हिन्दुस्तान मेल, इंदौर। निगम में पदस्थ कर्मचारी ने निगमायुक्त हर्षिका सिंह की कार के आगे नीबू फेंक दिया। इसका वीडियो वायरल होने के बाद आयुक्त ने उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए संयोगितागंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है। घटना तीन दिन पहले की है। वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। कर्मचारी कई वर्षों से पदस्थ है। वह महापौर पुष्यमित्र भार्गव का ओएसडी भी रहा है। मामले में निगम कर्मचारी निखिल कुलमी को निगम कंट्रोल रूम में अटैच कर दिया है। निगमायुक्त हर्षिका सिंह की कार के सामने नींबू काटकर टोटका करने का मामला गरमा गया है। जानकारी के अनुसार 16 अक्टूबर को निगमायुक्त अपने कार्यालय एआईसीटीएसएल में निर्वाचन संबंधी बैठक ले रही थीं, तभी उनकी कार के सामने कर्मचारी निखिल कुलमी ने कटा हुआ नींबू फेंक दिया। कर्मचारी की यह हरकत गार्ड ने देखकर कार चालक को बताई। कार चालक ने आयुक्त मैडम को पूरा मामला बताया। आयुक्त ने कर्मचारी की इस हरकत को नगरीय प्रशासन विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को बताई। फिर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
आजम खान के परिवार के खिलाफ दो जन्म प्रमाण पत्र का मामला भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की ओर से गंज कोतवाली में तीन जनवरी 2019 को दर्ज कराया गया था। आरोप लगाए गए थे कि आजम ने बेटे के अलग-अलग जन्मतिथि से दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाए हैं। इसमें एक जन्म प्रमाण पत्र रामपुर नगर पालिका से बना है जबकि दूसरा लखनऊ से बना है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान, उनके बेटे और अब्दुल्ला और पत्नी को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। रामपुर (एमपी-एमएलए) कोर्ट ने बुधवार को ऐतिहासिक आदेश सुनाते हुए आजम खान, उनकी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाई है। आइए जानते हैं आजम और उनके परिवार को क्यों सजा सुनाई गई, क्या है पूरा मामला?
आजम खान के परिवार के खिलाफ दो जन्म प्रमाण पत्र का मामला भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की ओर से गंज कोतवाली में तीन जनवरी 2019 को दर्ज कराया गया था।
आरोप लगाए गए थे कि आजम ने बेटे के अलग-अलग जन्मतिथि से दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाए हैं। इसमें एक जन्म प्रमाण पत्र रामपुर नगर पालिका से बना है, जबकि दूसरा लखनऊ से बना है।
इस मुकदमे में आजम खान के अलावा उनके बेटे अब्दुल्ला और पत्नी पूर्व सांसद डॉ. तंजीम फातिमा भी नामजद थीं।
मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही थी। दोनों ओर से गवाही पूरी होने के बाद अदालत ने इस मामले में 18 अक्टूबर फैसले के लिए नियत की थी।
इससे बचने के लिए आजम खान सुप्रीम कोर्ट भी गए थे, जहां उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से मुकदमा ट्रांसफर अर्जी दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट में उनकी अर्जी खारिज कर दी थी।
पूर्व डीजीसी-क्राइम अरुण सक्सेना ने जानकारी देते हुए बताया, ”अदालत ने आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दोषी ठहराते हुए तीनों को सात साल की सजा सुनाई है और 15,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है।”
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन इजरायल के यात्रा पर पहुंचे. पीएम नेतन्याहू ने खुद उनका एयरपोर्ट पर स्वागत किया. जो बाइडेन जिस समय इजरायल गए हैं उस समय वह हमास से बीते कई दिनों से युद्ध लड़ रहा है….
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन बुधवार को इजरायल पहुंचे. उनके स्वागत के लिए इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू बेन गुरियन एयरपोर्ट पर पहले से ही मौजूद थे. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ऐसे समय पर इजरायल गए हैं जब हमास और इजरायल बीते कई दिनों से एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं. बीते कई दिनों से चल रहे युद्ध में अभी तक चार हजार से ज्यादा लोगों के मारे जानें की खबर है और 10 हजार से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति का इजरायल का यह दौरा बेहद खास माना जा रहा है.
बाइडेन ने आगे कहा कि हमास ने ऐसे अत्याचार किए हैं, जिससे कि अब ISIS भी कुछ हद तक तर्कसंगत लगने लगा है. हमें यह भी ध्यान में रखना होगा कि हमास सभी फ़िलिस्तीनी लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है, और हमास की वजह से ही आम फिलिस्तीनियों को परेशानी हुई है.
बता दें कि इजरायल और हमास के बीच बीते 12 दिनों से युद्ध जारी है. इस बीच मंगलवार की रात को गाजा के अस्पताल पर बड़ा हमला हुआ है. अस्पताल में हुए हमले में अभी तक करीब 500 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है. मरने वालों में मरीज और बच्चे भी शामिल हैं. इस हमले को लेकर अब विभिन्न देशों की तरफ से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. अमेरिका और कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने इस हमले को गलत बताया है.
इस हमले को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति ने सुबह एक्स पर एक पोस्ट भी किया. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि मैं गाजा के अल अहली अरब अस्पताल में हुए विस्फोट और उसके परिणामस्वरूप हुई जानमाल की भयानक क्षति से खासा दुखी हूं. यह समाचार सुनते ही, मैंने जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय और इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात की और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम को इस बारे में जानकारी जुटाने को कहा है ताकि पता चल सके कि आखिर ये हुआ कैसे है.
अमेरिका संघर्ष के दौरान नागरिकों के जीवन की सुरक्षा के लिए स्पष्ट रूप से खड़ा है और हम इस त्रासदी में मारे गए या घायल हुए मरीजों, चिकित्सा कर्मचारियों और अन्य निर्दोष लोगों के लिए शोक व्यक्त करते हैं.
प्रतिभा किसी एप्रोच की मोहताज नहीं होती, न ही उसे किसी के आगे झोली फैलाना पड़ती है। उसका आत्मविश्वास ही उसे ‘सोना’ बनाता है। उसकी सकारात्मक सोच ही उसे ‘जोहरी’ बनाती है… ऐसी ही आत्मविश्वास से भरी है हमारे शहर की बेटी, जिसके सर पर ‘ताज’ शोभायमान हो रहा है। इसकी वजह से हमारे शहर का नाम एक और उपलब्धि में जुड़ गया है। प्रतियोगिता से पहले ये हमारे ‘हिन्दुस्तान मेल’ परिवार के बीच भी आ चुकी हैं, जिन्हें इस ‘ताज’ के लिए हम पहले अग्रिम ही बधाई भी दे चुके थे। जी हां, हम बात कर रहे हैं बेटी प्रिया की। प्रिया का कहना है हमारा इंदौर केवल स्वच्छता और सुंदरता के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यहां ऐसी कई खूबियां हैं, जिनके कारण देश-विदेश में शहर की अलग पहचान है। इस शहर में हुनर को तराशने की काबिलियत है। इसी सकारात्मकता का प्रमाण है कि मैं मिसेस पॉजिटिव यूनिवर्स का ताज प्राप्त कर सकी। प्रिया अपनी उपलब्धि के बारे में बताती हैं कि यह खिताब उन्हें सकारात्मक रवैये के कारण मिला। जिस दिन यह ताज मुझे पहनाया गया, उसके एक रात पहले आयोजन समिति के कुछ सदस्य मेरे पास आए और मुझे बताया कि निर्णायकों ने मुझे कम अंक दिए हैं। इस पर मैंने उन्हें आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक उत्तर दिया। मुझे बाद में पता चला कि यह उनकी सकारात्मकता मापने की प्रक्रिया थी, जिसके आधार पर मुझे यह ताज मिला। अब तक यह आयोजन फिलिपिंस में होता आया है, किंतु 46 वर्ष में पहली बार ताज इंदौर के हिस्से आया। यही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर का ब्यूटी कान्टेस्ट भी अब इंदौर में भी होने जा रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जांच एजेंसियों ईडी-सीबीआई से पूछा कि दिल्ली शराब नीति केस में मनीष सिसोदिया पर आरोप कब तय होंगे। आप उन्हें अनिश्चितकाल के लिए हिरासत में नहीं रख सकते। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। बेंच ने जांच एजेंसियों की तरफ से पेश एडीशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से पूछा- एक बार किसी केस में चार्जशीट दायर हो जाने के बाद, आरोपों पर बहस तुरंत शुरू होनी चाहिए। निचली अदालत में सिसोदिया के खिलाफ आरोपों पर बहस कब शुरू होगी। एएसजी राजू ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सिसोदिया के खिलाफ केस सीआरपीसी की धारा 207 (आरोपी को दस्तावेजों की आपूर्ति) के फेज में है। उसके बाद आरोप पर बहस शुरू होगी। इस पर जस्टिस खन्ना ने पूछा, आरोप पर बहस अभी तक क्यों शुरू नहीं हुई है और कब शुरू होगी? हमें मंगलवार तक बताएं। सिसोदिया की जमानत पर सुनवाई आज फिर होगी।