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Uttarkashi Tunnel Rescue Live: रेस्क्यू ऑपरेशन में अभी लग रहा थोड़ा समय, अलग से डाला जा रहा है लाइफ लाइन पाइप 

Uttarkashi (Uttarakhand) Tunnel Collapse Rescue Operation News Live:दिवाली के दिन से उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सुरंग में कैद 41 श्रमिक कभी भी बाहर निकाले जा सकते हैं। सुरंग के अंदर मेडिकल की टीम पहुंच गई है। मजदूरों के परिजनों को भी सुरंग के पास बुलाया है। परिजन मजदूरों के साथ अस्पताल जाएंगे। 

रेस्क्यू ऑपरेशन में अभी थोड़ा समय, डाला जा रहा लाइफ लाइन पाइप

रेस्क्यू ऑपरेशन में अभी थोड़ा समय लग रहा है, बताया जा रहा है कि एक लाइफ लाइन पाइप अलग से डाला जा रहा है। केंद्रीय राज्य मंत्री रिटायर्ड जनरल वीके सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सुरंग में ही मौजूद हैं।

बीएसएनएल की लैंडलाइन से अंदर फंसे मजदूर परिजनों से कर पा रहे बात

सुरंग के भीतर बीते 16 दिन से फंसे मजदूरों को बाहरी दुनिया की मुश्किलों की जानकारी नहीं दी गई थी। उनका हर वक्त हौसला बढ़ाया जाता रहा, जिससे वह परेशानी महसूस न करें। वह मोबाइल पर गाने सुनते थे। बीएसएनएल के लैंडलाइन फोन से परिजनों से बातचीत भी कर पा रहे थे।

जिला अस्पताल से लेकर साइट तक बेड तैयार: एनडीएमए सदस्य

एनडीएमए सदस्य ने कहा कि जिला अस्पताल में 30 बेड की व्यवस्था की गई है और 10 बेड का इंतेजाम साइट पर ही किया गया है। चिनूक रात में उड़ान भर सकता है, लेकिन मौसम इसके लिए अनुकूल नहीं प्रतीत हो रहा है और फिलहाल इसकी आवश्यकता प्रतीत नहीं हो रही है। इमरजेंसी में एम्बुलेंस से श्रमिकों को ऋषिकेश एम्स ले जाया जा सकता है।

58 मीटर तक जाना अभूतपूर्व उपलब्धि: एनडीएमए सदस्य

एनडीएमए के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने कहा, रातभर काम किया गया है, हमारी टीम बहुत ही मुश्किल काम कर रही है। 58 मीटर तक जाना ये अभूतपूर्व उपलब्धि है। हम कह सकते हैं कि हम आर-पार हो गए हैं, सभी एहतियात बरते गए हैं।

अभी दो मीटर खोदाई बची है: एनडीएमए के सदस्य

एनडीएमए के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने कहा कि हम कामयाबी के करीब हैं। अभी 2 मीटर की खोदाई बची है। अभी मैनुअल काम चल रहा है। हम 58 मीटर खोदाई कर चुके हैं। अंदर फंसे मजदूरों ने कहा है कि वे काम होने की आवाजें सुन सकते हैं। 

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पनौती वाले बयान परबरसे सीएम शिवराजभारत की हार पर खुश होने वाले राहुल गांधी राष्ट्रीय शर्म………..

वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पनौती वाले बयान को लेकर सियासत गर्मा गई है। पूरी भाजपा राहुल के इस बयान को लेकर उन पर निशाना साध रही है और अब इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है। सीएम चौहान राजस्थान में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे, इसी दौरान जयपुर में बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।
सीएम शिवराज ने कहा कि राहुल-प्रियंका लगातार झूठ बोल रहे हैं। पीएम नरेन्द्र मोदी को लेकर दिए गए राहुल गांधी के पनौती वाले बयान को लेकर शिवराज ने कहा कि राहुल का ये बयान बेहद शर्मनाक है। राहुल गांधी की मति मारी गई है। वे भारत की हार पर खुश हो रहे हैं। इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को राष्ट्रीय शर्म तक करार दिया। शिवराज यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि राहुल-प्रियंका ने मध्यप्रदेश में भी चुनाव प्रचार के दौरान लगातार झूठ बोला। प्रियंका कहती रहीं कि 18 साल में 21 लोगो को भी नौकरी नहीं दी जबकि 50 हजार लोगों को नियुक्ति पत्र खुद मैंने अपने हाथों से सौंपे हैं।
राजस्थान की गहलोत सरकार
भ्रष्टाचार में नंबर वन
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस दौरान राजस्थान की गहलोत सरकार पर भी निशाना साधा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राजस्थान की गहलोत सरकार भ्रष्टाचार में नंबर वन पर हैं। जलजीवन मिशन घर-घर जल पहुंचाने के लिए जलजीवन घोटाला राजस्थान में हुआ। राजस्थान में किसानों का कर्जा माफ नहीं हुआ। माताओं-बहनों के सम्मान से खिलवाड़ हुआ। हिंदू त्योहारों पर धारा 144 लगाते हैं। राजस्थान विकास की दौड़ में पिछड़ गया है। राजस्थान और मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने किसानों से कर्जमाफी का वादा किया, जिसके कारण राजस्थान में 19,422 किसानों की जमीनें नीलाम हो गई है।

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चुनाव के ठीक पहले विधायक निधि के 427.04, स्वेच्छानुदान के 171.08 करोड़ रुपए खर्च

हिन्दुस्तान मेल, भोपाल
नई विधानसभा के गठन के बाद शपथ लेने वाले विधायकों को फंड की कमी से जूझना पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि चुनाव के पहले विधायकों को मिलने वाली निधि का बड़ा हिस्सा खर्च कर दिया गया है। विधायक निधि के 427.04 करोड़ रुपए और स्वेच्छानुदान निधि के 171.08 करोड़ रुपए आचार संहिता लागू होने के पहले खर्च हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में शेष राशि में से एक विधायक को औसतन 65.41 लाख रुपए विकास कार्य कराने और 61629 रुपए व्यक्तिगत मदद के लिए स्वेच्छानुदान मद से देने के लिए मिलेंगे। इस बीच खर्च की गई राशि की पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि कई जिलों में विधायकों ने विधायक निधि और विधायक स्वेच्छानुदान निधि की पूरी राशि ही खर्च कर दी है।

कई जिलों में खत्म हो गई राशि
सिवनी जिले के चारों विधायकों ने विधायक स्वेच्छानुदान के रूप में मिलने वाले 75-75 लाख रुपए पूरी तरह से खर्च कर दिए हैं। यानी यहां नए विधायकों के लिए अब स्वेच्छानुदान के लिए एक भी रुपया शेष है। वहीं विधायक निधि की राशि में केवलारी विधानसभा में 20 लाख और बरघाट में 14 लाख रुपए बचे हैं। सिवनी से भाजपा के दिनेश राय मुनमुन, लखनादौन से कांग्रेस के योगेंद्र सिंह बाबा, केवलारी से बीजेपी के राकेश पाल सिंह और बरघाट से कांग्रेस के अर्जुन काकोड़िया विधायक हैं। ऐसी ही स्थिति प्रदेश के अन्य जिलों में भी है। चित्रकूट, मैहर, नागौद, सतना, रामपुर बघेलान, अमरपाटन, रैगांव विधानसभा के विधायकों ने पूरी राशि आचार संहिता लागू होने के पहले खर्च कर दी है। अफसरों के मुताबिक 9 अक्टूबर को लागू हुई आचार संहिता की अवधि तक विधायकों के विधायक निधि और स्वेच्छानुदान की मंजूरी के जो आंकड़े सामने आए हैं, उसके अनुसार विधायक निधि के 150.45 करोड़ रुपए शेष बचे हैं और अगर वर्तमान विधायक ने राशि छोड़ी है तो एक विधायक को औसतन 65.41 लाख रुपए मिलेंगे। इसी तरह स्वेच्छानुदान निधि में 1.41 करोड़ रुपए बचे हैं और एक विधायक के पास स्वेच्छानुदान के लिए 31 मार्च 2024 तक की अवधि में औसतन 61629 रुपए ही बचेंगे।

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जनप्रतिनिधि ले रहे ओपीएसविरोध : अफसर-कर्मचारियों के लिए नई स्कीम

हिन्दुस्तान मेल, भोपाल
ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) के मसले ने अब धीरे-धीरे जोर पकड़ लिया है। मप्र में भी इसकी मांग की ही जा रही है। रेलवे के कर्मचारियों ने भी मोर्चा खोल दिया है। दूसरी तरफ जिन माननीयों को इस पर निर्णय लेना है, वे खुद पुरानी पेंशन प्रणाली यानी ओपीएस का फायदा ले रहे हैं। पूर्व सांसदों और विधायकों को इस समय 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक औसतन पेंशन मिल रही है, जबकि 2004-05 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों व अधिकारियों को एनपीएस (न्यू पेंशन स्कीम) में जाना पड़ रहा है। विधायकों का मासिक वेतन भत्तों के साथ 1.10 लाख रुपए है। मंत्रियों का वेतन दो लाख रुपए तक जाता है।
हर बार विधायक-सांसद बनने पर बढ़ती है पेंशन- एक साथ 3 पेंशन भी। विधानसभा में यह नियम भी है कि कोई नेता जो कभी विधायक रहा, सांसद रहा या राजनीति में आने से पहले सरकारी मुलाजिम था, वह तीनों की पेंशन एक साथ ले सकता है। यदि कोई एक बार सांसद बन गया तो 25 हजार और विधायक बन गया तो 20 हजार रुपए पेंशन का हकदार हो जाता है। राज्यसभा सदस्य बने तो 6 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद 27 हजार रुपए से पेंशन की शुरुआत होती है। हर साल इसमें कम से कम 500 रुपए का इजाफा होता है।
यह दोहरापन है : पूर्व मुख्य सचिव
मप्र के पूर्व मुख्य सचिव केएस शर्मा का कहना है कि ओपीएस की तुलना में एनपीएस में बहुत छोटी राशि पेंशन के रूप में मिलती है। जो कर्मचारी 35 से 40 साल सेवा देगा, उसे एनपीएस में और जो सिर्फ पांच साल विधायक या सांसद रहते हैं तो उन्हें पुरानी पेंशन व्यवस्था से पैसा मिले, यह दोहरापन है। इसे अनुचित भी कहा जाएगा। हर हालत में कर्मचारियों को भी ओपीएस में लाना चाहिए।
पूर्व सांसदों का वेतन बंद नहीं हुआ- महाराष्ट्र में कांग्रेस सांसद रहे बालू धानोरकर ने वित्तमंत्री सीतारमण से मांग की थी कि ऐसे पूर्व सांसदों की पेंशन बंद कर दी जाए जो आर्थिक रूप से संपन्न हैं। पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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आईसीसी वनडे रैंकिंग : टॉप-4 में तीन भारतीय

विश्व कप के समापन के बाद आईसीसी ने पहली वनडे रैंकिंग जारी कर दी है। इसमें भारत के खिलाड़ियों को जबरदस्त फायदा हुआ। टीम इंडिया के तीन बल्लेबाज शीर्ष चार में शामिल हैं। भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली शीर्ष पर पहुंचने के करीब आ गए हैं। वहीं, रोहित शर्मा ने चौथे स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। पहले स्थान पर टीम इंडिया के ओपनर शुभमन गिल और दूसरे पर पाकिस्तान के बल्लेबाज बाबर आजम हैं। वहीं, तीसरे पर कोहली हैं।
कोहली ने विश्व कप में 765 रन बनाए थे। इससे उन्हें एक स्थान का फायदा हुआ। वह अब शीर्ष पर काबिज शुभमन से सिर्फ 35 रेटिंग पॉइंट पीछे हैं। गिल के 826 रेटिंग पॉइंट हैं। उन्हें बाबर आजम के ऊपर मामूली बढ़त मिली हुई है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान के खाते में 824 रेटिंग पॉइंट हैं। कोहली के 791 और रोहित शर्मा के 769 रेटिंग पॉइंट हैं। कोहली ने विश्व कप में तीन शतक लगाए। उन्होंने वनडे में सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा 49 शतकों के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। वहीं, रोहित शर्मा ने टूर्नामेंट में टीम के लिए 597 रन बनाए। शुभमन गिल ने 354 और बाबर आजम ने 320 रन बनाए। पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच पाई थी।
वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में सबसे बड़ा फायदा ट्रेविस हेड का हुआ। उन्होंने विश्व कप फाइनल में शतक लगाया था। वह 28 स्थानों की छलांग लगाकर 15वें स्थान पर पहुंच गए हैं।
केशव महाराज काबिज हैं
पहले स्थान पर
गेंदबाजों की रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर केशव महाराज शीर्ष पर बने हुए हैं। आॅस्ट्रेलिया के कई खिलाड़ियों ने अपने सफल विश्व कप अभियान के बाद कुछ अच्छी स्थिति बनाई है। अनुभवी तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड चार पायदान ऊपर चढ़कर दूसरे स्थान पर, उनके साथी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क आठ पायदान ऊपर चढ़कर 12वें स्थान पर हैं, जबकि कप्तान पैट कमिंस सात पायदान ऊपर चढ़कर 27वें स्थान पर आ गए हैं।
कुलदीप यादव को हुआ नुकसान
मोहम्मद सिराज तीसरे और जसप्रीत बुमराह चौथे स्थान पर काबिज हैं। वहीं, उनके साथी कुलदीप यादव एक स्थान गिरकर छठे स्थान पर आ गए हैं। विश्व कप के समापन पर आॅलराउंडरों की वनडे रैंकिंग के शीर्ष 10 में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। बांग्लादेश के अनुभवी शाकिब अल हसन शीर्ष पर अच्छी बढ़त बनाए हुए हैं। न्यूजीलैंड के मिचेल सेंटनर दो स्थान गिरकर सातवें स्थान पर और बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज दो स्थान ऊपर चढ़कर नौवें स्थान पर पहुंच गए।

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