Hindustanmailnews

Author name: Hindustanmailnews

1 माह बाद भी मौत के कारणों……..

देवेन्द्र वाघमारे, हिन्दुस्तान मेल
इंदौर। एक पिता के लिए उसका बेटा पूरी दुनिया होती है। जब बेटा किशोर हो जाता है, तो वह उसकी बुढ़ापे की लाठी बन जाता है, लेकिन कुछ डॉक्टरों की लापरवाही ने एक पिता से उसकी पूरी दुनिया छीन ली। न्याय की आस में वह पिता एक महीने से इंदौर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीएमएचओ बीएस सैत्या और मंत्रियों के पास जा रहा है, ताकि दोषियों को सजा मिले और उसके बेटे की मौत की जांच हो, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया था, लेकिन अब उस पिता को आशा की किरण नजर आई है, इंदौर के संभागायुक्त मालसिंह भयड़िया से। संभागायुक्त ने उस पिता को विश्वास दिलाया है कि दोषियों पर कार्रवाई अवश्य की जाएगी।

दरअसल रिंकू सेन को 29 मई को खबर मिली कि उनका बेटा अमित सेन बाइक से गिर गया है और उसका पैर फ्रैक्चर हो गया है, जिसके बाद रिंकू सेन, अमित को लेकर एलआईजी चौराहे पर डॉ. एसके यादव के पास ले गए, जहां उन्होंने प्राथमिक उपचार किया और आॅपरेशन की सलाह दी। उसके बाद रिंकू सेन अपने परिचित डॉ. देवेंद्र भार्गव की सलाह अनुसार अपने बेटे को डॉ. भार्गव के निजी अस्पताल राजश्री नर्सिंग होम ले गए, जहां डॉ. कुशबंदी ने बेटे का चेकअप कर 4:30 बजे आॅपरेशन को कहा। आॅपरेशन थिएटर में खुशबू चौहान ने अमित को एनेस्थीसिया दिया। लगभग 1 घंटे बाद आॅपरेशन थिएटर से अमित के चीखने की आवाज आई। तब अमित की मां ने अंदर जाने की कोशिश की, जिस पर उसे अस्पताल स्टाफ द्वारा रोक दिया गया। थोड़ी देर बाद डॉ. देवेंद्र भार्गव ने रिंकू सेन से कहा कि उनके बेटे की हृदय गति कम-ज्यादा हो रही है, इसलिए उसे राजश्री अपोलो अस्पताल ले जाना पड़ेगा। जब बेटे को एंबुलेंस से ले जाया जा रहा था, तब रिंकू सेन ने देखा कि उसके मुंह से खून भी आ रहा था और उसकी धड़कन भी नहीं चल रही थी। रात को 8:20 पर डॉ. देवेंद्र भार्गव ने अमित को मृत घोषित कर दिया।
अधिकारी से मंत्री तक गुहार- अपने बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए रिंकू सेन अधिकारियों और मंत्रियों के पास भी गए, जहां से उन्हें कार्रवाई का केवल आश्वासन ही मिला। रिंकू सेन ने दर-दर भटकने के बाद जब इंसाफ की उम्मीद छोड़ दी थी, तब रिंकू सेन ने इंदौर के संभाग आयुक्त मालसिंह भयड़िया से मिले और रिंकू सेन के अपने बेटे की मौत की पूरी बात बताई और इस घटना को सुनकर संभाग आयुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस पर जांच बैठाई जाएगी और दोषी पर कार्रवाई अवश्य की जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद अब रिंकू सेन को पूरा यकीन है कि उनके बेटे को न्याय जरूर मिलेगा और दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।
दोषी के खिलाफ करेंगे कार्रवाई
एक पीड़ित पिता, जिसके बच्चे के इलाज के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से उसकी मौत हो गई, इस पर जांच की जा रही है। इसमें जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
-मालसिंह भयड़िया, संभागायुक्त इंदौर

1 माह बाद भी मौत के कारणों…….. Read More »

चुनावी ट्रेनिंग से अनुपस्थित रहने पर होगी कार्रवाई784 कर्मचारी गैर हाजिर केवल 125 ने बताई वजह

भोपाल में 4 दिन चली चुनावी ट्रेनिंग से कुल 784 अधिकारी-कर्मचारी गायब रहे। ऐसे कर्मचारियों की लिस्ट कलेक्टर आशीष सिंह ने बुलाई है। गायब रहने वाले कर्मचारियों को पहले नोटिस दिए जाएंगे, फिर सस्पेंड करने की कार्रवाई हो सकती है। दिलचस्प ये है कि सिर्फ 125 कर्मचारियों ने ही गैर हाजिर होने की वजह बताई है। विधानसभा चुनाव के लिए ईवीएम की प्रक्रिया सिखाने के लिए भोपाल के 7 सेंटरों पर 12, 13, 16 और 17 अक्टूबर को ट्रेनिंग रखी गई थी।
इसके लिए कुल 17 हजार 742 अधिकारी-कर्मचारियों को सिलेक्शन किया गया था, लेकिन कुल 784 कर्मचारियों ने ट्रेनिंग में दिलचस्पी नहीं दिखाई और वे सेंटरों पर मौजूद ही नहीं रहे। चुनाव की ट्रेनिंग के दौरान कर्मचारियों को मतदान करने और दूसरों को इसके लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई गई थी।

चुनावी ट्रेनिंग से अनुपस्थित रहने पर होगी कार्रवाई784 कर्मचारी गैर हाजिर केवल 125 ने बताई वजह Read More »

नाम का नहीं काम का भी चुनाव आयोग

इस बार विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों को अपना हर कदम फूंक-फूंक कर रखना पड़ेगा। उम्मीदवारों की थोड़ी सी गलती उनके चुनाव लड़ने पर ग्रहण लगा सकती है। इस क्रम में चुनावी खर्च को भी ध्यान रखना होगा। चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के लिए चुनाव में खर्च करने की सीमा तय की है। अभी तक उम्मीदवार वोट के लिए बेतहाशा खर्च करते रहे हैं। खर्च की लंबी-चौड़ी लिस्ट सामने आती रही है। बीते कई चुनावों में ये राशि लाखों-करोड़ों में रही है, लेकिन अब बेतहाशा खर्च करने पर उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव आयोग सख्त कार्रवाई करेगा। आयोग के मुताबिक कोई भी नेता चुनाव में 40 लाख रुपये से ज्यादा खर्च नहीं कर सकता है। उन्हें चुनाव के दौरान हुए खर्च के पाई-पाई का हिसाब देना होगा। चुनाव आयोग ने खाने-पीने, टेंट, मिठाई, ग्राफिक्स, प्रिंटिंग, इलेक्ट्रिक सामान समेत अन्य सामान के रेट तय कर दिए हैं।

नाम का नहीं काम का भी चुनाव आयोग Read More »

गाली / बेपटरी……..

शिवराज ने कमलनाथ से पूछा- धन्य है कांग्रेस, ऐसा काम ही क्यों करते हैं, जिससे गाली खाना पड़े। कांग्रेस और उसके नेता अद्भुत हैं, जो गालियां खाने की भी पॉवर आॅफ अटॉर्नी देते हैं। कमलनाथ ने खुद खुलासा किया है कि गालियां खाने की पॉवर आॅफ अटॉर्नी उन्होंने खुद दिग्विजय सिंह को दे रखी हैै। मैं कमलनाथ से पूछना चाहता हूं कि ऐसा काम ही क्यों करते हैं, जिससे गाली खाना पड़े? और जैसे गालियां खाने की पॉवर आॅफ अटॉर्नी दूसरे को दी है, वैसे ही इन्होंने अपनी सरकार चलाने की पॉवर आॅफ अटॉर्नी दिग्विजय सिंह को दे दी थी। सिर्फ बंटाढार। उस समय दिग्विजय ने जो सरकार चलाई और जनता की जो दुर्गति हुई, वो सबको पता है। धन्य है कांग्रेस और उसके नेता, जो गाली खाने की पॉवर आॅफ अटॉर्नी देते हैं।

गाली / बेपटरी…….. Read More »

आजम खान, पत्नी और बेटे को 7-7 साल की सजा

रामपुर। अब्दुल्ला के फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट मामले में सपा नेता आजम खान, पत्नी तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला को 7-7 साल की सजा सुनाई है। अब्दुल्ला के दो बर्थ सर्टिफिकेट मामले में आजम फैमिली को रामपुर की स्पेशल टढ/टछअ कोर्ट ने बुधवार को दोषी करार दिया। अभी तक यह तीनों इस मामले में जमानत पर थे। कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद जमानत पत्र जब्त कर लिए हैं। तीनों को कोर्ट में ही हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की गाड़ी से तीनों को रामपुर जेल लाया गया। जेल जाने से पहले आजम ने कहा, इंसाफ और फैसले में फर्क होता है। आज फैसला हुआ है। हम लोग फैसले के खिलाफ जाने के लिए विचार करेंगे। हमारे वकील लोग विचार करेंगे। इस फैसले के बारे में कल से पूरे शहर को मालूम था कि कितनी सजा होनी है। हम लोगों को आज पता चला है।

आजम खान, पत्नी और बेटे को 7-7 साल की सजा Read More »

Scroll to Top
Verified by MonsterInsights