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इंदौर में आधी रात में हुई तेज बारिश

शहर में मंगलवार देर रात जोरदार बारिश हो गई। हालांकि सर्द हवा के कारण मंगलवार शाम से ही मौसम बदल गया था और सर्दी बढ़ गई थी। हालांकि रात 10 बजे से कोहरा छाने लगा था, लेकिन रात 2 बजे के बाद पूरे शहर में बारिश होने लगी। पहले हल्की बूंदाबांदी हुई और इसके बाद जोरदार बारिश होती रही। शहर के अलग-अलग इलाकों में रुक-रुककर सुबह तक बारिश होती रही। इससे तापमान में एकाएक गिरावट आ गई।
नए साल की शुरुआत से ही प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। सर्द हवा चल रही है तो घना कोहरा भी है। मंगलवार को भी सर्द हवा चलती रही। इससे दिन के तापमान में 1 से 3 डिग्री तक की गिरावट हुई है। इंदौर में सोमवार सुबह तक दृश्यता 3 हजार मीटर थी, वह रात से मंगलवार सुबह 6 बजे तक घटकर 1 हजार मीटर ही रह गई। उत्तर-पूर्वी हवा ने कंपकंपी वाला माहौल बना दिया। मौसम वैज्ञानिक अशफाक हुसैन ने बताया कि नमी ज्यादा थी। उत्तर से ठंडी हवा आई, इसलिए दिन भी सर्द रहे। एक-दो दिन कोहरा और छा सकता है। उसके बाद प्रदेश के कई इलाकों में बादल और कहीं बूंदाबांदी व हलकी बारिश के आसार हैं। मंगलवार को न्यूनतम तापमान- 15.3 डिग्री रहा। हालांकि यह सामान्य से 6 डिग्री ज्यादा था, वहीं अधिकतम 26.9 डिग्री रहा, जो सामान्य 1 डिग्री अधिक था।

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फिर जल उठा मणिपुर, थौबल में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या

मणिपुर में नए साल के पहले ही दिन एक बार फिर हिंसा हुई। यहां थौबल के लेंगोल पहाड़ी इलाके में सोमवार शाम को 3 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 11 लोग घायल हुए हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में मारे गए लोगों की संख्या 4 बताई गई है। स्थानीय लोगों ने हमलावरों की तीन गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि हमलावर लिलोंग चिंगजाओ इलाके में जबरन वसूली के लिए आए थे, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। स्थानीय लोगों ने हमलावरों को खदेड़ा, लेकिन बदमाशों ने भागते समय फायरिंग कर दी।
आरोपियों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। मारे गए लोग पंगाल (मुस्लिम) बताए गए हैं। घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। उनमें से कुछ की हालत गंभीर है। घटना के बाद इलाके में तनाव है। प्रशासन का दावा है कि हिंसा पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया है।
घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने तीन गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। सीएम एन बीरेन सिंह ने एक वीडियो संदेश में हिंसा की निंदा की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सभी मंत्रियों और सत्तापक्ष के विधायकों की आपात् बैठक भी बुलाई है। मणिपुर 2023 में काफी सुर्खियों में रहा। यहां पिछले साल 3 मई से हिंसा हो रही है। यहां जातीय संघर्ष में 180 से अधिक लोगों की मौतें हुईं। करीब 60 हजार लोग बेघर हो गए। रविवार को हुई थी क्रॉस फायरिंग मणिपुर के मोरेह में रविवार को उस समय तनाव फैल गया था… जब विद्रोहियों और सुरक्षा बलों की क्रॉस फायरिंग में कुछ नागरिक घायल हो गए थे। घायलों का इलाज सुरक्षा बल के जवानों ने किया। रविवार को ही मैतेई और कुकी क्षेत्रों से कौट्रुक और कदंगबल क्षेत्रों में भी क्रॉस फायरिंग की खबरें सामने आई थीं।

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मूर्तिकार योगीराज को मैसूर का गौरव बताया भाजपा नेताओं ने

अयोध्या मंदिर में रामलला विराजमान होने के लिए तैयार हैं। अब ‘प्राण-प्रतिष्ठा’ के लिए मूर्ति का भी चुनाव कर लिया गया है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक के शिल्पकार की तरफ से तैयार मूर्ति को मंदिर में जगह मिलेगी। 22 जनवरी को अयोध्या में मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा समारोह होने जा रहा है।
जोशी ने जानकारी दी है कि कर्नाटक के अरुण योगीराज की मूर्ति को राम मंदिर में विराजमान किया जाएगा। उन्होंने लिखा- जहां राम हैं, वहां हनुमान हैं। अयोध्या में भगवान राम की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए मूर्ति का चुनाव कर लिया गया है। हमारे देश के मशहूर शिल्पकार हमारे अरुण योगीराज की तरफ से बनाई मूर्ति को अयोध्या में विराजमान किया जाएगा।’
उन्होंने लिखा- यह राम और हनुमान के अटूट रिश्ते का एक और उदाहरण है…। उन्होंने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर योगीराज और रामलला की मूर्ति की तस्वीर भी साझा की है। इससे पहले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता बीएस येदियुरप्पा ने पहले ही योगीराज के नाम का बताया था। येदियुरप्पा ने इस पर खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा- मैसूरु के मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई भगवान राम की मूर्ति को अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के लिए चुना गया है। इससे राज्य के श्रीराम का गौरव और प्रसन्नता दोगुनी हो गई है। ‘मूर्तिकार योगीराज अरुण’ को हार्दिक बधाई।’
येदियुरप्पा के बेटे और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने भी राज्य और मैसूरु को गौरवान्वित करने के लिए योगीराज की सराहना की। विजयेंद्र ने कहा- यह मैसूरु का गौरव है, कर्नाटक का गौरव है कि अद्वितीय मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई रामलला की मूर्ति 22 जनवरी को अयोध्या में स्थापित की जाएगी। सोमवार को योगीराज की मां सरस्वती ने कहा था- यह हमारे लिए बेहद खुशी का पल है। मैं उसे मूर्ति तैयार करते हुए देखना चाहती थीं, लेकिन उसने कहा था कि मुझे आखिरी दिन लेकर जाएगा।

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Jaishankar: ‘कनाडा की राजनीति में खालिस्तानी शामिल’, दोनों देशों के बिगड़ते रिश्ते को लेकर जयशंकर की दो टूक

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत और कनाडा के रिश्तों में सबसे बड़ा रोड़ा खालिस्तानी विचारधार है। कनाडा की राजनीति में खालिस्तानियों का सीधे तौर पर हस्तक्षेप हैं। 

विदेश मंत्री जयशंकर अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। एएनआई को दिए साक्षात्कार में एक बार फिर उनका ये अंदाज देखने को मिला हैं। इस साक्षात्कार में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर जयशंकर ने खुलकर बोला हैं। भारत और कनाडा के मौजूदा राजनयिक संबंधों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कनाडा की राजनीति ने खालिस्तानी ताकतों को पनाह दी हुई हैं। वे सभी सीधे तौर पर कनाडा की राजनीति में शामिल हैं। मुझे लगता है कि यही एक कारण हैं, जो दोनों देशों के संबंधों को नुकसान पहुंचा रहा हैं। यह स्थिति भारत और कनाडा दोनों के लिए खतरा हैं। मेरा मानना है कि जितना यह भारत के खतरा है, उतना ही इससे कनाडा को भी नुकसान होगा। 

आतंकवाद के जरिए बातचीत की पाकिस्तान की नीति- जयशकंर
पाकिस्तान में आतंकवाद से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल कर भारत को बातचीत के मेज पर लाता था, यही उनकी नीति रहती थी। अब हमने उनकी नीति को ही अप्रासंगिक कर दिया है। हम जानते हैं कि अंत में एक पड़ोसी ही पड़ोसी के काम आता हैं। लेकिन हम उन शर्तों के आधार पर बातचीत नहीं करेंगे, जो उनके द्वारा निर्धारित की गई हो। 

हम ध्रुवीकृत दुनिया को एक मंच में लाने में सफल- जयशंकर
भारत के विश्वामित्र के तौर पर उभरने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि कई विश्व के नेता भारत आना चाहते हैं। जब भी हम विश्वामित्र कहते तो, इसका उदाहरण जी20 है। जी20 से 12 घंटे पहले भी सम्मेलन के घोषणा पत्र को अंतिम रूप नहीं दिया गया था। सार्वजिक रूप से कई लोग भविष्यवाणी कर रहे थे कि हम विफल हो जाएंगे, जिसका कुछ हिस्सा राजनीति से प्रेरित था। पहले उत्तर-दक्षिण में विभाजन था, वहीं पूर्व-पश्चमि में भी ध्रुवीकरण था। दो भागों में बंटे दुनिया को हमने एक मंच पर आने के लिए मजबूर किया हैं। गौर करने वाली बात ही कि सभी भारत आए, क्योंकि उनके साथ हमारे संबंध थे। भारत का नाम आते ही सभी ने समझौता कर लिया। 

विदेशी मीडिया में भारत की छवि पर जयशंकर बोले
विदेशी मीडिया की भारत के बारे में रिपोर्ट पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि यह पूरी तरह से दिमागी खेल हैं। मैंने ये भी कभी नहीं कहा कि हम ही परफेक्ट हैं। मैं यह भी नहीं कह रहा हूं कि हमारे पास सुधार की गुंजाइश नहीं है। लेकिन उनके उदेश्य और एजेंडों की बातों को समझिए। वे एजेंडा रहित नहीं हैं, वे उद्देश्यहीन नहीं हैं। वे एक निश्चित रेखा को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि विदेशी मीडिया जो कुछ भी करता है, वो सब सही हो, ऐसा नहीं हैं। मैं कई अन्य लोकतंत्रों पर कह सकता हूं। उन्होंने कहा कि दुनिया हमें अधिक प्रासंगिक रूप में देखती हैं। कई विश्व नेता भारत आना चाहते हैं। मेरे लिए बतौर विदेश मंत्री यह सबसे बड़ी चुनौती है कि उन्हें ये बताना कि प्रधानमंत्री हर साल दुनिया के हर देश का दौरा नहीं कर सकते हैं। हर कोई देश चाहता है कि वे वहां आएं।

पीएम मोदी विश्व नेता हैं और यह मायने रखना है- जयशंकर
विभिन्न देशों के नेताओं के साथ पीएम मोदी की केमिस्ट्री और विश्वसनीयता पर बोलते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जब भी हम देखते हैं कि भारत बढ़ रहा है, तो हमारी रूचियां बढ़ जाती हैं। हमें और अधिक आकर्षक होने की जरूरत हैं। इस तरह का आकर्षण हो कि सब हमसे कनेक्ट हों। दुनिया के तमाम देश विश्व नेता के तौर पर पीएम मोदी को देखते हैं और यह बात मायने रखती हैं।

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Ram Mandir: रामलला की मूर्ति फाइनल होने पर चंपत राय बोले- ‘मैं अभी कुछ नहीं कहूंगा’

Ayodhya Ram Mandir: मूर्तिकार अरुण योगीराज की बनाई गई रामलला की मूर्ति की अयोध्या में निर्मित भव्य राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। वहीं, मंगलवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का भी बयान आया। उन्होंने कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं कहूंगा।

भव्य राम मंदिर में स्थापित करने के लिए रामलला की तीन मूर्तियों में से एक मूर्ति का चयन हो गया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी दी। तीन मूर्तिकारों में से कर्नाटक के जानेमाने मूर्तिकार योगीराज अरुण की बनाई मूर्ति पर मुहर लगी है। 

Ram Mandir: रामलला की मूर्ति फाइनल होने पर चंपत राय बोले- ‘मैं अभी कुछ नहीं कहूंगा’

Ayodhya Ram Mandir: मूर्तिकार अरुण योगीराज की बनाई गई रामलला की मूर्ति की अयोध्या में निर्मित भव्य राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। वहीं, मंगलवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का भी बयान आया। उन्होंने कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं कहूंगा।
 

विस्तार

भव्य राम मंदिर में स्थापित करने के लिए रामलला की तीन मूर्तियों में से एक मूर्ति का चयन हो गया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी दी। तीन मूर्तिकारों में से कर्नाटक के जानेमाने मूर्तिकार योगीराज अरुण की बनाई मूर्ति पर मुहर लगी है। 

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हालांकि, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मंगलवार को कहा कि इस मामले में मैं अभी कुछ नहीं बोलूंगा। मूर्तिकार मंदिर समिति ही इस पर अंतिम फैसला लेगी। जानकारी मिली है कि मूर्ति पर मुहर तो गई है, लेकिन ट्रस्ट 17 जनवरी को इस बारे में राम भक्तों को जानकारी देगा। आपको बता दें कि इस दिन रामनगरी में नगर यात्रा निकाली जाएगी। 

केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर लिखी यह बात
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर लिखा कि ‘जहां राम हैं, वहां हनुमान हैं। अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के लिए मूर्ति का चयन हो गया है। हमारे देश के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार, हमारे गौरव अरुण योगीराज के द्वारा बनाई गई भगवान राम की मूर्ति अयोध्या में स्थापित की जाएगी। 

यह राम और हनुमान के अटूट रिश्ते का एक और उदाहरण है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि हनुमान की भूमि कर्नाटक से रामलला के लिए यह एक महत्वपूर्ण सेवा है।’ रामलला की अचल मूर्ति निर्माण के लिए नेपाल की गंडकी नदी समेत कर्नाटक, राजस्थान व उड़ीसा के उच्च गुणवत्ता वाले 12 पत्थर ट्रस्ट ने मंगाए थे। इन सभी पत्थरों को परखा गया तो राजस्थान व कर्नाटक की शिला ही मूर्ति निर्माण के लायक मिली।

इसलिए हुआ था कर्नाटक व राजस्थान की शिला का चयन

कर्नाटक की श्याम शिला व राजस्थान के मकराना के संगमरमर शिला को इनकी विशेष खासियतों के चलते चुना गया। मकराना की शिला बहुत कठोर होती है और नक्काशी के लिए सर्वोत्तम होती है। इसकी चमक सदियों तक रहती है। वहीं कर्नाटक की श्याम शिला पर नक्काशी आसानी से होती है। ये शिलाएं जलरोधी होती हैं, इनकी आयु लंबी होती है।

मूर्ति निर्माण के तय हुए थे ये मानक

  • मूर्ति की कुल ऊंचाई 52 इंच हो
  • श्रीराम की भुजाएं घुटनों तक लंबी हों
  • -मस्तक सुंदर, आंखें बड़ी और ललाट भव्य हों
  • कमल दल पर खड़ी मुद्रा में मूर्ति
  • हाथ में तीर व धनुष
  • मूर्ति में पांच साल के बच्चे की बाल सुलभ कोमलता झलके

सोशल मीडिया पर योगीराज की काफी फैन फॉलोइंग

योगीराज एक जाना-माना नाम हैं और सोशल मीडिया पर उनकी काफी फैन फॉलोइंग है। प्रसिद्ध मूर्तिकार योगीराज शिल्पी के बेटे 37 वर्षीय अरुण योगीराज मैसूरु महल के शिल्पकारों के परिवार से आते हैं। अरुण के पिता गायत्री और भुवनेश्वरी मंदिर के लिए भी कार्य कर चुके हैं। एमबीए की पढ़ाई कर चुके योगीराज पांचवीं पीढ़ी के मूर्तिकार हैं। एमबीए की डिग्री लेने के बाद उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में भी काम किया, लेकिन 2008 में मूर्तिकार बनने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी।

महाराजा जयचामराजेंद्र वडेयार सहित कई हस्तियों की मूर्ति बनाई 

केदारनाथ में स्थापित आदि शंकराचार्य की प्रतिमा के निर्माण के अलावा योगीराज ने मैसूरु में महाराजा जयचामराजेंद्र वडेयार की 14.5 फुट की सफेद संगमरमर की प्रतिमा, महाराजा श्री कृष्णराज वाडियार-IV और स्वामी रामकृष्ण परमहंस की सफेद संगमरमर की प्रतिमा भी बनाई है। इंडिया गेट पर लगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा भी अरुण ने ही तराशी है।

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