Hindustanmailnews

देश

ड्यूटी के दौरान पहली बार ‘अग्निवीर’ की जान गई

नई दिल्ली, एजेंसी
सियाचिन में तैनात अग्निवीर अक्षय लक्ष्मण की एक आॅपरेशन के दौरान जान चली गई है। न्यूज एजेंसी अठक के मुताबिक, लक्ष्मण ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले देश के पहले अग्निवीर हैं। लक्ष्मण भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर का हिस्सा थे। भारतीय सेना ने लक्ष्मण को श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया। हालांकि उनके नाम के आगे शहीद नहीं लिखा। फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने लिखा- सेना सियाचिन की कठिन ऊंचाइयों पर ड्यूटी के दौरान अग्निवीर (आॅपरेटर) गावते अक्षय लक्ष्मण के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करती है। अग्निवीरों को शहीद का दर्जा देने को लेकर पिछले दिनों काफी विवाद रहा था। 11 अक्टूबर को अग्निवीर अमृतपाल सिंह ने सुसाइड कर लिया था, जिसके चलते सेना ने उन्हें राजकीय सम्मान नहीं दिया। इस पर काफी विवाद हुआ।

ड्यूटी के दौरान पहली बार ‘अग्निवीर’ की जान गई Read More »

कांग्रेस की पहली सूची के बाद विद्रोहने बढ़ाई चिंता, पुनर्विचार कर रही पार्टी

मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में वोटिंग को सिर्फ 29 दिन बचे हैं, लेकिन कांग्रेस और भाजपा अपने सभी उम्मीदवारों के नाम तय नहीं कर पाई हैं। दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेता पिछले दो दिन से दिल्ली में इस पर मंथन कर रहे हैं। कांग्रेस में जिस शिवपुरी सीट को लेकर कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह के कपड़े फाड़ने की बात कही थी, वहां केपी सिंह की जगह भाजपा से आए वीरेंद्र रघुवंशी को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। दतिया में भी कांग्रेस कैंडिडेट बदलकर अवधेश नायक की जगह राजेंद्र भारती को उतार सकती है।
प्रदेश कांग्रेस के टिकट को लेकर नरयावली, उज्जैन ग्रामीण, शिवपुरी, दतिया, सिंगरौली और बुदनी के कार्यकर्ता नाराज हैं। यहां टिकट कटने से कई नेताओं ने दूसरी पार्टी ज्वाइन कर ली है। वहीं, कुछ ने पार्टी को दोबारा विचार करने के लिए समय दिया है।
कांग्रेस ने नवरात्र के पहले दिन 144 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है, लेकिन इसके बाद विरोध और बगावत शुरू हो गई है। इस बीच, पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह का द्वंद्व भी सामने आ गया। प्रदेश कांग्रेस के टिकट को लेकर नरयावली, उज्जैन ग्रामीण, शिवपुरी, दतिया, सिंगरौली और बुदनी के कार्यकर्ता नाराज हैं। यहां टिकट कटने से कई नेताओं ने दूसरी पार्टी ज्वाइन कर ली है। वहीं, कुछ ने पार्टी को दोबारा विचार करने के लिए समय दिया है। इस बीच चर्चा है कि शिवपुरी, पिछोर, दतिया सीट पर पार्टी प्रत्याशियों को लेकर दोबारा विचार कर सकती है।
प्रदेश कांग्रेस में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले कोलारस विधायक वीरेंद्र रघुवंशी को टिकट नहीं देने को लेकर पीसीसी चीफ कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की लड़ाई कपड़े फाड़ने के बयान तक आ पहुंची। दरअसल, वीरेंद्र रघुवंशी शिवपुरी से टिकट की मांग कर रहे थे। यहां से कांग्रेस ने पिछोर से विधायक केपी सिंह को टिकट दे दिया। इसका विरोध करने वीरेंद्र रघुवंशी के समर्थक भोपाल पहुंच गए। इसके बाद कांग्रेस के दोनों बड़े नेताओं के बीच नोकझोंक का मामला सामने आया। अब चर्चा है कि कांग्रेस शिवपुरी समेत दो से तीन सीटों पर दोबारा विचार कर सकती है।

विचार करने का अल्टीमेटम
सिंगरौली में कांग्रेस ने रेनू शाह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया है। यहां से दावेदारी कर रहे कांग्रेस पिछड़ा वर्ग उपाध्यक्ष रामशिरोमणि शाहवाल ने पार्टी के निर्णय पर नाराजगी जताई। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी का नाम लिए बिना कहा कि जिनमें नेतृत्व की क्षमता नहीं होती है, उनको भी विधायक बनने का मौका मिल जाता है। पार्टी को अपने निर्णय पर दोबारा विचार करने के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दे रहा हूं। समर्थक बोलेंगे तो जरूर चुनाव लडूंगा।
निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान
ग्वालियर ग्रामीण से दावेदारी जता रहे यूथ कांग्रेस नेता केदार सिंह कंसाना ने भी बगावती तेवर अपनाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। दूसरी पार्टी से चुनाव लड़ने का एलान भी कर दिया है। उन्होंने पार्टी द्वारा वर्तमान में घोषित किए गए प्रत्याशी पर भी कई आरोप लगाए हैं और कहा है कि जिन्होंने सर्वे किया उन्होंने ही सर्वे दबा दिए। पार्टी ने यहां से साहब सिंह गुर्जर को प्रत्याशी बनाया है। दतिया में कांग्रेस ने भाजपा से आए अवधेश नायक को प्रत्याशी बनाया है। इसका कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि टिकट नहीं बदलने पर वह प्रचार नहीं करेंगे। राजेंद्र भारती के समर्थन में उनमें समर्थकों ने नारेबाजी की।

कांग्रेस की पहली सूची के बाद विद्रोहने बढ़ाई चिंता, पुनर्विचार कर रही पार्टी Read More »

आजम खान, पत्नी और बेटे को 7-7 साल की सजा

रामपुर। अब्दुल्ला के फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट मामले में सपा नेता आजम खान, पत्नी तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला को 7-7 साल की सजा सुनाई है। अब्दुल्ला के दो बर्थ सर्टिफिकेट मामले में आजम फैमिली को रामपुर की स्पेशल टढ/टछअ कोर्ट ने बुधवार को दोषी करार दिया। अभी तक यह तीनों इस मामले में जमानत पर थे। कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद जमानत पत्र जब्त कर लिए हैं। तीनों को कोर्ट में ही हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की गाड़ी से तीनों को रामपुर जेल लाया गया। जेल जाने से पहले आजम ने कहा, इंसाफ और फैसले में फर्क होता है। आज फैसला हुआ है। हम लोग फैसले के खिलाफ जाने के लिए विचार करेंगे। हमारे वकील लोग विचार करेंगे। इस फैसले के बारे में कल से पूरे शहर को मालूम था कि कितनी सजा होनी है। हम लोगों को आज पता चला है।

आजम खान, पत्नी और बेटे को 7-7 साल की सजा Read More »

फेक बर्थ सर्टिफिकेट केस: आजम खान, अब्दुल्ला आजम और तंजीम फातिमा को 7-7 साल की कैद

आजम खान के परिवार के खिलाफ दो जन्म प्रमाण पत्र का मामला भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की ओर से गंज कोतवाली में तीन जनवरी 2019 को दर्ज कराया गया था। आरोप लगाए गए थे क‍ि आजम ने बेटे के अलग-अलग जन्मतिथि से दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाए हैं। इसमें एक जन्म प्रमाण पत्र रामपुर नगर पालिका से बना है जबकि दूसरा लखनऊ से बना है।

 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान, उनके बेटे और अब्दुल्ला और पत्नी को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। रामपुर (एमपी-एमएलए) कोर्ट ने बुधवार को ऐतिहासिक आदेश सुनाते हुए आजम खान, उनकी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाई है। आइए जानते हैं आजम और उनके पर‍िवार को क्‍यों सजा सुनाई गई, क्‍या है पूरा मामला?

  • आजम खान के परिवार के खिलाफ दो जन्म प्रमाण पत्र का मामला भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की ओर से गंज कोतवाली में तीन जनवरी 2019 को दर्ज कराया गया था।
  • आरोप लगाए गए थे क‍ि आजम ने बेटे के अलग-अलग जन्मतिथि से दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाए हैं। इसमें एक जन्म प्रमाण पत्र रामपुर नगर पालिका से बना है, जबकि दूसरा लखनऊ से बना है।
  • इस मुकदमे में आजम खान के अलावा उनके बेटे अब्दुल्ला और पत्नी पूर्व सांसद डॉ. तंजीम फातिमा भी नामजद थीं।
  • मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही थी। दोनों ओर से गवाही पूरी होने के बाद अदालत ने इस मामले में 18 अक्टूबर फैसले के लिए नियत की थी।
  • इससे बचने के लिए आजम खान सुप्रीम कोर्ट भी गए थे, जहां उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से मुकदमा ट्रांसफर अर्जी दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट में उनकी अर्जी खारिज कर दी थी।

पूर्व डीजीसी-क्राइम अरुण सक्सेना ने जानकारी देते हुए बताया, ”अदालत ने आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दोषी ठहराते हुए तीनों को सात साल की सजा सुनाई है और 15,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है।”

फेक बर्थ सर्टिफिकेट केस: आजम खान, अब्दुल्ला आजम और तंजीम फातिमा को 7-7 साल की कैद Read More »

मनीष सिसोदिया पर आरोप कब तय होंगे : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जांच एजेंसियों ईडी-सीबीआई से पूछा कि दिल्ली शराब नीति केस में मनीष सिसोदिया पर आरोप कब तय होंगे। आप उन्हें अनिश्चितकाल के लिए हिरासत में नहीं रख सकते। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्‌टी की बेंच सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। बेंच ने जांच एजेंसियों की तरफ से पेश एडीशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से पूछा- एक बार किसी केस में चार्जशीट दायर हो जाने के बाद, आरोपों पर बहस तुरंत शुरू होनी चाहिए। निचली अदालत में सिसोदिया के खिलाफ आरोपों पर बहस कब शुरू होगी। एएसजी राजू ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सिसोदिया के खिलाफ केस सीआरपीसी की धारा 207 (आरोपी को दस्तावेजों की आपूर्ति) के फेज में है। उसके बाद आरोप पर बहस शुरू होगी। इस पर जस्टिस खन्ना ने पूछा, आरोप पर बहस अभी तक क्यों शुरू नहीं हुई है और कब शुरू होगी? हमें मंगलवार तक बताएं। सिसोदिया की जमानत पर सुनवाई आज फिर होगी।

मनीष सिसोदिया पर आरोप कब तय होंगे : सुप्रीम कोर्ट Read More »

Scroll to Top
Verified by MonsterInsights