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चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की पहली तस्वीर भेजी

नई दिल्ली, एजेंसी। इसरो ने रविवार 6 अगस्त को रात करीब 11 बजे चंद्रयान-3 की आॅर्बिट घटाई। यान अब चंद्रमा के 170 किमी गुणा 4313 किमी की आॅर्बिट में है। यानी चंद्रयान ऐसी अंडाकार कक्षा में घूम रहा है, जिसमें उसकी चांद से सबसे कम दूरी 170 किमी और सबसे ज्यादा दूरी 4313 किमी है। आॅर्बिट बदलने के लिए चंद्रयान के इंजन कुछ देर के लिए फायर किए गए। इसरो ने बताया कि अब कक्षा को और कम करने का अगला आॅपरेशन 9 अगस्त 2023 को 13:00 से 14:00 बजे के बीच किया जाएगा। इससे पहले चंद्रयान 164 किमी गुणा 18074 किमी की आॅर्बिट में घूम रहा था। 22 दिन के सफर के बाद चंद्रयान ने शनिवार शाम करीब 7:15 बजे चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था। यान चंद्रमा की ग्रैविटी में कैप्चर हो सके, इसके लिए उसकी स्पीड कम की गई। स्पीड कम करने के लिए इसरो वैज्ञानिकों ने यान के फेस को पलटकर थ्रस्टर 1835 सेकेंड यानी करीब आधे घंटे के लिए फायर किए। ये फायरिंग शाम 7:12 बजे शुरू की गई थी।

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लोकसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी की, 136 दिन बाद संसद में दोबारा जा सकेंगे

136 दिन बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल हो गई है। लोकसभा सचिवालय ने मंगलवार को अधिसूचना जारी की। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन राहुल लोकसभा नहीं पहुंचे। इस बीच मणिपुर मुद्दे पर हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
मोदी सरनेम मानहानि केस में राहुल को 23 मार्च को निचली अदालत ने 2 साल की सजा सुनाई थी। इसके 24 घंटे में ही 24 मार्च को सांसदी चली गई थी। इसके बाद गुजरात हाईकोर्ट ने भी सजा बरकरार रखी थी। राहुल ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। 134 दिन बाद 4 अगस्त को कोर्ट ने राहुल की सजा पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम राहत के बाद 48 घंटे में सदस्यता बहाल हो गई।
भाजपा सांसद को सजा, आज सांसदी जा सकती है- इटावा से भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया को टढ/टछअ कोर्ट ने दो साल की जेल और 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। सजा के बाद कठेरिया की संसद सदस्यता जा सकती है।

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ज्ञानवापी का सच तलाशने में मदद करेंगे प्रोफेसर जावेद एन. मलिक

वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे का काम शुरू हो गया है। लगभग 350 साल पुरानी मस्जिद का सर्वे कराने के पीछे यह जानना है कि क्‍या यह किसी मंदिर को तोड़कर उसके ऊपर बनाई गई है। इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के ऊपर यहां का सर्वे करने की जिम्‍मेदारी है। एएसआई की टीम डॉ. आलोक त्रिपाठी की अगुआई में यह काम करेगी। डॉ. त्रिपाठी एएसआई के अतिरिक्‍त महानिदेशक हैं। चूंकि सर्वे के दौरान इस बात का पूरा ध्‍यान रखा जाएगा कि मौजूदा इमारत को कोई नुकसान न हो, इसलिए इसमें आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों की एक टीम भी होगी, जिसे प्रोफेसर जावेद एन. मलिक लीड करेंगे।
एएसआई ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर से मदद मांगी थी। अब प्रोफेसर जावेद एन. मलिक के नेतृत्व में एएसआई और आईआईटी की टीम ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) तकनीक का इस्‍तेमाल करके सर्वे करेगी। जीपीआर तकनीक की मदद से विशेषज्ञ मौजूदा संरचना से छेड़छाड़ किए बिना ज्ञानवापी परिसर के पुरातात्विक महत्व की जांच कर सकेंगे।

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मणिपुर : देर रात फिर हिंसा, 3 की मौत, 24 घंटे से फायरिंग जारी

मणिपुर में सुरक्षाबलों और मैतेई समुदाय के बीच पिछले 24 घंटे से झड़प जारी है। इस दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। ये हिंसक झड़प टेराखोंगसांगबी कांगवे और थोरबुंग में हुई हैं। यह इलाका कुकी-मैतेई के बीच का बॉर्डर है, जो बफर जोन कहलाता है।
मृतकों की पहचान युमनम जितेन मैतेई (46), युमनम पिशाक मैतेई (67) और युमनम प्रेमकुमार मैतेई (39) के रूप में की गई है, जो सभी क्वाक्टा लामल्हाई के रहने वाले हैं।
हमलावर बफर जोन क्रॉस करने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षाबलों ने जब रोका तो इनके बीच झड़प शुरू हो गई। इस दौरान फायरिंग भी की गई। सुरक्षाबलों को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
तीन दिन पहले मैतेई महिलाओं (मीरा पाइबीज) और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई थी, तब सुरक्षाबलों ने महिलाओं को हटाने के लिए स्मोक बॉम्ब और टीयर शेल्स छोड़े थे और हवाई फायरिंग की थी।
महिलाओं के पीछे हटने के बाद सैकड़ों हथियारबंद लोगों ने मोर्चा संभाल लिया था और आशंका जताई जा रही थी कि सुरक्षाबलों और हथियारबंद लोगों के बीच गन फाइट हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक हाल में हुई मौतें इसी गनफाइट का नतीजा है। इलाके में अभी भी फायरिंग जारी है।
इंफाल वेस्ट पर उग्रवादियों की गोली लगने से एक पुलिसकर्मी ऋषि की मौत हो गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक… पहाड़ी इलाके से एक स्नाइपर ने निशाना लगाकर पुलिसकर्मी के सिर में गोली मारी थी, जिसके बाद मौके पर उनकी मौत हो गई।
3 अगस्त को मणिपुर में भीड़ ने दो थानों पर हमला कर दिया था। भीड़ ने मोइरंग थाने पर हमला कर 685 हथियार और लगभग 20 हजार से ज्यादा कारतूस लूट लिए।
लूटे गए हथियारों में एके-47, इंसास राइफल्स, हैंड गन, मोर्टार, कार्बाइन, हैंडग्रेनेड और बम शामिल हैं। भीड़ ने बिष्णुपुर के ही नारान सेना थाने पर भी हमला किया, लेकिन यहां से लूटे गए हथियारों का ब्योरा जारी नहीं हुआ है।
मणिपुर में अब तक 4000 हथियार और एक लाख से अधिक कारतूस विभिन्न पुलिस थानों और आर्मरी से लूटे जा चुके हैं, 1600 हथियार ही वापस हुए हैं।

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भाजपा के नेताओं में सर्वाधिक असंतोष सिंधिया के गढ़ में

चुनाव को अब करीब चार महीने ही बचे हैं। ऐसे में भाजपा नेताओं की पेशानी पर बल है। नाराज नेताओं को लेकर भाजपा का पिछला अनुभव बेहद ही खराब रहा है। नाराजगी के चलते 2020 के विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को कई सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा। यही कारण है कि अब हर नाराज नेता को मानने की भरसक तैयारी चल रही है।
नाराज नेताओं की पड़ताल की तो पता चला कि सबसे ज्यादा नाराज नेता ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के हैं। इस नाराजगी का कारण ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक हैं। पुराने और नाराज भाजपा नेताओं का कहना है कि ये लोग बाहर से आए हैं और हम भाजपा में ही हैं। इसके बावजूद पार्टी सिंधिया समर्थकों को ज्यादा ही तवज्जो दे रही है… वो भी तब, जब ये लोग उपचुनाव हार चुके हैं। इसी अंचल के एक नेता से बात की तो उनका दर्द छलक उठा। उन्होंने कहा कि हमें सिंधिया और उनके समर्थकों के बीजेपी में आने से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन पार्टी स्तर पर उन्हें ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। इससे मूल विचारधारा वाले असली भाजपा नेता उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। सिंधिया समर्थक विधायक उपचुनाव हार गए, इसके बावजूद उन्हें निगम मंडल की कमान सौंपी गई, लेकिन 2018 में चुनाव हारने वालों को कोई पद नहीं दिया गया।
वे अगले चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी तो कर रहे हैं, लेकिन सिंधिया समर्थकों को प्राथमिकता मिलने की संभावना के चलते कई नेता विकल्प पर विचार भी कर रहे हैं। जानकार कहते हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों को बीजेपी में शामिल हुए करीब तीन साल हो गए हैं, वापस चुनाव आ गए हैं। ग्वालियर-चंबल में भाजपा के पुराने नेता सिंधिया समर्थकों को अपना नहीं पाए हैं। चुनावी साल में भाजपा ने अपने पुराने नेताओं को अवॉइड कर सिंधिया समर्थकों को न केवल अहम् जिम्मेदारी दी है, बल्कि उन्हें कई समितियों और मंडल में जगह भी दी है।

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