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भारत में फेसबुक, इंस्टा, WhatsApp को अमेरिकी नियमों से नहीं चलाया जा सकता, सरकार ने Meta को चेताया!

मोदी का वीडियो हटाने पर Meta से सरकार की दो टूक, ‘भारत में भारतीय कानून ही चलेंगे’

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो फेसबुक से कुछ समय के लिए हटाए जाने का विवाद अभी थमा नहीं है। वीडियो हटाने पर माफी मांगने के बाद अब Meta की ग्लोबल टीम और केंद्र सरकार के बीच बातचीत का दौर तेज हो गया है।

सरकार ने साफ संदेश दिया है कि भारत में काम करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अमेरिकी नियमों के आधार पर नहीं, बल्कि भारतीय कानूनों के मुताबिक ही काम करना होगा।

अश्विनी वैष्णव से Meta की ग्लोबल टीम की मुलाकात

Meta की ग्लोबल टीम ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण/इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। बैठक में किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

हालांकि, सूत्रों के मुताबिक Meta की ग्लोबल टीम अगले तीन से चार दिनों तक भारत में रह सकती है। इस दौरान सरकारी अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें होने की संभावना है। बातचीत में WhatsApp से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।

सरकार ने Meta से मांगी सिस्टम की जानकारी

सरकार Meta से उसके एल्गोरिदम, कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम, भारतीय कानूनों के अनुपालन की प्रक्रिया, चेक एंड बैलेंस और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी मांग रही है।

खास तौर पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट (CSAM) और डीपफेक कंटेंट से निपटने के लिए Meta किस तरह के सिस्टम और तकनीक का इस्तेमाल करता है, इसकी जानकारी भी मांगी जा रही है।

‘भारत में अमेरिकी कानून के हिसाब से नहीं चलेगा प्लेटफॉर्म’

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत में काम करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अमेरिकी कानूनों के आधार पर संचालित नहीं किया जा सकता।

सरकार का कहना है कि ये तकनीकी और संवेदनशील मामले हैं, इसलिए इनके हर पहलू को समझना जरूरी है। साथ ही, दूसरे संस्थानों की तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की भी समाज और देश के कानूनों के प्रति जिम्मेदारी है।

Meta की टेक्निकल टीम से भी जारी रहेगी बातचीत

अश्विनी वैष्णव की Meta की ग्लोबल टीम के साथ बैठक के बाद मंत्रालय के अधिकारी कंपनी की टेक्निकल टीम के साथ बातचीत जारी रखेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, Meta सार्वजनिक तौर पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है, लेकिन अभी टेक्निकल डिटेल्स और लॉग्स से जुड़े कई सवालों पर चर्चा बाकी है।

सरकार सिर्फ Meta तक सीमित नहीं है। X और Telegram समेत दूसरे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ भी लगातार बातचीत जारी है।

यानी मोदी के वीडियो से शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ एक पोस्ट हटाने तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और भारतीय कानूनों के पालन को लेकर सरकार और टेक कंपनियों के बीच बड़े टकराव की जमीन तैयार करता नजर आ रहा है।

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