Hindustanmailnews

देश

मस्क-जुकरबर्ग की लाइव स्ट्रीम फाइट की आय बुजुर्गों को देंगे…

टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की फाइट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीम होगी। मस्क ने एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा, इससे होने वाली इनकम को बुजुर्गों के लिए दान करेंगे। मस्क ने यह भी बताया कि उनके पास वर्कआउट के लिए टाइम नहीं है, इसलिए वह काम के समय ही इस फाइट की तैयारी कर रहे हैं। पूरे दिन वजन उठा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एक लाइव स्ट्रीम भी की थी, जिसमें वह डंबल उठाते हुए दिखाई दे रहे थे।
केज फाइट के लिए ट्रेनिंग ले रहे हैं मस्क और जुकरबर्ग- मस्क और जुकरबर्ग ने केज फाइट के लिए ट्रेनिंग कुछ दिन पहले शुरू की थी। ट्रेनिंग की फोटोज भी सामने आई थी। एक तस्वीर में मस्क पॉपुलर पॉडकास्टर और अक रिसर्चर लेक्स फ्रिडमैन के साथ लड़ रहे हैं। फ्रिडमैन ने ही तस्वीरें ट्विटर पर शेयर कीं और लिखा- मस्क की पावर से प्रभावित हूं।
जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने ट्विटर जैसा प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की बात कही थी। इसके बाद डेली मेल ने एक रिपोर्ट पब्लिश की, जिसकी हेडलाइन थी- ट्विटर को खत्म करने का जुकरबर्ग का मास्टर प्लान सामने आया। इस रिपोर्ट को ट्विटर पर शेयर किया जाने लगा। ऐसी ही एक पोस्ट पर एलन मस्क ने जुकरबर्ग को चिढ़ाने वाली इमोजी पोस्ट की। मारियो नाफवाल नाम के ट्विटर हैंडल से जुकरबर्ग के नए प्लेटफॉर्म से जुड़ी और डीटेल्स शेयर की गई। नाफवाल को एलन मस्क फॉलो भी करते हैं। इसमें कहा गया कि मेटा के नए ऐप का नाम थ्रेड हो सकता है। इस पर एक ट्विटर यूजर ने लिखा- बेहतर होगा मस्क सावधान रहें… मैंने सुना है कि जुकरबर्ग अब जु-जित्सु कर रहे हैं। यहीं से केज फाइट चैलेंज की शुरुआत हुई। मस्क ने पोस्ट पर जवाब दिया- मैं केज फाइट के लिए तैयार हूं। इसके बाद जुकरबर्ग ने मस्क से फाइट की लोकेशन पूछी तो मस्क ने जवाब दिया- वेगास आॅक्टागन।
52 वर्षीय मस्क साउथ अफ्रीका में बड़े हुए हैं। मस्क ने बताया था कि साउथ अफ्रीका में उन्होंने रियल हार्ड-कोर स्ट्रीट फाइट्स में हिस्सा लिया। 39 साल के जुकरबर्ग एक एस्पिरेशनल एमएमए फाइटर हैं, जिन्होंने पहले ही जु-जित्सु टूर्नामेंट जीते हैं। उन्होंने हाल ही में मर्फ चैलेंज वर्कआउट को 40 मिनट से कम समय में पूरा किया था।
जु-जित्सू अनआर्म्ड कॉम्बैट और फिजिकल ट्रेनिंग की जापानी तकनीक है। केज फाइट में दो फाइटर एक पिंजरे के भीतर लड़ते हैं। फाइटर कई फाइटिंग टेक्निक्स का इस्तेमाल करते हैं। इसमें मार्शल आर्ट के मिक्स्ड टाइप जैसे बॉक्सिंग, कुश्ती, जूडो, जु-जित्सू, कराटे, मय थाई जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होता है।

मस्क-जुकरबर्ग की लाइव स्ट्रीम फाइट की आय बुजुर्गों को देंगे… Read More »

पत्थरबाजी वाला होटल ढहाया

हरियाणा के नूंह में हिंसा के दौरान जिस सहारा होटल से पत्थरबाजी की गई थी, प्रशासन ने उसे गिरा दिया है। रविवार को कड़ी पुलिस सुरक्षा में इस होटल पर बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। रविवार को लगातार तीसरे दिन नूंह में अवैध निर्माण हटाए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि ये सब 31 जुलाई की हिंसा में शामिल दंगाइयों के हैं या इनका दंगा फैलाने में इस्तेमाल हुआ।
वहीं, नूंह हिंसा के दौरान गुरुग्राम के प्रदीप शर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने आम आदमी पार्टी के नेता जावेद अहमद समेत 150 लोगों पर हत्या की एफआईआर दर्ज की है। यह केस गुरुग्राम के सोहना में दर्ज कराया गया है। हालांकि जावेद का कहना है कि ये केस गलत है, वे उस दिन इलाके में थे ही नहीं।
जावेद पर दर्ज मामले में पवन ने बताया- 31 जुलाई की रात 10.30 बजे हम कार में नूंह से सोहना जा रहे थे। बीच में नूंह पुलिस ने मदद करते हुए हमें केएमपी हाईवे तक छोड़ा। हमें कहा कि आगे रास्ता साफ है, निकल जाओ।
हम निरंकारी कॉलेज के पास पहुंचे तो वहां 150 लोग खड़े थे। उनके हाथ में पत्थर, लोहे की राड और पिस्टल थे। वहां जावेद भी था। उसके कहने पर उग्र भीड़ ने हम पर हमला कर दिया। हमारी कार पर पत्थर मारे। जिससे कार बेकाबू होकर डिवाइडर से जा टकराई। मैं कार से नीचे उतरा तो जावेद ने कहा कि इन्हें मार दो। जो होगा, मैं संभाल लूंगा। ये सुनकर 20-25 लोगों ने हम पर अटैक कर दिया। उन्होंने प्रदीप और गनपत को पीटना शुरू कर दिया। मेरे सामने प्रदीप के सिर पर लोहे की राड मारी। जिससे वह नीचे गिर पड़ा।
गोलियां चलनी शुरू हुईं तो पुलिस वहां आ गई। वे मुझे व गनपत को भीड़ से निकाल ले गए और प्रदीप को भीड़ सरिये से मारती रही। उसे नाजुक हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

पत्थरबाजी वाला होटल ढहाया Read More »

चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की पहली तस्वीर भेजी

नई दिल्ली, एजेंसी। इसरो ने रविवार 6 अगस्त को रात करीब 11 बजे चंद्रयान-3 की आॅर्बिट घटाई। यान अब चंद्रमा के 170 किमी गुणा 4313 किमी की आॅर्बिट में है। यानी चंद्रयान ऐसी अंडाकार कक्षा में घूम रहा है, जिसमें उसकी चांद से सबसे कम दूरी 170 किमी और सबसे ज्यादा दूरी 4313 किमी है। आॅर्बिट बदलने के लिए चंद्रयान के इंजन कुछ देर के लिए फायर किए गए। इसरो ने बताया कि अब कक्षा को और कम करने का अगला आॅपरेशन 9 अगस्त 2023 को 13:00 से 14:00 बजे के बीच किया जाएगा। इससे पहले चंद्रयान 164 किमी गुणा 18074 किमी की आॅर्बिट में घूम रहा था। 22 दिन के सफर के बाद चंद्रयान ने शनिवार शाम करीब 7:15 बजे चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था। यान चंद्रमा की ग्रैविटी में कैप्चर हो सके, इसके लिए उसकी स्पीड कम की गई। स्पीड कम करने के लिए इसरो वैज्ञानिकों ने यान के फेस को पलटकर थ्रस्टर 1835 सेकेंड यानी करीब आधे घंटे के लिए फायर किए। ये फायरिंग शाम 7:12 बजे शुरू की गई थी।

चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की पहली तस्वीर भेजी Read More »

लोकसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी की, 136 दिन बाद संसद में दोबारा जा सकेंगे

136 दिन बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल हो गई है। लोकसभा सचिवालय ने मंगलवार को अधिसूचना जारी की। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन राहुल लोकसभा नहीं पहुंचे। इस बीच मणिपुर मुद्दे पर हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
मोदी सरनेम मानहानि केस में राहुल को 23 मार्च को निचली अदालत ने 2 साल की सजा सुनाई थी। इसके 24 घंटे में ही 24 मार्च को सांसदी चली गई थी। इसके बाद गुजरात हाईकोर्ट ने भी सजा बरकरार रखी थी। राहुल ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। 134 दिन बाद 4 अगस्त को कोर्ट ने राहुल की सजा पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम राहत के बाद 48 घंटे में सदस्यता बहाल हो गई।
भाजपा सांसद को सजा, आज सांसदी जा सकती है- इटावा से भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया को टढ/टछअ कोर्ट ने दो साल की जेल और 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। सजा के बाद कठेरिया की संसद सदस्यता जा सकती है।

लोकसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी की, 136 दिन बाद संसद में दोबारा जा सकेंगे Read More »

ज्ञानवापी का सच तलाशने में मदद करेंगे प्रोफेसर जावेद एन. मलिक

वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे का काम शुरू हो गया है। लगभग 350 साल पुरानी मस्जिद का सर्वे कराने के पीछे यह जानना है कि क्‍या यह किसी मंदिर को तोड़कर उसके ऊपर बनाई गई है। इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के ऊपर यहां का सर्वे करने की जिम्‍मेदारी है। एएसआई की टीम डॉ. आलोक त्रिपाठी की अगुआई में यह काम करेगी। डॉ. त्रिपाठी एएसआई के अतिरिक्‍त महानिदेशक हैं। चूंकि सर्वे के दौरान इस बात का पूरा ध्‍यान रखा जाएगा कि मौजूदा इमारत को कोई नुकसान न हो, इसलिए इसमें आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों की एक टीम भी होगी, जिसे प्रोफेसर जावेद एन. मलिक लीड करेंगे।
एएसआई ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर से मदद मांगी थी। अब प्रोफेसर जावेद एन. मलिक के नेतृत्व में एएसआई और आईआईटी की टीम ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) तकनीक का इस्‍तेमाल करके सर्वे करेगी। जीपीआर तकनीक की मदद से विशेषज्ञ मौजूदा संरचना से छेड़छाड़ किए बिना ज्ञानवापी परिसर के पुरातात्विक महत्व की जांच कर सकेंगे।

ज्ञानवापी का सच तलाशने में मदद करेंगे प्रोफेसर जावेद एन. मलिक Read More »

Scroll to Top
Verified by MonsterInsights