत के हिंद-प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) और आसियान के हिंद-प्रशांत पर दृष्टिकोण (एओआईपी) के बीच तालमेल पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद जैसी समकालीन चुनौतियों से निपटने और रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के साथ डिजिटल परिवर्तन, व्यापार और आर्थिक जुड़ाव जैसे क्षेत्रों में भारत-आसियान सहयोग को मजबूत करने के लिए गुरुवार को 12 सूत्री प्रस्ताव पेश किया।

मोदी ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में यहां 20वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन) के महासचिव डॉ काओ किम होर्न ने भी शिखर सम्मेलन में भाग लिया। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि शिखर सम्मेलन में दो संयुक्त बयानों जिनमें एक समुद्री सहयोग और दूसरा खाद्य सुरक्षा से संबंधित है उन्हें भी स्वीकार किया गया।

इसमें कहा गया है कि शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान भागीदारों के साथ आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा भविष्य की दिशा तय करने पर व्यापक चर्चा की। प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आसियान की केंद्रीयता की फिर से पुष्टि की और भारत के हिंद-प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) और आसियान के हिंद-प्रशांत पर दृष्टिकोण (एओआईपी) के बीच तालमेल पर प्रकाश डाला।

उन्होंने आसियान-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की समीक्षा समयबद्ध तरीके से पूरी करने की जरूरत पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने भारत-आसियान सहयोग को मजबूत करने के लिए 12 सूत्री प्रस्ताव पेश किया जिसमें कनेक्टिविटी, डिजिटल परिवर्तन, व्यापार और आर्थिक जुड़ाव, समकालीन चुनौतियों का समाधान, लोगों से लोगों के बीच संपर्क और रणनीतिक जुड़ाव को गहरा करना शामिल है।

बयान में कहा गया है कि प्रस्ताव के तहत, भारत ने दक्षिण-पूर्व एशिया-भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप को जोड़ने वाले एक बहु-मोडल कनेक्टिविटी और आर्थिक गलियारे की स्थापना का आह्वान किया और आसियान भागीदारों के साथ भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक को साझा करने की पेशकश की। प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल परिवर्तन और फाइनेंशियल कनेक्टिविटी की दिशा में सहयोग पर ध्यान केंद्रित करते हुए डिजिटल भविष्य के लिए आसियान-भारत कोष की भी घोषणा की। 

12 सूत्री प्रस्ताव के तहत प्रधानमंत्री ने आतंकवाद, आतंकवाद के वित्तपोषण और साइबर सूचनाओं के खिलाफ सामूहिक लड़ाई का आह्वान किया। प्रस्ताव के हिस्से के रूप में उन्होंने आसियान और पूर्वी एशिया के आर्थिक और अनुसंधान संस्थान (ईआरआईए) को दिए जाने वाले समर्थन के नवीकरण की घोषणा की ताकि वह नॉलेज पार्टनर के रूप में कार्य कर सके। 

बयान में कहा गया है कि उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर ग्लोबल साउथ के सामने आने वाले मुद्दों को सामूहिक रूप से उठाने का आह्वान किया। उन्होंने आसियान देशों को भारत में डब्ल्यूएचओ की आरे से स्थापित किए जा रहे ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया और पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के लिए व्यक्तिगत और सामुदायिक कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए भारत के नेतृत्व वाले वैश्विक जन आंदोलन मिशन एलआईएफई पर मिलकर काम करने का आह्वान किया। 

प्रधानमंत्री ने जन-औषधि केंद्रों के माध्यम से लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं प्रदान करने में भारत के अनुभव को साझा करने की भी पेशकश की। उन्होंने आसियान देशों को आपदा रोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया और आपदा प्रबंधन में सहयोग का आह्वान किया। बयान के अनुसार, उन्होंने समुद्री सुरक्षा, सुरक्षा और डोमेन जागरूकता पर सहयोग बढ़ाने का भी आह्वान किया। भारत और आसियान नेताओं के अलावा, तिमोर-लेस्ते ने एक पर्यवेक्षक के रूप में शिखर सम्मेलन में भाग लिया।

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ऑपरेशन गंगा की शूरवीर अपनों को वतन लाईं:भाई की शादी छोड़ी, रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे छात्रों को सेफ्टी के साथ उनके घर पहुंचाया

मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, उड़ान हौसलों से होती है। आम लोग भी अपनी मेहनत और हौसले से खास बन जाते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है ‘ऑपरेशन गंगा’ की शूरवीर की।

योद्धा इसलिए क्योंकि रूस-यूक्रेन की युद्धभूमि से भारतीय छात्रों को वतन वापस लाने के लिए ये विमान लेकर लड़ाई के मैदान में जा पहुंचीं। सभी इंडियन स्टूडेंट को अपने देश वापस लाने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई।

आज ‘ये मैं हूं’ में कैप्टन शिवानी के जीवन से जुड़े कुछ अनसुने किस्से उन्हीं की जुबानी जानते हैं।

बचपन में ही किया पायलट बनने का फैसला

मैं कैप्टन शिवानी एयर इंडिया में बोइंग-7878 पर कप्तान हूं। मुझे एयर इंडिया से जुड़े 5 साल से ज्यादा हो चुके हैं। मेरी यह खुशकिस्मती है कि मुझे उस एयर क्राफ्ट को उड़ाने का मौका मिला जिसे उड़ाने का पायलट सपना देखते हैं।

मैं एक मिडिल क्लास घर से आती हूं। आज मिलेनियम सिटी बन चुका गुरुग्राम उस समय बहुत ही छोटा शहर हुआ करता था, जहां हर कोई एक दूसरे को जानता पहचानता। सपने क्या होते हैं क्या नहीं, शायद यह देखने की इजाजत भी नहीं नहीं थी।

मैं ऐसे परिवेश में पली बढ़ी जहां एक उम्र के बाद लड़कियों की शादी कर दी जाती है। अगर नौकरी कर भी रहीं है तो आगे वो काम कर पाएंगी या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं होती। ज्यादातर यहां हाउस वाइफ ही देखने को मिलती हैं।

बचपन में ही तय कर चुकी थी कि बड़ा होकर पायलट ही बनूंगी। मेरी हमेशा से आसमान की सैर करने और बादलों को पास से देखने की ख्वाहिश रही। मैंने बचपन के इस सपने को पूरा भी किया। लेकिन इस मुकाम पर पहुंच जाऊंगी, यह सोचा नहीं था।

ऑपरेशन गंगा से मिली शोहरत

रूस और यूक्रेन के युद्ध में भारत ने छात्रों को वापस लाने के लिए भारत सरकार की तरफ से ऑपरेशन गंगा चलाया गया, इस ऑपरेशन की अगुवाई कर रही टीम में मैं अकेली ऐसी महिला थी जो 249 छात्रों को सही सलामत अपने देश लेकर वापस आई और उनके परिवारों से मिलाया।

भाई की शादी छोड़कर ऑपरेशन गंगा में शामिल हुई

उस दिन भाई की शादी थी। सारे रिश्तेदारों से घर भरा था। रस्मों का सिलसिला चल रहा था। बाराती तैयारी में जुटे थे। उस वक्त मेरे सीनियर्स ने कॉल करके पूछा कि क्या आप ऑपरेशन गंगा का हिस्सा बनना चाहेंगी। ऐसे में मैंने बिना कुछ सोचे-समझे ‘हां’ कर दी। यह चैलेंजिंग फैसला था क्योंकि उस दौरान यूक्रेन-रूस की जंग चरम पर थी।

इस फैसले में पेरेंट्स ने भी साथ दिया। हालांकि माता-पिता होने के नाते उन्हें टेंशन जरूर था, लेकिन उनका कहना था कि ‘तुम सिर्फ स्टूडेंट्स को वापस नहीं ला रही हो बल्कि बच्चों को उनके परिवार से मिलाने का पुण्य कमा रही हो। जाओ और सुरक्षित लौटो’। इस ऑपरेशन के दौरान टीम में 15 लोग थे, जिसमें 5 पायलट, 7 केबिन क्रू और 3 इंजीनियर शामिल थे।

जब हम यूक्रेन पहुंचे तो वहां मौजूद छात्रों के चेहरे पर एक उम्मीद की किरण नजर आई। छात्रों को इस बात का भरोसा दिलाया कि वह सही सलामत अपने घर जरूर पहुंचेंगे। जब बुडापेस्ट से दिल्ली वापस आए तो वहां मौजूद हर शख्स ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ हौसला अफजाई की और बच्चों के पेरेंट्स से हमें बहुत दुआएं मिलीं।

ट्रेनिंग के लिए 35 लाख का लोन लिया, 8 साल रही बेरोजगार

पापा ने मुझे दो ऑप्शन दिए, जिसमें मैं आगे बढ़ सकती थीं। इनमें से एक था मीडिया इंडस्ट्री और दूसरा मेरे बचपन का सपना पायलट बनना। मैंने बचपन के सपने को अहमियत देते हुए पायलट बनने का फैसला किया, जिसमें परिवार ने भी पूरा साथ दिया।

पायलट बनने के लिए सामने सबसे बड़ी चुनौती थी पैसा। इस दौरान पापा ने मेरे सपने को पूरा करने के लिए 35 लाख का लोन ले लिया।

मैं लाइसेंस लेने के समय काफी खुश थी, क्योंकि उसके बाद मैं ऑफिशिअली प्लेन उड़ा सकती थी, लेकिन लाइसेंस मिलने के बाद मुझे मेरा हक नहीं मिल पाया। उस दौरान एविएशन इंडस्ट्री के लोगों की जॉब जाने लगी, जिससे नौकरी नहीं मिली। अब चिंता थी कि पढ़ाई के लिए लिया गया लोन कैसे चुकाऊंगी। वह समय मेरे लिए बहुत मुश्किल से भरा था क्योंकि इतनी बड़ी रकम का लोन चुकाना और जॉब भी ना मिल पाना बहुत बड़ी समस्या थी। ऐसे में मैं इवेंट मैनेजमेंट की कंपनी में काम कर अपना लोन चुकाने लगी। अक्सर 10-12 घंटे इवेंट में खड़े होकर काम करने के बाद सिर्फ एक हजार रुपया मिलता।

सोशल मीडिया पर 6 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स

स्टाइल और फैशन के लिए भी काफी फेमस हूं। 12वीं पास करने के बाद एक लोकल टीवी न्यूज चैनल के लिए न्यूज रीडिंग का काम भी किया। मैं कॉमन फील्ड में नहीं जाना चाहती। सोशल मीडिया पर फैशन और ब्यूटी कंटेंट को लेकर मेरी अच्छी फैन फॉलोइंग है। इंस्टाग्राम पर करीब 6 लाख फॉलोवर्स हैं।

मुझे पायलट की यूनिफॉर्म बहुत अट्रैक्टिव लगती है, इसलिए मैं ऐसी जॉब में जाना चाहती थी, जहां मुझे यूनिफॉर्म पहनने का मौका मिले।

पर्सनल लाइफ की बात करें तो मुझे स्टाइलिश और मॉडर्न ड्रेस पहनना ज्यादा पसंद है। मेरा कोई खास डिजाइनर नहीं है, लेकिन मेरा परफेक्ट फैशन सेंस हैं, इसलिए मुझपर हर ड्रेस अच्छी लगती है। मैं हमेशा कलर कॉम्बिनेशन, एसेसरीज, ज्वेलरी मैच करके पहनती हूं, जिससे किसी भी ड्रेस में मैं स्मार्ट लगूं।

फिटनेस फ्रीक हूं

मेरी जॉब में फिटनेस काफी अहमियत रखती हैं। ऐसे में कभी जिम जाने का समय नहीं मिलता तो मैं घर पर ही एक्सरसाइज करती हूं। ड्यूटी के दौरान घर या पर्सनल सारी परेशानियों को छोड़कर माइंड बिल्कुल फ्रेश रखना पड़ता है। हर साल मेडिकल टेस्ट होता है, जिसमें फिजिकल फिट होना काफी जरुरी होता है। जिम जाने के साथ डाइट का भी खास ख्याल रखती हूं। डाइट में हेल्दी फूड्स और सलाद और प्रोटीन फूड भी लेती हूं और आसमान में अपना सपना जीती हूं।

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