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फिनिक्स पक्षी : नए बंगले में पहुंचते ही शिवराज ने शुरू कर दिया जनता दरबार

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने गुरुवार को अपने नए आवास पर जनता दरबार लगाया, जिसमें एक महिला बुधनी में रेत माफिया और एसडीएम के दुर्व्यवहार की शिकायत लेकर पहुंची। एक अन्य महिला ने लाड़ली बहना की राशि नहीं मिलने की भी शिकायत की।
शिवराजसिंह चौहान एक दिन पहले बुधवार को ही नए आवास इ-8, 74 बंगले पर शिफ्ट हुए हैं। उन्होंने कहा था कि वे रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बंगले पर आम लोगों से मुलाकात करेंगे। गुरुवार को पहले दिन जनता दरबार में 300 से ज्यादा लोग पहुंचे। इनमें बीजेपी कार्यकर्ता और स्कूली बच्चे शामिल थे।
महिला बोली- गांव में रेत माफिया
की मनमानी चल रही
शिवराज के जनता दरबार में उनके गांव जैत से दो किलोमीटर दूर नारायणपुर से महिला किसान रामेती बाई भी पहुंची। रामेती ने बताया- गांव में रेत माफिया की मनमानी चल रही है। वे हमारी जमीनों से डंपर निकालते हैं। खेत तो खराब हो ही रहा है, धूल के कारण आसपास की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। रामेती बाई ने कहा कि घाट पर जाने के लिए अलग रास्ता है, लेकिन रेत माफिया 10 किलोमीटर का फेर बचाने के लिए खेतों को खराब कर रहे हैं। महिला के साथ आए अभिलेष पटेल ने कहा- प्रशासनिक अधिकारी रेत माफिया की मदद करते हैं। वे किसानों को धमकी देते हैं कि अगर काम में बाधा डाली तो अच्छा नहीं होगा। रामेती के अलावा 7 से 8 किसान और हैं, जिनके खेतों में से रेत माफिया डंपर निकालते हैं।

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मंत्रियों के विभागों की सूची लेने दिल्ली गए मुख्यमंत्री

हिन्दुस्तान मेल, भोपाल। मध्यप्रदेश में आज मंत्रियों को विभागों का बंटवारा हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली दौरे पर हैं। वे यहां बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर विभाग बंटवारे पर फाइनल चर्चा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री गुरुवार रात करीब सवा 9 बजे प्राइवेट विमान से दिल्ली के लिए रवाना हुए। दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से उनके घर पहुंचकर मुलाकात की। ये मुलाकात करीब आधे घंटे तक चली। सीएम शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे के बाद दिल्ली से वापस लौटेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि उनके भोपाल लौटने के बाद कभी भी मंत्रियों को विभाग बंटवारे का ऐलान हो सकता है।

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ट्रॉयल रन ट्रेन की चपेट में 2 छात्राओं की मौत

इंदौर-देवास रेलवे लाइन पर रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएसआर) के दौरे के बाद ट्रैक पर हादसा हो गया। सीआरएस स्पेशल ट्रेन से दो स्टूडेंट्स की मौत हो गई। जिस ट्रैक पर घटना हुई है, वहां पर ट्रेन का पहली बार ट्रॉयल रन था। इसी ट्रैक से तीन स्टूडेंट्स बबली, राधिका और साधना सेटेलाइट जंक्शन कॉलोनी स्थित अचीवर कोचिंग क्लास से अपने घर वापस लौट रही थी।
घटना की जानकारी लगते ही मौके पर रेलवे के अधिकारी और लसूड़िया थाने के पुलिस अधिकारी पहुंचे। घटना की जानकारी कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को दी। इसके बाद केंद्रीय रेल मंत्री ने डीआरएम को जांच के आदेश दिए। इधर, हादसे की जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। जिस ट्रैक पर हादसा हुआ, उसकी स्पीड टेस्ट की ओके रिपोर्ट भी आ गई है। ट्रैक पर ट्रैफिक शुरू हो चुका है। रिपोर्ट आने के बाद गुरुवार रात 11 बजे इसी ट्रैक से पहली ट्रेन शांति एक्सप्रेस गुजरी। इसके बाद शुक्रवार से ट्रेनों के आने जाने का सिलसिला जारी है। लसूड़िया थाना प्रभारी तारेश सोनी के मुताबिक दोहरीकरण योजना में बरलई से लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन तक नया रेलवे ट्रैक बनाया गया है। इस ट्रैक का काम 14 दिसंबर को पूरा हुआ। इसके बाद ट्रेनों का ब्लॉक ले लिया गया था। ट्रेन बंद होने के कारण इस ट्रैक पर ग्रामीण लोग आने लगे थे। गुरुवार को ट्रॉयल रन की जानकारी कई ग्रामीणों को नहीं थी। पुलिस के मुताबिक जहां हादसा हुआ, वहां से घर दो सौ मीटर की दूरी पर है। मृतका राधिका और बबली के पिता मजदूरी करते हैं। राधिका का एक छोटा भाई 14 साल का है, जबकि बबली तीन बहन व एक भाई है। दोनों घर से आधा किलोमीटर दूर कोचिंग रोज पैदल आती-जाती थीं। तीनों सहेलियां बबली, राधिका और साधना ट्रैक क्रॉस कर रही थीं कि अचानक ट्रेन आ गई। इसकी स्पीड 120 किमी प्रतिघंटा थी। बच्चियों को लगा कि ट्रेन पुराने ट्रैक से निकलेगी, क्योंकि नए ट्रैक पर तो ट्रेन की आवाजाही बंद है और वे नए ट्रैक पर रुक गईं। राधिका आगे निकल चुकी थी। ट्रेन ने दोनों को चपेट में ले लिया।

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40 हजार करोड़ काकोविड घोटाला

बैगलुरु, एजेंसी। कर्नाटक में पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा सरकार के दौरान कोविड स्कैम होने की बात सामने आने के बाद से राजनीति गरमाई हुई है। विजयपुर से बीजेपी विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने कर्नाटक में बीजेपी की सरकार के दौरान 40 हजार करोड़ रुपए के कोविड स्कैम होने का आरोप लगाया है। बसनगौड़ा के इस दावे पर कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने गुरुवार (28 दिसंबर) को कहा कि यदि विधायक पाटिल की मंशा दोषियों को सजा दिलाने की है तो उन्हें स्कैम से जुड़े दस्तावेज जांच आयोग (जस्टिस जॉन माइकल कुन्हा कमेटी) के सामने पेश करना चाहिए, वहीं कर्नाटक की मौजूदा सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी बसनगौड़ा पाटिल यतनाल से घोटाले से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने को कहा है। उन्होंने कर्नाटक के लोगों को ध्यान में रखते हुए और उनकी सुरक्षा के लिए दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाए। भाजपा महासचिव पी. राजीव ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र के नेतृत्व में हुई भाजपा पदाधिकारियों की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई है। कर्नाटक बीजेपी ने कहा कि पार्टी की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 26 दिसंबर को भाजपा विधायक यतनाल ने आरोप लगाया कि येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली पिछली भाजपा सरकार के दौरान कोविड के दौरान 40 हजार करोड़ रुपए का स्कैम किया गया। विधायक ने येदियुरप्पा के बेटे पर भी घोटाले के आरोप लगाए। यतनाल ने कहा कि यदि मुझे पार्टी से निकाला गया तो उन लोगों के नाम सामने लाएंगे, जिन्होंने पैसा लूटा और कई प्रॉपर्टियां बना लीं। उन लोगों ने प्रत्येक कोरोना मरीज के लिए 8 से 10 लाख रुपए का बिल बनाया। पाटिल ने कहा कि उस वक्त हमारी सरकार थी, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि सत्ता में किसकी सरकार थी। चोर तो चोर हैं।

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हर इंदौरी के दिल में है राजवाड़े का सम्मान…विदेशी पर्यटक भी समेटते हैं यादें

इंदौर शहर की आन-बान-शान कहे जाने वाला ऐतिहासिक राजवाड़ा (जिसे देवी अहिल्याबाई होलकर के समय में महलवाड़ा भी कहा जाता था) शहर की सांस्कृतिक, राजनीतिक,सामाजिक एवं व्यावसायिक विरासत का केंद्र रहा है। गौरतलब है कि 80 के दशक में इंदौर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने राजवाड़े के मुख्य द्वार से लगी दीवार के नीचे अंडरग्राउंड पब्लिक टॉयलेट्स बनवाए थे, जिसका उपयोग कुछ सालों तक चलता रहा और इसी कारण लंबे अरसे तक नमी रहने से बांकेबिहारी मंदिर के नजदीक के ऐतिहासिक राजवाड़े का हिस्सा झुक गया था। 80 के दशक के ऐतिहासिक राजवाड़े के चित्र में जहां बांके बिहारी मंदिर के नजदीक अंडरग्राउंड पब्लिक टॉयलेट दिखाई पड़ती है, वहीं इसके सीधे हाथ की तरफ ट्रैफिक चिह्नों का एक विशाल बोर्ड भी दिखाई देता है।
आईएमसी इंदौर, इंदौर स्मार्ट सिटी, इंदौर प्रशासन तथा शहर के वरिष्ठ राजनेताओं एवं बुद्धिजीवियों से निवेदन है कि बांकेबिहारी मंदिर के नजदीक राजवाड़े के सामने लगे डिजिटल बोर्ड को कहीं और शिफ्ट किया जाना चाहिए, जो कि ऐतिहासिक होलकरकालीन राजवाड़े की सुंदरता में बाधा डालता है। इंदौर शहर के नागरिक रोज सुबह देवी अहिल्याबाई होलकर की लगी प्रतिमा के दर्शन करने के बाद अपने दिन की शुरुआत करते हैं।
देवी अहिल्याबाई होलकर में श्रद्धा एवं आस्था तथा ऐतिहासिक राजवाड़े का सम्मान हर इंदौरी के दिल में है। राजवाड़े पर स्थित होलकर वंश के कुल देवता श्री मल्हारी मार्तंड मंदिर की सामने वाली पट्टी पर ऐतिहासिक राजवाड़े चौक पर स्थित शराब की दुकान को भी कहीं और शिफ्ट किया जाना बेहद जरूरी है। हाल ही में राजवाड़े को देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या अत्यधिक वृद्धि हुई है, वहीं बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी इसे निहारने आते हैं, अत: हर इंदौरी का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से निवेदन है कि इस ओर वे ध्यान दें। आज तक हम तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा को इसलिए याद करते हैं और धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने इंदौर शहर की ऐतिहासिक कृष्णपुरा छतरियों पर से अत्यधिक गंदगी एवं गुमटियों को हटवाकर सौंदर्यीकरण एवं विद्युत साज-सज्जा कर इंदौर की जनता को समर्पित किया था। पिछले कई वर्षों से लगातार हम शहर के इस ऐतिहासिक हिस्से पर हेरिटेज वॉक कर रहे हैं और इन हेरिटेज वॉक में सम्मिलित होने वाले शहर के जागरूक नागरिकों ने भी इस ओर ध्यान नहीं देने पर निराशा जताई थी।

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